मायोसाइटिस क्या है?

मायोसाइटिस मांसपेशियों में सूजन, लालिमा व जलन पैदा करने वाली एक स्वास्थ्य समस्या है। यह रोग मांसपशियों को कमजोर बना देता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द भी होने लगता है। यह रोग ऐसी किसी भी स्वास्थ्य समस्या के कारण हो सकता है, जो सूजन, लालिमा व जलन पैदा कर देती है जैसे संक्रमण, चोट, स्वप्रतिरक्षित रोग और दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट आदि। मायोसाइटिस का इलाज स्थिति के प्रकार व उसके अंदरूनी कारणों के अनुसार किया जाता है। यह मुख्यत: पांच प्रकार का होता है -

  • डर्मेटोमायोसाइटिस
  • इंक्लूजन-बॉडी मायोसाइटिस
  • जूवेनाइल मायोसाइटिस
  • पोलिमायोसाइटिस
  • टॉक्सिक मायोसाइटिस

मायोसाइटिस के लक्षण क्या हैं?

मांसपेशियों में कमजोरी होना मायोसाइटिस का सबसे मुख्य लक्षण होता है। मरीज को कई बार कमजोरी महसूस हो जाती है, जबकि कई बार इस बारे में पता ही नहीं चलता कि मांसपेशियां कमजोर हो गई हैं। मांसपेशियों में दर्द होना भी मायोसाइटिस का एक लक्षण हो सकता है। हालांकि, यह लक्षण भी हर व्यक्ति को महसूस नहीं होता है।

इसके अलावा मायोसाइटिस के प्रकारों के अनुसार उनके लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर डर्मेटोमायोसाइटिस, पोलिमायोसाइटिस और इन्फ्लेमेटरी मायोसाइटिस में मांसपेशियां कमजोर पड़ने लग जाती हैं, जिसकी गंभीरता लगातार बढ़ती रहती है।

मायोसाइटिस से आमतौर पर शरीर के बड़े हिस्से ही प्रभावित होते हैं, जैसे गर्दन, कंधे, कूल्हे और पीठ आदि। शरीर के इन हिस्सों में कमजोरी आने पर व्यक्ति का शरीर ठीक से काम नहीं कर पाता है और ठीक से चल न पाना व बार-बार गिरने आदि का खतरा बढ़ जाता है। मायोसाइटिस में मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि गिरने के बाद वह खुद से उठ भी नहीं पाता है।

सूजन व लालिमा से संबंधित कुछ अन्य लक्षण भी हैं, जो मायोसाइटिस में देखे जा सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -

यदि वायरस से हुए संक्रमण के कारण मायोसाइटिस के लक्षण हुए हैं, तो उनके साथ-साथ वायरल संक्रमण के लक्षण विकसित हो सकते हैं जैसे नाक बहना, बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त आदि। हालांकि, मायोसाइटिस के लक्षण शुरू होने से पहले ही वायरल संक्रमण के लक्षण विकसित होकर ठीक भी हो सकते हैं।

मायोसाइटिस होने के क्या कारण हैं?

मायोसाइटिस से सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार यह कुछ स्व-प्रतिरक्षित स्थितियों के कारण हो सकता है, जिनमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मांसपेशियों को ही क्षति पहुंचाने लग जाती है। इसके अलावा चोट लगना या संक्रमण होना भी मायोसाइटिस का कारण बन सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में मायोसाइटिस के अंदरूनी कारण का भी पता नहीं चल पाता है।

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कुछ शोधों के अनुसार प्रमुख रूप से निम्न स्थितियां ही मायोसाइटिस होने का कारण बन सकती हैं -

मायोसाइटिस का परीक्षण कैसे किया जाता है?

मायोसाइटिस से ग्रस्त लोगों का परीक्षण अक्सर सटीक रूप से नहीं हो पाता है। इसके कुछ प्रकार काफी दुर्लभ हैं और इसके लक्षण भी पूरी तरह से अन्य रोगों से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इस रोग की पहचान करना भी थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हालांकि, शारीरिक परीक्षण व लक्षणों की जांच के साथ-साथ स्थिति की पुष्टि करने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं -

मायोसाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है?

मायोसाइटिस के लिए विशेष रूप से कोई इलाज अभी तक मिल नहीं पाया है। हालांकि, लक्षणों की गंभीरता के अनुसार कुछ दर्दनिवारक व सूजन रोधी दवाएं निर्धारित की जा सकती हैं, जैसे कोर्टिकोस्टेरॉयड दवाएं आदि। साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने वाली दवाएं भी दी जा सकती हैं जिनमें एजाथियोप्राइन और मेथोट्रेक्सेट दवाएं शामिल हैं।

जैसा कि मायोसाइटिस के लिए कोई सटीक इलाज नहीं है, इसलिए उचित इलाज का पता लगाने के लिए डॉक्टर को कई अलग-अलग इलाज प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करके देखना पड़ता है। इसलिए डॉक्टर के द्वारा दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करते रहना चाहिए।

कुछ प्रकार की शारीरिक थेरेपी भी हैं, जिनकी मदद से मायोसाइटिस के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। इनमें कुछ प्रकार के व्यायाम व स्ट्रेचिंग तकनीकें शामिल हैं, जिनकी मदद से मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने से बचाव किया जाता है।

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