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परिचय

आपकी त्वचा आपको रोगाणुओं से बचाने का कम करती है, लेकिन कई बार वह खुद ही रोगाणुओं से संक्रमित हो जाती है। यदि त्वचा पर कोई कट या खरोंच लगी हुई है, तो आपको इससे स्किन इन्फेक्शन हो सकता है। त्वचा में कट या खरोंच लगने के कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं, जैसे त्वचा पर किसी तेज धार वाली धातु से चोट लगना, टैटू बनवाना, कान या नाक छिदवाना, कीट का डंक मारना या जानवर द्वारा काट लेना आदि। जब आपकी त्वचा संक्रमित होती है, तब आपको त्वचा में जलन, लालिमा, खुजली या पस निकलना आदि जैसे लक्षण होने लग जाते हैं।

डॉक्टर आपकी जांच करने के दौरान आप से आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी लेंगे और आपको कौन-कौन से लक्षण महसूस हो रहे हैं आदि जैसे सवाल पूछेंगे। इसके अलावा डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं जैसे कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट, बैक्टीरियल ब्लड कल्चर और पस कल्चर सेंसिटिविटी टेस्ट आदि। सामान्य स्वच्छता अपना कर स्किन इन्फेक्शन से बचाव किया जा सकता है। बार-बार हाथ धोने की आदत और अपने तौलिये व कपड़ों को किसी के साथ शेयर ना करना सामान्य स्वच्छता के कुछ उदाहरण हैं। 

स्किन इन्फेक्शन के इलाज में मुख्य रूप से एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है, इन दवाओं ओरल (खाने के लिए टेबलेट) या इंट्रावेनस (सुई द्वारा नसों में) के रूप में दी जा सकती है। इंट्रावेनस दवाओं को आमतौर पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करके ही दिया जाता है। इसके अलावा आपको इन्फेक्शन की जगह पर लगाने के लिए एंटीसेप्टिक मलहम भी दी जाती है। यदि स्किन इन्फेक्शन का इलाज जल्द से जल्द ना किया जाए तो शरीर के कई हिस्सों तक फैल सकता है। 

(और पढ़ें - चर्म रोग का इलाज)

  1. स्किन इन्फेक्शन क्या है?
  2. त्वचा संक्रमण के प्रकार - Types of Skin Infections in Hindi
  3. स्किन इन्फेक्शन के लक्षण - Skin Infections Symptoms in Hindi
  4. त्वचा में संक्रमण के कारण व जोखिम कारक - Skin Infections Causes & Risk Factors in Hindi
  5. त्वचा के संक्रमण से बचाव - Prevention of Skin Infections in Hindi
  6. त्वचा के संक्रमण की जांच - Diagnosis of Skin Infections in Hindi
  7. स्किन इन्फेक्शन का इलाज - Skin Infections Treatment in Hindi
  8. त्वचा के संक्रमण की जटिलताएं - Skin Infections Complications in Hindi
  9. स्किन इन्फेक्शन के घरेलू उपाय
  10. स्किन इन्फेक्शन की दवा - Medicines for Skin Infections in Hindi
  11. स्किन इन्फेक्शन की दवा - OTC Medicines for Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन क्या है?

स्किन इन्फेक्शन क्या है?

स्किन इन्फेक्शन मुख्य रूप से बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। यह इन्फेक्शन आमतौर पर त्वचा में कोई कट, खरोंच या चोट लगने के बाद शुरू होता है।

जिन लोगों को डायबिटीज या प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाला कोई रोग है तो उनको स्किन इन्फेक्शन होने की संभावना अधिक होती है। स्किन इन्फेक्शन के कारण त्वचा में लालिमा, खुजली व सूजन होने लग जाती है और मवाद बन जाता है।

(और पढ़ें - डायबिटीज में परहेज)

त्वचा संक्रमण के प्रकार - Types of Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन कितने  प्रकार का होता है?

स्किन इन्फेक्शन के कुछ सामान्य प्रकार निम्नलिखित हैं:

बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है, मरीज को ये दवाएं खाने की टेबलेट या लगाने की क्रीम के रूप में दी जा सकती हैं। स्किन बैक्टीरियल इन्फेक्शन के उदाहरणों में शामिल हैं:

वायरल स्किन इन्फेक्शन यदि गंभीर नहीं है, तो अक्सर वह अपने आप ही ठीक हो जाता है। त्वचा में वायरल इन्फेक्शन में निम्नलिखित इन्फेक्शन शामिल हैं:

(और पढ़ें - खसरा में क्या करना चाहिए)

फंगल इन्फेक्शन आमतौर पर शरीर के नम क्षेत्रों में ही होता है। इसका इलाज आमतौर पर एंटीफंगल दवाओं से किया जाता है। फंगल इन्फेक्शन के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:

(और पढ़ें - योनि में यीस्ट संक्रमण का इलाज)

त्वचा में परजीवी संक्रमण छोटे कीट आदि के काटने पर होता है, जैसे: 

(और पढ़ें - सिर में जूँ का इलाज)

स्किन इन्फेक्शन के लक्षण - Skin Infections Symptoms in Hindi

स्किन इन्फेक्शन के लक्षण क्या हैं?

स्किन इन्फेक्शन के दौरान आपको प्रभावित त्वचा में खुजली व दर्द महसूस हो सकता है और त्वचा को छूने पर दर्द और बढ़ जाता है। स्किन इन्फेक्शन में त्वचा पर फफोले बन सकते हैं और उनके फूटने के बाद उन पर ब्राउन रंग की पपड़ी बन जाती है। 

यह शरीर के कई अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकता है, जैसे चेहरा, बाहें और टांगें आदि। यह शरीर के उन क्षेत्रों में भी हो सकता है, जो आमतौर पर नम रहते हैं जैसे कांख, गर्दन की त्वचा में पड़ने वाली सिलवटें और जननांग व जांघों के बीच की त्वचा आदि। 

(और पढ़ें - स्किन एलर्जी का इलाज)

स्किन इन्फेक्शन के सामान्य लक्षण व संकेत निम्नलिखित हैं:

  • त्वचा में लालिमा या रंग बिगड़ना
  • सूजन
  • त्वचा गर्म महसूस होना
  • त्वचा गलना या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना
  • दर्द होना और छूने पर दर्द और बदतर हो जाना
  • त्वचा पर पपड़ी बनना और खुजली होना
  • फुन्सी या दाना बनना और उससे पस निकलना

(और पढ़ें - सोरायसिस का इलाज)

इस क्षेत्र की त्वचा कठोर व टाइट हो जाती है और घाव के अंदर से खून की धारीयों के निशान बन जाते हैं। घाव में इन्फेक्शन होने के कारण बुखार भी हो सकता है, ऐसा खासकर तब होता है जब इन्फेक्शन खून में फैल जाता है।

(और पढ़ें - बुखार में क्या खाएं)

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको नीचे दी गई समस्याओं में से कोई समस्या महसूस हो रही है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखा लें:

  • यदि खरोंच या कट के आस-पास की त्वचा में लालिमा व सूजन आ गई है और उसे छूने पर दर्द होता है।
  • यदि प्रभावित त्वचा में लाल लकीरें बन गई हैं।
  • यदि घाव में पस बनने लगा है। 
  • यदि इन्फेक्शन तेजी से फैलता जा रहा है या घाव बदतर होते जा रहे हैं। (और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन का इलाज)
  • यदि त्वचा में कोई खरोंच या कट एक हफ्ते से ज्यादा दिनों तक भी ठीक नहीं हुआ है।
  • यदि आप प्रभावित त्वचा वाले अंग को ठीक से हिला नहीं पा रहे हैं या उस क्षेत्र को ठीक से महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
  • यदि आपको बुखार है या आप स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं।

(और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)

त्वचा में संक्रमण के कारण व जोखिम कारक - Skin Infections Causes & Risk Factors in Hindi

स्किन इन्फेक्शन क्यों होता है?

स्किन इन्फेक्शन के कारण उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं:

  • बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन तब होता है, जब त्वचा में कहीं पर चोट या खरोंच लगी हो और बैक्टीरिया उसके अंदर चले जाएं। यदि आपकी त्वचा पर कोई खरोंच या कट लगा है, तो इसका मतलब जरूरी नहीं है कि आपको बैक्टीरियल इन्फेक्शन होगा। लेकिन यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो आपको बैक्टीरियल  इन्फेक्शन होने के का खतरा बढ़ जाता है। किसी बीमारी के कारण या किसी दवा के साइड इफेक्ट के रूप में भी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। (और पढ़ें - प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने के उपाय)
  • आपकी त्वचा के अंदर और बाहरी वातावरण के अंदर अच्छे व बुरे दोनों प्रकार के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। 
  • कई बार आपकी त्वचा में होने वाले बैक्टीरिया या वातावरण के बैक्टीरिया के कारण बालतोड़ जैसा स्किन इन्फेक्शन हो जाता है। यह इन्फेक्शन छोटा होता है, जो आराम से ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार यह बड़ा व गंभीर हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई बार यह शरीर के अन्य भागों या खून में फैल जाता है। (और पढ़ें - ब्लड इन्फेक्शन कैसे होता है​)
  • कभी-कभी आपके बच्चे की त्वचा पर किसी प्रकार का कट या खरोंच लग सकती है या कोई कीड़ा भी काट सकता है। इस स्थिति में होने वाले घाव को यदि साफ व ढक कर रखा जाए, तो वह ठीक हो जाता है। यदि वह घाव खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाता है, तो सेलुलाइटिस या इम्पेटिगो जैसे गंभीर स्किन इन्फेक्शन हो सकते हैं। 

बैक्टीरिया निम्नलिखित माध्यम से दूसरों में भी फैल सकते हैं:

  • त्वचा से करीबी संपर्क से
  • तौलिया या टूथब्रश जैसी चीजें शेयर करने से
  • खांसी या छींक आने के दौरान मुंह से पानी की सूक्ष्म बूंदे हवा में मिलने और उस हवा में किसी अन्य व्यक्ति के सांस लेने से, आदि। 
     (और पढ़ें - खांसी का घरेलू उपाय)

स्किन इन्फेक्शन होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ लोगों में स्किन इन्फेक्शन होने का खतरा विशेष रूप से अधिक होता है, जैसे:

  • डायबिटीज से ग्रस्त लोग जिनके शरीर में खून का बहाव कम हो जाता है, विशेष रूप से हाथों व पैरों में और खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। (और पढ़ें - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)
  • वे लोग जिनकी उम्र अधिक हो गई है। (वृद्धावस्था)
  • एचआईवी एड्स या हेपेटाइटिस से ग्रस्त लोग या प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधित अन्य किसी बीमारी से ग्रस्त लोग।
  • वे लोग जिनका कीमोथेरेपी से इलाज हो रहा है या कोई अन्य दवा ले रहें हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के असर को कम कर देती है।  (और पढ़ें - हेपेटाइटिस बी का इलाज)
  • स्थिर या कम गतिविधि करने वाले लोग जैसे - लकवा से ग्रस्त या बिस्तर पर पड़े लोग। 
  • कुपोषण से ग्रस्त लोग।

त्वचा का जो हिस्सा चोट लगने, खरोंच लगने या सूरज की रौशनी से क्षतिग्रस्त (सनबर्न) हुआ है, उनमें स्किन इन्फेक्शन होने की संभावना अधिक होती है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

त्वचा के संक्रमण से बचाव - Prevention of Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन की रोकथाम कैसे करें?

नियमित रूप से अपने हाथों को अच्छे से धोना स्किन इन्फेक्शन से बचाव करने का एक अच्छा तरीका है। स्किन इन्फेक्शन से बचाव करने में मुख्य रूप से त्वचा को साफ रखना और चोट आदि लगने से बचाना शामिल है। जब त्वचा में कट या खरोंच लगती है, तो चोट को तुरंत साबुन से धो लेना चाहिए और फिर उसे एक स्वच्छ पट्टी के साथ ढक लेना चाहिए। 

स्किन इन्फेक्शन से बचाव करने के लिए कुछ अन्य तरीके भी हैं, जैसे:

  • एक्सरसाइज के उपकरण आदि जैसी चीजों (जिन्हें अन्य लोग भी इस्तेमाल करते हैं) को सीधे त्वचा पर ना लगने दें, संभव हो तो त्वचा व उनके बीच एक स्वच्छ तौलिया रख लें।
  • ऐसी चीजों से दूर रहें जो दूषित हो सकती हैं (और पढ़ें - एक्सरसाइज करने का सही टाइम)
  • तौलिये, साबुन, रेजर, टूथब्रश और अन्य पर्सनल चीजों को अन्य लोगों के साथ शेयर ना करें
  • नहाने के दौरान इस्तेमाल किए गए तौलिये को फिर से उपयोग करने से पहले धो लें

(और पढ़ें -  कार्डियो एक्सरसाइज कैसे करे)

त्वचा के संक्रमण की जांच - Diagnosis of Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन का परीक्षण कैसे किया जाता है?

स्किन इन्फेक्शन के कारण का सटीक रूप से पता लगाने के लिए एक अच्छा मेडिकल टेस्ट करना आवश्यक होता है। डॉक्टर अक्सर इन्फेक्शन की जगह व घाव आदि को देखकर ही स्किन इन्फेक्शन के प्रकार की पहचान कर लेते हैं। 

परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपसे लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं और घाव, चकत्ते या फुंसी आदि की बारीकी से जांच कर सकते हैं। उदाहरण के लिए दाद अक्सर गोल आकार का पपड़ीदार चकत्ता होता है। कुछ अन्य मामलों में स्किन इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए प्रभावित त्वचा में से ऊतक का सेंपल ले लिया जाता है और उसकी जांच की जाती है। 

हल्के स्किन इन्फेक्शन व ऊपरी त्वचा पर होने वाले इन्फेक्शन की जांच आमतौर पर शारीरिक परीक्षण, लक्षणों और अवधि के आधार पर की जाती है। जांच के दौरान यह सटीक रूप से पता नहीं लग पाता कि किस रोगाणु के कारण इन्फेक्शन हुआ है और इसके लिए कौन सा इलाज प्रभावी रहेगा। इसके बारे में सटीक जानकारी के लिए लैब टेस्ट करवाने की आवश्यकता पड़ती है।

(और पढ़ं - यूरिक एसिड टेस्ट क्या होता है)

स्किन इन्फेक्शन की जांच करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लेबोरेटरी टेस्ट -

इनमें टेस्ट शामिल हैं:

  • बैक्टीरियल कल्चर:
    यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए सबसे मुख्य टेस्ट होता है। इसके रिजल्ट आमतौर पर 24 से 48 घंटों के बीच में आते हैं।
     
  • माइक्रोस्कोपिक परीक्षण:
    इस टेस्ट में आपके शरीर से खून लेकर उसकी माइक्रोस्कोप के द्वारा जांच की जाती है। इस टेस्ट का रिजल्ट आमतौर पर उसी दिन आ जाता है। यह टेस्ट आपकी त्वचा में इन्फेक्शन का कारण बनने वाले सूक्ष्मजीव के बारे में कुछ प्रारंभिक जानकारी प्रदान करता है।
     
  • पस कल्चर और एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी टेस्टिंग:
    इसमें घाव से निकलने वाले पदार्थ की जांच करके बैक्टीरिया की पहचान की जाती है। इसके अलावा इस टेस्ट की मदद से कुछ निश्चित प्रकार की दवाओं के प्रति संवेदनशीलता की जांच करके उचित इलाज का चयन किया जाता है। टेस्ट के रिजल्ट आमतौर पर 24 घंटों के भीतर आते हैं। यदि दवा किसी बैक्टीरिया पर बेअसर है, तो इस टेस्ट की मदद ये ऐसे बैक्टीरिया का भी पता लगाया जा सकता है।

(और पढ़ं - एसजीपीटी टेस्ट क्या है)

स्किन इन्फेक्शन की जांच करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ अन्य टेस्ट जैसे:

  • केओएच टेस्ट:
    यह एक रैपिड टेस्ट (जल्दी हो जाने वाला) है, जिसका उपयोग सेंपल में फंगी का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के दौरान सेंपल में एक विशेष प्रकार का घोल मिलाया जाता है और फिर उसको कांच की स्लाइड पर रखा जाता है। माइक्रोस्कोप मशीन की मदद से इस मिश्रण की जांच की जाती है। (और पढ़ं - स्टूल टेस्ट क्या है)
     
  • फंगल कल्चर:
    जब डॉक्टर को फंगल इन्फेक्शन पर संदेह होता है, तो यह टेस्ट किया जाता है। फंगी बहुत धीरे-धीरे बढ़ते हैं और इसलिए उनकी पहचान करने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं। (और पढ़ं - पैप स्मीयर टेस्ट क्या है)
     
  • ब्लड कल्चर:
    यह टेस्ट तब किया जाता है, जब इन्फेक्शन घाव से  शरीर के अंदर खून में फैल जाता है। (और पढ़ं - ब्लड टेस्ट क्या है)
     
  • डायबिटिक ब्लड टेस्ट:
    यह टेस्ट शरीर के अंदरुनी स्थितियों का पता लगाने के किया जाता है, जो घाव ठीक होने की गति को धीमा कर देती हैं, जैसे कि डायबिटीज की जांच करने के लिए ग्लूकोज टेस्ट करना। (और पढ़ें - ब्लड ग्लूकोज टेस्ट क्या है)
     
  • कम्पलीट ब्लड काउंट:
    सफेद रक्तकोशिकाओं का स्तर बढ़ना इन्फेक्शन का संकेत दे सकता है। 

स्किन इन्फेक्शन की जांच करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इमेजिंग टेस्ट:

  • कुछ मामलों में त्वचा के संक्रमण की जांच करने के लिए कुछ इमेजिंग टेस्ट भी किए जा सकते हैं, जैसे अल्ट्रासाउंड या एक्स रे टेस्ट आदि। इमेजिंग टेस्ट की मदद से, त्वचा कितनी क्षतिग्रस्त है या त्वचा के अंदर कितना फ्लूइड या पस भरा है, आदि का पता लगाया जाता है।

(और पढ़ें - सीटी स्कैन क्या है)

स्किन इन्फेक्शन का इलाज - Skin Infections Treatment in Hindi

स्किन इन्फेक्शन का इलाज कैसे किया जाता है?

त्वचा पर होने वाले बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे सेलुलाइटिस या इम्पेटिगो आदि का इलाज करने के लिए सिर्फ एंटीबायोटिक दवाओं का ही उपयोग किया जाता है। कुछ प्रकार की एंटीबायोटिक दवाएं जिनका उपयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए किया जाता है, जैसे:

  • वैंकोमाइसिन (Vancomycin)
  • लिनेजोलिड (Linezolid)
  • सिफेलोस्पोरिन ( Cephalosporins)
  • डाइक्लोक्सेसिलिन (Dicloxacillin)
  • क्लिंडामाइसिन (Clindamycin)
  • डॉक्सीसाइक्लिन (Doxycycline)

(और पढ़ें - दवाओं की जानकारी)

इसके अलावा आपको एंटीबायोटिक क्रीम भी दी जा सकती है, जैसे क्लिंडामाइसिन और मुपिरोसिन आदि।

यदि आपको लगाने या खाने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स दिया गया है, तो उस कोर्स को निश्चित रूप से पूरा कर लें या जब तक डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक दवाएं लेने को कहें आप लेते रहें। यह ध्यान में रखें कि त्वचा के संक्रमण के प्रकार और उसकी गंभीरता के अनुसार इलाज के कोर्स का समय छोटा या बड़ा हो सकता है।

यदि त्वचा में फंगल इन्फेक्शन हुआ है, तो उस पर एंटीफंगल क्रीम लगाने से पहले उस त्वचा को अच्छे से धो लें और फिर सुखा कर क्रीम लगाएं। डॉक्टर आपको खाने की टेबलेट के रूप में भी एंटीफंगल दवाएं दे सकते हैं। 

यदि इन्फेक्शन अधिक गंभीर है, तो इस स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में जमा हुआ द्रव निकालने के लिए त्वचा में कट आदि लगाया जा सकता है।

(और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन में क्या खाएं)

घरेलू देखभाल – 

त्वचा में संक्रमण के लक्षणों को कम करने के लिए निम्नलिखित कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं:

  • घाव जब तक पूरी तरह से ठीक ना हो जाए, तब तक उसे साफ व सूखी पट्टी से ढक कर रखें।
  • दिन में कई बार प्रभावित त्वचा की बर्फ से सिकाई करें, ऐसा करने से सूजन व खुजली कम हो जाती है। 
  • खुजली को कम करने के लिए ओटीसी (डॉक्टर की पर्ची के बिना मिल जाने वाली दवाएं) एंटीहिस्टामिन दवाएं ली जा सकती है। 
  • मेडिकल स्टोर से कुछ प्रकार की मलहम व क्रीम भी मिल जाती है, जो त्वचा में खुजली व अन्य तकलीफें कम करने में मदद करती है।

(और पढ़ें - सिकाई करने के फायदे)

त्वचा के संक्रमण की जटिलताएं - Skin Infections Complications in Hindi

स्किन इन्फेक्शन से क्या समस्याएं होती हैं?

इससे होने वाली जटिलताएं त्वचा में संक्रमण के कारण पर निर्भर करती हैं। ज्यादातर प्रकार के बैक्टीरियल इन्फेक्शन पर दवाएं आसानी से काम कर जाती हैं। 

लेकिन यदि त्वचा का संक्रमण आपकी त्वचा की गहराई के ऊतकों तक पहुंच जाता है या आपके खून में फैल जाता है, तो इससे गंभीर समस्या विकसित हो सकती है। (और पढ़ें - रिकेटसियल संक्रमण का इलाज

कुछ प्रकार के बैक्टीरिया जैसे एमआरएसए (Methicillin-resistant staphylococcus aureus) आदि से होने वाले संक्रमण का इलाज करना काफी मुश्किल हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी होती है, जिस कारण से दवाएं इन पर असर नहीं कर पाती। 

ऐसे इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाओं को नसों के माध्यम (इंट्रावेनस) से मरीज के शरीर में पहुंचाया जाता है।

(और पढ़ें - खून साफ करने के घरेलू उपाय)

स्किन इन्फेक्शन की दवा - Medicines for Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Blumox CaBLUMOX CA 1.2GM INJECTION 20ML103
BactoclavBACTOCLAV 1.2MG INJECTION99
Mega CvMEGA CV 1.2GM INJECTION98
Erox CvEROX CV DRY SYRUP84
MoxclavMoxclav 1.2 Gm Injection95
NovamoxNOVAMOX 500MG CAPSULE 10S0
Moxikind CvMoxikind Cv 1000 Mg/200 Mg Injection92
PulmoxylPulmoxyl 250 Mg Tablet Dt50
OmnikacinOmnikacin 100 Mg Injection26
ClavamClavam 1000 Mg/62.5 Mg Tablet XR352
AdventAdvent 200 Mg/28.5 Mg Dry Syrup47
AugmentinAUGMENTIN 1.2GM INJECTION 1S105
ClampCLAMP 30ML SYRUP45
Amicin InjectionAmicin 100 Mg Injection17
Mikacin InjectionMikacin 100 Mg Injection18
MoxMox 250 mg Capsule27
Zemox ClZemox Cl 1000 Mg/200 Mg Injection135
P Mox KidP Mox Kid 125 Mg/125 Mg Tablet12
AceclaveAceclave 250 Mg/125 Mg Tablet85
CamicaCamica 100 Mg Injection14
Amox ClAmox Cl 200 Mg/28.5 Mg Syrup39
ZoclavZoclav 500 Mg/125 Mg Tablet159
PolymoxPolymox 250 Mg/250 Mg Capsule34
AcmoxAcmox 125 Mg Dry Syrup28
CecefCecef 1000 Mg Injection56

स्किन इन्फेक्शन की दवा - OTC medicines for Skin Infections in Hindi

स्किन इन्फेक्शन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Septilin SyrupHimalaya Septilin Syrup88
Baidyanath Dadurin OintmentBaidyanath Dadurin Ointment40
Divya VidangasavaDivya Vidangasava48
Himalaya Neem TabletsHimalaya Neem Tablet121
Himalaya Talekt CapsulesHimalaya Talekt Capsules64
Patanjali HoneyPATANJALI HONEY 250GM67
Himalaya Purim TabletsHimalaya Purim Tablets76
Himalaya Haridra TabletsHimalaya Haridra Tablets131
Himalaya Nourishing Body LotionHIMALAYA NOURISHING BODY LOTION 400ML200

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References

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