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नाक से खून बहना (नकसीर) क्या है?

नाक से अचानक खून आना हर किसी को डरा सकता है। शुरूआती दौर में नाक से खून आने के कारणों का सही पता नहीं चल पाता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह मालूमी कारणों की वजह से ही होता है और इसे घर में ही आसानी से ठीक किया जा सकता है। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर इस समस्या में तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

आमतौर पर नाक से खून आने की समस्या नाक की रक्त वाहिकाओं में रक्तस्राव के कारण होती है। इसका सबसे आम कारण नाक की झिल्ली का सूख जाना व नाक में चोट लगना होता है। ऐसा होने पर आप नाक को कुछ देर के लिए बंद कर देें। अगर आपको यह समस्या लगातार या बार-बार हो रही है तो इसकी वजह से आपको खून की कमी (एनीमिया) भी हो सकती है। इसमें खून के ज्यादा बहने से आपको कमजोरी भी आ सकती है या बेहोश हो सकते हैं। 

  1. नाक से खून आने (नकसीर) के प्रकार - Types of Nosebleed in Hindi
  2. नाक से खून आने (नकसीर) के लक्षण - Nosebleed Symptoms in Hindi
  3. नाक से खून आने (नकसीर) के कारण - Nosebleed Causes in Hindi
  4. नाक से खून आने (नकसीर) से बचाव - Prevention of Nosebleed in Hindi
  5. नाक से खून आने (नकसीर) का परीक्षण - Diagnosis of Nosebleed in Hindi
  6. नाक से खून आने (नकसीर) का इलाज - Nosebleed Treatment in Hindi
  7. नाक से खून आने (नकसीर फूटने) पर क्या करें
  8. नाक से खून आना (नकसीर) कैसे रोकें
  9. नाक से खून आना (नकसीर) की दवा - OTC Medicines for Nosebleed in Hindi
  10. नाक से खून आना (नकसीर) के डॉक्टर

नाक से खून आने (नकसीर) के प्रकार - Types of Nosebleed in Hindi

नाक से खून बहने (नकसीर) के कितने प्रकार होते हैं?

नाक से खून का बहने के प्रकार को उसके खून बहना शुरू होने की जगह के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है, जिसमें एंटीरीयर (Anterior; नाक के आगे से) या पोस्टिरीयर (Posterior; नाक के पीछे से) को शामिल किया जाता है।

  • एंटीरीयर (आगे से) नकसीर -
    इसमें नाक के आगे के हिस्से से खून बहता है। इसमें नाक से खून का बहना आमतौर पर नाक के सेप्टम की रक्त वाहिका से होता है। नाक से खून बहने की यह स्थिति आसानी से नियंत्रित हो जाती है। इसे घर या डॉक्टर के इलाज से ठीक किया जा सकता है।
     
  • पोस्टिरीयर (पीछे से) नकसीर -
    इसमें नाक के पीछे से खून बहता है, लेकिन ऐसा होना दुर्लभ होता है। यह समस्या ज़्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती है। इसमें नाक के पिछले हिस्से की नसों से खून बहता है। इस स्थिति में नाक से खून बहना बेहद ही गंभीर माना जाता है। लगातार नाक से खून बहने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाना की जरूरत पड़ सकती है, जहाँ नाक, कान और गले के विशेषज्ञ (ENT specialist) उसका इलाज करते हैं।

(और पढ़ें - साइनस के घरेलू उपाय)

नाक से खून आने (नकसीर) के लक्षण - Nosebleed Symptoms in Hindi

नाक से खून बहने (नकसीर)​ के क्या लक्षण होते हैं?

नकसीर फूटने का मुख्य लक्षण नाक से खून का आना होता है, यह कम और ज्यादा दोनों ही हो सकता है और यह नाक के किसी एक हिस्से या फिर नाक के दोनों ही हिस्सों से भी आ सकता है।

नाक से खून आने की स्थिति के दौरान आप लेट जाएं, जिससे नाक से बहने वाला खून गले से दोबारा अंदर जा सकें। इस स्थिति में आपको अच्छा नहीं लगेगा और इस कारण आपको उल्टी या मतली आ सकती है। नाक से खून बहने के कुछ मामलों में तुरंत चिकित्सीय इलाज की जरूरत होती है।

निम्नलिखित लक्षणों पर खास ध्यान दें -

नाक से खून बहने पर डॉक्टर के पास कब जाएं?

  • बार-बार नाक से खून आने पर।
  • किसी नई दवा का सेवन करने से नाक से खून आने की स्थिति में।
  • नाक से खून आने के साथ ही शरीर में कहीं नील पड़ने पर।
  • हाल ही में कीमोथेरेपी कराने के बाद नाक से खून बहने पर।
  • नाक के अलावा अन्य स्थानों से रक्त आने पर, जैसे-मूत्र या मल में।
  • अधिक मात्रा में खून निकल जाने की स्थिति में।
  • जब खून की उल्टी हो रही हो।
  • सिर का हल्का-हल्का घूमना या फिर चक्कर आने की स्थिति में।
  • यदि आप नाक से निकलने वाले रक्तस्राव को रोकने में असमर्थ हों।

(और पढ़ें - उल्टी रोकने के उपाय)

नाक से खून आने (नकसीर) के कारण - Nosebleed Causes in Hindi

नाक से खून क्यों बहता है?

नाक से खून आने के दो सामान्य कारण माने जाते हैं -

  • ड्राई एयर (शुष्क हवा) - शुष्क हवा के कारण जब आपकी नाक की झिल्ली सूख जाती है, तो वे रक्तस्राव और संक्रमण के लिए अधिक संवेदनात्मक हो जाती हैं।
  • नाक को छेड़ना या किसी कठोर चीज से खुजलाना - नाक को छेड़ना जैसे किसी पेन या पेंसिल से नाक को खुजलाना या उसको नाक के अंदर डालना भी नाक के अंदर रक्तवाहिकाओं के चोट लगने का कारण हो सकता है और इस वजह से भी नाक से खून आता है। यह समस्या बच्चों में देखी जाती है, मगर कई बार बड़े लोग भी नाक के अंदर इस तरह से खुजली करते हैं।

नाक से खून बहने के अन्य कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • साइनस्टिस - साइनस में सूजन आना
  • एलर्जी
  • एस्पिरिन (दर्द की दवा) का उपयोग करना
  • हेमोफिलिया (रक्त जमने में मुश्किल होना)
  • खून का पतला करने वाली दवाएं लेना, जैसे वॉरर्फेन (Warfarin) और हिपेरिन (Heparin)
  • शरीर के रासायनों में गड़बड़ी, जैसे कि अमोनिया
  • कोकीन का उपयोग
  • ठंड में एलर्जी होना और लगातार नाक का बहना (और पढ़े - सर्दी जुकाम होना)
  • कम नमी और शुष्क जलवायु वाले गर्म मौसम, नाक के अंदर की त्वचा सूखने और फटने का कारण बन सकते हैं, जिससे नाक से खून आने लगता है
  • नाक के लिए दवा की तरह इस्तेमाल होने वाले स्प्रे का ज्यादा प्रयोग करना
  • नाक में गंभीर चोट

नाक से खून आने के दुर्लभ कारणों में शामिल हैं -

नाक से खून आने (नकसीर) से बचाव - Prevention of Nosebleed in Hindi

नाक से खून बहने की रोकथाम कैसे करें?

नाक से खून बहने की स्थिति को रोकने के लिए आप निम्नलिखित बचाव अपना सकते हैं:-

  • अपनी नाक को किसी भी चीज से न खरोंचे और अपने नाखूनों को भी छोटा रखें।
  • नाक को जोर से न छिनकें। 
  • खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षात्मक वस्तुओं को जरूर पहनें, जिससे आपकी नाक और सिर पर चोट न लगे।
  • नाक में इस्तेमाल करने वाले स्प्रे के अधिक उपयोग से भी नाक से खून आ सकता है, अतः इसका नियंत्रित प्रयोग करें।
  • सर्दी के दौरान ठंड व शुष्क जलवायु में अधिकांशतः नाक से खून आने की समस्या देखी जाती है। पेट्रोलियम जेली (वैसलीन) या स्प्रे का इस्तेमाल करके आप अपनी नाक की नाली में नमीं बनाएं रख सकते हैं।
  • नाक से खून आना यदि किसी अन्य कारणों से संबंधित है, जैसे लिवर रोग या पुरानी साइनस की स्थिति, तो सबसे पहले आपको इन समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी होगी।
  • धूम्रपान न करें। इससे आपकी नाक के अंदर परेशानियां हो सकती हैं और नाक में रूखापन हो सकता है।

(और पढ़ें - सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)

नाक से खून आने (नकसीर) का परीक्षण - Diagnosis of Nosebleed in Hindi

नाक से खून बहने की समस्या का परीक्षणनिदान कैसे करें?

रोगी की जांच के बाद ही इस समस्या के कारणों का पता लगाया जा सकता है। कुछ व्यक्ति कम रक्तस्त्राव होने पर भी डॉक्टर से इसका चेकअप करवा सकते हैं।

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आपकी जांच करने वाले डॉक्टर को रक्तस्राव के स्रोत का पता लगाने के साथ इस बात पर भी गौर करेंगे कि खून नाक के अगले या पिछले हिस्से से बह रहा है।

इसके अलावा नाक से खून बहने में व्यक्ति के स्वास्थ्य की पूर्व स्थितियों और हाल की जांच के आधार पर इसके सटीक कारणों का पता लगाया जाता है। 

  • नाक की जांच करने के लिए, आपके डॉक्टर नाक के अंदर सुन्न करने वाली दवाओं को डालते हैं और उस क्षेत्र की रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालते हैं। इन दवाओं के इस्तेमाल से परिक्षण में ज्यादा दर्द नहीं होता है। इसके बाद एक उपकरण को नाक में डालकर नाक के अंदुरूनी हिस्सों को देखा जाता है और रक्त आने की वजह को जांचा जाता है।
  • नाक के पिछले हिस्से की जांच तब की जाती है जब नाक के अगले हिस्से में रक्तस्राव का स्रोत नहीं मिलता या फिर वहां से रक्तस्राव नहीं रुकता। 
  • इस समस्या में लैब टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, नाक से ज्यादा खून बहने की स्थिति में खून की मात्रा का आकलन करने के लिए ब्लड काउंट टेस्ट किया जा सकता है। रक्त के थक्के से संबंधित विकार वाले व्यक्तियों व जिन लोगों का खून पतला हो गया हो, उनको भी प्रयोगशालाओं में अतिरिक्त रक्त परीक्षण करवाने की सलाह दी जाती है।
  • नाक से खून बहने के पीछे कैंसर जैसे दुर्लभ कारणों का संदेह हो तो भी कुछ परीक्षण किए जा सकते हैं।

नाक से खून आने (नकसीर) का इलाज - Nosebleed Treatment in Hindi

नाक से खून बहने (नकसीर) का उपचार क्या है?

नाक से बहते खून को रोकने के लिए निम्न इलाज अपनाएं -

  • इस स्थिति में शांत रहें, विचलित ना हों। यदि आपको घबराहट होने लगें, तो आपको इस स्थिति में अधिक रक्तस्राव हो सकता है। इस दौरान आराम करने की कोशिश करें। (और पढ़ें - घबराहट कम करने के उपाय)
  • आराम से बैठकर नाक को साफ कर लें, इसके बाद नाक की हड्डी के हिस्से को ऊपर फैलाएं, इससे रक्तस्राव रोकने में मदद मिल सकती है।
  • मुंह से सांस लें।
  • नाक से खून को साफ करने के लिए टिशु पेपर या किसी साफ कपड़े का प्रयोग करें।
  • साइनस और गले में खून जाने से रोकने के लिए आगे की ओर झुकें।
  • सीधे बैठें ताकि आपका सिर हृदय से ऊपर रहे, इससे ब्लड प्रेशर कम होता है और नाक से खून बहना बंद हो जाता है। (और पढ़े- हाई बीपी कम करने के उपाय)
  • नाक पर दबाव डालना जारी रखें और आगे की ओर झुके रहें। इस दौरान आप 5 मिनट से 20 मिनट तक सीधा बैठें, ताकि खून बहना रुक जाए। अगर 20 मिनट के बाद भी खून निकलता ही रहता है तो अपाको तुरंत किसी डॉक्टर को दिखना चाहिए।
  • कुछ दिनों तक नाक को न छिनकें, रगड़ें या छुएं। 
  • नाक से खून बहने के बाद कुछ दिनों तक नाक और गाल पर बर्फ की सिकाई करें।
  • नाक के पिछले हिस्से से खून बहना अपने आप बंद नहीं होता है, यह काफी गंभीर रूप ले सकता है और आपको इसमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है। ऐसा होने पर बहते खून को रोकने के लिए आपके डॉक्टर द्वारा नाक में "पोस्टिरीयर नैजल पैकिंग" (Posterior Nasal Packing) डाली जाती है।
  • नाक से खून बहने की समस्या को रोकने के लिए खून को पतला करने वाली दवाओं की मात्रा को कम करना या उनके इस्तेमाल को बंद करना जरूरी होता है। इसके अलावा, रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली दवाएं लेना जरूरी हो सकता है।

इसके अंतर्निहित कारणों में सुधार के लिए ऑपरेशन -

  • नाक की हड्डी टूट जाने की स्थिति को ठीक करना
  • नाक की हड्डी (Nasal Septum) की समस्याओ को दूर करना इत्यादि। 

(और पढ़ें - नाक की हड्डी टेढ़ी होना)

Dr. Yogesh Parmar

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

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नाक से खून आना (नकसीर) की दवा - OTC medicines for Nosebleed in Hindi

नाक से खून आना (नकसीर) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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