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अगर आप कभी पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस करते हैं तो इसका मतलब है कि आपको डिस्यूरीया की समस्या से पीड़ित हैं। डिस्यूरीया में पेशाब करते समय मूत्राशय से जाती हुई नली या जेनिटल्स (genitals) के आसपास दर्द, जलन और बेचैनी महसूस होने लगती है। कुछ अन्य मामलों में शरीर अधिक गर्म भी होने लगता है। 

डिस्यूरीया अपने आप में कोई बिमारी नहीं है ये अन्य बिमारियों की तरह एक प्रकार का लक्षण है। ये 18 से 50 के उम्र के पुरुष और महिलाओं में बेहद आम है। ये समस्या पुरुषों से ज़्यादा महिलाओं में देखने को मिलती है। महिलाओं में पेशाब करते समय दर्द का आम कारण है बैक्टीरिया की वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होना। पुरुषों में यूरेथ्राइटिस और कुछ प्रोस्टेट सम्बन्धी परेशानी इस समस्या का कारण बनती हैं।

अन्य सामान्य स्थिति जो मूत्र करते समय दर्द का कारण बनती हैं जैसे पथरी, क्लैमाइडिया, सिस्टाइटिस (मूत्राशय का संक्रमण), जेनिटल हर्प्स, किडनी इन्फेक्शन, प्रोस्टेटाइटिस (प्रोस्टेट की सूजन), योन संचारित रोग (sexually transmitted diseases), वजाइनल इन्फेक्शन जैसे यीस्ट संक्रमण। स्वछता का ध्यान न रखना और निर्जलीकरण भी इस समस्या का कारण हो सकते है। अच्छी तरह से जांच बिमारी का कारण और इलाज पता कर पाती हैं। इसी के साथ कुछ घरेलू नुस्खे भी इस डिस्यूरीया से जुड़े दर्द और जलन का इलाज करने में मदद करती हैं।

तो आईये आपको बताते हैं कुछ ऐसे घरेलू उपाय जो डिस्यूरीया का इलाज करने में बेहद लाभदायक हैं –

  1. पेशाब की जलन का घरेलू उपाय है दही - Peshab me jalan ka gharelu upay hai dahi in Hindi
  2. पेशाब करते समय दर्द से छुटकारा पाने का नुस्खा है नींबू - Peshab karte time dard ko dur kare lemon se in Hindi
  3. पेशाब की जलन को दूर करने का तरीका है अदरक - Peshab me jalan ko dur karne ka upay hai ginger in Hindi
  4. यूरिन में जलन का घरेलू उपाय है खीरा - Peshab ki jalan ka gharelu upay hai khira in Hindi
  5. पेशाब की नली में दर्द को दूर करे धनिये से - Peshab me dard hone par kare dhaniya ka upyog in Hindi
  6. पेशाब करते वक्त दर्द से छुटकारा पाए मेथी से - Peshab karte waqt dard se chutkara pane ka nuskha hai methi in Hindi
  7. पेशाब करते समय जलन के लिए अन्य टिप्स - Peshab me dard aur jalan rokne ke liye tips in Hindi
  8. पेशाब में दर्द और जलन में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें - Peshab me dard aur jalan me jayda pani piye in Hindi
  9. पेशाब में जलन का उपाय है गर्म सेक - Peshab me jalan ka nuskha hai warm compress in Hindi
  10. पेशाब में जलन रोकने का उपाय है सेब का सिरका - Peshab ki jalan rokne ka tarika hai apple vinegar in Hindi
  11. पेशाब की जलन दूर करने का उपाय है बेकिंग सोडा - Peshab me jalan dur karne ka nuskha hai baking soda in Hindi

सादा दही इस समस्या के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। दही बेकार बैक्टीरिया को दूर करता है और स्वस्थ बक्टेरिया को बढ़ावा देता है। दही संक्रमण से लड़ता है और वैजिनल के PH स्तर को स्वस्थ रूप से बनाये रखता है।

दही का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले दो या तीन कप दही रोज़ाना खाएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा टैम्पोन को दही में डुबोकर दो घंटे के लिए योनि में लगाकर रखें।
  2. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार रोज़ाना करें।

(और पढ़ें - दही के फायदे

पेशाब करते समय होने वाले दर्द और अन्य लक्षणों के लिए नींबू बेहद अच्छे से काम करता है। नींबू के जूस में एसिड होता है, साथ ही अलकलाइज़िंग प्रभाव की वजह से भी ये शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके साथ ही इसका साइट्रिक एसिड और प्रभावी एंटीबैक्टीरियल और एंटीवाइरल गुण इस समस्या से निजात दिलाने में मदद करते हैं।

नींबू का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक नींबू को निचोड़कर उसका जूस निकाल लें और फिर इसे गुनगुने पानी के ग्लास में डाल दें।
  2. अब एक चम्मच शहद को उसमे अच्छे से मिलाकर पी जाएँ।
  3. इस मिश्रण को खाली पेट रोज़ाना पियें।

(और पढ़ें - नींबू के फायदे और नुकसान

अदरक के एंटीबैक्टीरियल और एंटीवाइरल गुण संक्रमण से निजात दिलाते हैं, जिनकी वजह से आपको पेशाब करते समय बेहद दर्द महसूस होता है।

अदरक का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले एक चम्मच अदरक के पेस्ट और कच्चे शहद को मिला लें।
  2. मिलाने के बाद इस मिश्रण का सेवन कर लें।
  3. रोज़ाना इस पेस्ट का सेवन पूरे दिन में एक बार ज़रूर करें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच अदरक के जूस को एक ग्लास गुनगुने दूध और पानी में मिला लें।
  2. अच्छे से मिलाने के बाद इसे पी जाएँ।
  3. पूरे दिन म एक बार इस पेस्ट का सेवन ज़रूर करें।

तीसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप रोज़ाना एक या दो कप अदरक की चाय पी सकते हैं।

(और पढ़ें - अदरक के फायदे और नुकसान

खीरा के ड्यूरेटिक प्रभाव की वजह से ये डायसुरिया के लिए एक बहुत ही पुराना घरेलू उपाय है। इसमें 95% पानी होता है जिसकी मदद से आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है और हानिकारक विषाक्त पदार्थ भी दूर रहते हैं। इसक साथ ही इसका ठंडा प्रभाव से शरीर का तापमान सामान्य रहता है।

खीरे का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक कप खीरे का जूस और एक चम्मच शहद और नींबू के जूस को एक साथ मिला लें।
  2. एक साथ इन सबको मिलाने के बाद इस मिश्रण को पी जाएँ।
  3. रोज़ाना इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार पियें।
  4. इसके साथ ही पूरे दिन में दो या तीन खीरा ज़रूर खाएं।  

(और पढ़ें - खीरे के फायदे और नुकसान

धनिये के बीज डायसुरिया का प्रभाव करने के लिए बेहद लाभदायक है। इसके बीज के एंटीबैक्टेरियल गुण यूरिनरी ट्रैक्ट को संक्रमण से बचाते हैं। इसके अलावा ये एक्सक्रेटरी सिस्टम (excretory system) से हानिकारक विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है और सामान्य पेशाब आने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर का गर्म तापमान सामान्य रखता है जिससे स्थिति और बिगड़ने लगती है।

धनिये के बीज का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. दो चम्मच धनिये के बीज को रक कप पानी में कुछ मिनट के लिए उबालने को रख दें।
  2. फिर ठंडा होने का इंतज़ार करें। ठंडा होने के बाद मिश्रण को छान लें और फिर इसे पूरे दिन में दो बार पियें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच धनिये के बीज के पाउडर को तीन कप पानी में मिलाएं।
  2. फिर इसे ढककर रख दें और रातभर के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें।
  3. अगले दिन इस मिश्रण में थोड़ा गुड़ मिलाकर अच्छे से चला लें।
  4. फिर एक कप इस मिश्रण को पी जाएँ।
  5. पूरे दिन में तीन बार इस मिश्रण को पियें।

(और पढ़ें - धनिये के बीज के फायदे और नुकसान

आयुर्वेद के अनुसार डायसुरिया के लिए अन्य प्रभावी उपाय है मेथी के बीज। ये योनि का PH स्तर सामान्य रखता है। ये बीज संक्रमण को दूर रखते हैं। इसकी मदद से शरीर के विषाक्त पदार्थ भी निकलते हैं।

मेथी के बीज का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. आधा चम्मच मेथी के बीज के पाउडर को एक ग्लास छाछ में मिलाकर पी लें।
  2. पूरे दिन में दो बार इस मिश्रण को पियें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच मेथी के बीज के पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाएं और पूरे दिन में दो या तीन बार इसका सेवन करें।

तीसरा तरीका -

  1. सबसे पहले एक चम्मच मेथी के बीज को रातभर के लिए पानी में डाल दें।
  2. अगले दिन इस पानी को छान लें और फिर उस पानी में आधा चम्मच शहद मिला दें।
  3. इस मिश्रण को रोज़ाना खाली पेट पियें।

(और पढ़ें - मेथी के फायदे और नुकसान

  1. जब तक आपको आराम नहीं मिल जाता तब तक रोज़ाना एक ग्लास नारियल पानी पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।
  2. कुछ आसान आराम देने वाली तकनीकी ढूंढे। तनाव और चिंताओं को दूर रखें इससे स्थिति और भी बिगाड़ सकती है।
  3. महिलायें योनि क्षेत्र को एकदम साफ़ और ड्राई रखें और जल्दी जल्दी टेम्पोंस और सैनिटरी नैपकिन्स को बदलते रहे।
  4. मल करने के बाद महिलायें उस क्षेत्र को आगे से पीछे अच्छे से साफ़ करें।
  5. लम्बे समय तक भीगे हुए कपड़े में न रहे।
  6. योनि पर इरिटेटिंग साबुन और स्प्रे का इस्तेमाल न करें।
  7. हमेशा कॉटन के अंडरवियर पहने और टाइट जीन्स और ट्रॉउज़र को न पहने।
  8. हमेशा सुरक्षित सम्बन्ध बनाएं और इंटरकोर्स से पहले या बाद में उस क्षेत्र को साफ़ करें। इंटरकोर्स के बाद पेशाब करने में देरी न करें। उसके बाद वाशरूम जाए जिससे मूत्राशय और यूरेथ्रा से बक्टेरिया निकल जाएँ।
  9. कैफीन, मसालेदार खाना, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन न करें। इससे स्थिति और भी ज़्यादा खराब हो सकती है।
  10. हमेशा विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ खाएं या डॉक्टर से पूछकर विटामिन सी के सप्लीमेंट्स लें।
  11. कभी पेशाब को रोक कर न रखें।
  12. शराब और धूम्रपान न करें।   

पानी लेने की मात्रा को हमेशा अधिक रखें इससे पेशाब करते समय होने वाले दर्द या जलन से आपको राहत मिलेगी। पानी आपके शरीर से बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। साथ ही पानी निर्जलीकरण की समस्या को भी दूर करता है। निर्जलीकरण की वजह से आपकी स्थिति और भी ज़्यादा खराब हो सकती है इसलिए पानी पीते रहें। पानी आपके शरीर के गर्म तापमान को नियंत्रित रखता है और पेशाब करने की क्षमता को बढ़ाता है।

पूरे दिन में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें। इसके अलावा आप पानीयुक्त सब्ज़ी या फल भी खा सकते हैं। सूप, जूस और अन्य तरल पदार्थ आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं।

पेशाब करते समय होने वाले दर्द को आप वार्म कंप्रेस से कम कर सकते हैं। हीट मूत्राशय के प्रेशर को कम करता है और दर्द को दूर करने में मदद करता है।

गर्म कपड़े का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले वार्म कंप्रेस या गर्म कपड़े को अपने पेट के निचले स्तर पर पांच मिनट के लिए ऐसे ही लगाकर रखें।
  2. कुछ मिनट के लिए हटा लें और फिर से कंप्रेस को रखें।
  3. दर्द से बचने के लिए आप हीटिंग पैड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

सेब के सिरके में एंटीबैक्टेरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो संक्रमण को कम करते हैं और पेशाब करते समय होने वाले दर्द को दूर करते हैं। सेब का सिरका एंज़ाइम्स, पोटैशियम और अन्य फायदेमंद खनिजों का एक समृद्ध स्त्रोत होता है और शरीर के प्राकृतिक PH स्तर को फिर से बढ़ाता है।

सेब के सिरके का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर पी जाएँ।
  2. इस मिश्रण इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके साथ ही एक या दो कप सेब के सिरके को नहाने की बाल्टी या बाथ टब में डालें।
  2. अब उस टब में 15 से 20 मिनट के लिए बैठे रहें या उस पानी को शरीर पर डालें।
  3. जब तक आपकी स्थिति सुधर नहीं जाती तब तक इस उपाय को पूरे दिन में एक बार ज़रूर दोहराएं।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान

बेकिंग सोडा डायसुरिया को कम करने में मदद करता है। ये अल्कलाइन कंपाउंड पेशाब की एसिडिटी को दूर करता है और पेशाब के दौरान होने वाली जलन से भी राहत दिलाता है। साथ ही बार बार महसूस होने वाली पेशाब की स्थिति को ठीक करता है। इसके अलावा ये शरीर का PH स्तर भी सामान्य रखता है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक ग्लास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और अच्छे से इस मिश्रण को चला लें।
  2. अब इस मिश्रण को खाली पेट पियें।
  3. कुछ हफ्ते तक इस मिश्रण को रोज़ाना पीते रहें।

(और पढ़ें - बेकिंग सोडा के फायदे और नुकसान

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