myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

कीटोन बॉडी इन यूरिन टेस्ट क्या है?

मानव शरीर में ऊर्जा का सबसे पहला स्रोत ग्लूकोज है। यह इन्सुलिन नामक हार्मोन द्वारा शरीर की प्रत्येक कोशिका में पहुंचाया जाता है। हालांकि, डायबिटिक लोग जिनके शरीर में इन्सुलिन की कमी है या इन्सुलिन ठीक तरह से नहीं बन पा रहा है उनका शरीर ऊर्जा बनाने के लिए ग्लूकोज का प्रयोग नहीं कर पाता है। ऐसे में उनका शरीर वसा को अपने ऊर्जा स्रोत के लिए तोड़ने लगता है।

कीटोन वसा के टूटने से बनने वाला पदार्थ है। ये यूरिन में आमतौर पर कम मात्रा में पाया जाता है। यूरिन में अत्यधिक कीटोन की मात्रा मौजूद होने पर कीटोनूरिया नामक स्थिति पैदा हो सकती है। कीटोन के अधिक स्तरों से शरीर गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है और इसके कारण मृत्यु भी हो सकती है।

कीटोन बॉडी यूरिन टेस्ट यह जांच करने के लिए किया जाता है कि व्यक्ति का शरीर एक दिन में कितना कीटोन स्त्रावित कर रहा है। यह टेस्ट डायबिटीज मेलिटस के परीक्षण में भी मदद करता है।

भूखे रहने या व्रत रखने से भी कीटोन के स्तर शरीर में बढ़ जाते हैं। इसलिए ऐसी स्थितियों में भी यह टेस्ट किया जाता है।

कीटोन यूरिन टेस्ट को यूरिन कीटोन, कीटोन बॉडीज और कीटोन टेस्ट भी कहा जाता है।

  1. कीटोन बॉडी इन यूरिन क्यों किया जाता है - Ketones in urine Kyu Kiya Jata Hai
  2. कीटोन बॉडी इन यूरिन से पहले - Ketones in urine Se Pahle
  3. कीटोन बॉडी इन यूरिन के दौरान - Ketones in urine Ke Dauran
  4. कीटोन बॉडी यूरिन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Ketones in urine Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

कैटोन्स बॉडी इन यूरिन क्यों किया जाता है?

यदि आपको डायबिटीज है तो आपको इस टेस्ट को करने की सलाह दी जा सकती है। शरीर में डायबिटीज के कारण अत्यधिक कीटोन से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो सकता है जो कि इलाज न होने पर प्राण घातक भी साबित हो सकता है। डीकेए टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त लोगों को टाइप 2 डायबिटीज की तुलना में अधिक प्रभावित करता है। कीटोन बॉडी इन यूरिन टेस्ट डीकेए का परीक्षण करने के लिए किया जाता है।

यदि आपको डायबिटीज है और निम्न लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको इस टेस्ट की जरूरत हो सकती है :

यदि आपके शरीर में ग्लूकोज का स्तर 240 mg/dL से अधिक है तो डॉक्टर इस टेस्ट को करने की सलाह दे सकते हैं।

यदि आपको डायबिटीज है तो निम्न  स्थितियों से कीटोन का स्तर बढ़ सकता है :

डायबिटीज के अलावा निम्न स्थितियों से भी केटोएसिडोसिस नामक स्थिति हो सकती है :

  • शराब पीना 
  • व्रत रखना 
  • आइसोप्रोपेनोल का इंजेक्शन
  • भूखे रहना 
  • अत्यधिक प्रोटीन युक्त आहार 
  • एक्यूट फैब्रिल इलनेस ( 38°C बुखार या इससे अधिक), विशेषकर बच्चों और वयस्कों में 
  • गर्भावस्था
  • अत्यधिक व्यायाम 
  • भोजन संबंधी विकार
  • लंबे समय से उल्टी की समस्या होना
  • लो कार्बोहाइड्रेट डाइट

कीटोन बॉडी यूरिन टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

आपको इस टेस्ट से पहले भूखे रहने के लिए कहा जा सकता है। यदि आप किसी भी तरह की दवाएं ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें। निम्न दवाओं के प्रयोग से परिणाम गलत तरह से पॉजिटिव आ सकते हैं :

  • आइसोनायजिड 
  • फिनाज़ोपैराडीन
  • फीनोल्सुफोनफ्ले
  • ब्रोमोसल्फोनफेले
  • लीवोडोपा 
  • फेनोथायजीन जैसे एसेटोफिनाज़ीन, ट्रायफ्लूप्रोमज़ीन आदि

कीटोन बॉडी यूरिन टेस्ट कैसे किया जाता है?

यूरिन सैंपल लेने के लिए क्लीन कैच मेथड का प्रयोग किया जाता है। आपको सैंपल लेने के लिए विशेष कंटेनर दिया जाएगा। सैंपल लेने के लिए सही तरीका निम्न है :

  • अपने हाथ अच्छे से धोएं।
  • अपने जननांगों को ठीक तरह से साफ करें। महिलाओं को अपनी योनि के बाहरी भाग को और पुरुषों को लिंग के सिरे को साफ करना होगा।
  • पेशाब की शुरुआती कुछ बूंदों को सैंपल में न लें और टॉयलेट बाउल में जाने दें। इसके बाद मध्य के यूरिन को कंटेनर में लेना शुरू करें। कंटेनर में निशान की जगह तक पर्याप्त सैंपल ले लें। पेशाब की आखिरी व शुरुआती बूँदें न लें। चूंकि इससे आपके हाथों व मूत्रमार्ग में मौजूद बैक्टीरिया से यूरिन सैंपल के संक्रमित होने की आशंका कम हो जाती है।

कीटोन बॉडी यूरिन टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

टेस्ट के परिणाम आपकी उम्र, लिंग, आहार, कार्यशीलता और पिछले स्वास्थ्य के अनुसार अलग आ सकते हैं।

सामान्य परिणाम :

सामान्य परिणाम को नेगेटिव लिखा जाता है।

असामान्य परिणाम :

असामान्य परिणाम का मतलब है कि कीटोन के स्तर अधिक हैं। यह निम्न तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है :

  • कम -  <20 mg/dL
  • सामान्य -  30-40 mg/dL
  • अधिक - >80 mg/dL

असामान्य परिणाम निम्न स्थितियों की ओर संकेत कर सकते हैं :

  • डायबिटीज मेलिटस
  • अत्यधिक शराब पीना 
  • व्रत रखना 
  • अधिक प्रोटीन युक्त आहार 
  • एनेस्थीसिया देने के बाद
  • भूखे रहना 
  • एनोरेक्सिया, एक मानसिक विकार जिसमें व्यक्ति भोजन कम खाता है या खाता ही नहीं है
  • उल्टी
  • दस्त 
  • बुखार
  • हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड का अत्यधिक उत्पादन) 
  • गर्भावस्था

निम्न स्थितियां टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं :

  • ऐसे आहार जिनमें कार्बोहाइड्रेट कम है और वसा व प्रोटीन की अधिक मात्रा है
  • यूरिन सैंपल को यदि ढका न जाए तो कीटोन का हवा में उड़ जाना
  • अत्यधिक शारीरिक व्यायाम

आपके टेस्ट के परिणामों का सही मतलब जानने के लिए डॉक्टर से बातचीत करें।

और पढ़ें ...

References

  1. Benioff Children's Hospital [internet]. University of California. San Francisco. US; Ketones — Urine
  2. US Food and Drug Administration (FDA) [internet]. Maryland. US; Total Carbohydrate
  3. Wilson DD. McGraw-Hill’s Manual of Laboratory & Diagnostic Tests. McGraw-Hill. 2008. Urinalysis; p.589-90.
  4. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Ketone Bodies (Urine)
  5. Hinkle J, Cheever K. Brunner & Suddarth's Handbook of Laboratory and Diagnostic Tests. 2nd Ed. Philadelphia: Wolters Kluwer Health, Lippincott Williams & Wilkins; c2014. Ketones: Urine; p. 351.
  6. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Managing Diabetes
  7. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Urinalysis
  8. American Diabetes Association [internet]. Arlington. Virginia. US; DKA (Ketoacidosis) & Ketones
  9. Joslin Diabetes Center [Internet]. Harvard Medical School. Massachusetts. US; Diabetes Education.
  10. Paoli Antonio. Ketogenic Diet for Obesity: Friend or Foe?. Int J Environ Res Public Health. 2014 Feb; 11(2): 2092–2107. PMID: 24557522.
  11. UF Health [Internet]. University of Florida Health. Florida. US; Ketones urine test
  12. National Health Service [internet]. UK; Diabetic ketoacidosis
  13. Pagana KD, Pagana TJ, Pagana TN. Mosby’s Diagnostic Laboratory Test Reference. 14th ed. Missouri: Elsevier; 2019. Routine urine testing; p.935.
  14. Lorenzi OD, Gregory CJ, Santiago LM, et al. Acute febrile illness surveillance in a tertiary hospital emergency department: comparison of influenza and dengue virus infections. Am J Trop Med Hyg. 2013;88(3):472–480. PMID: 23382160.
  15. Robinson HL, Barrett HL, Foxcroft K, Callaway LK, Dekker Nitert M. Prevalence of maternal urinary ketones in pregnancy in overweight and obese women. Obstet Med. 2018;11(2):79–82. PMID: 29997690.
  16. National Health Service [internet]. UK; How should I collect and store a pee (urine) sample?
  17. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Hyperthyroidism (Overactive Thyroid)
  18. Chokhawala K, Stevens L. Antipsychotic Medications. [Updated 2020 Jan 21]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2020 Jan
ऐप पर पढ़ें
कोरोना मामले - भारतx

कोरोना मामले - भारत

CoronaVirus
6412 भारत
348आंध्र प्रदेश
11अंडमान निकोबार
1अरुणाचल प्रदेश
29असम
39बिहार
18चंडीगढ़
10छत्तीसगढ़
720दिल्ली
7गोवा
241गुजरात
169हरियाणा
18हिमाचल प्रदेश
158जम्मू-कश्मीर
13झारखंड
181कर्नाटक
357केरल
15लद्दाख
259मध्य प्रदेश
1364महाराष्ट्र
2मणिपुर
1मिजोरम
44ओडिशा
5पुडुचेरी
101पंजाब
463राजस्थान
834तमिलनाडु
442तेलंगाना
1त्रिपुरा
35उत्तराखंड
410उत्तर प्रदेश
116पश्चिम बंगाल

मैप देखें