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यह एक सामान्य प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है, जिसका इस्तेमाल शरीर में सूजन व जलन आदि की जांच करने के लिए किया जाता है। सेंडिमेंटेशन रेट को एरिथ्रोसाइट सेंडिमेंटेशन रेट (ईएसआर) के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि ईएसआर रेट, ट्यूब में सैंपल के रूप में निकाले गए खून में लाल रक्त कोशिकाओं (एरिथ्रोसाइट) के नीचे गिरने (सेंडिंमेंट का रूप) की गति मापने का एक माप होता है। सेंडिमेटेशन रेट को अक्सर  ईएसआर (ESR) के रूप में संक्षिप्त में व्यक्त किया जाता है।

सूजन, जलन या संक्रमण आदि खून में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा देते हैं, जिसे लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से स्थिर होने लगती हैं। जब ऐसा होता है, तो ईएसआर का स्तर उच्च हो जाता है।

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हालांकि, यह किसी विशेष समस्या की जांच करने में सीधे मदद नहीं करता, ईएसआर टेस्ट डॉक्टरों को यह जानने में मदद करता है कि क्या असली समस्या का पता लगाने के लिए किसी अन्य टेस्ट की आवश्यकता है। इस टेस्ट का इस्तेमाल यह जानने के लिए भी किया जाता है कि जिस बिमारी के लिए मरीज का उपचार हो रहा है, उस उपचार के प्रति मरीज कैसा प्रतिक्रिया दे रहा है।

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  1. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट क्या होता है? - What is Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi?
  2. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट क्यों किया जाता है? - What is the purpose of Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi
  3. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट से पहले - Before Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi
  4. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट के दौरान - During Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi
  5. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट के बाद - After Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi
  6. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं? - What are the risks of Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test in Hindi
  7. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है? - What do the results of Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test mean in Hindi
  8. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट कब करवाना चाहिए? - When to get Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test
  9. एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट कैसे किया जाता है? - How is the Erythrocyte Sedimentation Rate (ESR) Test done?

ईएसआर टेस्ट क्या होता है?

ईरिथ्रोसाइट सेंडिमेंटेशन रेट एक प्रकार का खून टेस्ट होता है, इसकी मदद से यह मापा जाता है कि एरिथ्रोसाइट (लाल रक्त कोशिकाएं) कितनी जल्दी टेस्ट ट्यूब के निचले हिस्से में स्थिर हो रही हैं, इस टेस्ट ट्यूब में खून के सैंपल होते हैं। सामान्य रूप से लाल रक्त कोशिकाएं धीरे-धीरे स्थिर होती हैं।

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ईएसआर टेस्ट क्यों किया जाता है?

यह टेस्ट किसी विशेष समस्या या स्थिति की जांच नहीं करता। बल्कि यह जानने में डॉक्टर की मदद करता है कि मरीज को इन्फ्लामेशन (सूजन, जलन और लालिमा आदि) है या नहीं। स्थिति का पता के लिए डॉक्टर अन्य टेस्ट रिजल्टों के साथ ईएसआर टेस्ट के रिजल्ट चेक करते हैं। टेस्ट के आदेश मरीज के लक्षणों के आधार पर दिया जाता है। ईएसआर टेस्ट की मदद से सूजन व जलन से संबंधित रोगों की निगरानी भी की जा सकती है।

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ईएसआर का सामान्य से अधिक स्तर निम्न संकेत दे सकता है:

  • शरीर में सूजन व जलन होना,
  • प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया से सूजन होना।
  • यह संक्रमण या किसी चोट की प्रतिक्रिया हो सकती है।
  • सूजन एक पुरानी बीमारी का संकेत हो सकती है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली विकार,
  • अन्य मेडिकल स्तिथियां।

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ईएसआर टेस्ट करवाने से पहले क्या करना चाहिए?

टेस्ट करवाने से पहले कुछ विशेष तैयारी करने की जरूरत नहीं होती। यह एक सामान्य खून टेस्ट की तरह होता है।

अगर आप कुछ दवाएं या सप्लिमेंट्स आदि ले रहे हैं, तो उस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। क्योंकि कुछ प्रकार की दवाएं ऐसी होती हैं, जो टेस्ट के रिजल्ट में गड़बड़ी कर सकती हैं। अगर आप गर्भवती हैं, या मासिक धर्म चल रहे हैं, तो इस बारे में भी डॉक्टर को जरूर बताएं।

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ऐसे कई प्रकार की दवाएं व ड्रग्स हैं, जो ईएसआर के टेस्ट रिजल्ट को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • एण्ड्रोजन, जैसे टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)
  • एस्ट्रोजन (Estrogen)
  • एस्पिरिन या अन्य सैलिसिलेट, (अधिक मात्रा में लिए जाने पर)
  • वैल्प्रोइक एसिड (Valproic acid)
  • डिवैलप्रोएक्स सोडियम (Divalproex sodium)
  • फिनेटोइन (Phenytoin)
  • हेरोइन (Heroin)
  • मेथाडोन (Methadone)
  • फेनाथायज़िन्स (Phenothiazines)
  • प्रेडनिसोन (Prednisone)

अगर आप इन में से किसी भी दवा को ले रहे हैं तो टेस्ट करने से पहले डॉक्टर आपको इन दवाओं को कुछ समय के लिये छोड़ने के लिए कह सकते हैं।

ईएसआर टेस्ट के दौरान क्या किया जाता है

ईएसआर टेस्ट के दौरान डॉक्टर या नर्स एक छोटी सुई द्वारा मरीज के बांह से खून का सैंपल निकालते हैं।

इसके लिए सबसे पहले बांह के उपरी सिरे को किसी पट्टी के साथ बांध दिया जाता है, जिसे नसों में खून भर जाता है, और वे उभर कर स्पष्ट दिखने लग जाती हैं। उसके बाद जिस जगह पर सुई लगानी होती है, उस जगह को एंटीसेप्टिक दवा द्वारा किटाणु रहित किया जाता है, और फिर नस में सुई को लगाया जाता है। सुई लगाते और निकालते समय मरीज को थोड़ा चुभन जैसा दर्द महसूस हो सकता है। खून के सैंपल को किसी छोटी शीशी या ट्यूब में रखा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कुछ मिनट का समय लगता है।

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ईएसआर टेस्ट के बाद क्या होता है?

सुई निकालने के बाद खून रोकने के लिए उस जगह पर रुई के साथ बैंडेज लगा दी जाती है। खून निकालने के कारण आपको कुछ देर तक चुभन महसूस होती है। इसके बाद सुई लगी हुई जगह पर छोटा सा नीला निशान भी पड़ सकता है। सैंपल लेने के बाद आपको थोड़ा चक्कर जैसा महसूस हो सकता है, दर्द महसूस हो सकता है और थोड़ा बहुत खून भी बह सकता है।

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एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर) टेस्ट के क्या जोखिम हो सकते हैं?

हालांकि, ईएसआर टेस्ट में स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम कम ही होते हैं। लेकिन यह भी काफी संभव है कि मरीज को निम्न में से एक या अधिक जटिलताएं एक साथ अनुभव हो सकती हैं।

  • जहां पर सुई लगी थी, वहां से अधिक खून बहना
  • नीला निशान पड़ना या हेमेटोमा
  • बेहोशी
  • चक्कर आना
  • नस में सूजन होना
  • संक्रमण

हल्का व धीमा दर्द होना तो अनिवार्य होता है, खासकर जब सुई त्वचा में घुसती है। किसी को सुई लगने वाली जगह में फड़क (Throb) महसूस हो सकती है। लेकिन यह दर्द कुछ मिनटों में गायब हो जाती है।

ईएसआर टेस्ट के  रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

सामान्य रेंज:

आम तौर पर, ईएसआर टेस्ट के परिणाम को मिलीमीटर प्रति घंटा (mm/hr) में मापा जाता है। ईएसआर खून टेस्ट की सामान्य रेंज निम्न है:

  • 50 साल से कम उम्र वाले पुरूषों का ईएसआर रेट 15 मिमी/घंटा (15 mm/hr) से नीचे होना चाहिए।
  • 50 साल से कम उम्र वाली महिलाओं का ईएसआर रेट 20 मिमी/घंटा से नीचे होना चाहिए।
  • 50 साल से ज्यादा उम्र वाले पुरूषों का ईएसआर रेट 20 मिमी/घंटा से नीचे होना चाहिए।
  • 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं का ईएसआर रेट 30 मिमी/घंटा से नीचे होना चाहिए।
  • नवजात शिशुओं का ईएसआर रेट 2 मिमी/घंटा के अंदर होना चाहिए।
  • बच्चे जो हाल ही में यौवन अवस्था (Puberty) में आए हैं, उनके ईएसआर का स्तर 2 से 13 मिमी/घंटा के बीच होना चाहिए।

ईएसआर टेस्ट के उच्च रिजल्ट:

ऐसे कई कारण हैं, जो शरीर में ईएसआर स्तर को बढ़ा सकते हैं। कुछ सामान्य परिस्थितियां जिनमें निम्न शामिल हो सकती हैं:

टेस्ट का रिजल्ट सामान्य से अधिक होने की समस्या स्व-प्रतिरक्षित विकार से भी जुड़ी हो सकती है।

कुछ प्रकार के संक्रमण के कारण भी ईएसआर टेस्ट का रिजल्ट सामान्य स्तर से ऊपर-नीचे हो सकता है, जिनमें मुख्य संक्रमण शामिल हैं:

ईएसआर टेस्ट के निम्न रिजल्ट –

ईएसआर टेस्ट रिजल्ट के निम्न स्तर को समस्या नहीं माना जाता। हालांकि, अगर स्तर अधिक कम है तो यह एक संकेत के रूप में समझा जाता है कि मरीज निम्न समस्याओं में से एक या अधिक बीमारियों से पीड़ित हो सकता है।

  • सिकल सेल एनीमिया (Sickle cell anemia)
  • कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive heart failure)
  • हाइपरवाइसकोसिटी (Hyperviscosity)
  • ल्यूकोसाइटोसिस (Leukocytosis)
  • पोलिसिथिमिया (Polycythemia)

ईएसआर टेस्ट कब करवाना चाहिए?

बहुत ही कम मालमों में अकेले ईएसआर टेस्ट को किया जाता है। डॉक्टर इस टेस्ट के साथ अन्य कई टेस्ट करते हैं, ताकि लक्षणों के कारणों को ठीक से निर्धारित किया जा सके। अगर आपको निम्न में से कोई समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर ईएसआर टेस्ट का आदेश दे सकते हैं:

शरीर में सूजन (Inflammation) का पता लगाने के लिए डॉक्टर ईएसआर टेस्ट करवाने का आदेश दे सकते हैं। यह सूजन का कारण बनने वाली स्थितियों की जांच करने में उपयोगी हो सकती है, जैसे कि;

  • स्व-प्रतिरक्षित विकार
  • कैंसर
  • संक्रमण
  • लुपस (यह एक स्व-प्रतिरक्षित विकार होता है, जो त्वचा, जोड़ों और शरीर के अन्य भागों को नुकसान पहुंचा देता है।)
  • पोलिमायल्जिया रूमेटिका (इससे मांसपेशियों में दर्द व अकड़न होने लगता है।)
  • संधिशोथ (यह एक स्व-प्रतिरक्षित विकार होता है, जो शरीर के जोड़ों को प्रभावित करता है।)
  • सिस्टेमिक वैस्कुलाइटिस (रक्तवाहिकाओं में सूजन होना)
  • टेम्पोरल आर्टेराईटिस (मस्तिष्क की रक्तवाहिकाओ में सूजन, खासकर उन धमनियों में जो माथे की बराबर से होते हुऐ मस्तिष्क में जाती हैं)

ईएसआर टेस्ट का इस्तेमाल सूजन संबंधी समस्याओं पर नजर रखने के लिए भी किया जाता है, जैसे कि रूमेटाइड आर्थराइटिस या सिस्टेमिक लुपस एरिथेमेटोसस के मामले में।

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ईएसआर टेस्ट कैसे किया जाता है?

खून के सैंपल को लेबोरेटरी ले जाया जाता है, जहाँ जाँच के 1 या 2 घंटे के बाद रिजल्ट का पता लग जाता है।

इस दौरान लैब के तकनिशियन लाल रक्त कोशिकाओं को एक लंबी तथा पतली ट्यूब में रख देते हैं और चेक करते हैं कि एक घंटे में वे कितना नीचे गिरती हैं। अगर आपके शरीर में सूजन है, तो खून में असामान्य प्रोटीन लाल रक्त कोशिकाओं को गुच्छों में बदल देते हैं। रक्त कोशिकाओं के गुच्छों में ज्यादा वजन होने के कारण वे जल्दी नीचे गिरते हैं।

लाल रक्त कोशिकाएं जितना जल्दी नीचे गिरती हैं, शरीर में उतनी ही अधिक सूजन होती है।

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