भारत में त्योहारों के नजदीक आते ही दूध से बनने वाले खोये की मांग बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्योहारों और समारोह में बनने वाली अधिकतर मिठाईयों व व्यंजनों में खोया का इस्तेमाल किया जाता है। खोया बाजारों में आसानी से उपलब्ध होता है, लेकिन आप इसको घर पर भी बना सकते हैं। दूध से बने होने की वजह से खोये में भी कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं और इसी विशेषता के कारण खोया आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
इस लेख में आपको खोया खाने के फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही आपको खोया में मौजूद पोषक तत्व, इससे स्वास्थ्य को मिलने वाले फायदे, खोया के प्रकार, खोया को सही रखने के तरीके व मानकों के बारे में भी बताने का प्रयास किया गया है।
(और पढ़ें - दूध और केला खाने के फायदे)
- खोया के प्रकार - Khoya ke prakar
- खोया में मौजूद पौषक तत्व - Khoya nutritional facts in hindi
- खोया खाने के फायदे - Khoya khane ke fayde
- खोया का उपयोग - Khoya ka upyog
- गाय और भैंस के दूध से बने खोये में अंतर - Gaay aur bhais ke doodh se bane khoye me antar
- खोया को सही रखने के तरीके और मानक - Khoya ko sahi rakhne ke tarike aur manak
खोया के प्रकार - Khoya ke prakar
बाजार में मुख्यतः निम्नलिखित तीन प्रकार का खोया मिलता है:
- पिंडी खोया:
इसमें फैट 21 से 26 प्रतिशत होता है, जबकि इसमें 31 से 33 प्रतिशत नमी होती है। इसका उपयोग बर्फी और पेड़ा बनाने में किया जाता है। (और पढ़ें - दूध से एलर्जी का इलाज)
- धाप खोया:
इसमें 20 से 30 प्रतिशत फैट और 37 से 44 प्रतिशत नमी होती है। इसके इस्तेमाल से मुख्यतः गुलाब जामुन बनाए जाते हैं। (और पढ़ें - गुलाब जामुन बनाने की विधि)
- दानेदार खोया:
खोये के इस प्रकार में 20 से 25 फीसदी फैट और 35 से 40 फीसदी नमी होती है। दानेदार खोये से कलाकंद और लौकी की बर्फी बनाई जाती है।
(और पढ़ें - सोया मिल्क के फायदे)
खोया में मौजूद पौषक तत्व - Khoya nutritional facts in hindi
खोया से मौजूद पौषक तत्वों को निम्नलिखित चार्ट के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है।
| 100 ग्राम भैस के दूध से बना खोया | पोषक तत्व |
| एनर्जी (ईसीएएलएस) | 421 |
| नमी | 31 |
| प्रोटीन | 15 |
| फैट (वसा) | 31 |
| मिनरल | 3 |
| कार्बोहाइड्रेट | 20 |
| कैल्शियम |
650 |
| फास्फोरस | 420 |
| आयरन | 6 |
(और पढ़ें - कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग)
खोया खाने के फायदे - Khoya khane ke fayde
जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि खोया में कई तरह के पौषक तत्व मौजूद होते हैं। इनसे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। खोया खाने से होने वाले फायदों को आगे विस्तार से बताया गया है।
- हड्डियों को मजबूत बनाता है:
खोया में कैल्शियम, विटामिन डी और विटामिन K पर्याप्त मात्रा में होता है। विटामिन डी से कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद मिलती है, जिससे आपकी हड्डियां मजबूत और स्वस्थ होती है। साथ ही यह आपके दांतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। (और पढ़ें - विटामिन K की कमी का इलाज)
- हृदय के लिए फायदेमंद:
खोये में मौजूद विटामिन K रक्त संचार को बेहतर बनाता है। यह ना सिर्फ आपके हाई बीपी को नॉर्मल करने में सहायक होता है, बल्कि हृदय को भी स्वस्थ्य बनाता है। (और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं)
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है:
खोये में विटामिन बी मौजूद होता है, इसको ही रिबोफ्लेविन कहा जाता है। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। रिबोफ्लेबिन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए जरूरी होता है, क्योंकि इससे ही आप बाहरी हानिकारक तत्वों से सुरक्षित रहते हैं। (और पढ़ें - बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं)
- बालों को मजबूत बनाता है:
रूखे और बेजान बालों के घरेलू उपाय में भी खोया को शामिल किया जाता है। यह एक बेहतर हेयर कंडीशनर होता है, जो बालों की लंबाई को बढ़ाने का काम करता है। (और पढ़ें - रूखे बालों का घरेलू उपाय)
- त्वचा के लिए आवश्यक:
कई लोग अपनी त्वचा को साफ करने के लिए खोये का इस्तेमाल करते हैं। खोया त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाने के साथ ही उसमें चमक को बढ़ाने का भी काम करता है। इसके अलावा यह रूखी और बेजान त्वचा को मॉइश्चराइज करने का भी काम करता है।
(और पढ़ें - मॉइस्चराइजर लगाने का तरीका)
खोया का उपयोग - Khoya ka upyog
खोये या मावे का उपयोग कई चीजों को बनाने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से मिठाईयों जैसे गुलाब जामुन, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद, लड्डू आदि को बनाने के लिए खोया का उपयोग होता है। लेकिन आप इसको सीधे भी खा सकते हैं, सीधे खाने के लिए आपको खोये में मीठा मिलाने की जरूरत होती है। इसके अलावा शाही पनीर के टेस्ट को बढ़ाने के लिए भी उसमें खोया मिलाया जा सकता है।
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गाय और भैंस के दूध से बने खोये में अंतर - Gaay aur bhais ke doodh se bane khoye me antar
दूध से बनने वाला खोया दूध की किस्म के आधार पर अलग अलग हो सकता है। आगे आपको गाय व भैंस के दूध के बीच अंतर को ग्राफ के माध्यम से बताया गया है।
| विशेषता | गाय के दूध से बना खोया | भैंस के दूध से बना खोया |
| रंग | हल्का पीला व भूरा |
सफेद व हल्का भूरा |
| कैसा दिखाता है | ऊपरी परत में नमीं होती है, हल्का सख्त | तैलीय और नरम होता है |
| कैसी खूशबू आती है | दूध की तरह | दूध की तरह |
| टेस्ट कैसा होता है | हल्का नमकीन | हल्का मीठा |
| मिठाई के लिए उपयुक्त | मिठाई बनाने के लिए उपयुक्त | मिठाई बनाने के लिए गाय के दूध से अधिक उपयुक्त |
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खोया को सही रखने के तरीके और मानक - Khoya ko sahi rakhne ke tarike aur manak
खोया को बनाने के बाद उसको लंबे समय तक सही रखने के लिए एक निश्चित तापमान की आवश्यकता होती है। मानकों के अनुसार तैयार खोया में फैट का स्तर 20 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। साथ ही इसको लंबे समय तक सही बनाए रखने के लिए आप इसे 5 से 10 डिग्री सेलसियस तापमान में रखें।
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