हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन एक सर्जरी प्रोसीजर है, जिसकी मदद से स्थायी रूप से गर्भावस्था को रोक दिया जाता है। इसमें फैलोपियन ट्यूब में माइक्रोइनसर्ट डिवाइस लगाकर उन्हें बंद कर दिया जाता है। फैलोपियन ट्यूब एक विशेष नली है, जो अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक लेकर जाती है। फैलोपियन ट्यूब के अंदर देखने और माइक्रोइनसर्ट को लगाने के लिए हिस्टेरोस्कोप का इस्तेमाल किया जाता है। जब फैलोपियन ट्यूब में माइक्रोइनसर्ट लगा दिए जाते हैं, तो इनके आसपास ऊतक बनने लग जाते हैं और परिणामस्वरूप नली रुक जाती है। इस प्रकार फैलोपियन ट्यूब को रोककर गर्भाधान प्रक्रिया रोक दी जाती है। यदि आप भविष्य में बच्चे पैदा नहीं करना चाहती हैं, तो डॉक्टर हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी करवाने की सलाह देते हैं। हालांकि, कुछ स्थितियों में हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन नहीं किया जाता है या फिर विशेष ध्यान रखते हुए किया जाता है। इन स्थितियों में मुख्य रूप से पेल्विक संक्रमण, गर्भावस्था या प्रसव आदि शामिल हैं।

सर्जरी से पहले डॉक्टर आपको अस्पताल बुलाते हैं, जहां पर डॉक्टर सबसे पहले आपको सर्जरी प्रोसीजर से होने वाले लाभ व जटिलताओं के बारे में बताते हैं। इसके बाद यदि आप सर्जरी के लिए सहमत होते हैं, तो आपको सर्जरी से पहले की जाने वाली तैयारियों के बारे में बताया जाता है। ऑपरेशन के लिए आपको खाली पेट अस्पताल आने को कहा जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप सर्जरी के दौरान गर्भवती नहीं है, आपको ऑपरेशन से तीन हफ्ते पहले कुछ विशेष गर्भनिरोधक दवाएं दी जाती हैं और साथ ही प्रेगनेंसीं टेस्ट भी किए जाते हैं। यह सर्जरी एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर की जाती है।

सर्जरी के दौरान लगाया गया उपकरण फैलोपियन ट्यूब को पूरी तरह से बंद करने में कम से कम तीन महीने का समय लेता है, तब तक डॉक्टर आपको नियमित रूप से गर्भनिरोधक गोलियां लेते रहने की सलाह देते हैं। सर्जरी के तीन महीने बाद आपको फिर से अस्पताल बुलाया जाता है, जिसमें यह पता लगाया जाता है कि फैलोपियन ट्यूब पूरी तरह से बंद हो गई है या नहीं।

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  1. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन क्या है - What is Hysteroscopic Sterilization in Hindi
  2. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन किसलिए की जाती है - Why is Hysteroscopic Sterilization in Hindi
  3. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन से पहले - Before Hysteroscopic Sterilization in Hindi
  4. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन के दौरान - During Hysteroscopic Sterilization in Hindi
  5. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन के बाद - After Hysteroscopic Sterilization in Hindi
  6. हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन की जटिलताएं - Complications of Hysteroscopic Sterilization in Hindi

हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन क्या है?

हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन एक नॉन सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसका मतलब है कि इसमें कोई चीरा आदि लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

इस सर्जरी प्रोसीजर में माइक्रोइनसर्ट नामक एक विशेष उपकरण को योनि के माध्यम से फैलोपियन ट्यूब में लगा दिया जाता है। फैलोपियन ट्यूब मांसपेशियों से बनी दो नलियां होती हैं, जो अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक लेकर जाती हैं। इस प्रोसीजर में सर्जन सबसे पहले योनि में हिस्टेरोस्कोप नामक एक विशेष उपकरण डालते हैं, जिसके सिरे पर कैमरा और लाइट लगी होती है। इस प्रोसीजर में जब माइक्रोइनसर्ट डिवाइस को लगा दिया जाता है, तो तीन महीनों के भीतर फैलोपियन ट्यूब में ऊतक बढ़ने लगा जाते हैं। ऊतकों के बढ़ने से नली बंद हो जाती है, जिस कारण से शुक्राणु, अंडे के संपर्क में नहीं आ पाते हैं और परिणामस्वरूप गर्भधारण नहीं हो पाता है।

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इस सर्जरी के बाद आपके मासिक धर्म बंद नहीं होते हैं और न ही यह आपको यौन संचारित रोग (जैसे एड्स) से बचाती है। यह सर्जरी आमतौर पर आपके मासिक धर्म बंद होने के तुरंत बात की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप गर्भवती नहीं हैं।

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हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी क्यों की जाती है?

यह सर्जरी सिर्फ उन महिलाओं के लिए की जाती है, तो भविष्य में कभी गर्भवती होना नहीं चाहती हैं।

हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी किसे नहीं करवानी चाहिए?

कुछ स्थितियां हैं, जिनमें हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी करने से मना किया जा सकता है -

  • यदि आपको भविष्य में गर्भधारण करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • यदि आपको कॉन्ट्रास्ट डाई से एलर्जी है
  • पिछले छह हफ्तों के भीतर आपको प्रसव या गर्भपात हुआ है
  • प्रजनन अंगों में संक्रमण होना (पेल्विक संक्रमण)
  • यदि आपको लगता है कि आप गर्भवती हैं
  • फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय की संरचना में कोई असामान्यता होना (जो हिस्टेरोस्कोप की मदद से दिखाई देती है)

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हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी से पहले क्या तैयारी की जाती है?

इस सर्जरी प्रोसीजर से कुछ दिन पहले आपको अस्पताल बुलाया जाता है और आपका शारीरिक परीक्षण किया जाता है। इस दौरान आपसे आपके स्वास्थ्य से संबंधित कुछ सवाल भी पूछे जाते हैं और साथ ही सर्जरी से होने वाले लाभ व नुकसान भी आपको समझाए जाते हैं। हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन से पहले की जाने वाली तैयारियों में मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं -

  • यदि आप कोई भी दवा, हर्बल उत्पाद, विटामिन, मिनरल या कोई भी अन्य सप्लीमेंट लेते हैं तो डॉक्टर को इस बारे में बता दें। डॉक्टर इनमें से रक्त पतला करने वाली दवाओं को कुछ समय के लिए बंद करवा सकते हैं, जैसे एस्पिरिन व आइबुप्रोफेन आदि।
  • यदि आपको कोई रोग या एलर्जी आदि है, तो डॉक्टर को इस बारे में बता दें। ऐसे में रोग के लक्षणों को कम करने के लिए कुछ विशेष दवाएं दी जा सकती हैं और तब तक सर्जरी को टाला जा सकता है।
  • सर्जरी के लिए आपको खाली पेट आने को कहा जाता है, जिसके लिए आपको सर्जरी वाले दिन से पहली आधी रात के बाद कुछ भी खाने या पीने से मना किया जाता है।
  • यदि आप धूम्रपान या शराब पीते हैं, तो इन्हें भी कुछ समय के लिए छोड़ने को कहा जा सकता है। इनके सेवन से सर्जरी के बाद कई जटिलताएं हो सकती हैं।
  • आपको सर्जरी से तीन हफ्ते पहले गर्भनिरोधक गोलियां देना शुरू कर दी जाती हैं, ताकि सर्जरी के दौरान आप गर्भवती न हों।
  • सर्जरी से पहले कई बार आपका प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया जा सकता है, जिसके लिए आपको सुबह के पहले पेशाब का सेंपल लाने को कहा जाता है। पेशाब का सेंपल लाने के लिए आपको अलग से दिशानिर्देश दिए जा सकते हैं।
  • सर्जरी वाले दिन आपको अपने साथ किसी करीबी रिश्तेदार या मित्र को लाने को कहा जाता है, जो सर्जरी से पहले और बाद के कार्यों में आपकी मदद करते हैं।
  • अंत में आपको सहमति पत्र दिया जाता है, जिसपर हस्ताक्षर करके आप सर्जन को सर्जरी करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे एक बार अच्छे से पढ़ लेना चाहिए।

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हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी कैसे की जाती है?

जब आप सर्जरी के लिए अस्पताल पहुंच जाते हैं, तो मेडिकल स्टाफ आपको एक मेडिकल गाउन देते हैं। आपको पेशाब करके मूत्राशय खाली करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद आपको ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जाता है और टेबल पर लिटा दिया जाता है। आपके पैरों को टेबल की बराबर में लगे स्टीरप्स पर रखवा दिया जाता है, जिससे आपको टांगें खुल जाती हैं।

इसके बाद हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन का सर्जरी प्रोसीजर शुरू किया जाता है, जो कुछ इस प्रकार है -

  • सबसे पहले सर्जरी वाले हिस्से में लोकल एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया जाता है, जिससे वह हिस्सा पूरी तरह से सुन्न हो जाता है। आपको कुछ सीडेटिव दवाएं भी दी जा सकती हैं, जिससे आप सर्जरी के दौरान शांत रहते हैं।
  • जब एनेस्थीसिया का असर शुरू हो जाता है, तो योनि में स्पेक्युलम नामक एक उपकरण डाला जाता है जो योनिद्वार को खोल देता है और सर्जन सर्विक्स (गर्भाशय का मुंह) तक पहुंच पाते हैं।
  • इसके बाद योनि से होते हुए गर्भाशय में हिस्टेरोस्कोप को डाला जाता है। हिस्टेरोस्कोप के माध्यम से गर्भाशय में सेलाइन सॉलूशन डाला जाता है, जिसकी मदद से अंदरूनी संरचना को स्पष्ट रूप से देखा जाता है।
  • जब यह सुनिश्चित हो जाता है कि फैलोपियन ट्यूब और उपकरण का सिर एक सीधी रेखा में हैं, तो हिस्टेरोस्कोप की मदद से धीरे-धीरे माइक्रोइनसर्ट को फैलोपियन ट्यूब में धकेला जाता है।
  • जब माइक्रोइनसर्ट फैलोपियन ट्यूब में पहुंच जाते हैं, तो सर्जन पुष्टि के लिए उनकी लोकेशन का पता लगाते हैं और हिस्टेरोस्कोप को निकाल देते हैं।

इसी प्रोसीजर को दूसरी फैलोपियन ट्यूब के लिए किया जाता है। जब हिस्टेरोस्कोप लग जाता है, तो डिवाइस को फैलोपियन ट्यूब में लगाने में सिर्फ 10 मिनट का समय लगता है। इस सर्जरी प्रोसीजर के बाद आपको रिकवरी रूम में शिफ्ट कर दिया जाता है। रिकवरी रूम में भी लगातार आपके शारीरिक संकतों पर नजर रखी जाती है, जैसे पल्स रेट, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट आदि। इसके बाद अल्ट्रासाउंड स्कैन भी किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि माइक्रोइनसर्ट अभी तक अपनी जगह पर लगे हैं। यदि आपका स्वास्थ्य ठीक है, तो सर्जरी के एक घंटे बाद आपको घर जाने के लिए छुट्टी मिल सकती है।

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हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी के बाद की देखभाल कैसे करें?

हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी के बाद आपको निम्न देखभाल करने की सलाह दी जाती है -

  • दवाएं
    • सर्जरी के बाद आपको कुछ समय तक दर्द रह सकता है, जिसके लिए आपको दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं।
    • सर्जरी के बाद भी आपको कम से कम तीन महीनो तक गर्भनिरोधक दवाएं लेते रहने को कहा जाता है। हालांकि, आपको कोन सी गर्भनिरोधक दवा लेनी है इस बारे में डॉक्टर से जरूर पूछ लें।
       
  • शारीरिक गतिविधियां
    • सर्जरी के एक या दो दिन बाद आपको अपनी दिनचर्या के सामान्य कार्य करने की अनुमति दी जा सकती है।
    • आपको कम से कम दो हफ्तों तक यौन संबंध बनाने से मना किया जाता है।
    • सर्जरी के बाद कम से कम दो हफ्तों तक आपको ड्यूसिंग या टैम्पोन का इस्तेमाल करने से भी मना किया जाता है।
       

डॉक्टर को कब दिखाएं?

सर्जरी के बाद यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या होती है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए -

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हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी से क्या जोखिम हो सकते हैं?

हिस्टेरोस्कोपिक स्टरलाइजेशन सर्जरी से निम्न जोखिम व जटिलताएं हो सकती हैं -

  • एक्टोपिक प्रेगनेंसी (गर्भावस्था गर्भाश्य की जगह किसी अन्य हिस्से में शुरू हो जाना जैसे फैलोपियन ट्यूब)
  • संक्रमण
  • गर्भाशय में दरार आना
  • ब्लीडिंग
  • माइक्रोइनसर्ट में मौजूद धातु से एलर्जी होना
  • पेल्विस मे दर्द
  • डिवाइस अपनी जगह से हिल जाना
  • माइक्रोइनसर्ट ठीक से लग न पाना
  • लंबे समय तक दर्द रहना
  • फैलोपियन ट्यूब में छिद्र या दरार आ जाना

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संदर्भ

  1. Saint Luke's Hospital [Internet]. Kansas City. US; Understanding transcervical hysteroscopic sterilisation
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  4. Beth Israel Lahey Health: Winchester Hospital [Internet]. Winchester. Maryland. US; Hysteroscopic Sterilization
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