आमतौर पर लौंग को भारतीय मसालों में इस्तेमाल किया जाता है जो सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसमें मौजूद औषधीय गुण पोषण मूल्य को भी बढ़ाते है. लौंग का वैज्ञानिक नाम सिजीजियम अरोमैटिकम (Syzygium aromaticum) है. आयुर्वेद में सदियों से लौंग का उपयोग दवाई बनाने के लिए किया जा रहा है. लौंग शरीर की सफेद रक्त कोशिकाओं, जो शरीर में बीमारियों से लड़ने के लिए उत्तरदायी होती हैं, के निर्माण में सहायक होती है.

लौंग के अंदर यूजेनॉल नाम का एक एलिमेंट पाया जाता है जो स्ट्रेस और पेट की समस्याओं से निजात दिलाने में सहायक होता है. लौंग पार्किंसंस जैसे गंभीर रोगों से भी लड़ने की क्षमता रखती है. इसमें विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन एविटामिन डी, फोलेट, विटामिन बी2, विटामिन बी1, ओमेगा 3 फैटी एसिड के साथ-साथ कई सारे एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल जैसे आवश्यक तत्व भी मौजूद होते हैं. आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि लौंग का सेवन कैसे करना चाहिए और कितना करना चाहिए?

  1. लौंग का सेवन कैसे करें? - How to consume cloves in Hindi
  2. लौंग कैसे और कितना खाएं - How to take and how much clove should be taken in Hindi
  3. एक दिन में कितनी लौंग खानी चाहिए - How many cloves should be eaten in a day in Hindi?
लौंग कैसे और कितना खाएं - एक दिन में कितनी लौंग खानी चाहिए? के डॉक्टर

लौंग का सेवन करने के काफी तरीके है. ज्यादातर लोग लौंग का सेवन मसालों के रूप में किया करते है. इसको साबुत भी खाया जा सकता है और लौंग का सेवन पाउडर के रूप में भी किया जा सकता है. वही कुछ लोग लौंग का तेल बनाकर भी उसका उपयोग करते है. हर परेशानी और समस्या के अनुसार अलग-अलग तरीके से लौंग का सेवन किया जा सकता है.

लौंग का सेवन भिन्न-भिन्न तरीके से और भिन्न-भिन्न मात्रा में किया जाता है. जैसे-

प्रतिदिन उपयोग 

प्रतिदिन रात में 2 लौंग चबाने के बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीने से कई सारी समस्याओं को दूर रख सकते है, जैसे कब्ज, डायरिया, एसिडिटी, खांसी, जुकाम, वायरल इन्फेक्शन, ब्रोंकाइटिस, साइनोसाइटिस और अस्थमा.

इम्यून बूस्टर

लौंग के अंदर विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है, जो शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है़ ये कोशिकाएं शरीर की बीमारियों से लड़ने का काम करती है. इसलिए हर सुबह 2 लौंग का सेवन करने से आपकी इम्युनिटी बढ़ेगी.

(और पढ़ें - इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय)

गैस की समस्या

अगर आपको गैस की शिकायत है, तो एक कप उबलते हुए पानी में 2 लौंग को पीसकर डाल दो और जब पानी ठंडा हो जाए तो उसे पी लो. ऐसा करने से गैस की समस्या के साथ-साथ आप अन्य पेट की समस्याओं से भी निजात पा सकते है.

दांत दर्द

अगर आपको दांतों में दर्द महसूस हो रहा है, तो एक लौंग को अपने दांतों के बीच रख लें. ऐसा करने के लिए कोई प्रतिबंधित समय नहीं है. जब भी आपको दर्द महसूस हो आप ऐसा कर सकते है इससे आपको आराम मिल सकता है.

गंध

अक्सर लोगों को सुबह के समय मुंह से बदबू आने की समस्या होती है. ऐसे में 2 लौंग और एक इलायची को चबाएं. कुछ समय तक ऐसा करने से मुंह की बदबू से आपको छुटकारा मिल सकता है.

पेट के कीड़े

लौंग पेट के कीड़े खत्म करने में भी सहायक है. पेट के कीड़े की समस्या होने पर कुछ दिनों तक लगातार 2 लौंग को पीसकर एक चम्मच शहद के साथ सेवन करें. ऐसा करने से आप पेट के कीड़े की समस्या से छुटकारा पा सकते है.

गले में संक्रमण और सूजन

जब भी आपको गले में इन्फेक्शन और सूजन हो, तब आप एक गिलास गर्म पानी के साथ एक छोटी चम्मच लौंग का पाउडर मिलाकर उस पानी से गरारे करने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है.

हड्डियां और जोड़ो का दर्द

लौंग के अंदर यूजेनॉल एलिमेंट पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है. हर दिन सुबह 2 लौंग खाने से हड्डियां मजबूत हो सकती है और जोड़ों में दर्द में भी आराम मिलता है. लौंग में मौजूद यूजेनॉल लिवर की कार्य क्षमता को और पाचन क्रिया को सुधारने में अहम भूमिका निभाता है.

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार, एक दिन में लौंग की स्वीकार्य दैनिक खुराक शरीर के वजन के हिसाब से निर्धारित होती है. प्रति किलो पर 2.5 मिलीग्राम लौंग का सेवन बताया गया है. वहीं लौंग का पाउडर - 1-2 ग्राम प्रतिदिन और लौंग का तेल 1-2 बूंद लिया जा सकता है. इससे अधिक लौंग का सेवन करने से कई नुकसान उठाने पड़ सकते है. 

लौंग के तेल या किसी भी एसेंशियल आयल का सेवन किसी वेजिटेबल कैप्सूल या जिलेटिन कैप्सूल में डॉक्टर की देखरेख में ही करना चाहिए. वहीं बच्चों को लौंग के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही, रक्तस्राव विकारों (bleeding disorder) या भविष्य में सर्जरी करवाने वाले लोगों को लौंग के तेल का इस्तेमाल किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए. औषधीय जड़ी-बूटियों और एसेंशियल ऑयल्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

अधिकांश लोग लौंग को अपने व्यंजनों में उपयोग करते हैं जिससे खाने का स्वाद बढ़ता है. यदि आप खाने में लौंग का इस्तेमाल पहले से ही कर रहे हैं तो आपको किसी अन्य समस्या के लिए लौंग का इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट की राय लेनी चाहिए. साथ ही अगर आपको लौंग से कोई एलर्जी है या आप किसी गंभीर समस्या से पीड़ित है तो अपने डॉक्टर से सलाह बाद ही लौंग को अपनी डाइट में जोड़ें.

Dr. Sunil Kilaniya

Dr. Sunil Kilaniya

आयुर्वेद
3 वर्षों का अनुभव

Dr. Tanushri Yeole

Dr. Tanushri Yeole

आयुर्वेद

Dr. Verender Singh Chaudhary

Dr. Verender Singh Chaudhary

आयुर्वेद
3 वर्षों का अनुभव

Dr. Ghanshyam Digrawal

Dr. Ghanshyam Digrawal

आयुर्वेद
6 वर्षों का अनुभव

और पढ़ें ...
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ