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हर्सुटिज्म क्या है?

हर्सुटिज्म महिलाओं में होने वाली एक ऐसी स्थिति है, जिसमें चेहरे, छाती और पीठ पर पुरुषों की तरह अत्यधिक बाल आने लगते हैं। एंड्रोजन नामक पुरुष हार्मोन के अत्यधिक बढ़ने के कारण ऐसा होता है।

इसमें विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन अहम भूमिका निभाता है। यह समस्या पुरुषों में भी हो सकती है। हर्सुटिज्म से छुटकारा पाने के लिए प्रभावी उपचार के कुछ विकल्प मौजूद हैं।

हर्सुटिज्म के लक्षण

हर्सुटिज्म में महिलाओं के शरीर के कुछ ऐसे हिस्सों पर सख्त या गहरे रंग के बाल आते हैं, जहां आमतौर पर नहीं आने चाहिए जैसे चेहरा, छाती, पेट का निचला हिस्सा, जांघ के अंदर का हिस्सा और पीठ।

एंड्रोजन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ने पर धीरे-धीरे अन्य लक्षण विकसित हो सकते हैं। इस प्रक्रिया को विरिलाइजेशन (virilization) कहा जाता है। विरिलाइजेशन के निम्न लक्षण हो सकते हैं :

  • आवाज में भारीपन आना
  • गंजापन
  • मुंहासे
  • स्तनों का आकार कम होना
  • मांसपेशियों में वृद्धि
  • क्लाइटोरिस का बढ़ना

हर्सुटिज्म का कारण
हर्सुटिज्म के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि :

  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)
    यह स्थिति अक्सर यौवन अवस्था में शुरू होती है और इसमें महिलाओं में सेक्स हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ वर्षों में पीसीओएस की वजह से शरीर पर धीरे-धीरे अधिक बाल आने लगते हैं, अनियमित मासिक धर्म, मोटापा, बांझपन और कभी-कभी अंडाशय पर कई अल्सर बनने की समस्या भी हो सकती है।
     
  • कुशिंग सिंड्रोम
    यह तब होता है, जब किसी व्यक्ति के शरीर में कोर्टिसोल (एक प्रकार का हार्मोन) का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह प्रेडनिसोन जैसी दवाइयों का लंबे समय तक सेवन करने या एड्रेनल ग्रंथियों द्वारा अत्यधिक कोर्टिसोल बनने के कारण हो सकता है।
  • कंजेनाइटल एड्रेनल हाइपरप्लासिया
    यह एक अनुवांशिक स्थिति है जिसमें एड्रेनल ग्रंथियों द्वारा कोर्टिसोल और एंड्रोजन सहित स्टेरॉयड हार्मोन का असामान्य रूप से उत्पादन होने लगता है। 
  • ट्यूमर 
    अंडाशय या एड्रेनल ग्रंथियों में ट्यूमर भी कई बार हर्सुटिज्म का कारण बन सकता है।

हर्सुटिज्म से बचाव

आमतौर पर हर्सुटिज्म को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन अगर आप ओवरवेट हैं, तो वजन कम करके हर्सुटिज्म को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की स्थिति में और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।

हर्सुटिज्म का इलाज

अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए आप निम्न तरीके अपना सकती हैं :

  • शेविंग 
    आप रेजर या ट्रिमर से अनचाहे बालों को आसानी से हटा सकती हैं। सख्त बाल हटाने के लिए रोज शेव करने की जरूरत पड़ सकती है। अगर शेविंग की वजह से स्किन पर जलन महसूस हो रही है तो आफ्टर शेव क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
     
  • थ्रेडिंग
    बालों को जड़ से निकालने के लिए अलग-अलग तरीके अपना सकती हैं। आप चिमटी का उपयोग कर सकती हैं या फिर थ्रेड से भी बाल निकलवा सकती हैं, लेकिन इन तरीकों से दर्द और त्वचा पर लालिमा की दिक्कत हो सकती है।
     
  • वैक्सिंग
    अनचाहे बालों को जड़ से हटाने के लिए वैक्सिंग की मदद ली जा सकती है। इससे बाल लंबे समय तक नहीं आते हैं और हो सकता है कि बालों की ग्रोथ धोरे-धीरे कम हो जाए।
     
  • क्रीम
    बाजार में कुछ ऐसी क्रीम मौजूद हैं, जिनमें तेज रसायन होते हैं, इन्हें डेपिलाटोरीज कहते हैं। यह क्रीम संवेदनशील त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं इसलिए ज्यादा मात्रा में क्रीम का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट कर लें। इसका मतलब है कि थोड़ी-सी क्रीम लेकर स्किन के छोटे-से हिस्से पर लगाकर देखें।
     
  • इलेक्ट्रोलिसिस
    आप इलेक्ट्रोलिसिस से बालों को हटा सकती हैं। यह थोड़ा महंगा हो सकता है। इसमें इलेक्ट्रिक करंट के जरिए बालों को जड़ से निकाल दिया जाता है। इसमें थोड़े-थोड़े समय में सीटिंग लेनी पड़ती है और कुछ समय बाद बाल आना बंद हो जाते हैं।
     
  • लेजर से बाल हटाना
    लेजर ट्रीटमेंट से भी बालों को हटाया जा सकता है, लेकिन इसमें आपको कई सीटिंग लेनी पड़ती हैं।

यदि आपको लगता है कि आपके चेहरे या शरीर पर बहुत अधिक व मोटे बाल निकलने लगे हैं, तो आपको उपचार जानने के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (हार्मोन संबंधी विकारों के विशेषज्ञ) या त्वचा रोग विशेषज्ञ से आपको सलाह लेनी चाहिए।

  1. हर्सुटिज्म (अनचाहे बाल आना) की दवा - Medicines for Hirsutism in Hindi
  2. हर्सुटिज्म (अनचाहे बाल आना) के डॉक्टर
Dr. Kavita Singh

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हर्सुटिज्म (अनचाहे बाल आना) की दवा - Medicines for Hirsutism in Hindi

हर्सुटिज्म (अनचाहे बाल आना) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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References

  1. Silonie Sachdeva. HIRSUTISM: EVALUATION AND TREATMENT. Indian J Dermatol. 2010 Jan-Mar; 55(1): 3–7. PMID: 20418968
  2. Azziz R, Sanchez LA, Knochenhauer ES, et al. Androgen excess in women: experience with over 1000 consecutive patients.. J Clin Endocrinol Metab 2004;89:453–462.
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  5. Hafsi W, Badri T. Hirsutism. [Updated 2019 May 2]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2019 Jan-.
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