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परिचय

एंटीजन एक ऐसा पदार्थ होता है जिसके कारण प्रतिरोधक क्षमता किसी रोग या संक्रमण के प्रति प्रतिक्रिया देती है। कार्बोहाइड्रेट एंटीजन सीए 19-9 एक प्रकार का एंटीजन होता है जो अग्नाशय की कैंसर कोशिकाओं द्वारा स्त्रावित किया जाता है। इसको ट्यूमर मार्कर भी कहा जाता है। ट्यूमर मार्कर वे पदार्थ होते हैं जो शरीर में कैंसर होने की प्रतिक्रिया के रूप में सामान्य कोशिकाओं या कैंसर कोशिकाओं द्वारा बनाए जाते हैं। यह एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो कुछ कैंसर कोशिकाओं की सतह पर पाए जाते हैं। जब यह कैंसर कोशिकाओं से स्त्रावित होता है, तो यह खून में भी पाया जाता है। 

जो लोग स्वस्थ होते हैं उनके खून में कम मात्रा में सीए 19-9 पाया जाता है। यदि किसी व्यक्ति में सीए 19-9 का स्तर अधिक हो तो यह अग्नाशय कैंसर का संकेत दे सकता है। लेकिन कभी-कभी सीए 19-9 का अधिक स्तर अन्य कैंसर या अन्य कई विकारों का संकेत भी दे सकता है जैसे सिरोसिस और पित्त में  पथरी आदि।

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  1. सीए 19.9 टेस्ट क्या होता है? - What is CA 19.9 Test in Hindi?
  2. सीए 19.9 टेस्ट कब करवाना चाहिए - When to get tested with CA 19.9 Test in Hindi
  3. सीए 19.9 टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of CA 19.9 Test in Hindi
  4. सीए 19.9 टेस्ट से पहले - Before CA 19.9 Test in Hindi
  5. सीए 19.9 टेस्ट के दौरान - During CA 19.9 Test in Hindi
  6. सीए 19.9 टेस्ट के बाद - After CA 19.9 Test in Hindi
  7. सीए 19.9 टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of CA 19.9 Test in Hindi
  8. सीए 19.9 टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है - What do the results of CA 19.9 Test mean in Hindi

सीए 19-9 टेस्ट क्या है?

सीए 19-9 टेस्ट की मदद से खून में कैंसर एंटीजन 19-9 नामक एक प्रोटीन की जांच की जाती है। सीए 19-9 एक प्रकार का ट्यूमर मार्कर होता है। सीए 19-9 की सामान्य से अधिक मात्रा आमतौर पर अग्नाशय कैंसर के मामलों में ही होती है। लेकिन लिवर, पित्ताशय और अग्नाशय में कैंसर या इन्फेक्शन होने के कारण भी सीए 19-9 का स्तर बढ़ सकता है। यह टेस्ट कैंसर की जांच करने के लिए नहीं है।

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सीए 19-9 टेस्ट कब करवाना चाहिए?

यदि किसी व्यक्ति के परीक्षण के दौरान उसको अग्नाशय कैंसर पाया गया है या उसको ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं जो अग्नाशय कैंसर का संकेत देते हैं, तो ऐसी स्थिति में सीए 19-9 टेस्ट किया जा सकता है। अग्नाशय कैंसर के शुरुआती संकेत व लक्षण आमतौर पर हल्के व अस्पष्ट होते हैं। इसके निम्न उदाहरण हैं: 

अग्नाशय कैंसर के गंभीर चरण निम्न हो सकते हैं:

  • लंबे समय से दर्द
  • जी मिचलाना
  • कुअवशोषण
  • ब्लड ग्लूकोज कंट्रोल करने में दिक्कत होना

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सीए 19-9 टेस्ट किसलिए किया जाता है?

सीए 19-9 टेस्ट करने के उद्देश्य मुख्य रूप से निम्न हो सकते हैं:

  • इसका उपयोग अग्नाशय कैंसर के मरीजों के लिए किया जाता है, इस टेस्ट की मदद से यह पता लगाया जाता है कि कैंसर का इलाज कितने अच्छे से काम कर पा रहा है। इस टेस्ट को हर हफ्ते में एक बार किया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जाए को इलाज ने काम करना बंद तो नहीं किया है। 
  • सीए 19-9 टेस्ट की मदद से यह भी पता लगाया जा सकता है इलाज के दौरान भी कैंसर बढ़ तो नहीं रहा है या फिर इलाज सफल होने के बाद कैंसर फिर से विकसित तो नहीं हो गया है। 
  • यदि आपके लक्षणों के कारण आपको ऐसा लगता है कि आपको कैंसर हो सकता है या फिर आपके परिवार में पहले किसी को यह कैंसर हो चुका है तो ऐसी स्थिति में आपको सीए 19-9 टेस्ट करवा लेना चाहिए। परीक्षण के रूप में अन्य टेस्टों के साथ भी आपको यह टेस्ट करवाने की आवश्यकता पड़ सकती है। 

सीए 19-9 टेस्ट से पहले क्या करें?

सीए 19-9 टेस्ट करवाने से पहले कोई खास तैयारी करवाने की जरूरत नहीं है। यदि आप किसी प्रकार की दवा लेते हैं या आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या या फिर एलर्जी आदि है, तो टेस्ट करवाने से पहले ही इस बारे में डॉक्टर को बता देना चाहिए। आपकी स्थिति के अनुसार डॉक्टर आपको कुछ सुझाव भी दे सकते हैं। 

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सीए 19-9 के दौरान क्या होता है?

यह एक सामान्य खून टेस्ट होता है, जिसमें खून का सेंपल लिया जाता है। इस दौरान डॉक्टर को आपकी बांह की नस से खून निकालने की आवश्यकता पड़ती है। 

खून निकालने के लिए सुई लगाने से पहले डॉक्टर उस जगह की एंटीसेप्टिक दवा से सफाई करते हैं ताकि त्वचा पर मौजूद किसी प्रकार रोगाणु को नष्ट किया जा सके।

उसके बाद डॉक्टर बांह के ऊपरी हिस्से पर एक रबर की पट्टी बांध देते हैं जिसे आपकी नसों में खून का बहाव रुक जाता है और वे खून से भर जाती हैं। नस को ढूंढ कर उसमें एक स्टेराइल (किटाणु रहित की गई) सुई लगा दी जाती है। खून को सुई से जुड़ी ट्यूब में भर लिया जाता है।

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सीए 19-9 टेस्ट के बाद क्या किया जाता है?

खून निकालने के बाद सुई को निकाल लिया जाता है और सुई के स्थान पर कुछ मिनट हल्का दबाव देकर रखा जाता है ताकि खून निकलने से रोकथाम की जा सके। 

उसके बाद खून के सेंपल को जांच के लिए लेबोरेटरी में भेज दिया जाता है। टेस्ट के रिजल्ट के बारे में बात करने के लिए डॉक्टर आपको कई बार अस्पताल बुला सकते हैं। 

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सीए 19-9 टेस्ट के जोखिम क्या हैं?

खून निकालने की प्रक्रिया से संबंधित कुछ टेस्ट हो सकते हैं। 

सुई लगाने के बाद आपको हल्का दर्द महसूस हो सकता है और त्वचा पर नील भी पड़ सकता है। आमतौर पर यह स्थिति जल्दी ही ठीक हो जाती है। जब खून निकालने के लिए सुई को त्वचा में डाला जाता है, तो आपको थोड़ी चुभन व दर्द महसूस होता है। आपकी त्वचा में हल्की सूजन भी आ सकती है। ये सभी समस्याएं लगभग एक दिन तक ही रह पाती हैं। 

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सीए 19-9 टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब है?

सीए 19-9 टेस्ट का कई अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करता है, जिसमें उम्र, लिंग, स्वास्थ्य, टेस्ट करने का तरीका व अन्य कई तरीके शामिल हैं। आपके टेस्ट के रिजल्ट का मतलब जरूरी नहीं है कि आपको किसी प्रकार की समस्या है। आपके टेस्ट के रिजल्ट का सही मतलब जानने के लिए आप अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं। 

रिजल्ट को यूनिट प्रति मिलि लिटर (U/mL) के अनुसार मापा जाता है। सीए 19-9 टेस्ट का सामान्य रिजल्ट 37 यूनिट प्रति मिलि लिटर से कम होता है।

यह भी जानना जरूरी होता है कि सीए 19-9 का रिजल्ट सामान्य से अधिक होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि आपको कैंसर है। 

सीए 19-9 का सामान्य से ज्यादा स्तर स्वस्थ व्यक्तियों में भी मिल सकता है और उन लोगों में भी पाया जाता है जिनको कैंसर से संबंधित या बिना कैंसर कि समस्याएं हैं। 

ऐसी समस्याएं जो कैंसर से संबंधित नहीं हैं, जैसे:

सीए 19-9 टेस्ट के रिजल्ट का मतलब: 

  • यदि सीए 19-9 का स्तर 37 यूनिट प्रति मिलि लिटर से कम है, तो हो सकता है कि आपको कैंसर होने की संभावनाएं बहुत ही कम हैं।
  • यदि सीए 19-9 का स्तर 37 यूनिट प्रति मिलि लिटर से अधिक है, तो इस स्थिति में आपको अग्नाशय, लिवर, पित्ताशय, फेफड़े, कोलन और पेट संबंधी कैंसर हो सकता है। 
  • यदि आपके सीए 19-9 का स्तर सामान्य से अधिक है लेकिन 75 यूनिट प्रति मिलि लिटर से कम है, तो ऐसी स्थिति में यह आपके अग्नाशय या पित्ताशय में इन्फेक्शन, लिवर रोग, पित्त की पथरी और सिस्टिक फाइब्रोसिस के संकेत दे सकता है। 

यदि परीक्षण के दौरान आपको अग्नाशय कैंसर पाया गया है और डॉक्टर इसके इलाज के रूप में सीए 19-9 टेस्ट का उपयोग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में इसके रिजल्ट का मतलब कुछ इस प्रकार हो सकता है:

  • यदि आपके सीए 19-9 का स्तर इलाज के दौरान लगातार बढ़ रहा है, इसका मतलब है कि इलाज अभी तक ठीक से काम नहीं कर पाया है। 
  • यदि आपके सीए 19-9 का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, तो इसका मतलब है कि इलाज काम कर रहा है।
  • यदि आपके सीए 19-9 का स्तर इलाज के दौरान कम हो गया था और इलाज के बाद फिर से बढ़ने लग गया है, तो इसका मतलब है आपका कैंसर फिर से विकसित हो रहा है। 

सीए 19-9 टेस्ट करने के तरीके अलग-अलग लेबोरेटरी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। यदि आप कैंसर के इलाज पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से टेस्ट करवा रहे हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपको एक ही लेबोरेटरी से सारे टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं, ऐसा करने से रिजल्ट और सटीक आता है।

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