myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

एडिनॉइडेक्टमी सूजे हुए या बड़े एडेनोइड्स को निकालने के लिए की जाती है। एडेनोइड्स नाक के पीछे मौजूद ऊतकों की गांठें होती हैं। आमतौर पर ये एडेनोइड्स बैक्टीरिया और वायरस द्वारा फैलाए गए संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। हालांकि, अगर वे बड़े हो जाते हैं तो वे हवा के रास्ते को रोक देते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। बढे हुए एडेनोइड्स से कान का संक्रमण भी हो सकता है और रात को सोने में तकलीफ हो सकती है। इसीलिए एडिनॉइडेक्टमी सर्जरी करवाने की सलाह इन स्थितियों में दी जाती है। बढ़े हुए एडेनोइड्स केवल बच्चों में होते हैं और बड़े होते-होते ये गायब हो जाते हैं या सिकुड़ जाते हैं। इस सर्जरी के लिए व्यक्ति को सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है। ऑपरेशन में तीस मिनट का समय लग सकता है और बच्चे को उसी दिन कुछ घंटों में डिस्चार्ज कर दिया जाता है। सर्जरी से पूरी तरह ठीक होने में व्यक्ति को दो हफ्ते का समय लग सकता है।

  1. एडिनॉइडेक्टमी क्या है - adenoidectomy kya hai
  2. एडिनॉइडेक्टमी क्यों की जाती है - Adenoidectomy kyon ki jati hai
  3. एडिनॉइडेक्टमी से पहले की तैयारी - Adenoidectomy se pehle ki taiyari
  4. एडिनॉइडेक्टमी कैसे होती है - Adenoidectomy kaise hoti hai
  5. एडिनॉइडेक्टमी के बाद देखभाल - Adenoidectomy ke baad dekhbhal
  6. एडिनॉइडेक्टमी के खतरे - Adenoidectomy ke khatre

एडिनॉइडेक्टमी सूजे हुए या बड़े एडेनोइड्स को सर्जरी द्वारा हटाने के लिए की जाती है। 

एडेनोइड्स ऊतकों की छोटी गांठें होती हैं जो कि नाक (मुंह के ऊपरी हिस्से में) के पीछे बन जाते हैं। ये प्रतिरक्षा प्रणाली के एक भाग होते हैं और शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से फैलने वाले संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। बचपन में एडेनोइड्स ग्रंथि बड़ी होती हैं, लेकिन पांच से सात साल की उम्र तक यह सिकुड़ने लगती है। यौनावस्था में पूरी तरह से गायब हो जाते हैं। 

एडिनॉइडेक्टमी तब की जाती है जब एडेनोइड्स बैक्टीरिया और वायरस से लड़ते हुए बड़े या सूज जाते हैं। ये आमतौर पर बच्चों में होता है। कुछ बच्चों में जन्म के साथ ही असामान्य रूप से बड़े एडेनोइड्स होते हैं। जब एडेनोइड्स बढ़ जाते हैं तो वे वायुमार्ग को अवरुद्ध कर देते हैं, जिसके कारण कान के संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ और अन्य तकलीफें हो सकती हैं। ऐसी स्थितियों में एडेनोइड्स को निकालना बहुत जरूरी हो जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि एडेनोइड्स को निकालने से बच्चे की बिमारियों से लड़ने की क्षमता प्रभावित नहीं होती है।

सर्जन आपके बच्चे में एडेनोइड को हटाने की सलाह दे सकते हैं यदि वे बढ़े हुए हैं और निम्नलिखित समस्याओं के कारक बन रहे हैं -

  • सांस लेने में कठिनाई - बढ़े हुए एडेनोइड वायुमार्ग को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे बच्चे को नाक से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके बजाय, बच्चा मुंह से सांस लेता है, जिससे शुष्क मुंह और फटे होंठ जैसी स्थिति हो जाती है।
  • सोने में कठिनाई - नींद के दौरान सांस लेने में कठिनाई हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप स्लीप एपनिया नामक स्थिति हो सकती है। इस स्थिति में अनियमित श्वास, घुटन या हांफती हुई आवाजें आ सकती हैं और नींद के दौरान तेज खर्राटे आते हैं। बच्चा रात में कई बार नींद से जाग सकता है और दिन के दौरान नींद महसूस कर सकता है।
  • लगातार या बार- बार होने वाली साइनसाइटिस - साइनसाइटिस साइनस की सूजन होता है, जो कि माथे और गाल की हड्डी के पीछे मौजूद खोखले, खाली स्थान होते हैं जो नाक से जुड़ते हैं। साइनसाइटिस के कारण चेहरे का दर्द और नाक बहती है।
  • लगातार या बार-बार होने वाली कान की समस्याएं - सूजन वाले एडेनोइड्स कान की समस्याओं का कारण बनते हैं, जैसे कि कान के संक्रमण और मध्य कान के अंदर तरल पदार्थ का निर्माण। कान की इन समस्याओं से कान में दर्द, थकान और सुनने में कठिनाई हो सकती है।

यदि आपके बच्चे को बार-बार टॉन्सिलाइटिस हो तो सर्जन इस सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

सर्जन पहले आपके बच्चे के एक्स-रे करेंगे या उसकी नाक के अंदर एक छोटा कैमरा लगाकर आपके बच्चे के एडेनोइड्स की जांच कर सकते हैं। इस तरह के इमेजिंग परीक्षण डॉक्टर को बढ़े हुए एडेनोइड को देखने और यह तय करने में मदद करेंगे कि क्या एडिनॉइडेक्टमी वास्तव में जरूरी है।

सर्जन सर्जरी से पहले बच्चे की तैयारी के लिए निम्नलिखित निर्देश दे सकते हैं -

  • अपने बच्चे को ब्लड थिनर (एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन) जैसी दवाएं देने से बचें, जब तक कि डॉक्टर द्वारा सलाह न दी जाए
  • आपको सर्जरी से एक रात पहले, आधी रात के बाद अपने बच्चे को भोजन या पेय नहीं देने के लिए कहा जा सकता है
  • आपको एक सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होगी, जो प्रक्रिया के लिए आपकी स्वीकृति देता है
  • प्रक्रिया के दिन बच्चे को कम पानी के साथ दवाएं लेनी चाहिए

एडिनॉइडेक्टमी एक सामान्य और छोटी प्रक्रिया है जो कि कान, गले और नाक के सर्जन द्वारा की जाती है। सर्जरी के लिए बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे बच्चा सर्जरी के दौरान सो जाता है। इस प्रक्रिया में निम्न चरण होते हैं -

  • एनेस्थिसियोलॉजिस्ट आपके शिशु को आरामदायक महसूस करवाएंगे और फिर जनरल एनेस्थीसिया दे दिया जाएगा। यह गैस के माध्यम से या फिर इंजेक्शन के जरिए दिया जाएगा। गैस से देने के कुछ समय के बाद बच्चा सो जाता है और इजेक्शन देने के तुरंत बाद ही बच्चा सो जाता है
  • इसके बाद बच्चे को ऑपरेशन रूम में ले जाया जाता है 
  • सर्जन बच्चे का मुंह खोलेंगे और उसमें रिट्रेक्टर उपकरण डालेंगे 
  • इसके बाद सर्जन क्यूरेट उपकरण का प्रयोग करेंगे या फिर ऐसे ही उपकरण से एडेनोइड को निकाल देंगे 
  • एडेनोइड्स को निकालने के बाद सर्जन इलेक्ट्रोकॉटरी या एब्लेशन प्रक्रिया से रक्तप्रवाह रोकेंगे। इलेक्ट्रोकॉटरी में एक उपकरण जो कि बिजली की मदद से ऊतक को गर्म करता है का प्रयोग किया जाता है वहीं कोबलेशन में ऊतक को रेडियो तरंगों से गर्म किया जाता है

सर्जरी को पूरा होने में तीस मिनट का समय लग सकता है। अस्पताल का स्टाफ बच्चे को रिकवरी वार्ड में ले जाएगा। बच्चे की नब्ज, तापमान, पल्स और घाव की जांच की जाएगी। सर्जरी के कुछ घंटों बाद बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। जब वह उठेगा तो ठीक तरह से सांस ले पाएगा, निगल पाएगा और खांसने में भी तकलीफ नहीं होगी।

आपके बच्चे को सर्जरी से पूरी तरह से ठीक होने के लिए एक से दो सप्ताह की आवश्यकता हो सकती है। आप सर्जरी के बाद निम्नलिखित की उम्मीद कर सकते हैं।

  • सर्जरी के बाद बच्चे का गला बैठना सामान्य बात है। दर्द के लिए बच्चे को दर्द निवारक दिया जाएगा
  • बच्चा कुछ हफ्तों के लिए निम्नलिखित लक्षणों का भी अनुभव कर सकता है -

इन लक्षणों को आमतौर पर किसी भी उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।

  • आपका बच्चा सर्जरी के तुरंत बाद सामान्य रूप से खाने में सक्षम होगा। भोजन को निगलने में आसानी के लिए आप बच्चे को एक घंटे पहले दर्द निवारक दवा दे सकते हैं।
  • आप गले में दर्द के साथ नरम खाद्य पदार्थ भी दे सकते हैं, जैसे कि तले हुए अंडे, मसले हुए आलू, स्मूदी इत्यादि।
  • निर्जलीकरण से बचने के लिए बच्चे को प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थ पीने के लिए कहें।
  • रिकवरी के दौरान बच्चे को निम्नलिखित खाद्य पदार्थ देने से बचें -
  • आपके बच्चे को उनकी नाक से बुरी गंध का अनुभव हो सकता है, जो लगभग एक सप्ताह के समय में ठीक हो जाएगा। इसे कम करने के लिए एंटीबायोटिक्स दी जा सकती हैं
  • सर्जन आपको बच्चे को एस्पिरिन युक्त दवाएं देने से बचने के लिए कहेंगे
  • संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए बच्चे को स्कूल जाने से पहले लगभग 10 दिनों तक आराम करने की आवश्यकता होगी

इस सर्जरी के बाद, बच्चा नाक के माध्यम से ठीक से सांस ले पाएगा। बच्चे को गले में खराश और कान के संक्रमण भी कम होंगे।

यह सर्जरी काफी सुरक्षित है। इस सर्जरी से जुड़ी जटिलताएं दुर्लभ हैं, लेकिन निम्नलिखित जटिलताओं की थोड़ी आशंका है -

  • रक्तस्त्राव
  • संक्रमण
  • टूटा हुआ दांत
  • एनेस्थीसिया से एलर्जी
और पढ़ें ...

References

  1. Cleveland Clinic. [Internet]. Cleveland. Ohio. US; Adenoidectomy
  2. National Health Service [internet]. UK; Adenoidectomy
  3. Wetmore RF. Tonsils and adenoids. In: Kliegman RM, Stanton BF, St. Geme JW, Schor NF, eds. Nelson Textbook of Pediatrics. 20th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2016:chap 383.
  4. Flint PW, Haughey BH, Lund V, et al, eds. Cummings Otolaryngology: Head and Neck Surgery. 6th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2015:chap 195, 184.
  5. Miller BJ, Gupta G. Adenoidectomy. [Updated 2020 Feb 6]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2020 Jan
  6. Stanford Children's Health: Lucile Packard Children's Hospital, Stanford; Velopharyngeal Insufficiency (VPI)
  7. Oxford University Hospitals [internet]: NHS Foundation Trust. National Health Service. U.K.; Adenoid surgery
  8. Centers for Disease Control and Prevention [internet]. Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Facts about Cleft Lip and Cleft Palate
ऐप पर पढ़ें
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ