आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो चुकी है. पहले के समय में 50 साल की उम्र से ज्यादा वर्ष के लोगों में ब्लड प्रेशर की समस्या देखी जाती थी, लेकिन आजकल 30 से 35 वर्ष के उम्र के लोगों को भी यह समस्या होने लगी है. हाई बीपी में नमकचीनी आदि से दूर रहने के लिए कहा जाता है. इसके अलावा, दूध को लेकर भी संशय रहता है. कुछ कहते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर में दूध नहीं पीना चाहिए, तो कुछ का कहना है कि पीना चाहिए.

आज इस लेख में हम जानेंगे कि हाई बीपी में दूध पीना चाहिए या नहीं -

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  1. क्या हाई बीपी में दूध पीना चाहिए
  2. हाई बीपी में दूध कैसे पिएं?
  3. सारांश
क्या हाई बीपी में दूध पी सकते हैं? के डॉक्टर

दूध में मौजूद पोषक तत्वों की वजह से इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है. वहीं, हाई बीपी के संबंध में कुछ लोगों का मानना है कि इस अवस्था में मरीजों को दूध नहीं पीना चाहिए, क्योंकि दूध से मिलने वाली मलाई और चिकनाई से नुकसान हो सकता है, जबकि ऐसा नहीं है. वैज्ञानिक शोध कहते हैं कि कम फैट वाले दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स में मौजूद पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं. आइए, हाई बीपी में दूध पीने के फायदे विस्तार से जानते हैं -

ब्लड वेसेल्स के लिए फायदेमंद

दूध में मिलने वाला पोटेशियम ब्लड वेसेल्स को हेल्दी रखने में मददगार है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और ये ब्लड प्रेशर को बैलेंस करने में मदद करता है. इसलिए, हाई बीपी में दूध पी सकते हैं.

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कैल्शियम से भरपूर

दूध में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. ये हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और हृदय की मांसपेशियों को स्वस्थ रखता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और क्लॉटिंग को रोकने में मदद करता है. इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है.

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प्रोटीन व विटामिन-डी से भरपूर

दूध शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है. ये मसल्स के नए सेल बनाने और उनको सही रखने में मदद करता है. इसके अलावा, इसका विटामिन-डी हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. हड्डियों और मसल के हेल्दी रहने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है साथ ही मेटाबॉलिज्म सही रहता है.

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माइक्रोन्यूट्रिएंड्स का स्रोत

दूध में मैग्नीशियमफास्फोरस, राइबोफ्लेविन व फोलेट भी होते हैं, जिससे शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंड्स की कमी पूरी होती है. साथ ही, दूध में जिंक जैसे मिनरल भी मौजूद होते हैं. ये सभी पोषक तत्व साथ मिलकर बीपी को कम करने में मदद कर सकते हैं.

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हालांकि, बीपी में दूध लेने से नुकसान नहीं होता है, लेकिन फिर भी कुछ बातों को ध्यान में  रखना जरूरी है. ये निम्न प्रकार से हैं -

  • दूध में फैट की मात्रा होती है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है. इसलिए, दूध पीने से पहले इसकी मलाई निकाल लें या फिर इसमें पानी मिला कर इसे पतला कर लें. फिर इस दूध का इस्तेमाल करें.
  • बेहतर यही होगा कि हमेशा टोंड या स्किम्ड दूध का ही सेवन करें.
  • बहुत अधिक मात्रा में दूध न पिएं या फिर इसे पीने के बाद सोए नहीं, क्योंकि इससे गैस की समस्या भी हो सकती है.

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दूध पीना हर किसी की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. बच्चों के लिए दूध पीना जहां ब्रेन बूस्टर का काम करता है, वहीं बड़ों के लिए ये बढ़ती उम्र के साथ कमजोर हो रहे शरीर को मजबूती देने में मदद करता है. इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर की अवस्था में भी दूध पी सकते हैं क्योंकि दूध में बायोएक्टिव पेप्टाइड्स होते हैं, जो हाई बीपी को कम करने में मदद करते हैं. हाई बीपी की समस्या में गाय का दूध मलाई निकाल कर और पानी मिला कर पीना चाहिए. इसके अलावा, कम फैट व कम नमक वाली चीजें खाकर और नियमित व्यायाम से बीपी को कंट्रोल में रखा जा सकता है.

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