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दमा की वजह से आपके फेफड़े के वायुमार्ग में सूजन आ जाती है, इस वायुमार्ग को चिकित्सीय भाषा में 'ब्रोन्कियल ट्यूब' के नाम से जाना जाता है। अस्थमा की बीमारी में आपकी ब्रोन्कियल ट्यूब में सूजन के साथ-साथ इसके आस-पास की मांसपेशियां भी टाइट हो जाती हैं। मांसपेशियां टाइट होने की वजह से आपके फेफड़ों में सही तरीके से ऑक्सीजन का प्रवाह नहीं हो पाता है। ऑक्सीजन का प्रवाह सही तरीके से न होने की वजह से खांसी, घरघराहट, सीने में अकड़न और साँस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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इसलिए यदि आप अस्थमा के मरीज हैं तो आपको इस बात का पता होना चाहिए कि आप अपने खाने-पीने पर ध्यान देकर दमा को बेहतर नियंत्री कर सकते हैं। लेकिन, सही आहार अस्थमा का इलाज नहीं है। लेकिन, अस्थमा की समस्या में आप स्वस्थ भोजन और पोषक तत्व युक्त आहार के माध्यम से इसके लक्षणों में सुधार ला सकते हैं। ध्यान रहे कि आप डॉक्टर से अपना इलाज बिलकुल भी न रोकें।

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तो आगे पढ़िए दमा के लिए आहार -

  1. अस्थमा में क्या खाना चाहिए - Asthma me kya khana chahiye
  2. अस्थमा में क्या न खाएं और परहेज - Asthma me kya na khaye aur parhej
  3. मछली खाने से अस्थमा का खतरा हो सकता है 70% तक कम

दमा में ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त मछलियां खाएं - Dama me omega three fatty acid yukt machli khaye

दमा रोग में ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त मछलियां आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं। इसके साथ ही साथ यह स्ट्रोक, हृदय रोग और डायबिटीज जैसे रोगों से भी बचाते हैं।

इसके अलावा इसमें मौजूद वसा दमा रोग को ठीक करने में भी मदद करता है। रावस (जिसे "इंडियन सैल्मन" भी कहा जाता है) और बांगड़ा (जिसे "इंडियन मैकरेल" भी कहा जाता है) मछलियों में बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। इन मछलियों को खाने से सूजन भी कम होती है। साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के एक शोध के अनुसार, जो गर्भवती महिलाएं हफ्ते में 2 दिन ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त मछलियां खाती थीं, उनके बच्चों को अन्य लोगों की तुलना में अस्थमा का खतरा कम था।

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अस्थमा में हरी पत्तेदार सब्जियां और जामुन खाएं - Asthma me hari pattedar sabjiya aur jamun khaye

हरी पत्तेदार सब्जियां और जामुन में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है। विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति (इम्युनिटी) मजबूत होती है और गले में घरघराहट की समस्या भी कम होती है। इसलिए फल और हरी सब्जियां खाएं। सब्जियों और फलों में बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होते हैं।

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दमा में दूध पीना चाहिए - Dama me dudh pina chahiye

दूध कैल्शियम का एक बेहतर स्त्रोत है। इसके अलावा इसमें बहुत अधिक मात्रा में मैग्नीशियम भी मौजूद होता है, जो अस्थमा को ठीक करने में मदद करता है। मैग्नीशियम, ब्रोन्कियल ट्यूब के मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है, जो आपके फेफड़ों के वायुमार्ग को खुले रखने में मदद करते हैं।

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अस्थमा में गाजर खाना चाहिए - Asthma me gajar khana chahiye

गाजर आपके आंखों के स्वास्थ्य के साथ-साथ अस्थमा को ठीक करने में भी मदद करता है। गाजर में बीटा कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो आपके शरीर के द्वारा विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं। विटामिन ए आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। जब आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, तब अस्थमा का खतरा कम होता है।

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दमा में एवोकाडो खाना चाहिए - Dama me avocado khana chahiye

एवोकाडो में ग्लूटाथियोन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो फेफड़े के वायुमार्ग के तनाव को कम करता है और ऊतको को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इसके अलावा एवोकाडो में एक प्रकार की वसा होती है जो आपके हृदय को स्वस्थ रखती है और आपके अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बेहतर बनाती है। इसलिए एवोकाडो को अपने आहार में शामिल करें।

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अस्थमा में फल खाने चाहिए - Asthma me fal khane chahiye

फलों में बहुत अधिक मात्रा में बीटा कैरोटीन नामक एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं, जो अस्थमा के लक्षण को कम करने में मदद करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अपने बचपन के दिनों में अधिक फल खाते थे, उन लोगों को बाद में अस्थमा का खतरा कम रहता है। इसके अलावा किवी व संतरा जैसे फलों में अधिक मात्रा में विटामिन सी और विटामिन ई मौजूद होते हैं, जो फेफेड़ों के सूजन को कम करते हैं।

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दमा में विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को खाएं - Dama me vitamin D yukta khadya padarthon ko khaye

अस्थमा के रोगियों में आमतौर पर विटामिन डी की कमी देखी जाती है। इसलिए अस्थमा के रोगियों को अंडे, दूध और सैल्मन मछली को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा विटामिन डी के लिए पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रौशनी भी लें, यह अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत अधिक लाभदायक है। इसके साथ ही साथ अपने वजन को संतुलित बनाए रखें।

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अस्थमा में वजन को संतुलित बनाए रखें - Asthma me vajan ko santulit banaye rakhen

मोटापा अस्थमा के खतरे को बढ़ाता है। इसलिए अपने वजन को संतुलित और स्वस्थ बनाएं रखें, इससे अस्थमा का खतरा कम हो जाता है। आपको पता होना चाहिए कि मोटापा बढ़ने से अस्थमा के लक्षण भी बढ़ते हैं।

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दमा में फास्ट फूड नहीं खाना चाहिए - Dama me fast food nahi khana chahiye

सभी जानते हैं कि फास्ट फूड मोटापा बढ़ाता है। इसके अलावा यह आपके फेफड़ों के लिए भी नुकसानदायक होता है। "ब्रिटिश मेडिकल जर्नल" के द्वारा एक अध्ययन किया गया, जिसमें लगभग 20 लाख बच्चों पर फास्ट फूड खाने और अस्थमा के प्रभाव को जांचा गया। इस अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई कि जिन बच्चों ने 3 हफ्ते से ज्यादा दिन तक फास्ट फूड खाया उनमें 27 प्रतिशत तक अस्थमा का खतरा बढ़ गया। वहीं दूसरी ओर किशोरों में इसका खतरा 39 प्रतिशत तक देखा गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, फास्ट फूड में अधिक मात्रा में खराब और संतृप्त वसा होती है, जो आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाती है।

(और पढ़ें - फास्ट फूड के नुकसान)

अस्थमा में पनीर और मशरूम न खाएं - Asthma me paneer aur mushroom na khaye

यदि आपको फफूंदी (फंगस) से एलर्जी है तो पनीर और मशरूम न खाएं, क्योंकि इनमें फफूंद होता है, जो अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाता है। खमीर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे सॉस, बियर, वाइन को सावधानी पूर्वक प्रयोग में लाएं। इनमें मिलाएं गए वस्तुओं के स्तर का पता लगाएं, इसके बाद ही इसका इस्तेमाल करें।

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अस्थमा में अधिक नमक न खाएं - Asthma me adhik namak na khaye

अधिक नमक खाने से बच्चों में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों को न खाने दें। एक अध्ययन के अनुसार, कम नमक खाने से अस्थमा के लक्षण कम होते हैं।

(और पढ़ें - ज्यादा नमक खाने के नुकसान)

अस्थमा में ड्राय फ्रूट न खाएं - Asthma me dry fruit na khaye

अधिकतर ड्राय फ्रूट में सल्फाट्स (sulphites) मिलाये जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि खाद्य पदार्थों को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके। सल्फाइट्स युक्त खाद्य पदार्थ अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत अधिक नुकसानदायक होते हैं। इसलिए अस्थमा के रोगी ऐसे खाद्य पदार्थो को न खाएं।

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अस्थमा में शराब और बियर न पीएं - Asthma me sharab aur beer na piye

कई प्रकार के शराब और बियर में सल्फाइट्स मौजूद होते हैं। यदि आपको शराब या बियर पीने के बाद खांसी या गले में घरघराहट होती है, तब आपको शराब या बियर किसी भी हाल में नहीं पीनी चाहिए। कुछ शोधों से पता चला है कि शराब में हिस्टामिन (प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं में एक प्रकार का पदार्थ) होता है, जिससे आपके आंखों में पानी आना, बार-बार छींक आना और गले में घरघराहट जैसे लक्षण बढ़ते हैं।

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अस्थमा में प्रोसेस्ड फूड न खाएं - Asthma me processed food na khaye

प्रोसेस्ड फूड आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक नुकसानदायक होते हैं। इसके अलावा प्रोसेस्ड, चायनीज और पैक्ड फूड में बहुत अधिक मात्रा में मोनो सोडियम ग्लूटामेट होता है, जो अस्थमा के खतरे को बढ़ाता है। इसलिए इस प्रकार के खाद्य पदार्थों को अस्थमा के रोगियों को नहीं खाना चाहिए।

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