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नेबुलाइजर थेरेपी सांस द्वारा सीधे फेफड़ों में दवाएं देने के लिए एक प्रभावी और बेहतर तरीका है। डॉक्टर नेबुलाइजर की जरुरत वाली बिमारियों के लिए कई प्रकार की दवाओं को नेबुलाइजर से देने की सिफारिश करते हैं।

यदि आपकी श्वास में कोई परेशानी हैं, जैसे क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग (सीओपीडी), ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या अस्थमा और आप राहत पाने के लिए एयरोसोल दवाओं पर निर्भर हैं, तो आपको यह जान कर सुकून मिलेगा कि अब आपको इसकी जब भी आवश्यकता हो नेबुलाइजर आसानी से उपलब्ध हो सकता है।

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कभी-कभी आपके लिए पारंपरिक इनहेलर्स पर्याप्त नहीं होते हैं और डॉक्टर आपकी सांस लेने में परेशानी के इलाज के लिए एक नेबुलाइजर का उपयोग करने के लिए कह सकते हैं।

नेबुलाइजर एक ऐसा उपकरण है जिसमें तरल दवा की थोड़ी मात्रा डाली जाती है और उसे यह धुंध में बदल देता है जिसे श्वास के द्वारा लिया जा सकता है।

कुछ नेबुलाइजर्स आकार में बड़े और बहुत शोर करने वाले उपकरण हो सकते हैं और हमेशा उनको इधर-उधर ले जाना आसान नहीं होता है, इसलिए सोच समझ कर अपने लिए एक अच्छे नेबुलाइजर का चुनाव करना चाहिए।

इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि नेबुलाइजर क्या है, नेबुलाइजर मशीन का उपयोग कैसे करें और नेबुलाइजर मशीन का प्राइस कितना है। लेख में यह भी बताया गया है कि नेबुलाइजर के फायदे और नुकसान क्या हो सकते हैं और किस तरह अपने लिए अच्छे नेबुलाइजर का चुनाव करें।

  1. नेबुलाइजर क्या है - Nebulizer kya hai in hindi
  2. नेबुलाइजर मशीन - Nebulizer machine in hindi
  3. नेबुलाइजर का उपयोग - Nebulizer ka upyog in hindi
  4. नेबुलाइजर के फायदे - Nebulizer ke fayde in hindi
  5. नेबुलाइजर के नुकसान - Nebulizer ke side effects in hindi
  6. नेबुलाइजर फॉर किड्स - Nebulizer for kids in hindi
  7. नेबुलाइजर प्राइस इन इंडिया - Nebulizer machine price in hindi

नेबुलाइजर एक ऐसा उपकरण है जो तरल दवा को धुंध की छोटी बूंदों में परिवर्तित करने के लिए एक छोटे कंप्रेसर का उपयोग करता है जिससे जुड़ा हुआ मास्क मुँह पर लगा कर सीधे फेफड़ों में श्वास ली जा सकती है। चूंकि दवा सीधे आपके फेफड़ों तक जाती है, इसलिए इस प्रक्रिया में दवा के असर की शुरुआत अक्सर तेजी से होती है।

यदि आपको अस्थमा है, तो आपके डॉक्टर उपचार या श्वास चिकित्सा के रूप में नेबुलाइजर का उपयोग कर सकते हैं। नेबुलाइजर में भी मेटर्ड-डोस इनहेलर्स (एमडीआई - जाने-पहचाने पॉकेट में आ जाने लायक आकार के इनहेलर्स होते हैं) में उपयोग की जाने वाली दवाओं का ही उपयोग किया जाता है।

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एमडीआई की तुलना में नेबुलाइजर्स का उपयोग करना अधिक आसान हो सकता है, खासतौर से उन बच्चों के लिए या गंभीर अस्थमा वाले वयस्कों के लिए जो इन इनहेलर्स का सही तरीके से उपयोग करने में सक्षम नहीं है।

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नेबुलाइजर शब्द की उत्पत्ति मूल रूप से नेबुलौस शब्द से हुई है, जिसका अर्थ "बादल" बादल है। नेबुलाइजर विभिन्न प्रकार की फेफड़ों की समस्याओं के लिए एक आम उपचार है। यह डिवाइस दवाओं को इस तरह से तैयार करता है ताकि इन दवाओं को एक मास्क के माध्यम से श्वास द्वारा लिया जा सके।

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नेबुलाइजर्स सक्रिय और गैर सक्रिय दोनों तरह की जीवन शैली में समायोजित किये जा सकते हैं। इसमें एक मास्क का उपयोग करके, आपको नेबुलाइजर्स तत्काल राहत प्रदान कर सकते हैं और सांस लेने से जुड़ी परेशानियों के लिए नियमित तौर पर उपयोग किये जा सकते है।

नेबुलाइजर मशीन में मास्क से जुड़े चैम्बर में हवा पहुंचाने के लिए एक छोटे कंप्रेसर का उपयोग किया जाता है। उस चैम्बर के अंदर, दवा को नेबुलाइज किया जाता है, जिसका अर्थ है कि तरल दवा को धुंध में बदल दिया जाएगा जो श्वास के माध्यम से फेफड़ों में पहुँच कर परेशानी का इलाज कर सकती है।

जिस स्थिति के लिए नेबुलाइजर का उपयोग किया जा रहा है उसके आधार पर नेबुलाइजर में कई प्रकार की दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। नेबुलाइजर्स में उपयोग की जाने वाली दवाओं में शामिल हैं - अल्ब्युटेरोल, आईप्राट्रोपियम, बडसोनइड, फॉर्मोटेरोल इत्यादि। नेबुलाइजर में उपयोग की जाने वाली दवा आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जानी चाहिए।

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नेबुलाइजर मशीन के बाजार में तीन प्रकार के नेबुलाइजेशन सिस्टम उपलब्ध हैं -

  1. अल्ट्रासोनिक
  2. जेट और
  3. मेष नेबुलाइजर्स

तीनों में से, सबसे अधिक प्रभावी मेष नेबुलाइजर्स होते हैं। ये नेबुलाइजर्स सबसे अधिक कॉम्पैक्ट, कम शोर करने वाले और सबसे तेज़ भी होते हैं, जो रोगी को लिए सबसे अच्छे होते हैं।

नेबुलाइजर्स दो प्रकार के मॉडल में उपलब्ध हैं - घर पर उपयोग किये जा सकने वाले, जिन्हें टेबल टॉप मॉडल कहा जाता हैं और दूसरे, पोर्टेबल मॉडल, जिन्हें कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।

होम नेबुलाइजर्स आकार में बड़े होते हैं और उन्हें बिजली से चलाना पड़ता है। वहीं पोर्टेबल नेबुलाइजर्स बैटरी पर चलते हैं जो या तो डिस्पोजेबल या रिचार्जेबल होती है। इसे कार के सिगरेट लाइटर में प्लग करके चार्ज किया जा सकता है।

छोटी, पोर्टेबल मशीन आकार में ताश के पत्तों की गड्डी से थोड़ी बड़ी होती हैं, इसलिए जब भी आपको जहां भी आवश्यकता हो उसे अपने साथ पर्स, ब्रीफकेस या बैकपैक में इस्तेमाल करने के लिए ले जा सकते हैं।

एक नेबुलाइजर मशीन के कई हिस्से होते हैं। इसके साथ एक छोटा कंप्रेसर आता है जो टेबल या डेस्क पर रखा जा सकता है। यह आमतौर पर एक टयूबिंग किट के साथ आता है, जिसमें एक मास्क होता है, यह मास्क एक कप के जैसे आकार का होता है। जो मुंह पर पहना जाता है और ट्यूब का एक लंबा टुकड़ा कंप्रेसर से जुड़ा होता है।

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नेबुलाइजर्स का उपयोग करना बहुत आसान है क्योंकि ऐसा करने के लिए बहुत अधिक तकनिकी ज्ञान नहीं चाहिए होता है - बस माउथ पीस या मास्क को अपने मुंह पर लगाए रखें और दवा में सांस लेते रहें। लेकिन फेफड़ों तक दवा पहुंचाने के लिए नेबलाइज़र कम से कम 5 या 10 मिनट लेते हैं और कभी-कभी इससे भी लंबा समय लग सकता है।

अपने घर के अच्छी रोशनी वाले क्षेत्र में नेबुलाइज़र का प्रयोग करें। यह जगह आरामदायक होनी चाहिए ताकि आपको बैठने में परेशानी न हो और जहां आप बिना किसी बाधा के अपना इलाज ले सकते हैं। इलाज करते समय आरामदायक, सीधी पीठ वाली कुर्सी पर बैठें।

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इसके बाद नेबुलाइजर मशीन को तैयार करने और इलाज के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें -

  • निर्देशों में बताए गए तरीके से नेबुलाइजर और एयर कंप्रेसर दोनों को आपस में जोड़े।
  • कंप्रेसर को ऐसी जगह रखें जहां पर सुरक्षित रूप से बिजली के बोर्ड में इसका तार लगाया जा सके और आप चालू या बंद करने के लिए बटन तक बैठे-बैठे पहुंच सकते हो।
  • अब इलाज शुरू करने से पहले अच्छे से अपने हाथ धोएं और एक साफ़ नेबुलाइजर का उपयोग करें।
  • अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा की सही खुराक और अन्य सोल्युशन को मापें और इन्हें नेबुलाइज़र के चैम्बर में रखें।
  • कंप्रेसर से नेबुलाइज़र बेस तक एयर ट्यूब को लगाए और नेबुलाइजर के ऊपर एक मास्क लगा दें।
  • कंप्रेसर को चालू करें और धुंध बन रही है या नहीं  इसके लिए नेबुलाइजर की जांच करें। एक फिंगर वाल्व (वाल्व का एक प्रकार) का उपयोग करते समय, नेबुलाइजर में हवा को पहुंचाने के लिए हवा निकलने वाले छेद पर अंगुली लगा कर उसे बंद करें।
  • अब मास्क को अपने मुंह पर रखें। अपने होंठ को मास्क में स्थिर रखें ताकि दवा आपके फेफड़ों में जा सकें।
  • अपने मुंह से तब तक सांस लें जब तक कि सभी दवाओं का उपयोग नहीं कर लिया जाता है। इसमें 10 से 15 मिनट लगते हैं। यदि आवश्यक हो, तो नाक पर क्लिप का उपयोग करें ताकि आप केवल अपने मुंह से सांस लें। छोटे बच्चे आमतौर पर बेहतर प्रयास करते हैं यदि वे मास्क पहनते हैं।
  • दवा पूरी हो जाने पर मशीन बंद कर दें।
  • अपने अगले उपचार तक के लिए पानी से दवा के कप और मास्क को धोएं और अच्छे से सुखा कर रख दें। चूंकि आप मशीन से भाप को सांस में ले रहे हैं इसलिए यह साफ होनी चाहिए। अगर मशीन सही ढंग से साफ नहीं होती है, तो इसके अंदर बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु पनप सकते हैं।

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नेबुलाइजर का उपयोग करने के निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं -

  • नेबुलाइजर, श्वास की परेशानी में रोगी को सीधे फेफड़ों में दवाएं देने के लिए सबसे सरल, फायदेमंद और सुरक्षित तरीका हो सकता है।
  • नेबुलाइजर्स से दवा हमारे शरीर के उस भाग में जाती है जहां उनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वो है फेफड़ों में। परंपरागत तरीके से दवा को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से होकर आपके रक्त प्रवाह में जाने में समय लगता है, इसके विपरीत नेबुलाइजर्स दवाओं को सीधे आपके श्वसन पथ में पहुंचाते हैं।
  • अमेरिकन एसोसिएशन फॉर रेस्पिरेटरी केयर रिपोर्ट्स के अनुसार अल्बुटेरोल, अक्सर उपयोग की जाने वाली एक ब्रोंकोडाइलेटर जब मुँह से ली जाती है तो उसे असर करने में लगभग 30 मिनट लगते हैं वही इसकी तुलना में, नेबुलाइजर की मदद से दिए जाने पर लगभग पांच मिनट में अपना काम करना शुरू कर देती है।
  • नेबुलाइजर का उपयोग श्वसन समस्याओं को विकसित होने से रोकने के साथ-साथ श्वास की गंभीर आपात स्थिति का इलाज भी कर सकता है। (और पढ़े - अस्थमा अटैक का इलाज)
  • मुँह से ली जाने वाली दवाओं की तुलना में, नेबुलाइजर से लेने पर दुष्प्रभावों की आशंका भी कम होती है और रोगियों के सामने आने वाली अल्पकालिक और दीर्घकालिक जटिलताओं के जोखिम भी कम होते हैं। चूंकि दवा तुरंत कार्य करती है, इसलिए श्वसन अटैक के दौरान बच्चे की एंग्जायटी (चिंता) भी कम हो जाती है। (और पढ़े - चिंता दूर करने के लिए घरेलू उपाय)

आपके डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके के अनुसार नेबुलाइजर का उचित उपयोग और रखरखाव करें इससे यह सही तरीके से काम करेगा और आपको अधिकतम लाभ मिल सकेगा।

रोगी को होने वाले अधिकांश साइड इफेक्ट्स के लिए नेबुलाइजर नहीं बल्कि दवाएं जिम्मेदार होती हैं। हालांकि, कुछ समस्याएं विशेष रूप से नेबुलाइजेशन के कारण होती हैं। दवा देने के तरीके या विधि से फर्क नहीं पड़ता है। आपको दवा लेने से हल्के से लेकर कुछ गंभीर साइड इफ़ेक्ट तक हो सकते हैं।

नेबुलाइजेशन के सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए साइड इफेक्ट्स निम्नलिखित हैं:

यदि ये लक्षण आपको परेशान करते हैं या 30 मिनट से अधिक समय तक बने रहें तो अपने डॉक्टर के साथ चर्चा करें।

एट्रोवेन्ट या कोम्बीवेंट नामक दवाओं से ग्लूकोमा जैसा असामान्य दुष्प्रभाव हो सकता है। सालाना अपने ऑप्टिशियंस से जांच करवाएं क्योंकि हो सकता है आप छोटे-छोटे बदलावों को नहीं देख पा रहे हो। आप नेबुलाइजर में इस दवा का उपयोग कर रहे हैं यह बात अपने ऑप्टिशियन को बताएं।

अगर आपके बच्चे की ठंड या खांसी से छाती जकड़ गयी है या सांस लेने में समस्या हो रही है, तो संभावना है कि आपके बच्चे के डॉक्टर नेबुलाइजेशन के विकल्प का उपयोग करें। बच्चों की श्वसन समस्याओं के लिए नेबुलाइजर्स अधिक प्रभावी होते हैं क्योंकि बच्चे इनहेलर को उपयोग करने में सक्षम नहीं होते हैं।

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आपके बच्चे को किस तरह से नेबुलाइज्ड दवा दी जाती है यह उसकी उम्र और समन्वय पर निर्भर करता है। यह आपके बच्चे की डिवाइस का उपयोग करने के तरीके को समझने की क्षमता पर भी निर्भर करता है।

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नेबुलाइजर्स का उपयोग आपके डॉक्टर के सुझाव के अनुसार किया जा सकता है, जो आपके बच्चे की श्वसन समस्या की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग होगा। डॉक्टर सामान्य खांसी और सर्दी के लिए सोने के पहले एक बार तो वहीं श्वसन संबंधी परेशानी के लिए दिन में कई बार नेबुलाइजर के उपयोग करने की सलाह दे सकते हैं।

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अस्थमा वाले शिशुओं को अक्सर नेबुलाइजर की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि वे लगातार सर्दी, छींक, और एलर्जी की समस्याओं से पीड़ित होते हैं।

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एक बार आपके बच्चे की प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है और वह सांस लेने योग्य हो जाता है, तो आप उसके लिए नेबुलाइजर का उपयोग करना बंद कर सकते हैं। लेकिन तब तक, दवाएं आपके बच्चे की श्वसन प्रणाली तक पहुंचाने के लिए एक यह एक प्रभावी तरीका हो सकता है। नेबुलाइजर्स दवा के साथ या बिना दवा के भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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जब सही नेबुलाइज़र चुनने की बात आती है, तो आप बाजार में उपलब्ध विकल्पों के कारण भ्रमित हो सकते हैं। इसलिए, कुछ कारकों जैसे नेबुलाइजर का प्रकार, वितरण दर, दवा की क्षमता, शोर का स्तर इत्यादि पर विचार करके अपने लिए एक अच्छे नेबुलाइजर का चुनाव करें।

भारत में अस्पताल में आमतौर पर आपके बच्चे के नेबुलाइजेशन के लिए 200 से 300 रुपये चार्ज होता है, अगर आपके बच्चे या आपको लंबी अवधि के लिए इसकी आवश्यकता है तो बेहतर यह होगा कि आप अपने घर के लिए एक नेबुलाइजर मशीन खरीद लें।

कई अच्छी कंपनियां हैं जो अच्छी गुणवत्ता के घर पर उपयोग करने योग्य नेबुलाइजर्स की बाजार में बिक्री करती हैं। एक सामान्य गुणवत्ता के नेबुलाइजर की कीमत लगभग 1200 रुपये से शुरू होती है। आप अपने बजट और जरुरत के अनुसार एक सही मशीन का चुनाव करने के लिए अपने डॉक्टर की भी मदद ले सकते हैं।

नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।

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