एनीमिया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर को पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं मिलती हैं. यही लाल रक्त कोशिकाएं हीमोग्लोबिन नामक पदार्थ का इस्तेमाल करके शरीर के ऊतकों को आक्सीजन प्रदान करती हैं. विटामिन की कमी से होने वाला एनीमिया उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है. गर्भवती महिलाओं को भी इस तरह के एनीमिया होने की आशंका ज्यादा रहती है, क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान उनके शरीर को ज्यादा विटामिन की जरूरत पड़ती है. विटामिन-बी12 और विटामिन-बी9 की कमी से एनीमिया होने की आशंका अधिक होती है.
आज इस लेख में हम जानेंगे कि किस विटामिन की कमी से एनीमिया होता है और इसका इलाज क्या है -
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- इन विटामिन की कमी से होता है एनीमिया
- विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के लक्षण
- विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया का इलाज
- सारांश
इन विटामिन की कमी से होता है एनीमिया
मुख्य रूप से शरीर में विटामिन-बी12, विटामिन-बी9 (जिसे फोलेट व फोलिक एसिड भी कहा जाता है), या विटामिन-सी की कमी एनीमिया का कारण बन सकती है. मेगालोब्लास्टिक एनीमिया एक प्रकार से विटामिन की कमी से होने वाला एनीमिया है. इसमें विशेष रूप से विटामिन-बी12 की कमी शामिल है.
इससे ग्रस्त कुछ मरीज इन विटामिनों का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं कर पाते हैं. वहीं, कुछ मामलों में व्यक्ति का शरीर इन विटामिन को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता है. ये समस्या आगे चलकर सीलिएक रोग का परिणाम बनती है.
कभी-कभी कुछ लोगों को इन विटामिन अधिक जरूरत होती है, जिनमें गर्भवती महिलाएं और कैंसर के मरीज शामिल हैं. अगर इन्हें अतिरिक्त मात्रा में जरूरी विटामिन नहीं मिलते हैं, तो वो विटामिन की कमी से एनीमिया का शिकार हो सकते हैं.
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विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के लक्षण
विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया को विकसित होने में कई महीने से लेकर साल तक लग जाते हैं. शुरुआत में इसके लक्षण कम ही नजर आते हैं, लेकिन समय के साथ बढ़ते जाते हैं. इस स्थिति में व्यक्ति को थकान व सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के निम्न लक्षण हो सकते हैं -
- थकान
- ऊर्जा की कमी
- सांस लेने में दिक्कत
- त्वचा का पीला पड़ जाना
- अनियमित दिल की धड़कन
- वजन कम होना
- हाथ और पैरों में सुन्नता का अहसास
- मतिभ्रम की स्थिति
- ठीक से दिखाई न देना
- ठीक से याद न रहना
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विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया का इलाज
विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के इलाज के तौर पर विटामिन-बी12 व विटामिन-बी9 का सेवन करने की सलाह दी जाती है. आइए, विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के इलाज के बारे में विस्तार से जानते हैं -
विटामिन युक्त दवा व इंजेक्शन
विटामिन-बी12 व विटामिन-बी9 की कमी को इंजेक्शन या टेबलेट से पूरा किया जा सकता है. संभव है कि डॉक्टर इस इलाज को हमेशा के लिए जारी रखने के लिए कहे सकते हैं.
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डाइट
कुछ मामलों में डाइट की मदद से भी विटामिन-बी12 और विटामिन-बी9 की कमी को पूरा किया जा सकता है. यदि डाइट से विटामिन-बी12 की कमी संबंधित है, तो भोजन के बीच में विटामिन की टेबलेट लेने की सलाह दी जा सकती है. मीट, मछली व अंडे को विटामिन-बी12 का बेहतरीन स्रोत माना गया है. इनके सेवन से एनीमिया के स्तर में सुधार हो सकता है.
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डेयरी प्रोडक्ट
डेयरी प्रोडक्ट और फोर्टीफाइड भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है, इनमें भी विटामिन-बी12 पाया जाता है.
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सब्जियां, फल व अनाज
विटामिन-बी9 की कमी को पूरा करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकली और मटर खाने के लिए कहा जाता है. इसके अलावा, ब्रेड, चावल, रोटी व पास्ता में फोलेट पाया जाता है, इनका सेवन करना जरूरी है. संतरे, नींबू, केले, स्ट्रॉबेरी, तरबूज व खरबूजे में भी फोलेट पाया जाता है.
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सारांश
विटामिन की कमी से एनीमिया तब होता है, जब शरीर में कम मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं बच जाती हैं. यही लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के सभी अंगों और ऊतकों को ऑक्सीजन सप्लाई करती हैं. विटामिन-बी12 और बी9 की कमी से होने वाले एनीमिया के लक्षण में व्यक्ति को थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हो सकती है. विटामिन की कमी होने से प्रेगनेंसी में जटिलताएं आ सकती हैं. विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया के इलाज के लिए विटामिन वाले सप्लीमेंट और खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है.
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Dr. Srikanth M
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