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  1. पेट के कैंसर की सर्जरी क्या है?
  2. पेट के कैंसर की सर्जरी की ज़रुरत कब होती है?
  3. पेट के कैंसर की सर्जरी के लिए तैयारी
  4. पेट के कैंसर की सर्जरी कैसे की जाती है?
  5. पेट के कैंसर की सर्जरी के बाद देखभाल
  6. पेट के कैंसर की सर्जरी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम

पेट के कैंसर की सर्जरी क्या है? - What is Stomach Cancer Surgery in Hindi?

पेट कैंसर की सर्जरी में पेट के कैंसरयुक्त भाग और आसपास के लिम्फ नोड्स और अंगों को निकालने के लिए प्रक्रियाएं शामिल हैं। यह कैंसर के लक्षणों से रोगी को राहत प्रदान कराने के लिए भी किया जा सकता है।

पेट के कैंसर की सर्जरी की ज़रुरत कब होती है? - When is Stomach Cancer Surgery required in Hindi?

कैंसर के चरण के आधार पर पेट कैंसर के लिए उपचार के प्रकार का निर्णय लिया जाता है। स्टेजिंग एक विधि है जो कैंसर के प्रसार और गंभीरता का आकलन करने के लिए की जाती है। पेट के कैंसर को 0-4 तक 5 चरणों में वर्गीकृत किया गया है। पेट सर्जरी का उपयोग निम्न में किया जाता है:

उपशमन (Palliation)
कैंसर के साथ ट्यूमर का विकास भी होता है। पेट के कैंसर के मामले में, ट्यूमर बढ़ सकता है और अंततः पाचन तंत्र में भोजन के मार्ग को अवरुद्ध करना शुरू कर सकता है।
अन्य उपचार विकल्पों का काम न करना:
सर्जरी को आमतौर पर किसी भी समस्या का इलाज करने के लिए पहला विकल्प नहीं माना जाता है। कैंसर के मामले में, विकिरण चिकित्सा (radiation therapy) और औषधीय चिकित्सा (medicinal therapy) को आमतौर पर पहले चुना जाता है। कुछ मामलों में वे काम नहीं करते हैं, इसका कारण यह हो सकता है की कैंसर उन्नत चरण में है या इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि विकिरण चिकित्सा और औषधीय चिकित्सा साथ में करने से इनका निराकरण हो गया हो। फिर ऑन्कोलॉजिस्ट सर्जरी का ही फैसला करते हैं। 
अन्य उपचारों के साथ:
कैंसर के मामलों में, कई बार चिकित्सा का केवल एक ही तरीका पर्याप्त नहीं होता है। ऐसे मामलों में, सर्जरी का उपयोग रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी के साथ किया जा सकता है।
कैंसर को फैलने से रोकने के लिए:
सर्जरी कभी-कभी पेट के आस-पास के लिम्फ नॉड्स को हटाने के लिए की जाती है, जो कैंसर से प्रभावित हो भी सकते हैं और नहीं भी। लिम्फ नोड्स को हटाने से कैंसर को आगे फैलने से रोकने में मदद मिलती है। कैंसर का प्रसार होने के लिए लिम्फ नोड्स सबसे आम ज़रिया हैं।

कैंसर के लिए की जाने वाली सर्जरी उनके चरण पर निर्भर करती है। सर्जरी और उपचार के अन्य तरीकों के बीच थोड़ा बहुत अंतर है। औषधि चिकित्सा या विकिरण चिकित्सा के लिए बहुत व्यापक पूर्व नियोजन की आवश्यकता नहीं होती जैसी सर्जरी के लिए होती है। यदि मेडिकल/ औषधि चिकित्सा दी जानी है, तो चिकित्सक मामले का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करेगा, और किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर सबसे उपयुक्त दवाइयां बताएगा।

पेट के कैंसर की सर्जरी के लिए तैयारी - Preparing for Stomach Cancer Surgery in Hindi

सर्जरी की तैयारी के लिए आपको निम्न कुछ बातों का ध्यान रखना होगा और जैसा आपका डॉक्टर कहे उन सभी सलाहों का पालन करना होगा: 

  1. सर्जरी से पहले किये जाने वाले टेस्ट्स/ परीक्षण (Tests Before Surgery)
  2. सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया की जांच (Anesthesia Testing Before Surgery)
  3. सर्जरी की योजना (Surgery Planning)
  4. सर्जरी से पहले निर्धारित की गयी दवाइयाँ (Medication Before Surgery)
  5. सर्जरी से पहले फास्टिंग/ खाली पेट रहना (Fasting Before Surgery)
  6. सर्जरी का दिन (Day Of Surgery)
  7. सामान्य सलाह (General Advice Before Surgery)

इन सभी के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर जाएँ - सर्जरी से पहले की तैयारी

पेट के कैंसर की सर्जरी कैसे की जाती है? - How is Stomach Cancer Surgery done?

पेट के कैंसर की सर्जरी को पेट के कैंसरयुक्त भाग,या पेट के किसी हिस्से या पूरे पेट को निकालने के लिए किया जाता है। यह प्रभावित क्षेत्र पर निर्भर करता है। सर्जिकल तरीके निम्नानुसार हैं:

गैस्ट्रेक्टमी (Gastrectomy)
एन्डोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन (Endoscopic Mucosal Resection)
फीडिंग ट्यूब प्लेसमेंट (Placement of Feeding Tube)
लिम्फडेनिकटमी (Lymphadenectomy)
ट्यूमर एब्लेशन (Tumor Ablation)
गैस्ट्रिक बाईपास (Gastric Bypass)
स्टेंट प्लेसमेंट (Stent placement)

गैस्ट्रैक्टमी (Gastrectomy)

गैस्ट्रैक्टमी सर्जरी में पेट का हिस्सा या पूरा पेट निकाला जाता है। जब पेट का ऊपरी या निचला भाग निकाला जाता है और बाकी पूरा पेट स्वस्थ होता है तो उसे पार्शियल गेस्टरक्टमी (partial gastrectomy) कहा जाता है। यदि पेट के ऊपरी हिस्से को हटा दिया जाता है, तो निम्न घुटकी (esophagus) का कुछ हिस्सा इसके साथ काटा जा सकता है। इस प्रक्रिया में, पेट के ऊपरी भाग और छाती के कुछ हिस्से पर एक ऊर्ध्वाधर (vertical) चीरा बनाया जाता है। कभी-कभी 2 सर्जिकल चीरों की भी आवश्यकता हो सकती है। 

 

यदि पेट के निचले हिस्से को हटा दिया जाता है, तो ग्रहणी (duodenum) के कुछ हिस्से को भी निकला जा सकता है। यदि अन्य अंगों में कैंसर के फैलने का खतरा होता है तो निकटस्थ लिम्फ नोड्स को हटाया जा सकता है। यदि स्प्लीन, लिवर जैसे आसन्न (adjacent) अंगों में भी कैंसर का खतरा है, तो प्रभावित भागों को भी निकाल दिया जाता है।

यदि पूरे पेट को हटा दिया जाता है, तो घुटकी और छोटी आंतों के ऊपरी कुछ भाग को सर्जरी के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ा जाता है। इससे पाचन तंत्र की निरंतरता सुनिश्चित होती है। अगर पेट का कोई हिस्सा हटाया जाता है, तो शेष भाग को या तो सर्जरी से ऊपरी तरफ घुटकी से या निचली तरफ   छोटी आंत से जोड़ दिया जाता है।

यदि कैंसर पूरे पेट में फैल गया है तो टोटल गैस्ट्रेक्टमी की जाती है।  

सर्जरी के दौरान आपके पेट पर एक ऊर्ध्वाधर (vertical) चीरा बनाया जा सकता है, या एक साथ दो चीरे या ऊतक त्वचा पर आकृति के आकार का चीरा लगाया जा सकता है। सामान्यतः यह प्रक्रिया 1-3 घंटों के बीच पूरी हो जाती है।

निम्नलिखित दो तरीके हैं जिससे गॉटेस्ट्रोमी किया जा सकता है: 

ओपन गैस्ट्रेक्टमी (Open Gastrectomy)
इस प्रक्रिया में पेट के आस-पास एक चीरा बनाया जाता है। पेट के नीचे मौजूद वसा और मांसपेशियों की परतों को सावधानी से काटा जाता हैं। निकटतम स्वस्थ अंगों, रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को नुकसान न पहुंचे इसका ख़ास ख्याल रखा जाता हैI पूरे पेट या उसके प्रभावित हिस्से को हटा दिया जाता है। ओमेन्टम () का कुछ हिस्सा भी हटाया जा सकता है। ओमेन्टम एक मोटी परत है जो पाचन तंत्र में पेट को सही स्थिति पर बनाए रखती है। प्रक्रिया के बाद चीरे को टाँके से सील दिया जाता है।


लैप्रोस्कोपिक गैस्ट्रेक्टमी (Laparoscopic Gastrectomy)
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में ओपन सर्जरी की अपेक्षाकृत बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। सर्जरी के  उपकरण सम्मिलित करने के लिए छोटे छोटे कई चीरे बनाये जाते हैं। इन्हीं में से एक चीरे के माध्यम से, एक कैमरा डाला जाता है जो सर्जन को पेट के आंतरिक संरचनाओं को देखने और सावधानीपूर्वक और सही तरीके से सर्जरी करने में मदद करता है। छोटे चीरों के कारण, ओपन सर्जरी की तुलना में  इस प्रक्रिया में रक्त की कमी भी कम होती है। दोनों पार्शियल और टोटल गैस्ट्रेक्टमी लैपेरोस्कोपिक रूप से की जा सकती हैं।

एन्डोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन (Endoscopic Mucosal Resection)

इस प्रक्रिया में पेट में मौजूद कैंसर ग्रस्त हिस्से के साथ साथ पेट की भित्ति के भी कुछ हिसे को भी निकला जाता है जो कैंसर से अप्रभावित होती है। यह सर्जरी केवल तब ही प्रभावी होती है जब यह प्रारंभिक चरण में की जाती है यानि जब कैंसर पेट की आंतरिक परत तक सीमित होता है और लिम्फ नोड्स भी प्रभावित नहीं होती है।

एक एंडोस्कोप को मुंह के माध्यम से पेट में डाला जाता है। एन्डोस्कोप एक लम्बी टूयब होती है जिसके के एक छोर पर एक वीडियो कैमरा लगा होता है। ट्यूब मुंह से गले में चला जाता है जिसके बाद वह पेट में उतरा जाता है। एंडोस्कोप के माध्यम से कैंसरयुक्त ऊतकों को निकालने के लिए आवश्यक उपकरणों को डाला जाता है। सर्जन स्पष्ट रूप से वीडियो कैमरा की सहायता से सभी आंतरिक भागों को ठीक ढंग से देख सकता है।

इस प्रक्रिया के दौरान त्वचा पर कोई चीरा देने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि ओंकोसर्जन (oncosurgeon) को आवश्यकता महसूस होती है तो निकाले गए पेट के ऊतक को परिक्षण के लिए भेजा जाता है। 

फीडिंग ट्यूब प्लेसमेंट (Placement of Feeding Tube)

इस सर्जरी को आमतौर पर गैस्ट्रोक्टोमी के समय किया जाता है अगर संपूर्ण पेट को या उसके काफी हिस्से को हटा दिया जाता है, तो पाचन सामान्य तरीके से नहीं हो सकता। रोगी की पोषण स्थिति में बाधा आ सकती है इस सर्जरी में जेजुनम (jejunum) में एक ट्यूब लगाया जाता है। ट्यूब का एक छोर रोगी के शरीर के बाहर रहता है इस छोर सेब, तरल पदार्थ सीधे आंत में डाले जाते है। यह सर्जरी के बाद होने वाले कुपोषण से रोगी को बचता है।

लिम्फडेनिकटमी (Lymphadenectomy)

लिम्फडेनिकटमी शब्द का अर्थ है लिम्फ नोड्स को हटाना गैस्ट्रैक्टोमी आमतौर पर लिम्फ नोड्स को हटाया जाता है। लिम्फ नोड्स कैंसर के प्रसार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए, उनको हटाने से यह सुनिश्चित होता है कि कैंसर आगे नहीं फैलेगा। पेट के आस पास के सभी लिम्फ नोड्स हटा दिए जाते हैं; चाहे वे कैंसर-ग्रस्त हों या न हों।

ट्यूमर एब्लेशन (Tumor Ablation)

कुछ मामलों में, कैंसर को केवल कुछ हद तक ही समाप्त किया जा सकता है ऐसे में, कैंसर के लक्षणों को कम करने के लिए सर्जरी की जाती है। ऐसी ही एक प्रक्रिया ट्यूमर एब्लेशन है।

एंडोस्कोप को पेट तक पहुंचाया जाता है और इस प्रक्रिया के दौरान ट्यूमर को ख़तम करने के लिए लेजर बीम का उपयोग किया जाता है। यह आगे होने वाली जटिलताओं जैसे  ट्यूमर से रक्तस्राव, पाचन तंत्र को अवरुद्ध करना आदि को रोकता है। इस प्रक्रिया में किसी चीरे की आवश्यकता नहीं होती है। इस तरह का उपचार उपशामक चिकित्सा का हिस्सा होता है यह करीब आधे घंटे तक रहता है। 

गैस्ट्रिक बाईपास (Gastric Bypass)

जब ट्यूमर पेट के निचले हिस्से में मौजूद होता है तो यह सर्जरी एक विकल्प होती है। ट्यूमर बड़ा होकर पेट के आउटलेट को ब्लॉक कर सकता है। यदि मरीज सर्जरी कराने के लिए फिट है, तो गैस्ट्रिक बाईपास एक विकल्प है। इस प्रक्रिया में पेट के ऊपरी हिस्से को जेजुनम से जोड़ा जाता है। यह आंत तक आसानी से भोजन का पारित होना सुनिश्चित करता है। 

गैस्ट्रिक बाइपास ओपन या लैप्रोस्कोपिक विधि द्वारा किया जा सकता है। प्रारंभिक प्रक्रिया दोनों सर्जरी के लिए भिन्न होती है ओपन सर्जरी में पेट पर एक बड़ा चीरा बनाया जाता है। लैप्रोस्कोपिक विधि में कई  चीरें लगाने पड़ते हैं जो ओपन सर्जरी के अपेक्षाकृत छोटे होते हैं। एक चीरे के माध्यम से वीडियो कैमरा डाला जाता है जो आंतरिक संरचनाओं को चित्रित करने में मदद करता है। आगे की प्रक्रिया दोनों तरीकों के लिए एक ही है।

अंतर्निहित फैटी ऊतक और मांसपेशियों को आसन्न स्वस्थ संरचनाओं को नुकसान से बचाने के उद्देश्य से काट दिया जाता है। जेजुनम का एक हिस्सा सावधानी से छेड़ दिया जाता है और ऊपरी पेट से जोड़ दिया जाता है। प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ओवरलाइनिंग त्वचा को ठीक ढंग से सील दिया जाता है। गैस्ट्रिक बाईपास प्रक्रिया को पूरा होने के लिए करीब 2 घंटे की आवश्यकता होती है।

स्टेंट प्लेसमेंट (Stent Placement)

जब ट्यूमर के बढ़ने और पेट के आउटलेट (निकास) को अवरुद्ध करने का खतरा बढ़ जाता यही तब स्टेंट का प्रयोग किया जाता है इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह है की खाना आसानी से पारित हो सके। स्टेंट कहाँ लगेगा यह ट्यूमर के किस स्थान पर है इसपर निर्भर करता है।  यह प्रक्रिया एंडोस्कोपिक रूप से की जाती है। 

पेट के कैंसर की सर्जरी के बाद देखभाल - What to do after Stomach Cancer Surgery?

सर्जरी पूरा होने का यह मतलब नहीं है कि इलाज खत्म हो गया है। जब तक रोगी को अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जाती तब तक रोगी की अच्छे से देखभाल की जाती है। दवाइयों, और देखभाल के अन्य तरीकों से यह सुनिश्चित होता है कि रोगी जल्द ही पुनः स्वस्थ हो सकें। इन सभी कारकों को नीचे विवरण में वर्णित किया गया है:

सर्जरी के तत्काल बाद

सर्जरी के पूरा होने के बाद:

सर्जरी के बाद रोगी को ऑपरेटिंग रूम से बाहर स्थानांतरित किया जाता है। आंत्र गतिविधियों, रक्तचाप, नाड़ी, श्वसन दर की सावधानीपूर्वक और नियमित रूप से निगरानी की जाती है। सर्जरी से पहले मूत्राशय में कैथेटर (catheter) रखा जाता है। इसे 2-3 दिनों के लिए रखा जा सकता है। एक नेज़ो-गैस्ट्रिक ट्यूब (naso-gastric tube) रोगी से जुड़ा होती है। यह एक सक्शन मशीन (suction machine) से जुड़ा होता है यह मशीन पेट को खाली रखता है। जब पेट से गड़गड़ाहट की आवाज़ (Bowel sounds) वापिस आने लगती है तो, ट्यूब हटा दी जाती है। सर्जरी के दौरान, जनरल एनेस्थेसिया के कारण आंतों का अस्थायी रूप से स्थानांतरित होना बंद हो जाता है। इसलिए, पेट की आवाज़ यह संकेत देती है कि एनेस्थेसिया का असर ख़त्म हो गया है और पाचन तंत्र ने सामान्य रूप से कार्य करना शुरू कर दिया है। सामान्य श्वास के फिर से शुरू होने के बाद श्वसन ट्यूब को हटाया जा सकता है।

पहले कुछ दिनों के लिए आहार:
पहले कुछ दिनों के लिए तरल आहार दिया जाता है। यदि वह बर्दाश्त हो जाता है, तो रोगी को सरल और नरम ठोस भोजन दिया जायेगा जो कि पचाने में आसान है।

पोस्ट ऑपरेटिव दवाएं:
सर्जरी के बाद, रोगी को सर्जरी के स्थल पर दर्द का अनुभव हो सकता है सर्जरी के बाद रोगी संक्रमण भी विक्सित कर सकते हैं इसीलिए उन्हें दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं

पहले कुछ दिनों के लिए घरेलु देखभाल:
सर्जरी के एक या दो दिन बाद मरीज़ चल फिर सकता है। अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी ये सर्जरी के बाद मरीज़ के स्वस्थ्य दर पर निर्भर करता है। निर्धारित अंतरालों पर नियमित रूप से डॉक्टर के पास जांच करने जाना चाहिए। रोगी को एक डाइटीशियन (Dietician; आहार विशेषज्ञ)  से संपर्क करने की सलाह दी जा सकती है जो सभी पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त आहार सुझाएंगे और जो उपभोग और पचाने में भी आसान हो।

सर्जरी के साथ-साथ, कैंसर का इलाज करने के लिए विकिरण चिकित्सा और कीमोथेरेपी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उपचार के इन सभी तरीकों का इस्तेमाल अलग से किया जा सकता है या एक दूसरे के साथ किया जा सकता है।

लम्बे समय तक ध्यान देने योग्य बातें

स्वास्थ्य की जागरूकता
कैंसर का इलाज होने के बाद, कोई गारंटी नहीं है कि यह पुनः नहीं होगा। इसके फिर से होने से बचा जा सकता है यदि मरीज सतर्क रहे और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहे। किसी भी नए लक्षण के विकास के बारे में उन्हें चौकस होना चाहिए और चिकित्सक से तुरंत सलाह करनी चाहिए।

आहार
आहार प्रतिबंधों का पालन करना आवश्यक है। अगर गैस्ट्रेक्टमी का उपयोग किया गया है, तो प्राकृतिक पाचन की प्रक्रिया थोड़ा प्रभावित हो सकती है। मरीज़ों को एक समय में ज़्यादा खाने से बचना चाहिए तथा तले और मसालेदार खाने से भी बचना चाहिए। शराब और तंबाकू का बिलकुल उपयोग नहीं करना चाहिए। जो लोग मांस खाते हैं, उन्हें जितना संभव हो उतना संभवतः प्रतिबंधित करना चाहिए क्योंकि यह पचाने में भारी होता है।

स्वस्थ जीवनशैली
कैंसर और उसके उपचार के बाद ठीक होने के लिए आवश्यक है की आपकी जीवनशैली स्वस्थ हो। आपको नियमित रूप से व्यायाम और पूर्ण आहार वाला भोजन लेना चाहिए, पूरी नींद लेनी चाहिए और अनावश्यक तनाव से दूर रहना चाहिए।

पेट के कैंसर की सर्जरी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम - Risks and Complications of Stomach Cancer Surgery in Hindi

उपचार के बाद रोगियों में निम्नलिखित जटिलताओं को देखा जा सकता है:

  • एनेस्थेसिया से अलेर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसके कारण सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
  • सर्जरी के दौरान आसन्न स्वस्थ अंगों को कभी कभी आकस्किमिक क्षति पहुंच सकती है।
  • कई बार ट्यूमर से अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। यह रक्त के थक्कों का निर्माण भी कर सकता है ऐसे मामलों में, ब्लड ट्रांसफ्यूजन  की आवश्यकता हो सकती है। रक्त के थक्कों को सर्जरी से हटा सकते हैं या दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है। हालांकि, इन दवाइयों को बहुत सावधानी के साथ प्रशासित किया जाना चाहिए।
  • कई बार मतली, उल्टी, या पेट में दर्द की शिकायत हो सकती है। इन लक्षणों को कम करने में दवाएं मदद करती हैं
  • पेट विटामिन बी का अवशोषण करता है। गैस्ट्रोटेमी के कारण अक्सर इस विटामिन की कमी हो सकती है। हालांकि यह पोषण पूरक के साथ सही हो सकता है।​

पेट के कैंसर के हर मामले में अलग उपचार की जरूरत होती है। प्रत्येक मामले में सर्जरी की एक ही विधि का उपयोग नहीं किया जा सकता है। सर्जरी और उपचार के अन्य तरीकों से संबंधित निर्णय कैंसर  रोगी की आयु, सामान्य स्वास्थ्य और कैंसर की तीव्रता के आधार पर ओंकोलॉजिस्ट (oncologist) और ओंकोसर्जन (oncosurgeon) द्वारा किया जाता है। उपरोक्त जानकारी आपको पेट कैंसर के लिए सर्जरी के संबंध में क्या उम्मीद करनी है, इसका एक मूल अनुमान देती है।

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