पैर या टांग की हड्डी टूटना एक आम तरीके का फ्रैक्चर होता है, जिसमें बहुत अधिक दर्द होता है और दर्द के साथ सूजन हो सकती है व नील भी पड़ सकता है। पैर का फ्रैक्चर अक्सर एक्सीडेंट या पैर पर कोई भारी वस्तु गिरने के कारण होता है। इससे आमतौर पर चल न पाने की समस्या होती है।
(और पढ़ें - हड्डी टूटने का प्राथमिक उपचार)
आपको या आपके आस-पास किसी भी व्यक्ति को कभी भी टांग या पैर में फ्रैक्चर हो सकता है और ऐसी स्थिति में प्राथमिक उपचार या फर्स्ट ऐड बहुत अहम भूमिका निभाता है, इसीलिए सबको पैर की हड्डी टूटने पर प्राथमिक चिकित्सा कैसे देते हैं के बारे में पता होना चाहिए। सही तरीक से प्राथमिक उपचार देने से पैर में फ्रैक्चर के कारण होने वाली अन्य समस्याओं व जटिलताओं को रोका जा सकता है। पैर में फ्रैक्चर का मतलब होता है पांव, पंजे या एड़ी में फ्रैक्चर होना जबकि टांग के फ्रैक्चर का मतलब होता है आपके कूल्हे के निचले हिस्से से लेकर टखने तक कहीं फ्रैक्चर होना।
(और पढ़ें - टखने में फ्रैक्चर के लक्षण)
इस लेख में टांग की हड्डी टूटने पर क्या होता है, क्या करना चाहिए और पैर में फ्रैक्चर होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए के बारे में बताया गया है।
- पैर में फ्रैक्चर होने पर क्या होता है और क्या करें? - Pair ki haddi tutne par kya hota hai aur kya karna chahiye
- टांग की हड्डी टूटने पर क्या करें और क्या होता है? - Tang ki haddi tutne par kya kare aur kya hota hai
- पैर की हड्डी टूटने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? - Tang ki haddi tutne par doctor ke pas kab jaye
- सारांश
पैर में फ्रैक्चर होने पर क्या होता है और क्या करें? - Pair ki haddi tutne par kya hota hai aur kya karna chahiye
पैर की हड्डी टूटने का मतलब ये भी हो सकता है कि हड्डी में दरार आई है या ये भी हो सकता है कि हड्डी दो हिस्सों में टूट गई है। हड्डी टूटने का सबसे सामान्य लक्षण होता है पैर की आकृति बिगड़ जाना या प्रभावित हिस्से में उभार हो जाना। इसके अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे -
- पैर में घाव हो जाना। (और पढ़ें - घाव के निशान मिटाने के उपाय)
- चोट लगने के बाद बेहोशी या अस्वस्थ महसूस होना। (और पढ़ें - स्वस्थ रहने के कुछ नियम)
- पैर को हिलाने में दर्द या दिक्कत होना।
- चोट की जगह पर हाथ लगाने में दर्द होना। (और पढ़ें - सिर में चोट लगने पर क्या करे)
- चलने में दिक्कत होना या ठीक से चल न पाना।
- वजन उठाने में तकलीफ होना। (और पढ़ें - वेट लिफ्टिंग के फायदे)
- चोट लगने के बाद चक्कर आने की समस्या होना।
अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, तो तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें और मदद आने तक उसे निम्नलिखित तरीके से प्राथमिक चिकित्सा दें -
- सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि व्यक्ति के पैर को बिलकुल भी हिलने न दें, नहीं तो उसकी नसों, ऊतकों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है। (और पढ़ें - नसों में दर्द के लक्षण)
- व्यक्ति को खड़े बिलकुल न होने दें और वह जिस पोजीशन में है, उसी पोजीशन में उसे आराम करने दें।
- टूटी हुई हड्डी को अपने आप जोड़ने या हिलाने का प्रयास न करें, इससे समस्या और बढ़ सकती है।
- चोट लगने के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र पर ठंडी सिकाई करें। ऐसा करने से दर्द और सूजन कम होंगे। इस बात का ध्यान रखें कि बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं, इससे त्वचा को नुक्सान हो सकता है। (और पढ़ें - गर्म सिकाई करने के फायदे )
- ज्यादा दर्द होने पर मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दर्द निवारक दवाएं ली जा सकती हैं, हालांकि कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से बात करने की सलाह दी जाती है।
- अगर चोट के कारण खून निकल रहा है, तो उसे रोकने का प्रयास करें। इसके लिए व्यक्ति के पैर को थोड़ा ऊपर की तरफ उठा दें और घाव पर पट्टी बांधें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पट्टी बहुत ज्यादा टाइट न हो।
(और पढ़ें - नाक से खून आने पर क्या करना चाहिए )
टांग की हड्डी टूटने पर क्या करें और क्या होता है? - Tang ki haddi tutne par kya kare aur kya hota hai
टांग की हड्डी टूटने पर निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं -
- बहुत अधिक दर्द होना (और पढ़ें - पैरों में दर्द के कारण)
- टांग में ताकत न रहना (और पढ़ें - ताकत बढ़ाने के घरेलू उपाय)
- सूजन होना (और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)
- टांग से हड्डी टूटने की या खुरचने की आवाज आना
- प्रभावित क्षेत्र में हाथ लगाने पर दर्द होना
- चलने में दिक्कत होना
- प्रभावित क्षेत्र के आस-पास नील पड़ना (और पढ़ें - नील क्यों पड़ते हैं)
- टांग मुड़ी हुई या अलग दिखना
- फ्रैक्चर वाली टांग छोटी दिखना
- चल न पाना
- हिलने पर दर्द बढ़ना
(और पढ़ें - पैरों में सूजन के कारण)
फ्रैक्चर के गंभीर मामलों में टूटी हुई हड्डी त्वचा से बाहर आने लगती है और इससे होने वाले गंभीर दर्द के कारण व्यक्ति को बेहोशी और चक्कर महसूस हो सकते हैं। (और पढ़ें - चक्कर आने पर क्या करें)
(और पढ़ें - चक्कर आने पर करें ये घरेलू उपाय)
अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति की टांग में फ्रैक्चर हुआ है, तो तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें और मदद आने तक उसे निम्नलिखित तरीके से फर्स्ट ऐड दें -
- सबसे पहले ये सुनिश्चित करें कि व्यक्ति की टांग बिलकुल भी हिले नहीं। ऐसा न करने से ऊतकों, नसों और रक्त वाहिकाओं को नुक्सान हो सकता है। (और पढ़ें - नसों की कमजोरी के लक्षण)
- प्रभावित टांग के नीचे तकिया या कपडा रखें ताकि उसे सहारा मिल सके।
- टांग को हिलने से रोकने के लिए किसी सीधी वस्तु, जैसे छाते या डंडे को व्यक्ति की टांग की सिधाई से बांध दें। (और पढ़ें - पैर में दर्द के घरेलू उपाय)
- टूटी हुई हड्डी को अपने आप जोड़ने का प्रयास न करें, इससे और अधिक नुक्सान हो सकता है।
- अगर चोट के कारण खून निकल रहा है, तो सबसे जरूरी होता है खून बहना बंद करना। (और पढ़ें - चोट लगने पर क्या करें)
- खून बहना बंद करने के लिए टांग को थोड़ा ऊपर उठा कर रखें और घाव पर पट्टी लगाएं। (और पढ़ें - खून बहना बंद कैसे करें)
- टांग को ऊपर उठाते समय ध्यान रखें कि टांग सीधी रहे और उसे सहारा दें।
- चोट के लिए प्राथमिक उपचार करें। (और पढ़ें - घाव की ड्रेसिंग कैसे करते हैं)
- टांग में सूजन होने से कई समस्याएं हो सकती हैं, इसीलिए सूजन न होने दें। इसके लिए टांग को थोड़ा ऊपर उठाएं और उसपर गर्म पट्टी बांध दें। (और पढ़ें - पैरों में सूजन के घरेलू उपाय)
- अगर व्यक्ति सदमे में है, तो उसे आराम से लिटा दें और उसकी टांगों को थोड़ा ऊपर उठा दें ताकि उसका रक्त प्रवाह बेहतर हो सके। (और पढ़ें - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)
- व्यक्ति को गर्म रखने की कोशिश करें। (और पढ़ें - गर्म पानी पीने के फायदे)
- मदद आने तक व्यक्ति की टांग की जांच करते रहें और देखें क्या टांग का रंग फीका पड़ रहा है या टांग ठंडी पड़ रही है। इन लक्षणों का मतलब होता है कि टांग में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को जल्द-से-जल्द अस्पताल ले जाना अनिवार्य होता है।
(और पढ़ें - घाव भरने के घरेलू उपाय)
पैर की हड्डी टूटने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? - Tang ki haddi tutne par doctor ke pas kab jaye
पैर या टांग की हड्डी टूटना आपातकालीन स्थिति होती है, जिसके लिए डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए। अपने डॉक्टर के पास तुरंत जाएं या घायल व्यक्ति को फौरन अस्पताल ले जाएं अगर -
- बहुत अधिक खून बह रहा है। (और पढ़ें - खून की कमी के लक्षण)
- व्यक्ति कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है।
- चलने में बहुत अधिक दर्द हो रहा है। (और पढ़ें - पैदल चलने के फायदे)
- पैर या टांग की आकृति असामान्य या बिगड़ी हुई लग रही है।
- चोट लगने की जगह पर गहरा घाव है।
- व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो रही है या वह सांस नहीं ले रहा है। (और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करे)
- आपको आशंका है कि आपको या किसी अन्य व्यक्ति को पैर या टांग में फ्रैक्चर हुआ है।
- पैर या टांग की हड्डी वाले हिस्सों को दबाने से दर्द हो रहा है। (और पढ़ें - पैर की हड्डी बढ़ने के कारण)
- हड्डी त्वचा से बाहर आ रही है। (और पढ़ें - हड्डियों में दर्द के लक्षण)
- व्यक्ति हिल-डुल नहीं रहा है।
- पंजे के आगे का हिस्सा या पैर की उंगलियां नीली व पड़ रही हैं या उनमें झुनझुनाहट हो रही है।
(और पढ़ें - हड्डी बढ़ने के कारण)
सारांश
पैर की हड्डी टूटने पर तुरंत प्राथमिक उपचार करना जरूरी है ताकि दर्द और नुकसान को कम किया जा सके। सबसे पहले, पैर को स्थिर (इममोबिलाइज) करें और उसे हिलाने से बचें। किसी भी सूजन को कम करने के लिए प्रभावित क्षेत्र पर बर्फ लगाएं, लेकिन बर्फ को सीधे त्वचा पर न रखें, हमेशा कपड़े में लपेटकर ही लगाएं। दर्द कम करने के लिए डॉक्टर द्वारा अनुशंसित दर्द निवारक दवाएं ली जा सकती हैं। घायल व्यक्ति को चलने या पैर पर दबाव डालने से बचाना चाहिए। प्राथमिक उपचार के बाद, तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और एक्स-रे करवा कर हड्डी की स्थिति का सही आकलन कराएं। हड्डी के ठीक होने के लिए प्लास्टर, स्प्लिंट या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, जिसे डॉक्टर निर्धारित करेंगे। उचित इलाज और आराम के साथ, पैर की हड्डी सामान्य रूप से ठीक हो सकती है।



