myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न लाभों को देखते हुए कई प्रकार के नट्स का प्रयोग किया जाता है। आम जीवन में जिन नट्स का हम सबसे ज्यादा सेवन करते हैं वो हैं बादाम और अखरोट। कई सारे स्वास्थ्य लाभों को समेटे नट्स का ऐसा ही एक प्रकार है- हेजलनट्स। मुख्य रूप से तुर्की, इटली, स्पेन और अमेरिका में हेजलनट्स की पैदावार सबसे अधिक होती है। हालांकि, अब यह दुनिया के अन्य देशों में भी आसानी से उपलब्ध है।

कोरेलस के पेड़ से पैदा होने वाले हेजलनट को फीलबर्ट के नाम से भी जाना जाता है। इसका स्वाद मीठा होता है और इसे कच्चा या भूनकर खाया जाता है। अन्य नट्स की तरह, हेजलनट्स भी कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें प्रोटीन, फैट, विटामिन और खनिज की भरपूर मात्रा पाई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके सेवन से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

हेजलनट्स के क्या लाभ हैं?

हेजलनट्स निम्न स्वास्थ्यबर्धक तत्वों से भरपूर होता है।

  • विटामिन ई
  • स्वास्थ्यवर्धक फैट
  • प्रोटीन
  • फाइबर

इस लेख में हम आपको हेजलनट्स के फायदे और इसके संभावित नुकसान के बारे में विस्तार से बताएंगे।

  1. पोषक तत्वों से भरपूर है हेजलनट्स - Hezalnuts me hai kai sare nutrition
  2. हेजलनट्स के फायदे - Hezalnuts khane ke laabh
  3. हृदय रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है हेजलनट्स का सेवन - Heart ke liye kafi faydemand hai Hezalnuts
  4. कैंसर के खतरे को कम करता है हेजलनट्स - cancer risk ko kam karta hai Hezalnuts
  5. हेजलनट्स के सेवन से कम हो सकता है ब्लड शुगर का स्तर - Hezalnuts se kam ho sakta hai Blood Sugar Levels
  6. हेजलनट्स सेवन के अन्य फायदे - Hezalnuts sevan ke anay fayde
  7. हेजलनट्स के सेवन को लेकर सावधानियां और संभावित जोखिम - Hezalnuts ke sevan ko lekar Risk aur considerations

हेजलनट्स कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर है, जिनका हमारे स्वस्थ्य जीवन में बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसमें कैलोरी की उच्च मात्रा के साथ भरपूर मात्रा में स्वस्थ वसा मौजूद होता है। इसे ऐसे समझ सकते हैं - करीब 28 ग्राम हेजलनट्स में निम्न मात्रा में पोषक तत्वों की मौजूदगी होती है।

  • कैलोरी : 176
  • वसा : 17 ग्राम
  • प्रोटीन : 4.2 ग्राम
  • कार्ब : 4.7 ग्राम
  • फाइबर : 2.7 ग्राम
  • विटामिन ई : 21 फीसद
  • थियामिन : 12 फीसद
  • मैग्नीशियम : 12 फीसद
  • कॉपर : 24 फीसद
  • मैंगनीज : 87 फीसद

उपरोक्त तत्वों के अलावा हेजलनट्स में विटामिन बी6, फोलेट, फास्फोरस, पोटेशियम और जिंक की भी प्रचुर मात्रा पाई जाती है।

उपरोक्त बिंदुओं में आपने देखा कि हेजलनट्स कई प्रकार के स्वास्थोपयोगी तत्वों से भरपूर होता है। इसका सेवन मधुमेह, हृदय रोग और मोटापा से परेशान लोगों के लिए भी काफी फायदेमंद हो सकता है। हेजलनट्स का सेवन आप नाश्ते या सलाद में शामिल करके भी कर सकते हैं। अधिकांश लोग इसका उपयोग विभिन्न व्यंजनों में भी करते हैं।

लगभग सभी नट्स हृदय से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में फायदेमंद हैं। हेजलनट्स भी ऐसे ही कई गुणों से भरपूर है जो हृदय की बीमारियों में काफी असरदार हो सकते हैं। हेजलनट्स में एंटीऑक्सिडेंट और स्वस्थ वसा भरपूर मात्रा में पाई जाती है जो एंटीऑक्सिडेंट क्षमता बढ़ाने के साथ खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को काफी हद तक कम कर सकती है। इसी पर किए गए एक अध्ययन में काफी सुखद परिणाम देखने को मिले।

एक महीने के अध्ययन में 21 ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर उच्च था। इन लोगों को इस दौरान कुल कैलोरी का 18 से 20 फीसदी हिस्सा हेजलनट्स से लेने को कहा गया। परिणामस्वरूप एक महीने के भीतर ही इन लोगों के कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में काफी कमी दर्ज की गई। प्रतिभागियों ने इस दौरान आर्टरी हेल्थ और इंफ्लामेशन मार्कर में भी काफी सुधार का अनुभव किया।

हेजलनट्स में एंटीऑक्सिडेंट, कई प्रकार के विटामिन और खनिजों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो कैंसर के खतरे को कम करने में काफी कारगर है।  हेज़लनट्स में प्रोएन्थोसाइनिडिन्स नामक एंटीऑक्सिडेंट पाई जाती है। जानवरों और कुछ टेस्ट-ट्यूब के अध्ययनों से पता चला है कि प्रोएन्थोसाइनिडिन्स कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने और उनके इलाज में बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।  इसके अतिरिक्त, हेज़लनट्स विटामिन ई से परिपूर्ण होता है, जिसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में जाना जाता है। विटामिन ई कोशिकाओं की क्षति से सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे कैंसर का खतरा कम होता है।

इतना ही नहीं टेस्ट-ट्यूब के कुछ अध्ययनों में पाया गया कि हेजलनट्स का अर्क सर्वाइकल, लिवर, स्तन और पेट के कैंसर के उपचार में काफी फायदेमंद हो सकता है।

बादाम और अखरोट जैसे नट्स को कई परीक्षणों में ब्लड शुगर कम करने में फायदेमंद पाया गया है। हेजलनट्स को लेकर इस विषय में बहुत शोध तो नहीं हैं, लेकिन जितने भी हैं उससे स्पष्ट होता है कि यह भी ब्लड शुगर को कम करने में काफी उपयोगी हो सकता है।

इसी संदर्भ में टाइप 2 मधुमेह वाले करीब 48 लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें से आधे लोगों को नाश्ते में हेजलनट्स जबकि अन्य लोगों को दूसरी खाद्य साम​​ग्रियां दी गईं। आठ हफ्ते के बाद इसके परिणाम में पाया गया कि जिन लोगों ने हेजलनट्स का सेवन नाश्ते में किया था उनका फास्टिंग ब्लड शुगर काफी नियंत्रित था। इसके अतिरिक्त अध्ययनों में पाया गया कि हेजलनट्स में मौजूद मुख्य फैटी एसिड - ओलिक एसिड, इंसुलिन संवेदनशीलता पर काफी लाभकारी प्रभाव दे सकता है।

इन अध्ययनों के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि हेजलनट्स को आहार में शामिल करके इंसुलिन सें​सिटिविटी को बढ़ाने के साथ ब्लड शुगर को कम किया जा सकता है।

इंफ्लामेशन को कम करता है :

हेजलनट्स के सेवन से इंफ्लामेशन को कम करने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में पाया गया कि हेजलनट युक्त आहार के सेवन से प्रतिभागियों में इंफ्लामेशन के लक्षण काफी हद तक कम पाए गए। हालांकि, इसकी प्रमाणिकता के लिए अभी और विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।

शुक्राणुओं की संख्या में सुधार :

कई शोधों से पता चलता है कि हेजलनट्स सहित अन्य नट्स के सेवन से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। शोधकर्ताओं ने एक छोटे से अध्ययन में इसके अच्छे परिणामों को देखा है। हालांकि, इसकी प्रमाणिकता के लिए अभी और विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।

वजन को नियंत्रित करता है हेजलनट्स :

नट्स के सेवन, वजन और मोटापे में कमी के बीच संबंधों को जानने के लिए एक अध्ययन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने नट्स का सेवन किया, उनमें अन्य की तुलना वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा कम पाया गया। हेजलनट्स के संबध में यह कितना सही है और इसके व्यापक रूप से क्या लाभ हो सकते हैं, इसके लिए अभी और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

कई लोगों को नट्स और हेजलनट्स से एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। हेजलनट्स के स्वास्थ्य लाभों को प्राप्त करने के लिए यह ध्यान रखना चाहिए कि आप प्रतिदिन कितनी मात्रा में कैलोरी ले रहे हैं। सामान्य आहार में नट्स या हेजलनट्स को शामिल करने से दैनिक कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। अगर कैलारी को नियंत्रित नहीं किया जाता है तो यह मोटापे का भी कारण बन सकती है।

और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें
अभी 152 डॉक्टर ऑनलाइन हैं ।