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एक कहावत है कि, "आपका स्वास्थ्य आपके हाथों में है", और अच्छी संभावना है कि यह योग से प्रेरित है। योग आपको मुद्राओं की शक्ति से स्वस्थ रहने और गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। मुद्राएं हाथों के आकार हैं जो ध्यान के दौरान आपके शरीर को ऊर्जा के प्रवाह को निर्देशित करती हैं। आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए यहां हम कुछ योग मुद्रा बता रहे हैं:

  1. ज्ञान (चिन) मुद्रा - Gyan (Chin) Mudra in Hindi
  2. वायु मुद्रा - Vayu Mudra in Hindi
  3. पृथ्वी मुद्रा - Prithvi Mudra in Hindi
  4. अग्नि मुद्रा - Agni Mudra in Hindi
  5. वरुण मुद्रा - Varun Mudra in Hindi
  6. शून्य मुद्रा - Shunya Mudra in Hindi
  7. प्राण मुद्रा - Prana Mudra in Hindi
  8. अपान वायु मुद्रा - Apana Mudra in Hindi

यह मुद्रा ज्ञान को बढ़ाने में मदद करती है, आपकी याददाश्त में सुधार लाती है, और आपको बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है। यह आपको आराम करने और बेहतर ध्यान देने में भी सहायता करती है। यह तनाव और चिंता से राहत दिलाती है, और जीवन में संतुलित रहने में आपकी मदद करती है।

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वायु मुद्रा आपको गैस मुक्त रखने और अपने पेट से अतिरिक्त हवा को बाहर करने में मदद मिलती है। यह आपके शरीर से हवा को रिहा करने में मदद करता है और विभिन्न स्वास्थ्य देती है। यदि आपका मन चिंतित, बेचैन, अति उत्साहित है, और आपका शरीर विभिन्न हार्मोनल असंतुलन महसूस रहा है, यह आपके मन और शरीर को संतुलन में वापस लाने के लिए सबसे अच्छी मुद्रा है। 

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पृथ्वी मुद्रा आपके रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने में मदद करता है, कमजोरी कम करता है, और आपके चयापचय को बढ़ाने में मदद करता है। यदि आप अपने बालों के बारे में चिंतित हैं, तो पृथ्वी मुद्रा कूप कोशिकाओं को सक्रिय करके बाल के पुन: उत्पन्न करने में मदद करेगा। यह वजन कम करने, अपने ऊतकों, हड्डियों, उपास्थि, मांस, त्वचा और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। यह अल्सर को कम करने और उत्तेजनाओं को कम करने में भी मदद करता है।

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यह थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करती है, पाचन में मदद करती है, और वजन के मुद्दों और चिंता को भगाने में मदद करती है। अग्नि मुद्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब आपके शरीर का तापमान असामान्य रूप से कम हो, आपकी त्वचा, शरीर, अंग और हाथों की शीतलता को नियंत्रित करने की आवश्यकता हो, जब आप ठंड के मौसम से जूझने में सक्षम नहीं होते हैं, जब आपको अपने चयापचय को ठीक करने की आवश्यकता हो, और अपनी भूख और कब्ज को ठीक करना हो।

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यह मुद्रा शरीर में तरल पदार्थ को विनियमित करने में मदद करती है, और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। वरुण मुद्रा आपके शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करती है और निर्जलीकरण को रोकती है। यह शरीर में पानी का स्तर ठीक रख कर रक्त को सॉफ बनाए रखने में भी मदद करती है, आपकी त्वचा चमकदार और चिकनी बनाती है, मधुमेह से राहत दिलाती है, और आपके गुर्दे और यकृत को स्वस्थ रखती है।

शून्य मुद्रा उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनको सॉफ सुन ने में परेशानी है। इसका उपयोग कानों के उपचार के लिए किया जा सकता है, कान में शोर और आंशिक या पूर्ण बहरापन। यह यात्रा में होनी वाली पाचन संबंधी दिक्कतों को दूर करने में भी आपकी मदद कर सकती है।

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प्राण मुद्रा प्रतिरक्षा में सुधार लाती है, शरीर को ताज़ा करती है, और आपके शरीर की ऊर्जा को संतुलित करती है। यह शरीर की जीवन शक्ति और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करती है, रक्त वाहिकाओं में रुकावट कम कर देती है, आपकी आंखों की शक्ति में सुधार लाती है, और विटामिन की कमी को डोर करती है। यह एकाग्रता शक्ति को बेहतर बनाने और नींद में सुधार करने में भी मदद करती है।

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अपान वायु मुद्रा आपके दिल को मजबूत बनाती है और उन लोगों के लिए बहुत प्रभावी होता है जिन्होंने दिल का दौरा पड़ा है। यह रक्तचाप को सामान्य बनाती है और संचलन प्रणाली को उत्तेजित करती है। यह घबराहट को कम करती है, आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करती है, अम्लता को कम करने, और गैस बनने को कम करने में मदद करती है। आपकी हड्डियों को मजबूत करती है, और अनिद्रा का इलाज करती है। 

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