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    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) की जानकारी

    Baidyanath Chandraprabha Vati बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः सूजाक, पेशाब में जलन के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा Baidyanath Chandraprabha Vati का उपयोग कुछ दूसरी समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। इनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। Baidyanath Chandraprabha Vati के मुख्य घटक हैं आंवला, चंदन, दारुहल्दी, देवदार, गुग्गुल, कपूर, नगरामुस्ताका, दालचीनी, वाचा, बहेड़ा, शिलाजीत, त्रिकटु, त्रिफला, चिरायता, लौह भस्म, बांस, जौ जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Baidyanath Chandraprabha Vati की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) की सामग्री - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) Active Ingredients in Hindi

    आंवला
    • होमियोस्टैसिस (किसी अंग या प्रणाली के असामान्य कार्य को ठीक करने के लिए शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया) को बनाए रखने और तनाव की स्थिति में शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करने वाले बायोएक्टिव तत्‍व।
    • बुखार के उपचार में उपयोग किए जाने वाले एजेंट।
    • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।
    • पाचन क्रिया को सुधारने व खाने को ठीक से अवशोषित करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं।
    • मूत्र के रूप में शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकालने के लिए उपयोगी दवाएं।
    • ये एजेंट गैस्ट्रिक जूस (जठर रस/पाचन रस) के स्राव को उत्तेजित करते हैं।
    • वे दवा या तत्व जो रक्त में लिपिड की मात्रा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने और हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है।
    चंदन
    • शरीर में संक्रमण और वायरस को बढ़ने से रोकने की दवाएं।
    दारुहल्दी
    • वे दवाएं जो बुखार के दौरान शरीर के तापमान को कम करने में मदद करती हैं।
    देवदार
    • वो तत्व जो वालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में हैं) और इनवालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में नहीं हैं) मांसपेशियों की ऐंठन व दर्द के इलाज में इस्तेमाल किये जाते हैं।
    गुग्गुल
    • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
    • ये दवाएं जठरांत्र से अनावश्यक गैस को हटाने में मदद करती हैं।
    • शरीर में पसीना लाने वाले तत्व।
    • वो दवा जिससे बार-बार पेशाब आता है, इसका उपयोग रक्तचाप को कम करने या डिटाॅक्स (शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालना) करने के लिए किया जाता है।
    • डायबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए ब्‍लड शुगर लेवल कम करने में मदद करने वाली दवाएं।
    कपूर
    • सूक्ष्मजीवों को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
    • लिंग (पेनिस) के इरेक्‍शन में सुधार करने वाले एजेंट्स।
    • वीर्य के उत्पादन को उत्तेजित करने वाली दवा। यह नपुंसकता, इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन और यौन कमजोरी जैसे यौन विकारों के इलाज में इस्‍तेमाल की जाती है।
    नगरामुस्ताका
    • बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकने वाली दवाएं।
    दालचीनी
    • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
    • क्रीम या घोल के रूप में माइक्रोबियल विकास को रोकने वाले घटक।
    • ऐसा पदार्थ जिसमें यौन इच्छा को तीव्र करने की क्षमता होती है।
    • ये दवाएं जठरांत्र से अनावश्यक गैस को हटाने में मदद करती हैं।
    • शरीर से अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए बार-बार मूत्र का कारण बनने वाले घटक।
    • फंगस को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
    • ये एजेंट सूक्ष्मजीवों के विकास और कार्यों के खिलाफ सहायक होते हैं।
    वाचा
    • आंत में परजीवी कीड़ों को नष्‍ट करने के लिए इस्‍तेमाल होने वाले घटक जोकि शरीर में परजीवी कीड़ों को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं।
    • वो तत्व जो वालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में हैं) और इनवालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में नहीं हैं) मांसपेशियों की ऐंठन व दर्द के इलाज में इस्तेमाल किये जाते हैं।
    • मस्तिष्क पर काम करते हुए नसों को आराम देने वाले एजेंट।
    बहेड़ा
    • ऐसे पदार्थ जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को उत्तेजित करके या कम करके उसे ठीक करता है।
    • वो दवा या पदार्थ जो ऊतकों या रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर रक्तस्राव को कम करता है।
    शिलाजीत
    • तनाव के कारण शरीर पर होने वाले हानिकारक प्रभावों को कम करने वाली दवाएं।
    • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • ये तत्व यौन इच्छा को बढ़ाते हैं।
    • ये दवाएं ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करती हैं और मधुमेह रोगियों के लिए सहायक होती हैं।
    त्रिकटु
    • ये एजेंट भोजन करने की इच्छा में सुधार करते हैं।
    त्रिफला
    • एक पदार्थ या औषधि मिश्रण जो रक्त स्राव और अन्य स्राव को रोकने के लिए शरीर के ऊतकों को संकुचित करती है।
    • ऐसा पदार्थ जो पेट और आंतों से अतिरिक्त गैस को खत्म करता है।
    • ये दवाएं मल त्याग करने की प्रक्रिया में सुधार करती हैं और कब्ज से राहत प्रदान करने में उपयोगी हैं।
    चिरायता
    • रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करने वाले एजेंट।
    लौह भस्म
    • शरीर में हीमोग्लोबिन का उत्पाद बढ़ाने वाली दवाएं।
    बांस
    • वे दवाएं या एजेंट जो अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए इस्‍तेमाल की जाती हैं।
    जौ
    • खून में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करने वाली दवाएं जो डायबिटीज के इलाज में भी उपयोग होती हैं।
    • ये दवाएं ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करती हैं और मधुमेह रोगियों के लिए सहायक होती हैं।
    • वे दवाएं जिनका इस्‍तेमाल हाई ब्‍लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) के लाभ - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) Benefits in Hindi

    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -

    अन्य लाभ



    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) की खुराक - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) Dosage in Hindi

    यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Baidyanath Chandraprabha Vati (100) की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Baidyanath Chandraprabha Vati (100) की खुराक अलग हो सकती है।

    आयु वर्ग खुराक
    व्यस्क
    • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
    • खाने के बाद या पहले: कभी भी दवा ले सकते हैं
    • अधिकतम मात्रा: 4 टैबलेट
    • लेने का तरीका: गुनगुना पानी
    • दवा का प्रकार: बटी (गोलियां)
    • दवा लेने का माध्यम: मुँह
    • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में तीन बार
    • दवा लेने की अवधि: 1 महीने
    बुजुर्ग
    • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
    • खाने के बाद या पहले: कभी भी दवा ले सकते हैं
    • अधिकतम मात्रा: 4 टैबलेट
    • लेने का तरीका: गुनगुना पानी
    • दवा का प्रकार: बटी (गोलियां)
    • दवा लेने का माध्यम: मुँह
    • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में तीन बार
    • दवा लेने की अवधि: 1 महीने


    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) Side Effects in Hindi

    चिकित्सा साहित्य में Baidyanath Chandraprabha Vati के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Baidyanath Chandraprabha Vati का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।



    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) से सम्बंधित चेतावनी - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) Related Warnings in Hindi

    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


      गर्भवती महिलाओं पर Baidyanath Chandraprabha Vati का असर क्या होगा इस बारे में कोई रिसर्च नहीं की गई है। इसलिए इसकी सही जानकारी मौजूद नही है।

      अज्ञात
    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


      स्तनपान कराने वाली स्त्रियों पर Baidyanath Chandraprabha Vati के क्या प्रभाव होंगे। इस बारे में शोध कार्य न हो पान के चलते कुछ नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल इसको लेने से पहले डॉक्टर से पूछना जरूरी है।

      अज्ञात
    • Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का पेट पर क्या असर होता है?


      Baidyanath Chandraprabha Vati का पेट पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।

      सुरक्षित
    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


      बाल चिकित्सा के लिए Baidyanath Chandraprabha Vati सुरक्षित नहीं है।

      अनुचित
    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


      Baidyanath Chandraprabha Vati के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें।

      अज्ञात
    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


      Baidyanath Chandraprabha Vati लेने पर आपको झपकी या नींद नहीं आएगी। इसलिए आप ड्राइव कर सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

      नहीं
    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


      Baidyanath Chandraprabha Vati की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

      नहीं


    Baidyanath Chandraprabha Vati (100) कैसे खाएं - Baidyanath Chandraprabha Vati (100) How to take in Hindi

    आप Baidyanath Chandraprabha Vati (100) को निम्नलिखित के साथ ले सकते है:

    • क्या Baidyanath Chandraprabha Vati (100) को गुनगुना पानी के साथ ले सकते है?
      गुनगुने पानी के साथ Baidyanath Chandraprabha Vati (100) लेना बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है।



    इस जानकारी के लेखक है -

    Dr. Braj Bhushan Ojha
    BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
    10 वर्षों का अनुभव


    संदर्भ

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 5-8

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume- II. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1999: Page No 34-36

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume- IV. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 27-28

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 56-57

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume VI. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2008: Page No CCXLIV-CCXLV

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 151 - 152

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 2. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1999: Page No 177 - 179

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 33 - 34

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    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume- IV. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2004: Page No 54-56

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