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सेक्स मनुष्य के लिए एक आनंद माना जाता है। साथ ही साथ जिनसे हम प्यार करते हैं उनके साथ संभोग (intimate) करना हमे काफी अच्छा लगता है। लेकिन एक या अधिक कारणों से आपकी सेक्स लाइफ मुश्किल में पड़ जाती है। और यह विशेष रूप से निराशाजनक बात है तब जब आप संभोग की शुरुआत करने वाले हों और खुद को किसी दर्द की स्थिति में पाते हों। यहां हम बात कर रहे हैं ऐंठन की। कभी कभी ये ऐंठन हम सभी को अनुभव होती है। इस तरह का अनुभव अजीब और अधिक अप्रिय होता है जो हम सेक्स के दौरान या बाद में महसूस करते हैं। यह तब और शर्मनाक होता है जब हम पहली बार संभोग करने वाले होते हैं। इसके अलावा अगर आप सेक्स के दौरान या बाद में आनंद महसूस नहीं करते हैं तो आपके संबंधों में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है। सेक्स के दौरान ऐंठन होना सामान्य बात है और यह विशेष रूप से महिलाओं के पेट या पैर में होती है और पुरुषों के भी पैर में ये समस्या उत्पन्न होती है। पेट में दर्द अधिक गंभीर हो सकता है और इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं।

(और पढ़ें - सेक्स के बारे में जानकारी)

आज हम आपको ऐंठन के संभावित कारण बताएंगे साथ ही साथ समस्या का समाधान और रोकथाम से भी जुडी कुछ जानकारी देंगे -

  1. सेक्स के दौरान या बाद में ऐंठन होने के कारण - Causes of cramping during and after intercourse in Hindi
  2. सेक्स के दौरान या बाद में ऐंठन होने का उपचार - Treatment of cramping during and after sex in Hindi
  3. सेक्स के दौरान या बाद में ऐंठन के लिए निवारण - Prevention of cramping during and after sex in Hindi
  4. सेक्स के दौरान या बाद में ऐंठन के डॉक्टर

कई ऐसे कारणों की वजह से महिलायें सेक्स के दौरान या बाद में दर्द और ऐंठन का अनुभव कर सकती हैं। औरों की तुलना में कुछ कारण काफी गंभीर हैं।

एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रिओसिस अक्सर सेक्स के दौरान या बाद में दर्द और ऐंठन का कारण बनता है। यह स्थिति तब बनती है जब गर्भाशय के टिश्यू गर्भाशय के बाहर या स्थान से हटकर बनने लगते हैं जहां उन्हें नहीं बनना चाहिए। कभी कभी टिश्यू अंडाशय में बढ़ने लगते हैं। एंडोमेट्रिओसिस से पीड़ित महिलाएं मासिक धर्म के दौरान भी अत्यधिक दर्द का अनुभव महसूस करती हैं। और क्योंकि टिश्यू गर्भाशय के बाहर असामान्य रूप से बढ़ रहे होते हैं तो महिलाओं को संभोग के दौरान भी बेहद दर्द महसूस होता है। (और पढ़ें – एंडोमेट्रिओसिस ट्रीटमेंट)

सूजन की बिमारी

महिलायें जो पैल्विक सूजन की बीमारी (Pelvic inflammatory disease) से जूझ रही होती हैं उन्हें सेक्स के बाद ऐंठन महसूस हो सकती है। पीआईडी का कारण क्लैमाइडिया (chlamydia), यौन संचारित रोग (sexually transmitted disease) या कुछ मामलों में गोनोरिया (gonorrhea) भी हो सकता है। जब पीआईडी होता है तो फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय सूजन का कारण बन जाते हैं जिसके कारण सेक्स के दौरान या बाद में दर्द हो सकता है। (और पढ़ें - सेक्स पावर कैसे बढ़ाएं और सेक्स करने के तरीके)

फाइब्रॉएड या अल्सर

महिलाओं में गर्भाशय फाइब्रॉएड बहुत आम है। ये गैर-कैंसर युक्त ट्यूमर हैं जो गर्भाशय में उत्पन्न होता है। अल्सर अंडाशय पर भी बन सकता है। ये दोनों ही स्थितियां सेक्स के दौरान या सेक्स के बाद ऐंठन का कारण बनती हैं। फाइब्रॉएड मासिक धर्म के दौरान भी रक्तस्राव का कारण बन सकता है। अल्सर के बिगड़ने के बाद महिलाएं बेहद गंभीर ऐंठन का अनुभव करती हैं। कुछ मामलों में ऐंठन कई दिनों तक सूजन के साथ बनी रहती है। फाइब्रॉएड और अल्सर सेक्स के बाद ऐंठन के सबसे सामान्य कारण हैं। हालांकि वे आमतौर पर हानिरहित होते हैं लेकिन अगर आपको बहुत दर्द का सामना करना पड़ रहा है तो अपने डॉक्टर को दिखाना बहुत ज़रूरी है। अल्सर और फाइब्रॉएड को डॉक्टरों द्वारा कम कर दिया जाएगा जिससे कि भविष्य में आपको अधिक दर्द महसूस नहीं होगा। 

ओगाज़्म / ओर्गास्म (orgasm)

कुछ महिलाओं के लिए ओगाज़्म (orgasms) निचले पेट के क्षेत्र में गंभीर ऐंठन पैदा कर सकता है। ऐंठन कुछ घंटों या मिनट के लिए कहीं भी कभी हो सकती है। 35 और 55 वर्ष की आयु के बीच महिलाओं में दर्दनाक ओगाज़्म सबसे आम हो जाता है। महिलायें जो रजोनिवृत्ति की स्थिति में होती है या उसके नजदीक होती है उन्हें दर्दनाक ओगाज़्म और भी ज़्यादा अनुभव होता है।

झुका हुआ गर्भाशय

ज़्यादातर महिलाओं को ऐंठन का अनुभव हो सकता है अगर सेक्स के दौरान गर्भाशय को चोट पहुंची हो तब। यदि आपके साथी के लिंग ने संभोग के दौरान गर्भाशय को चोट पहुंचाई हो तब आपकी मासपेशियां सिकुड़ जाएंगी जिससे की ऐंठन उत्पन्न हो सकती है। कुछ महिलाओं के लिए ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका गर्भाशय झुका हुआ होता है। इस मामले में साथी के लिंग का वहां तक पहुंचना बहुत आसान हो जाता है और जिस कारण दर्द महसूस होता है।

जल्दी गर्भावस्था

गर्भावस्था में संभोग के दौरान या बाद में (ख़ास तौर से गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में) महिलाओं के लिए दर्द या ऐंठन का अनुभव असामान्य नहीं है और खासकर ओगाज़्म के बाद। यह सिकुड़न पीरियड्स में पेट दर्द या ऐंठन की तरह महसूस होती है। कभी-कभी दर्द हल्का होता है और अन्य मामलों में दर्द गंभीर हो सकता है। हल्की गर्भाशय में सिकुड़न सामान्य होती है जिसके बारे में ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि, यदि आप गर्भवती हैं और सेक्स के बाद गंभीर ऐंठन अनुभव कर रही है तो तुरंत अपने चिकित्सक को दिखाएं।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में पेट दर्द करना)

बिना मासिक धर्म के 4 और ऐंठन के कारण

ओवुलेशन

कुछ महिलाओं को ऐंठन का अनुभव ओवुलेशन के दौरान भी होता है जब अंडा अंडाशय से निकल जाता है। अधिकांश महिलाओं को शरीर के एक तरफ इस दर्द का अनुभव होता है। ऐंठन कुछ घंटों के बीच और कुछ दिनों के लिए कभी भी हो सकती है।

रजोनिवृत्ति

महिलायें जो रजोनिवृत्ति के दौर से गुज़र रही होती है वे मासिक धर्म की तरह ऐंठन का अनुभव कर सकती हैं। (और पढ़ें - रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज के बारे में जानिए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जिनसे थे आप अभी तक अनजान)

सर्विकल स्टेनोसिस

यह चिकित्सा स्थिति तब होती है जब गर्भाशय ग्रीवा संकीर्ण हो जाती है जिससे कि रक्त प्रवाह सिमित हो जाता है। जिन महिलाओं को ये स्थिति है उन्हें अनियमित मासिक धर्म होना सामान्य है। और कई बार ऐंठन का अनुभव तब भी होता है जब मासिक धर्म नहीं होते। (और पढ़ें - सर्वाइकल कैंसर का कैंसर)

अंडाशयी कैंसर

ऐंठन बिना मासिक धर्म के होना अंडाशयी कैंसर(Ovarian cancer) के लक्षण हैं। अनियमित मासिक धर्म, पेट संबंधी सूजन, पेट में दबाव या दर्द होना और लगातार पेशाब आना अंडाशयी कैंसर के लक्षण हैं। (और पढ़ें - ओवेरियन कैंसर)

ज्यादातर महिलाओं के लिए ऐंठन यौन संबंध के बाद चिंता का विषय नहीं है। खासकर अगर ये दर्द एक बार हुआ हो या केवल कुछ ही घंटों तक चला हो। हालांकि, सेक्स के बाद अगर आप ऐंठन का अनुभव कर रहे हो तो अपने डॉक्टर को इस बारे में ज़रूर दिखाएँ।

(और पढ़ें - हली बार सेक्स और सेक्स पोजीशन)

आप अपने ऐंठन को रोक सकते हैं। अगर आपको सेक्स के दौरान पैरों में ऐंठन का दर्द महसूस होता है तो धीरे धीरे अपनी संभोग स्थिति को बदल लें। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो खड़े हो जाएं और पैरों की मुद्रा को ऐंठन के दौरान बदल लें। जब आपको यकीन हो जाये कि ऐंठन कम हो गई है तो आप फिर से शुरू कर सकते हैं लेकिन उससे पहले ऐंठन को जांच लें कि अब किसी प्रकार का कही दर्द तो नहीं है। अगर इसा अपने नहीं किया तो ऐंठन फिर से शुरू हो सकती है। अगर ऐंठन पेट की तरफ है तो इसे पहचानना बहुत मुश्किल हो जाता है। हालांकि पेट की मालिश करने से आपकी ऐंठन कम हो सकती है साथ ही आप अपने साथी को संभोग के लिए मना कर सकती हैं। गर्म पानी की बोतल भी दर्द को ठीक करने में मदद कर सकती है।

अगर आप बहुत ज़्यादा ऐंठन की समस्या को झेल रहे हैं तो ज़रूरी है आप अपनी जीवन शैली और आहार में बदलाव लाएं। उदाहरण के लिए, कोशिश करें कि आप अपने आहार में पर्याप्त पोटेशियम लें। पोटैशियम की कमी से आपको ऐंठन की समस्या हो सकती है। संभोग करने से पहले आप अपने पेट और मांसपेशियों में मालिश कर सकते हैं। इससे शरीर में रक्त प्रवाह अच्छे से होगा साथ ही लैक्टिक एसिड(lactic acid) को भी रोकने में मदद मिलेगी।

Dr. Pranay Gandhi

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सेक्सोलोजी

Dr. Tarun

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Dr. Ghanshyam Digrawal

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