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जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसके दूध के दांत टूटकर नए दांत निकलते हैं। बच्चे के विकास का यह एक महत्वपूर्ण चरण होता है। दूध के दांत टूटते समय बच्चों को ज्यादा दर्द नहीं होता है। कई बार बच्चों के दूध के दांत देरी से टूटते हैं, ऐसे में माता-पिता को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बच्चों के स्थायी दांत निकलने व दूध के दांत टूटने की स्थिति हर माता-पिता को काफी चिंतित कर देती है। कई बार तो माता-पिता को मालूम ही नहीं होता कि वह इस दौरान बच्चे की कैसे मदद कर सकते हैं।

इस लेख में दूध के दांत टूटने के विषय पर विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही दूध के दांत कितने होते हैं, दूध के दांत टूटने की उम्र, दूध के दांत न टूटना और दूध के दांत कैसे तोड़े आदि विषयों पर भी इस लेख में विस्तार से बताया गया है।

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  1. दूध के दांत कितने होते हैं - Doodh ke dant kitne hote hai
  2. दूध के दांत टूटने की उम्र और चार्ट - Doodh ke dant tootne ki umar aur chart
  3. दूध के दांत न टूटना - Doodh ke dant na tootna
  4. दूध के दांत कैसे तोड़े - Doodh ke dant kaise tode
  5. किस स्थिति में दूध के दांत देरी से टूटना गंभीर होता है - Kis sthiti me doodh ke dant deri se tootna gambhir hota hai
  6. दूध के दांत टूटना के डॉक्टर

सामान्यतः 6 से 7 महीने का होने पर बच्चे के दूध के दांत आना शुरू हो जाते हैं। जन्म के बाद बच्चे के जो दांत निकलते हैं उनको ही दूध के दांत कहते हैं और दूध के टूटने के बाद ही स्थायी दांत निकलते हैं। शिशु के निचले जबड़े के आगे के दो दांत सबसे पहले निकलते हैं। इसके बाद ऊपरी जबड़े के सामने के दो दांत निकलते है और फिर अन्य दूध के दांत धीरे-धीरे आना शुरू होते हैं। ढाई से तीन साल का होने तक शिशु के दोनों जबड़ों में 20 दूध के दांत निकलते हैं। इस तरह से शिशु के ऊपरी और निचले जबड़े में 10-10 दूध के दांत होते हैं। दूध के दांत टूट जाते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि इनकी देखभाल स्थायी दांतों के मुकाबले कम करनी चाहिए। दूध के दांत निकलते समय ही बच्चों के दांतों को ब्रश करना शुरू कर देना चाहिए।  

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शिशु के ढाई से तीन का होने तक पूरे दूध के दांत निकल आते हैं। पूरी तरह से निकलने बाद दूध के दांत कुछ सालों तक बच्चों के जबड़े में ठीक रहते हैं। इसके बाद एक निश्चित आयु में दूध के दांत टूटना शुरू हो जाते हैं। दांतों से संबंधित विदेशी संस्थाओं के विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चे के निचले जबड़े के सामने वाले दूध के दांत सबसे पहले टूटते हैं। सामान्यतः बच्चे के 6 से 7 साल का होने पर दूध के दांत टूटना शुरू हो जाते हैं, जबकि 12 से 13 साल की आयु में दाड़ के दांत टूटने के साथ ही दूध के सभी दांत पूरी तरह टूट जाते हैं।

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दूध के दांत टूटते समय बच्चा सबसे पहले किसी एक दांत के हिलने को महसूस करता है और इसके बाद उस दांत को जड़ से पूरी तरह अलग होने में कुछ दिनों या कुछ महीनों का समय लग जाता है। किसी दांत के टूटने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि उस दांत की जड़े कितनी जल्दी कमजोर होती है या बच्चा दांत को कितना हिलाता है। बच्चा जितना ज्यादा दूध के दांत को हिलाता है वह उतनी ही जल्दी टूटता है और जल्द ही उस जगह पर नया दांत आना शुरू हो जाता है। नए दांत को पूरी तरह से आने में कुछ महीनों का समय लगता है। अगर छह महीनों तक भी बच्चे का नया दांत न आए तो आपको दांतों के विशेषज्ञ से मिलकर बच्चे का इलाज कराना चाहिए।

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बच्चे के दूध के दांत टूटने की उम्र को चार्ट को माध्यम से बताया जा रहा है।

ऊपरी हिस्से के दांत   दूध के दांत निकलने का समय (महिनों में) दूध के दांत टूटने का समय (साल में)
सेंट्रल इनसाइजर्स 10 (8-12) 6 से 7
लेट्रल इनसाइजर्स 11 (9-13) 7 से 8 
कैनाइन 19 (16-22)  10 से 12 
फर्स्ट मोलर 16 (13-19) 9 से 11 
सेकंड मोलर  29 (25-33) 10 से 12 

 

निचले हिस्से के दांत निकलने का समय (महिनों में) दूध के दांत निकलने का समय (सालों में)
सेंट्रल इनसाइजर्स 8 (6-10) 10 से 12
लेट्रल इनसाइजर्स 13 (10-16) 9 से 11
कैनाइन 20 (17-23) 9 से 12
फर्स्ट मोलर 16 (14-18) 7 से 8
सेकंड मोलर  27 (23-31) 6 से 7

दूध के दांत न टूटना या देरी से टूटना बच्चों में दांत से संबंधी होने वाली एक आम समस्या है। दूध के दांत स्थायी दांतों के आने की जगह बनाते हैं और जब यह टूट जाते हैं तो स्थायी दांत इनकी जगह पर आना शुरू होते हैं। दूध के दांतों के टूटने की प्रक्रिया 6 से 12 साल तक चलती है। लेकिन कई बार इस प्रक्रिया में देरी भी हो सकती है। दूध के दांत देर से टूटने के कारणों को नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

  • बच्चे में विकास संबंधी विसंगतियों के कारण दूध का दांत समय पर नहीं टूटते हैं और इसी वजह से बच्चे के स्थायी दांत भी नहीं आ पाते हैं। (और पढ़ें - दांतों में कीड़ें का इलाज)
     
  • जबड़े का पूरी तरह से विकसित ना होने से स्थायी दांतों को बाहर आने के लिए जगह नहीं मिल पाती है। ऐसे में स्थायी दांत, दूध के दांतों को जबड़े से हटाने के लिए नीचे से उचित दबाव भी नहीं डाल पाते हैं। (और पढ़ें - दांत का मैल का इलाज)
     
  • जब जबड़े पर एक से ज्यादा दांत एक ही जगह निकल जाते हैं, तो इससे भी स्थायी दांत के आने का रास्ता बंद हो जाता है। (और पढ़ें - दाँत निकलते समय होने वाले दर्द का घरेलू इलाज)
     
  • कुपोषण और विटामिन की कमी की वजह से दूध के दांत टूटने में देरी होती है।
     
  • स्थायी दांत तब तक विकसित नहीं होते हैं, जब तक दूध के दांत की जड़ें पूरी तरह से हड्डी में अवशोषित नहीं हो जाती है। इसके चलते कई बार दूध के दांत टूटने में देरी होती है और बच्चे के स्थायी दांत सही तरह से नहीं निकल पाते हैं। (और पढ़ें - बच्चे के दांत निकलना)  
     
  • थायरायड कम होने और ग्रोथ हार्मोन की कमी के कारण भी बच्चे के स्थायी दांत आने में देरी होती है। (और पढ़ें - ग्रोथ हार्मोन की कमी)

बच्चे के दांतों में किसी तरह की समस्या महसूस होने पर आप डॉक्टर की सलाह के बाद उसका एक्स-रे करवा सकते हैं। एक्स-रे की मदद से बच्चे के दांतों के विकास और जबड़े में दांतों की सही स्थिति का पता लगाया जाता है। जांच में किसी भी तरह की समस्या का पता चलने पर डॉक्टर उसका उपचार शुरू कर देते हैं।

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बच्चों के दूध के दांतों को तोड़ना हर माता-पिता को बेहद चिंतित करता है। माता-पिता अक्सर ऐसे तरीकों और उपयों को ढूंढते हैं जिससे दूध के दांतों को तोड़ते समय बच्चों को कम से कम दर्द हो।

दूध के दांतों को तोड़ने के कुछ प्रचलित तरीकों को नीचे विस्तार से बताया जा रहा है, लेकिन ऐसा कुछ भी खुद करने की बजाये दन्त चिकित्सक के पास बच्चे को ले जाएँ। वह ही सही तरीके से इस कार्य को कर सकते हैं। 

  • बच्चे के दूध के दांत को तोड़ने से पहले आप अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद बच्चे के हिलते हुए दांत को हल्के हाथों से एक-पीछे करें। जब तक दांत टूटने की अंतिम स्थिति में न पहुंचे तब तक दांत को तोड़ने का प्रयास न करें। (और पढ़ें - बच्चो के दांत निकलने में देरी)
     
  • किसी साफ कपड़े से बच्चे के दूध के दांत पर हल्का सा दबाव डालें। इस दौरान यदि थोड़ा बहुत खून निकले तो घबराएं नहीं, खून बहना कुछ ही मिनटों में अपने आप बंद हो जाएगा। (और पढ़ें - बच्चे को दूध पिलाने के फायदे)
     
  • दांत का जब थोड़ा सा हिस्सा जबड़े से जुड़ा हो, तो आप हल्के से दबाव के साथ दूध के दांत को बाहर खिंच सकते हैं, लेकिन बच्चे को दर्द होने पर दांत को जबदस्ती न खींचे। (और पढ़ें - बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं)
     
  • बच्चे को जीभ की मदद से दूध के दांत को हिलाने के लिए प्रोत्साहित करें। अधिकतर बच्चे इसी तरह से अपने दूध के दांत को तोड़ते हैं। उंगली से दांत को हिलाने से दर्द हो सकता है। जीभ से दूध के दांत को हिलाने और तोड़ने में थोड़ा समय लग सकता है। (और पढ़ें - बच्चों में भूख ना लगने के कारण)
     
  • आप बच्चे के दूध के दांत को तोड़ने से पहले उसके मसूड़े पर दर्द को कम करने वाली दवा लगा सकते हैं। इस दवा के इस्तेमाल से बच्चे को दूध के दांत टूटते समय ज्यादा दर्द नहीं होता है, क्योंकि इससे बच्चे के मसूड़े कुछ समय के लिए सुन हो जाता है। लेकिन इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए। (और पढ़ें - उम्र के अनुसार लंबाई और वजन का चार्ट)
     
  • दूध के दांत को तोड़ने के लिए आप अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें। इसके लिए आप बच्चे को सख्त चीजें खाने को दे सकते हैं। ऐसा तब ही करें जब बच्चे का दांत ज्यादा हिल रहा हो। अगर बच्चे का दांत हिल शुरू ही हुआ हो, तो इस उपाय से बच्चे को दर्द और सूजन हो सकती है। इस उपाय में आप बच्चे को गाजर, सेब और आडू दे सकते हैं। (और पढ़ें - डायपर रैश के उपचार)
     
  • बच्चे को रोजाना फ्लॉस करने के लिए कहें। रोजाना फ्लॉस करने से बच्चे के हिलने वाले दूध के दांत की जड़े कमजोर होने लगती हैं और इससे दांत आसानी से टूट जाता है। इस उपाय को दूध के दांत टूटने की अंतिम स्थिति में ही प्रयोग में लाएं।

अगर बच्चे के दूध के दांत न टूट रहें हो या देरी से टूटे, तो ऐसे में आपको उसके दांतों को तोड़ने के लिए किसी दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) से सलाह लें।

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एक समान समय पर ही सभी बच्चों के दूध के दांत नहीं टूटते हैं। कई बार कुछ बच्चों के दूध के दांत देरी से भी टूटते हैं, ऐसें में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए। निम्न स्थिति में दूध के दांत देरी से टूटना चिंता का विषय हो सकता है जिसके लिए आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:

  • यदि स्थायी दांत किसी गलत जगह से निकलने लगे। (और पढ़ें - शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं)
     
  • सात साल का होने पर बच्चे के दूध के दांत न टूटे। (और पढ़ें - बच्चे की मालिश कैसे करें)
     
  • जब बच्चे के दूध के किसी मजबूत दांत में तेज दर्द हो रहा हो, कई मामलों में दूध के दांत टूटने से पहले इस तरह का दर्द होता है। (और पढ़ें - नवजात शिशु के कफ का इलाज)
     
  • बच्चे के 12 साल का होने पर दाढ़ निकलने के बाद भी स्थायी दांत न आएं हो। साथ ही उसके दूध के दांत भी न टूटे हों। 

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