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लिंग व उसके आस-पास की त्वचा में खुजली होना कोई गंभीर समस्या नहीं है हालांकि कई बार इससे काफी परेशान कर देने वाली स्थिति पैदा हो जाती है। कई बार गंभीर खुजली होने के कारण व्यक्ति को शर्मिंदा होना पड़ सकता है और ऐसे में वह अक्सर घर से बाहर निकलने में भी कतराने लगता है।

ज्यादातर मामलों में लिंग की खुजली कोई बीमारी नहीं होती बल्कि किसी अन्य रोग का एक लक्षण होता है। हालांकि इसके साथ-साथ लिंग में जलन होना, अधिक खुजलाने के कारण घाव बनना और कुछ गंभीर मामलों में प्रभावित जगह से खून या मवाद आना आदि लक्षण देखे जा सकते हैं। जननांगों में स्वच्छता की कमी होना इसका मुख्य कारण होता है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कुछ रोग भी हैं, जो लिंग में खुजली का कारण बन सकते हैं। इसलिए उचित रूप से साफ-सफाई रख कर अधिकतर मामलों में खुजली जैसे लक्षणों को कम किया जा सकता है।

यदि खुजली गंभीर नहीं है, तो घर पर ही इसका इलाज किया जा सकता है। गंभीर मामलों में इसे ठीक करने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता भी पड़ सकती है। खुजली का इलाज करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले स्थिति की जांच करेंगे और उसके कारण का पता लगाएंगे। लक्षणों को शांत करने के लिए कुछ स्टेरॉयड व हाइड्रोकोर्टिसोन क्रीम दी जा सकती हैं। साथ ही खुजली के अंदरुनी कारणो के अनुसार कुछ विशेष प्रकार की दवाएं भी दी जा सकती हैं, जैसे बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन के लिए एंटीबायोटिकएंटी फंगल दवाएं।

  1. लिंग में खुजली क्या है - What is Penis Itching in Hindi
  2. लिंग की खुजली के लक्षण - Penile Itching Symptoms in Hindi
  3. लिंग में खुजली के कारण व जोखिम कारक - Itching in Penis Causes & Risk Factors in Hindi
  4. लिंग में खुजली के उपाय - Prevention of Itching in Penis in Hindi
  5. लिंग की खुजली का परीक्षण - Diagnosis of Itching in Penis in Hindi
  6. लिंग में खुजली का इलाज - Itching in Penis Treatment in Hindi
  7. लिंग में खुजली होने पर जटिलताएं - Itching in Penis Complications in Hindi
  8. लिंग में खुजली के डॉक्टर

लिंग में खुजली क्या है - What is Penis Itching in Hindi

इसे मेडिकल भाषा में प्रुरिटस (Pruritus) कहा जाता है। खुजली त्वचा पर होने वाली ऐसी संवेदना है, जिससे त्वचा को खुजाने या खुरचने का मन करता है। लिंग में खुजली होना ज्यादातर मामलों में सामान्य समस्या होती है, हालांकि कुछ मामलों में यह गंभीर स्थिति भी हो सकती है।

लिंग की खुजली के लक्षण - Penile Itching Symptoms in Hindi

लिंग या उसके आसपास खुजली होना खुद में ही एक लक्षण है, जो किसी अन्य रोग के कारण विकसित होती है। लिंग में खुजली के साथ कुछ संकेत जुड़े होते हैं जैसे बार-बार जननांगों में खुजली करने का  मन करना, घर से बाहर न जाना और बार-बार बाथरूम जाना आदि। इसका कारण बनने वाली अंदरुनी समस्याओं के अनुसार कुछ अन्य लक्षण भी विकसित हो सकते हैं।

यदि जननांग संबंधी किसी समस्या के कारण लिंग में खुजली हो रही है, तो इसके साथ निम्न लक्षण भी देखे जा सकते हैं -

यदि किसी संक्रमण के कारण लिंग में खुजली होने लगती है, तो इसके साथ-साथ कुछ अन्य लक्षण देखे जा सकते हैं जैसे :

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि स्थिति गंभीर नहीं है, तो इसे घर पर इलाज से ही ठीक किया जा सकता है। हालांकि, अगर खुजली लगातार गंभीर होती जा रही है या फिर घर पर किए गए सामान्य उपचारों से भी ठीक नहीं हो पा रही है, तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। इसके अलावा यदि लिंग में खुजली के साथ निम्न लक्षण भी हो रहे हैं, तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

  • प्रभावित जगह से मवाद या अन्य द्रव निकलना
  • तेज बुखार रहना (101 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक)
  • चकत्ते होना
  • त्वचा में सूजन, लालिमा व त्वचा गर्म महसूस होना

लिंग में खुजली के कारण व जोखिम कारक - Itching in Penis Causes & Risk Factors in Hindi

लिंग व उसके आस-पास खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें जननांगों की साफ-सफाई न रख पाना, उत्तेजक पदार्थों के संपर्क में आना तथा जननांगों की त्वचा में नमी रहना आदि मुख्य हैं।

स्वास्थ्य संबंधी कुछ गंभीर समस्याएं भी हैं, जो लिंग में खुजली का कारण बन सकती हैं इनमें निम्न शामिल हैं :

  • जननांग दाद
    यह मुख्य रूप से हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस (HSV) के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप लिंग व उसके आस-पास खुजली, जलन व दर्द हो लगता है। यह वायरस किसी व्यक्ति के शरीर में कई सालों तक बिना कोई लक्षण पैदा किए रह सकता है, इसलिए कुछ लोग एचएसवी से संक्रमित होते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं लगता है। जननांग दाद में खुजली, जलन व दर्द के साथ-साथ इसमें मरीज के जननांगों में द्रव से भरे छोटे-छोटे दाने बन जाते हैं जो फफोले की तरह दिखते हैं।
     
  • लाइकेन निटाइडस
    यह त्वचा में सूजन, जलन व लालिमा से संबंधी स्थिति है, जो लिंग में खुजली पैदा कर सकती है। लाइकेन निटाइडस से शरीर के विभिन्न भागों में छोटी-छोटी गांठे बनने लग जाती हैं। ये गांठ आकार में काफी छोटी होती है, कुछ गंभीर मामलों में ये मटर के दाने जितनी बढ़ जाती है।
     
  • कैंडिडियासिस (मेल थ्रश)
    इस समस्या को पुरुषों में होने वाला यीस्ट इन्फेक्शन (मेल यीस्ट इन्फेक्शन) भी कहा जाता है। कैंडिडियासिस लिंग के अगले हिस्से पर विकसित हो सकता है, जिससे गंभीर खुजली होने लगती है। इस स्थिति में लिंग के अगले हिस्से और उसकी ऊपरी चमड़ी में खुजली होने के साथ-साथ सूजन, लालिमा व जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इस स्थिति के दौरान प्रभावित त्वचा में लाल चकत्ते बनने लगते हैं और उनमें से सफेद रंग का पदार्थ भी निकलने लग जाता है।
     
  • जननांग मस्से
    यह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है, जिसमें प्रभावित त्वचा पर छोटी-छोटी गांठ बनने लगती हैं। यह एक यौन संचारित रोग होता है। जननांग मस्से त्वचा के रंग के छोटे-छोटे मस्से होते हैं, जो आकृति में गोभी के फूल जैसे दिखते हैं। जननांग मस्से के कारण लिंग में खुजली हो सकती है और इतना ही नहीं यौन संबंध बनाने के दौरान इन मस्सों से खून भी आ सकता है।
     
  • लाइकेन प्लेनस
    यह सूजन, लालिमा व जलन (इन्फ्लेमेशन) से संबंधित स्थिति है। लाइकेन प्लेनस बालों, नाखूनों और त्वचा को प्रभावित करता है, जिसमें लिंग भी शामिल है। यदि इसके कारण लिंग की त्वचा प्रभावित हो गई है, तो उसमें फफोले, फुन्सी, लालिमा, जलन व खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
     
  • सोरायसिस
    यह एक स्व-प्रतिरक्षित रोग है, जो लिंग में गंभीर खुजली का कारण बन सकता है। सोरायसिस में प्रभावित त्वचा की कोशिकाएं तेजी से विकसित होने लगती हैं, जिससे त्वचा पर स्किन सेल जमा हो जाते हैं। यह लंबे समय तक रहने वाली स्थिति है, जिससे गंभीर खुजली होती है।
     
  • स्केबीज
    यह एक संक्रामक रोग है, जो एक विशेष प्रकार के सूक्ष्म कीट (माइट) की वजह से होता है। यह माइट त्वचा में सूक्ष्म छेद करके अंदर चले जाते हैं, जिससे अत्यधिक तीव्र जलन व खुजली होने लगती है। स्केबीज भी लिंग में खुजली का कारण बन सकता है।
     
  • कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस
    इस स्थिति में जब त्वचा एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ के संपर्क में आती है, तो खुजलीदार चकत्ते होने लगते हैं। एलर्जी करने वाले पदार्थों में मुख्य रूप से साबुन, शैम्पू, डिओडेरेन्ट और कुछ प्रकार के कपड़े शामिल हो सकते हैं। यदि कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस के कारण आपके लिंग पर चकत्ते हो गए हैं, तो सूजन, लालिमा, जलन व खुजली जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।
     
  • बैलेनाइटिस (लिंग की सूजन)
    इस स्थिति में लिंग के अगले हिस्से (शिश्नमुंड) में सूजन व लालिमा हो जाती है। लिंग में सूजन होने के साथ-साथ जलन व तीव्र खुजली भी होने लगती है। इस स्थिति में कुछ लोगों को पेशाब करते समय भी दर्द होता है।
     
  • यूरेथ्राइटिस
    मूत्रमार्ग में होने वाली सूजन व जलन की स्थिति को यूरेथ्राइटिस के नाम से जाना जाता है। मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) एक नली होती है, जो पेशाब को मूत्राशय (ब्लैडर) से लेकर शरीर से बाहर निकालती है। यह समस्या भी लिंग में खुजली का कारण बन सकती है, इसके अलावा यूरेथ्राइटिस में कुछ गंभीर लक्षण भी देखे जा सकते हैं जैसे बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में कठिनाई और वीर्य में खून आना आदि।
     
  • त्वचा के अंदर बढ़ा हुआ बाल
    यदि लिंग या उसके आस-पास की त्वचा में कोई बाल अंदर ही अंदर बढ़ गया है, तो इस स्थिति में भी लिंग में खुजली व जलन जैसी समस्याएं हो सकती है। कुछ मामलों में यहां फफोला भी बन सकता है।

लिंग में खुजली होने का खतरा कब बढ़ता है?

यदि किसी महिला के जननांगों में संक्रमण है, तो उसके साथ यौन संबंध बनाना भी लिंग में खुजली होने का खतरा बढ़ाता है। यदि आपको किसी प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो उसके उपयोग से भी खुजली बढ़ सकती है।

लिंग में खुजली के उपाय - Prevention of Itching in Penis in Hindi

यदि आपको डर्माटाइटिस है, तो ऐसे किसी पदार्थ के संपर्क में न आएं जो एलर्जी पैदा कर सकता है। इसमें मुख्य रूप से सेंट, साबुन और कुछ प्रकार के कपड़े भी शामिल हो सकते हैं। 

अपने जननांगों की नियमित रूप से सफाई रखें, रोजाना एक या दो बार नहाएं और नहाते समय साबुन से जननांगों को अच्छी तरह से धो लें।

नहाने के तुरंत बाद कपड़े न पहनें, क्योंकि शरीर में नमी होने के कारण भी बैक्टीरिया व यीस्ट जैसे रोगाणु बढ़ने लगते हैं। कपड़े पहनने से पहले शरीर को अच्छे से सुखा लें।

यदि आपको पहले त्वचा के अंदर बाल बढ़ने से संबंधित समस्याएं हुई हैं, तो बालों को शेव करते समय विशेष रूप से ध्यान रखें। बालों की दिशा में ही शेव करें और त्वचा पर क्रीम लगा लें ताकि त्वचा नरम हो जाए।

इसके अलावा अधिक टाइट कपड़े न पहनें, क्योंकि अधिक तंग कपड़ों से जननांगों में रगड़ लग सकती है जिसके कारण खुजली हो सकती है।

लिंग की खुजली का परीक्षण - Diagnosis of Itching in Penis in Hindi

लिंग पर हो रही खुजली का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर सबसे लिंग व उसके आस-पास के भाग की जांच करते हैं। इस दौरान मरीज से कुछ सवाल भी पूछे जा सकते हैं जैसे :

  • क्या आपको कभी पहले खुजली की समस्या हुई है?
  • लिंग में खुजली कितने समय से हो रही है?
  • आपने हाल ही में कोई नई साबुन या डिटेर्जेंट का उपयोग करना शुरु किया है?
  • क्या आप किसी प्रकार की कोई दवा ले रहे है?
  • आप यौन रूप से एक्टिव हैं या नहीं?

यदि खुजली की समस्या सामान्य नहीं है और किसी अंदरुनी रोग के कारण हो रही है, तो उसकी पुष्टि के लिए डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं। स्वैब की मदद से प्रभावित हिस्से से सैंपल लिया जा सकता है, जिसे आगे की जांच के लिए लैब में भेजा जाता है। लैबोरेटरी में परीक्षण की मदद से लिंग में खुजली के कारण का पता लगाया जाता है।

लिंग में खुजली का इलाज - Itching in Penis Treatment in Hindi

यदि घर पर किए गए इलाज से खुजली के लक्षणों में सुधार नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर जननांगों को साफ रखने के लिए कोई विशेष प्रोडक्ट दे सकते हैं और साथ ही खुजली जैसे लक्षणों को कम करने के लिए कुछ दवाएं भी दी जा सकती है। यदि खुजली अधिक तीव्र है, तो डॉक्टर कुछ हाइड्रोकोर्टिसोन व स्टेरॉयड क्रीम दे सकते हैं। ये क्रीम त्वचा पर होने वाली जलन, लालिमा व खुजली जैसे लक्षणों को प्रभावी रूप से कम करती हैं।

यदि जननांगों में नमी होने के कारण खुजली हो रही है, तो डॉक्टर कुछ विशेष प्रकार के पाउडर दे सकते हैं। ये पाउडर लगाने से त्वचा की नमी दूर हो जाती है और बैक्टीरिया व अन्य रोगाणु पैदा नहीं हो पाते हैं।

कुछ मामलों में लिंग की खुजली का कारण साफ-सफाई की कमी नहीं होती, बल्कि कोई अन्य रोग या संक्रमण होता है। इस समस्या के कारणों के अनुसार ही इसका इलाज शुरु किया जाता है, ऐसी स्थिति के इलाज में निम्न दवाएं शामिल हो सकती हैं :

  • एंटीहिस्टामिन दवाएं 
    यदि आपको किसी पदार्थ, कपड़े या वस्तु से एलर्जी है और उसके संपर्क में आते ही आपको खुजली व जलन जैसे लक्षण होने लगते हैं। ऐसी समस्या का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीहिस्टामिन दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
     
  • एंटीबायोटिक दवाएं 
    यदि लिंग या उसके आस-पास की त्वचा में किसी प्रकार का बैक्टीरिया संक्रमण हुआ है, तो उसका इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है। संक्रमण की गंभीरता के अनुसार एंटीबायोटिक दवाएं काफी लंबे समय तक खानी पड़ सकती हैं। यदि दवाओं का कोर्स पूरा न किया जाए, तो संक्रमण फिर से विकसित हो जाता है और खुजली होने लगती है।
     
  • एंटीफंगल दवाएं 
    यदि फंगल या यीस्ट इन्फेक्शन के कारण लिंग में खुजली हो रही है, तो इसके लिए डॉक्टर कुछ एंटीफंगल दवाएं दे सकते हैं। फंगल इन्फेक्शन को जड़ से खत्म करने के लिए एंटीफंगल दवाओं का कोर्स भी काफी लंबे समय तक चल सकता है।

लिंग में खुजली होने पर जटिलताएं - Itching in Penis Complications in Hindi

लिंग में खुजली होना कोई गंभीर समस्या नहीं होती। हालांकि, समस्या गंभीर है तो काफी परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है। इतना ही नहीं लिंग में खुजली के कारण व्यक्ति को किसी सार्वजनिक जगह शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है।

इतना ही नहीं यदि खुजली किसी संक्रमण के कारण हुई है, तो यह समस्या परिवार के अन्य सदस्यों में भी फैल सकती है।

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