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अधिक से अधिक पेय या तरल पदार्थ पीना पथरी को ठीक करने में बहुत ज्यादा मदद करता है। खासकर पानी पीना पथरी की समस्या में और भी लाभदायक है। पथरी की समस्या में डॉक्टर रोजाना 6 से 8 ग्लास पानी पीने की सलाह देते हैं। इसके अलावा आपको अपने डॉक्टर से यह भी पूछना चाहिए की आपको 1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए।

एक अध्ययन के अनुसार अपने खाने-पीने में परिवर्तन लाकर आप हाई बीपी की समस्या को ठीक कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ डैश डाइट प्लान पथरी की खतरा को कम करने में मदद करता है। एक रिसर्च के अनुसार अधिक वजन होने से आपको पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। पथरी की समस्या में अपने डॉक्टर से आपको पता लगाना चाहिए कि पथरी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए क्योंकि भोजन पथरी को कम करने में अहम रोल निभाता है। इसके अलावा पथरी के परहेज के बारे में भी  अपने डॉक्टर से पूछिए।

(और पढ़ें - पथरी के घरेलू उपाय)

  1. क्या अलग-अलग प्रकार के पथरी के लिए आहार अलग होना चाहिए? - Should the diet be different for different types of stones in Hindi
  2. कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - What to eat and what not to eat in calcium oxalate stones in Hindi
  3. कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - Calcium phosphate stones what to eat and what not in Hindi
  4. यूरिक एसिड स्टोन्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - What to eat and what not to eat in uric acid stones in Hindi
  5. सिस्टीन स्टोन्स में क्या खाएं और क्या न खाएं - What to eat and not eat in the cystine stones in Hindi
  6. सेब, नींबू, संतरा का मिश्रित जूस - Mixed juice of apple, lemon, orange in Hindi
  7. कच्चा नारियल, आड़ू और संतरे का मिश्रित जूस - Raw coconut, peach and orange juice mixed in Hindi

यदि आपको गुर्दे की पथरी की समस्या है, तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पता कीजिए कि आपको किस प्रकार के गुर्दे की पथरी है। जब एक बार पता चल जाता है कि आपको किस प्रकार की पथरी है, तो आपके लिए बहुत सारी चीजें आसान हो जाती हैं। पथरी के प्रकार का पता चलने से आहार मे आपको सोडियम, एनिमल प्रोटीन और ऑक्सालेट की कितनी मात्रा शामिल करनी है, इसकी आसानी हो जाती है।

किडनी स्टोन के चार प्रकार होते हैं -

  1. कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन्स
  2. कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन्स
  3. यूरिक एसिड स्टोन्स
  4. सिस्टीन स्टोन्स

इन चार प्रकार के किडनी स्टोन के हिसाब से आपको अलग-अलग खाने-पीने पर ध्यान देना होगा। इसलिए अपने किडनी विशेषज्ञ से पूछना होगा कि किस प्रकार के पथरी के लिए कौन सा आहार सही होगा।

अधिक मात्रा में ऑक्सालेट न खाएं -

यदि आपको कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन्स है, तो उन खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल न करें, जो आपके पेशाब में ऑक्सालेट की मात्रा को बढ़ाते हैं। निम्न खाद्य पदार्थ हैं, जो ऑक्सालेट की मात्रा को बढ़ाते हैं।

बहुत अधिक सोडियम न खाएं -

जब आप अधिक नमक या सोडियम खाते हैं, तो आपको गुर्दे की पथरी होने की संभवना बढ़ जाती है। सोडियम डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड में अधिक मात्रा में मौजूद होता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को न खाएं। इसके अलावा सोडियम मसालों और मीट में भी उस्थित होता है।

एनिमल प्रोटीन न खाएं -

एनिमल प्रोटीन अधिक मात्रा में खाने से आपको गुर्दे की पथरी का खतरा अधिक रहता है। इसलिए डॉक्टर पथरी में एनिमल प्रोटीन न खाने की सलाह देते हैं। निम्न एनिमल प्रोटीन को बहुत कम मात्रा में खाएं या न खाएं -

इसलिए आपको ऊपर बाताए गए एनिमल प्रोटीन को धीरे-धीरे रोजाना कम करना होगा। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए की पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन खाना बहुत जरूरी होता है। इसलिए एनिमल प्रोटीन की जगह पर आप बीन्स, सूखे मटर और दाल, मसूर की दाल आदि खाएं। यह पौधे से आधारित खाद्य पदार्थ हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और ऑक्सलेट की कम। इसके अलावा आपको अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए कि एक दिन में कितना प्रोटीन खाना चाहिए।

अधिक कैल्शियम वाले आहार खाएं -

कैल्शियम सुनने में ऐसा लगता है कि कैल्शियम स्टोन को बढ़ाता होगा, जबकि ऐसा नहीं है। सही मात्रा में कैल्शियम लेने से, यह पाचन मार्ग में ऐसे पदार्थों को रोकता है, जिनकी वजह से पथरी होती है। आप अपने डॉक्टर से पूछें कि कैल्शियम की कितनी मात्रा आपको खाना चाहिए। इसके अलावा ऐसे खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए, जिनमें ऑक्सालेट की मात्रा कम हो। प्लांट बेस्ड या पौधे आधारित खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, ब्रेड, सब्जियां और बीन्स खाएं। इसके अलावा अपने डॉक्टर से पूछें कि कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत क्या है।

अधिक सोडियम न खाएं -

सोडियम अधिक मात्रा में खाने से गुर्दे की पथरी की संभवना बढ़ जाती है क्योंकि सोडियम नमक का ही रूप है। सोडियम डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, मीट और मसालों में अधिक मात्रा में मौजूद होता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को न खाएं। इसके अलावा अपने डॉक्टर से पूछे की एक दिन में आपको सोडियम की कितनी मात्रा खानी चाहिए।

एनिमल प्रोटीन न खाएं -

एनिमल प्रोटीन खाने से पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है। निम्न एनिमल प्रोटीन को पथरी के मरीजों को नहीं खाना चाहिए।

  • लाल मांस, चिकन, सुअर का मांस और खासकर अंदरूनी अंग (जैसे केलेजी भेजा आदि)
  • अंडा
  • मछली और घोंघा
  • दूध, पनीर और अन्य डेरी उत्पाद

हालांकि प्रोटीन खाना बंद नहीं करना बल्कि इसको पर्याप्त मात्रा में खाना चाहिए है। इसलिए एनिमल प्रोटीन की जगह पर अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए। एनिमल प्रोटीन की जगह पर आप निम्न प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को खाएं।

अपने डॉक्टर से पूछें कि आपको एक दिन में कितना प्रोटीन खाना चाहिए।

पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम युक्त आहार खाएं -

पथरी रोग में भरपूर मात्रा में कैल्शियम खाना बहुत ज्यादा लाभदायक है। कैल्शियम, पाचन मार्ग में ऐसे खाद्य पदार्थों को रोक लेता है, जिनकी वजह से पथरी होती है। अपने डॉक्टर से पूछें कि फास्फेट स्टोन्स से बचाव और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम की कितनी मात्रा खानी चाहिए। कैल्शियम के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का चुनाव करें, जिनमें ऑक्सालेट की मात्रा कम हो और प्रोटीन की मात्रा अधिक हो। इसलिए कैल्शियम के लिए प्लांट बेस्ड या पौधे आधारित खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए जैसे अनाज, ब्रेड, सब्जियां और फलियां। इसके अलावा अपने डॉक्टर से पूछें कि कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत क्या है।

(और पढ़ें - कैल्शियम युक्त भारतीय आहार)

एनिमल प्रोटीन खाने से पथरी होने की संभावना अधिक हो जाती है। डॉक्टर पथरी में निम्न एनिमल प्रोटीन खाने से मना करते हैं।

  • लाल मांस, चिकन, सुअर का मांस और किसी जानवर के अंदरूनी अंग (जैसे केलेजी और भेजा आदि)
  • अंडा
  • मछली और घोंघा
  • दूध, पनीर और अन्य डेरी उत्पाद

इसलिए एनिमल प्रोटीन न खाएं लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि आपको प्रोटीन खाना बंद नहीं करना है। प्रोटीन के लिए आपको एनिमल प्रोटीन की जगह पर अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदर्थों का चुनाव करना होगा।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन खाएं -

एनिमल प्रोटीन की जगह पर आप प्लांट बेस्ड या पौधों से प्राप्त होने वाले प्रोटीन खाएं। प्रोटीन के लिए निम्न खाद्य पदार्थों को खाएं।

  • फलियां जैसे बीन्स, सूखे मटर, दाल और मूंगफली
  • सोया फूड जैसे सोया मिल्क, सोया नट बटर और टोफू
  • सूखे मेवे जैसे बादाम, बादाम बटर, काजू, काजू बटर, अखरोट और पिस्ता आदि।

इसके अलावा आपको अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए कि एक दिन में कितना प्रोटीन खाना चाहिए। यदि आपका वजन अधिक है तो वजन कम करना यूरिक एसिड स्टोन्स में आपके लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है। 

सिस्टीन स्टोन्स में क्या खाएं और क्या न खाएं -

अधिक सोडियम न खाएं -

पथरी में अधिक मात्रा में सोडियम खाना बहुत ज्यादा नुकसानदायक है। एक वयस्क आदमी को एक दिन में 2.3 ग्राम से अधिक सोडियम नहीं खाना चाहिेए। यदि आपको कैल्शियम ऑक्सालेट या कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन्स है और इन्हें ठीक करने के लिए आप दवाईयां खा रहे हैं, तो दवाईयों के साथ-साथ आपको कुछ बातों का भी ध्यान रखना चाहिेए।

निम्न बातों को ध्यान में रख कर आप सोडियम की खपत की मात्रा को कम कर सकते हैं।

  • खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा का पता लगाएं। अगर किसी खाद्य पदार्थ में सोडियम की मात्रा 5% है इसका मतलब उस खाद्य पदार्थ में सोडियम की मात्रा कम हैं और यदि किसी खाद्य पदार्थ में सोडियम की मात्रा 20% है, इसका मतलब उसमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें।
  • रोजाना आप सोडियम की कितनी मात्रा खा रहे हैं, इसे नियमित रूप से अपने फूड डायरी में लिखें।
  • अपने आहार में सोडियम वाले खाद्य पदार्थों की पहचान करें और उन्हें न खाएं।
  • प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड न खाएं। इसके अलावा डिब्बा बंद सूप, सब्जियां और मीट भी न खाएं।

अधिक पानी पीएं और नमक रहित चीजों को खाएं -

अधिक से अधिक पेय पदार्थ पीना पथरी को ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका है। पेय पदार्थ में खासकर अधिक पानी पीना और भी लाभदायक है। सिस्टीन स्टोन्स को ठीक करने के लिए अपने लाइफ स्टाइल में परिवर्तन लाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा अपने डॉक्टर से पूछें कि आपको दिन भर में कितना तरल पेय पीना चाहिए। 

(और पढ़ें - खाली पेट पानी पीने के 9 बड़े फायदे)

सेब गुर्दे की पथरी को बनने से रोकने में मदद करता है चूंकि इसमें सेब सिरका अच्छी मात्रा में होता है। संतरे का जूस रोज पीने से गुर्दे में होने वाली बीमारी और गुर्दे की पथरी की दिक्कतों से निजात दिलाता है। अजवाइन से गुर्दे की पत्थरी को ठीक किया जा सकता है। नींबू में पथरी को घोलने की शक्ति होती है।

सेब, नींबू, संतरा का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री -

  • दो सेब
  • आठ डंठल अजवाइन
  • एक नींबू
  • एक संतरा

सेब, नींबू, संतरा का मिश्रित जूस बनाने की विधि -

  • पहले सेब, अजवाइन को धो लें। अब सेब, अजवाइन और संतरे को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल लें। और नींबू का रस मिला लें।
  • अब आप इस के स्वाद का आनंद लें। यह आप को गुर्दे की पथरी में मदद करेगा।

नारियल में गुर्दे की पथरी को मूत्र मार्ग से बाहर निकलने की क्षमता होती हैं। संतरे का जूस गुर्दे में होने वाली बीमारी और गुर्दे की पथरी की दिक्कतों से निजात दिलाता है। आड़ू में पाया जाने वाला पोटैशियम गुर्दे के लिए बहुत फायदेमंद है। यह आपके यूरिनरी ब्लैडर के लिए एक क्लीजिंग एजेंट की तरह काम करता है। जिससे किडनी से जुड़ी बीमारियों से दूर रहने में मदद मिलती है।

कच्चा नारियल आड़ू और संतरे का मिश्रित जूस बनाने की सामग्री -

  • एक कच्चा नारियल (नारियल पानी का उपयोग नहीं करें)
  • दो आड़ू
  • दो संतरे

कच्चा नारियल आड़ू और संतरे का मिश्रित जूस बनाने की विधि -

  • कच्चा नारियल आड़ू और संतरे को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल लें।
  • अब आप इस का सेवन करे। यह आप को गुर्दे की पथरी से निजात दिलाने में मदद करेगा।
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References

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