उम्र के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जाता है, इसलिए घर के वरिष्ठ सदस्यों (बुजुर्गों) के लिए हेल्थ इन्शुरन्स बेहद जरूरी है। myUpchar बीमा प्लस एक साधारण हेल्थ इन्शुरन्स प्लान है। हालांकि, आप अपने घर के बुजुर्गों के लिए भी यह पॉलिसी खरीद सकते हैं। इस पॉलिसी की मदद से उनके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से निपटना आसान हो जाएगा। 60 साल के बाद जब शरीर थकने लगता है और कमाई रुक जाती है, तो बीमारियां तेजी से पांव पसारती हैं। ऐसे में समय में myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, ऑपरेशन, डे-केयर ट्रीटमेंट के साथ ही प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन जैसे खर्चों को मैनेज करने में मदद करती है।
(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्या-क्या कवर होता है)
- बुजुर्गों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स क्यों जरूरी है - Why do you Need Health Insurance for Senior Citizens in Hindi?
- फैमिली फ्लोटर में बुजुर्गों को जोड़ने के नुकसान - Disadvantages of adding Seniors in Family floater Insurance in Hindi
- बुजुर्गों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स के प्रकार - Types of Health Insurance for Senior citizens in Hindi
- अपने बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी क्यों खरीदें - Why Should you purchase myUpchar Bima Plus Policy for Seniors in Hindi
- बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी के फायदे - myUpchar Bima Plus benefits for Senior Citizens in Hindi
बुजुर्गों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स क्यों जरूरी है - Why do you Need Health Insurance for Senior Citizens in Hindi?
घर के वरिष्ठ सदस्यों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स लेना बेहद लाभदायक हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है, शरीर कमजोर होने से चोट लगने का डर भी बना रहता है। इस उम्र में कमाई के स्रोत बंद होते जाते हैं, ऐसे में बीमारी के कारण आने वाले खर्चों को मैनेज करने में हेल्थ इन्शुरन्स अहम भूमिका निभाता है। मोतियाबिंद हो या बवासीर, प्रोस्टेट के बढ़ने की वजह से परेशानी हो या आर्थराइटिस, दिल का दौरा पड़ना, अल्जाइमर, निमोनिया, मोटापा, डिप्रेशन हो। ऐसे सभी तरह की समस्याओं के साथ ही गिरकर चोट पर भी हेल्थ इन्शुरन्स इमरजेंसी के रूप में बुजुर्गों के काम आ सकता है।
(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में क्या कवर नहीं होता)
फैमिली फ्लोटर में बुजुर्गों को जोड़ने के नुकसान - Disadvantages of adding Seniors in Family floater Insurance in Hindi
आपके पास अपने परिवार के लिए हेल्थ इन्शुरन्स तो होगा ही। यदि आप अपने फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स में घर के वरिष्ठ सदस्यों को शामिल करना चाहते हैं तो आपकी इन्शुरन्स कंपनी इसकी इजाजत दे सकती है। हालांकि, यहां आपको समझना होगा कि ऐसा करने से आपकी इन्शुरन्स पॉलिसी का प्रीमियम काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्शुरन्स कंपनियां किसी भी हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम उसमें शामिल सबसे वरिष्ठ सदस्य की उम्र के आधार पर वसूलती हैं। इसलिए हमारी तो आपको यही सलाह होगी कि अपने फैमिली फ्लोटर में बुजुर्गों को शामिल न करें, बल्कि उनके लिए अलग से पॉलिसी खरीदें।
(और पढ़ें - सबसे अच्छा हेल्थ इन्शुरन्स कौन सा है)
बुजुर्गों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स के प्रकार - Types of Health Insurance for Senior citizens in Hindi
यदि आपके घर में भी बुजुर्ग सदस्य हैं तो आप उनकी खास जरूरतों को ध्यान में रखकर सीनियर सिटीजन हेल्थ इन्शुरन्स प्लान ले सकते हैं। इसके अलावा यदि उनके पास पहले से कोई हेल्थ इन्शुरन्स प्लान है तो आप उसे भी आगे जारी रख सकते हैं। सीनियर सिटिजन हेल्थ इन्शुरन्स लेने से पहले हमेशा इस पॉलिसी के बारे में अच्छे से जानकारी जुटा लें। पॉलिसी लेने के बाद भी आपके पास 15 दिन का फ्री लुक पीरियड होता है, पॉलिसी पसंद न आने पर आप इस अवधि में उसे लौटा सकते हैं। पॉलिसी डॉक्यूमेंट को पढ़ना जरूरी है, क्योंकि कुछ पॉलिसी में 20-50 फीसद तक का को-पेमेंट होता है। कहीं ऐसा न हो कि आपको पता ही न हो और अस्पताल का 50 फीसद बिल आपको चुकाना पड़े।
(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स प्लान फॉर ए फैमिली)
अपने बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी क्यों खरीदें - Why Should you purchase myUpchar Bima Plus Policy for Seniors in Hindi
myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी को बुजुर्गों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। इसके बावजूद यह पॉलिसी आपके घर के वरिष्ठ सदस्यों के लिए काफी लाभदायक हो सकती है। देश का नंबर वन हेल्थ-टेक पोर्टल और हेल्थ इन्शुरन्स के क्षेत्र में अग्रण कंपनी केयर हेल्थ इन्शुरन्स मिलकर यह प्लान लेकर आए हैं। चलिए जानते हैं बुजुर्गों के लिए यह पॉलिसी कैसे बेहतर साबित हो सकती है।
(और पढ़ें - मेडिक्लेम पॉलिसी की खास बातें)
अन्य पॉलिसी के मुकाबले कम प्रीमियम
उम्र बढ़ने के साथ ही हेल्थ इन्शुरन्स कंपनियां प्रीमियम में भी इजाफा करती रहती हैं। यदि आप किसी भी अन्य कंपनी से बुजुर्गों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीदते हैं तो तीन लाख के सम-इनश्योर्ड के लिए आपको 25-30 या 40-50 हजार रुपये तक भी सालाना प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है। जबकि घर के दो वरिष्ठ सदस्यों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी खरीदने पर आपको प्रीमियम के रूप में करीब 16 हजार रुपये ही चुकाने होंगे।
नेटवर्क अस्पताल
myUpchar बीमा प्लस के पीछे केयर हेल्थ इन्शुरन्स का भरोसा भी है। केयर इन्शुरन्स के नेटवर्क में 7 हजार से ज्यादा अस्पताल हैं, जो आपको सही समय पर कैशलेस इलाज की भरोसा दिलाते हैं।
(और पढ़ें - जानें कैशलेस इन्शुरन्स कैसे काम करता है)
क्लेम रेशियो
किसी भी हेल्थ इन्शुरन्स की सबसे खास बातों में समय पर क्लेम देना भी शामिल है। इस लिहाज से केयर हेल्थ इन्शुरन्स का क्लेम रेशियो 95.47 फीसद है और इस मामले में कंपनी इंडस्ट्री में दूसरे नंबर पर है। इससे भरोसा मिलता है कि आपको मुसीबत के समय आसानी से क्लेम मिलेगा।
ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन
बुढ़ापे में बार-बार सेहत खराब होना आम बात है। ऐसे में बार-बार डॉक्टर की फीस चुकाना आपकी जेब पर बारी पड़ सकता है। myUpchar बीमा प्लस में आपको इन्शुरन्स के साथ ही 24X7 फ्री ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन की सुविधा भी दी जाती है।
(और पढ़ें - सबसे सस्ता हेल्थ इन्शुरन्स कौन सा है)
टैक्स छूट
अगर आप अपने माता-पिता के लिए यह पॉलिसी लेते हैं तो आपको इनकम टैक्स की धारा 80डी के तहत टैक्स में छूट भी मिलेगी। इसके अलावा 7000 से ज्यादा नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस सुविधा का लाभ भी आपके माता-पिता को मिलेगा।
यहां समान श्रेणी की दवाएं देखें
बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी के फायदे - myUpchar Bima Plus benefits for Senior Citizens in Hindi
यदि आप अपने घर के बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी लेते हैं तो आपको कोरोना से भी डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इस पॉलिसी में कोरोना को कवर किया जाता है। कुल सम-इनश्योर्ड का 1 फीसद प्रतिदिन रूम रेंट, 2 फीसद प्रतिदिन आईसीयू का खर्च और डॉक्टर की फीस, दवाएं, टेस्ट आदि सभी इन-हॉस्पिटलाइजेशन खर्चों को इस पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है।
(और पढ़ें - कोरोना वायरस हेल्थ इन्शुरन्स कैसे काम करता है)
प्री-पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवर : myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी लेने के बाद यदि आपके घर के वरिष्टजनों को अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो उससे पहले के 30 दिन और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 60 दिन बाद तक के मेडिकल खर्चों को इस पॉलिसी में कवर किया जाता है। इस पॉलिसी में 24 महीने के वेटिंग पीरियड के बाद कुछ खास प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज को भी कवर किया जाता है, जबकि कुछ बीमारियों के लिए आपको 48 महीने तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
प्री-पॉलिसी चेकअप भी नहीं होता : अपने बुजुर्गों के लिए myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी लेने से पहले आपको उनके हेल्थ चेकअप की आवश्यकता भी नहीं है। इस पॉलिसी के तहत इमरजेंसी के वक्त आप 1500 रुपये तक का एम्बुलेंस खर्च भी क्लेम कर सकते
गंभीर बीमारियों के लिए क्लेम : myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी के तहत जानलेवा बीमारियों के इलाज का क्लेम भी दिया जाता है। यही नहीं डे-केयर प्रोसीजर, घरेलू देखभाल के खर्चों को भी इस हेल्थ प्लान के तहत कवर किया जाता है।
(और पढ़ें - आयुष्मान भारत योजना क्या है)





