बढ़ती उम्र के साथ कई तरह की बीमारियां दस्तक देने लगती हैं, जिसमें दिल के रोग और कैंसर भी शामिल है. इसी तरह से धीरे-धीरे हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है. शोध के अनुसार, 50 से अधिक की उम्र के लोग कभी न कभी कमजोर हड्डियों की वजह से परेशान होते ही हैं. हालांकि, बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए सही खान-पान, शारीरिक गतिविधि और सप्लीमेंट की मदद ली जा सकती है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के टिप्स क्या-क्या हैं -

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  1. बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के टिप्स
  2. सारांश
बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के टिप्स के डॉक्टर

बढ़ती आयु में हड्डियां जितनी बनती हैं, उससे कहीं ज्यादा कमजोर होती जाती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है. खासकर महिलाओं के साथ तो ऐसा जरूर होता है. मेनोपॉज के बाद शुरुआत के 5 से 7 साल के भीतर महिलाएं बोन डेंसिटी का 20 प्रतिशत खो देती हैं. सही डाइट का सेवन, शारीरिक गतिविधि और सप्लीमेंट के सेवन से बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है. आइए, बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने के टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं -

सही खान-पान है जरूरी

ऐसी एंटीइंफ्लेमेटरी डाइट का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जिसमें सब्जियांफलफिशनट्स और साबुत अनाज जरूर शामिल हों. ये मेनोपॉज के बाद होने वाले बोन लॉस की प्रक्रिया को धीमा करने में मददगार होते हैं. बढ़ती आयु में हड्डियों को मजबूत बनाने में प्रोटीन व कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन-के और मैग्नीशियम जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की जरूरत पड़ती है. 

50 से ज्यादा उम्र की महिलाओं और 70 से अधिक उम्र के पुरुषों को रोजाना 1200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत पड़ती है. इसका सबसे बढ़िया तरीका भोजन है. हाई पोटैशियम वाले फल और सब्जियों का सेवन भी जरूरी है, जिसमें केलाशकरकंदी व पालक शामिल है. मैग्नीशियम के लिए नट्स, सीड्स, सूखे बीन्स और सबूत अनाज जरूरी हैं. 

प्रोटीन को बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए, जो हड्डियों की मरम्मत के लिए जरूरी है. शोध के अनुसार, जो लोग प्रोटीन से कैलोरी का सेवन करते हैं, उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस होने का जोखिम कम रहता है.

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शारीरिक गतिविधि

बोन डेंसिटी को मैनेज करने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है. मांसपेशियों की तरह हड्डियां भी एक्सरसाइज की मदद से मजबूत रहती हैं. हड्डियों के लिए बढ़िया एक्सरसाइज टहलना या वेट लिफ्टिंग है. ऐसा सप्ताह में कम से कम 5 दिन तो 30 मिनट के लिए जरूर करना चाहिए. शोध के अनुसार, सप्ताह भर में कुल ढाई घंटे यानी 150 मिनट की एक्सरसाइज 65 से अधिक की आयु के लोगों के लिए जरूरी है. 

रोजाना टहलने से मेनोपॉज के बाद होने वाला हिप अन्य किसी प्रकार के फ्रैक्चर का जोखिम कम हो जाता है. शोध के अनुसार, हफ्ते में दो दिन 30 मिनट के लिए हाई इंटेंसिटी रेजिस्टेंस (high intensity resistance) और इम्पैक्ट ट्रेनिंग से बोन डेंसिटी और हड्डियों के ढांचे में सुधार आता है. योग के जरिए अकड़ और दर्द भरे जोड़ों से राहत मिल सकती है और यह फ्लेक्सिबिलिटी के लिए भी सही है.

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संतुलन पर ध्यान

शोध के अनुसार, 55 से अधिक आयु के लोगों का जिनका संतुलन सही नहीं होता है, उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा उतना दोगुना हो जाता है. गिरने से बचने के लिए जरूरी है कि संतुलन सही हो. यदि संतुलन की समस्या है, तो इसमें सुधार लाने की कोशिश करनी चाहिए.

नियमित तौर पर दृष्टि की भी जांच कराते रहना चाहिए, क्योंकि उम्र संबंधित कैटरैक्ट (cataracts) और मैकुलर डिजनरेशन (macular degeneration) दृष्टि को कम कर सकते हैं, जो अंततः संतुलन को प्रभावित करता है.

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सप्लीमेंट्स का सेवन

अगर डाइट से पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल रहा है, तो इसके लिए डॉक्टर की सलाह के बाद कैल्शियम कार्बोनेट या कैल्शियम सिट्रेट जैसे सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है. यदि कब्ज की दिक्कत रहती है, तो ऐसे सप्लीमेंट का सेवन करना सही रहता है, जिसमें मैग्नीशियम भी हो.

हड्डियां विटामिन-डी को अच्छे से अवशोषित करें, इसके लिए विटामिन-डी भी जरूरी है. चूंकि, भोजन से पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी नहीं मिलता है, तो इसके सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है. इसका सेवन कैल्शियम सप्लीमेंट के समय पर नहीं करना चाहिए. 

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हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए सप्लीमेंट के रूप में Sprowt Vitamin-B12 का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. यह नेचुरल प्रोडक्ट है, जिस कारण से इसे बिना किसी शंका के लिया जा सकता है -

शराब व धूम्रपान से परहेज

बढ़ती आयु के साथ धूम्रपान करने से बोन लॉस की आशंका बढ़ जाती है. इसी तरह 65 से अधिक आयु के लोगों को रोजाना सिर्फ एक बार शराब पीने से बोन लॉस में तेजी आती है. इसलिए, इन दोनाें चीजों से जितना संभव हो सके दूरी बनाकर रखनी चाहिए.

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सही वजन है जरूरी

अगर बढ़ती आयु के साथ वजन कम रहता है, तो इससे बोन लॉस और फ्रैक्चर होने का जोखिम बढ़ जाता है. इसी तरह यदि वजन ज्यादा रहता है, तो इससे बांह और कलाई में फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है.

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बढ़ती आयु के साथ हड्डियों का कमजोर होना आम बात है, लेकिन कुछ टिप्स को ध्यान में रखकर इससे बचा जा सकता है. सही डाइट का सेवन, नियमित एक्सरसाइज और अल्कोहल और स्मोकिंग से परहेज जैसे टिप्स की मदद से बढ़ती आयु के साथ हड्डियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी कदम उठाने के लिए मना किया जाता है, क्योंकि यह जरूरी नहीं कि एक उपाय सभी पर समान रूप से असर करे. बढ़ती आयु में वैसे भी कई बीमारियां हो जाती हैं, उन बीमारियों को ध्यान में रखकर ही डॉक्टर किसी भी तरह की डाइट या एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. 

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