धातु (धात) रोग - Dhat Syndrome in Hindi

Dr. Rajalakshmi VK (AIIMS)MBBS

November 25, 2017

December 06, 2021

धातु रोग
धातु रोग

धातु रोग या धात रोग क्या है?

धात गिरने का मतलब होता है वीर्य का अनैच्छिक रूप से निकलना, जो आम तौर पर नींद के दौरान या अन्य परिस्थितियां जैसे पेशाब या मल त्याग के दौरान होता है।

धात रोग कोई रोग नहीं है। वीर्य का शरीर से निकलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इससे किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। इससे कई भ्रम जुड़े हुए हैं जैसे इसकी वजह से कमजोरी होना। मेडिकल विज्ञान में इन सब को गलत माना जाता है।

अक्सर लोग इसे पुरुषों की एक यौन समस्या मानते हैं, जिसमें बिना यौन उत्तेजना और संभोग के अनैच्छिक रूप से वीर्यपात होने लगता है। कुछ मामलों में वीर्य मूत्र से पहले निकल जाता है, या मूत्र से मिलकर भी निकलने लग जाता है। लेकिन सच यह है कि ऐसा होने पर कोई नुकसान नहीं होता है।

धातु (धात) रोग का वीडियो - Video on Dhat Syndrome in Hindi

इस वीडियो में डॉ शैलेंद्र गोयल जी धात रोग से जुड़ी सारी जानकारी दे रहे हैं। डॉ गोयल एक योन और मूत्र रोग विशेषज्ञ हैं जो धात रोग के स्पेशलिस्ट हैं। myUpchar से इस चर्चा में उन्होंने धात रोग के लक्षण, कारण, इलाज और जांच के तरीकों के बारे में बताया है।

धातु (धात) रोग के लक्षण - Dhat Syndrome Symptoms in Hindi

धात गिरने के लक्षण व संकेत क्या हो सकते हैं?

धात गिरना अपने आप में एक रोग नहीं है, इसलिए इसका अपने आप में कोई लक्षण नहीं होता है।

हालांकि, धात गिरने के साथ कुछ लक्षण आमतौर पर देखे जाते हैं जैसे एकाग्रता में कमी, भूख कम लगना, कमर दर्दथकानडिप्रेशन, याददाश्त कमजोर होना, सुस्त आँखें, रात को पसीना आना, अंडकोष के आसपास पसीना आना, नम और गर्म त्वचा, गर्म और नम तलवे और हथेलियां, पेरिनेम में दर्द (गुदा या अंडकोष के बीच का क्षेत्र)।

धातु (धात) रोग के कारण - Dhat Syndrome Causes in Hindi

धात गिरने का कारण क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार शुक्राणुशोथ तब होता है जब शरीर में "वात दोष" (वायु तत्व) और "पित्त दोष" (अग्नि तत्व) की गतिविधि में तीव्रता आ जाती है। घबराहट और चिंता की वजह से ये दोष बढ़ जाते हैं।

मेडिकल विज्ञान के अनुसार धात गिरना या वीर्य निकलना प्राकृतिक ही नहीं बलि अनिवार्य है। जैसे शरीर में बनने वाले अन्य तरल बाहर निकलते हैं, वैसे ही वीर्य का भी शरीर से बाहर निकलना जरुरी है। अगर आप हस्तमैथुन या सेक्स नहीं करते हैं, या आपको नाईटफॉल नहीं होता है, तो शरीर वीर्य को बाहर निकलने का कोई और तरीका खोज लेता है।

इसके कारणों से भी कई भ्रम जुड़े हुए हैं जैसे बार-बार हस्तमैथुन करना, सेक्सुअल विचार आना आदि। सच तो यह है कि एक उम्र के बाद यह सब एकदम स्वाभाविक ही नहीं बल्कि अनिवार्य भी है। अगर अपनी यौन इच्छाओं को दबाएंगे या यौन क्रियाओं से दूर रहेंगे तो इससे आपको उल्टा नुकसान हो सकता है, जैसे तनाव या डिप्रेशन होना।

(और पढ़ें - सेक्स न करने के नुकसान)

धातु (धात) रोग का इलाज - Dhat Syndrome Treatment in Hindi

धातु रोग कैसे ठीक करें?

क्योंकि धात रोग कोई रोग नहीं है, इसलिए इसके उपचार की बात करना अपने आप में बेमानी है। लेकिन फिर भी धात गिरने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है यौन क्रियाएं करना (सेक्स या हस्तमैथुन)। साथ ही अगर आप मन में सेक्स, हस्तमैथुन आदि को गलत या बुरा मानते हैं, तो इन सब बातों को मन से निकाल दें। इसके विपरीत इन्हे स्वाभाविक और जरुरी मान कर अपनाएं और इनका आनंद लें।

इसके अलावे अपने यौन जीवन को बेहतर बनाने के लिए सही आहार और जीवनशैली अपनाएं, और योग या एक्सरसाइज करें। इसमें कीगल एक्सरसाइज खास तौर से कारगर हैं।

धात रोग के लिए सही जीवनशैली और आहार

निम्नलिखित स्व-देखभाल युक्तियों की एक सूची है जो आपको अपने यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और धात गिरने को कंट्रोल करने में मदद कर सकती हैं:

  • ताज़ी सब्जियों और फलों से युक्त पौष्टिक और संतुलित आहार का सेवन करें
  • हल्का डिनर करें
  • मसालेदार भोजन खाने से बचें
  • शराब पीना कम या बंद करें
  • सोने से पहले पानी न पियें
  • सोने से पहले पेशाब कर लें
  • सोने के लिए एक सख्त गद्दे का उपयोग करें
  • सोते समय टाइट अंडरवियर या तंग कपड़े न पहनें
  • अपने जननांग क्षेत्र को साफ रखें
  • अगर कब्ज है तो उसका इलाज करवाएं
  • ठंडे पानी से नहाएं

धात रोग के लिए योग

  • गोमुखासन - गोमुखासन पुरुषों को उनके स्खलन पर बेहतर नियंत्रण पाने में मदद करता है।
  • भुजंगासन - भुजंगासन पुरुषों को शीघ्रपतन को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह पुरुषों को लंबे समय तक इरेक्शन बनाये रखने में भी मदद करता है।
  • उत्तानपादासन - उत्तानपादासन स्खलन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
  • सर्वांगासन - सर्वांगासन वृषण के कार्य को बेहतर बनाता है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता के साथ-साथ वीर्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • सेतुबंधासन - सेतुबंधासन पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन इच्छा में सुधार करता है।
  • प्राणायाम - अनुलोम-विलोम और बाह्य प्राणायाम करने से लाभ होता है।

धातु रोग के इलाज के लिए कीगल एक्सरसाइज

जब आप जान लेते हैं कि कौनसी मांसपेशी को टारगेट करना है, तब कीगल एक्सरसाइज करने में काफी आसान हो जाती है। यह पेशाब के दौरान अपनी मांसपेशियों का पता लगाने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। जो कुछ ऐसे है -

  • आधा पेशाब त्याग करने के बाद बाकी के पेशाब को रोकने या धीरे-धीरे करने की कोशिश करें।
  • अपने नितंबों, टांगों या पेट में मांसपेशियों में तनाव उत्पन्न ना करें, और ना ही अपनी सांसों को रोकने का प्रयास करें।
  • जब आप अपने मूत्र के प्रवाह को धीमा या बंद करने में सफल हो जाते हैं, तो आप उस मांसपेशी पर नियंत्रण पा लेते हैं।
  • कब्ज होने पर उसका पता जल्द से जल्द लगा लिया जाना चाहिए और उसका ईलाज भी कर दिया जाना चाहिए।

कीगल व्यायाम करने के लिए -

  • 5 तक धीरे-धीरे गिनती करें, और अपने इन मांसपेशियों को सिकोड़ें।
  • और फिर ऐसे ही 5 गिनते हुऐ धीरे-धीरे वापस खोलें।
  • इस प्रक्रिया को 10 बार करें।
  • 10 बार केगल के सेट को दिन में कम से कम 10 बार करें।

(और पढ़ें - एक्सरसाइज के फायदे)



संदर्भ

  1. Science Direct (Elsevier) [Internet]; Spermatorrhea
  2. Killick SR, Leary C, Trussell J, Guthrie KA. Sperm content of pre-ejaculatory fluid. Hum Fertil (Camb). 2011 Mar;14(1):48-52. PMID: 21155689.
  3. Ege C Serefoglu ,Theodore R Saitz. New insights on premature ejaculation: a review of definition, classification, prevalence and treatment. Asian J Androl. 2012 Nov; 14(6): 822–829.PMID: 23064688
  4. Aida Saihi MacFarland, Mohammed Al-Maashani, Qassim Al Busaidi, Aziz Al-Naamani, May El-Bouri, and Samir Al-Adawi. Culture-Specific Pathogenicity of Dhat (Semen Loss) Syndrome in an Arab/Islamic Society, Oman. Oman Med J. 2017 May; 32(3): 251–255.PMID: 28584609.
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Erectile Dysfunction

धातु (धात) रोग की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Dhat Syndrome in Hindi

धातु (धात) रोग के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

translation missing: hi.lab_test.sub_disease_title

translation missing: hi.lab_test.test_name_description_on_disease_page

translation missing: hi.lab_test.test_names


धातु (धात) रोग पर आम सवालों के जवाब

सवाल लगभग 4 साल पहले

मेरी उम्र 22 साल है। मुझे धातु रोग की समस्या है। मैं जानना चाहता हूं कि क्या यह विटामिन की कमी की वजह से है?

क्या आप कंफर्म हैं कि आपको धातु रोग है? ऐसा भी हो सकता है कि यूरिन पास होता हो, जिसे आपने धातु रोग से जोड़ दिया है। बेहतर है आप एक बार अपना यूरिन और सीमेन टेस्ट करवा लें। तभी पता चलेगा कि आपकी समस्या क्या है।

सवाल 3 साल से अधिक पहले

धातु रोग से होने वाले नुकसान?

लोगों को लगता है कि धातु रोग की वजह से कमजोरी होने लगती है, जबकि धातु रोग अपने आप में कोई समस्या नहीं है। जब यह कोई समस्या ही नहीं है, तो इससे किसी तरह के नुकसान की बात ही नहीं उठती।

सवाल 3 साल से अधिक पहले

धातु रोग से कैसे बचें?

जो लोग बहुत ज्यादा पोर्न देखते हैं या फिर टेलिफोनिक सेक्स में इंवॅाल्व होते हैं, उन्हें ही इस तरह की समस्या होती है। इससे बचने के लिए आपको पोर्न साइटों और ऐसी गतिविधियों से दूर रहना होगा जिससे सेक्स के प्रति आपकी उत्तेजना बढ़ती है। इससे आपका सडेन फॅाल भी कम हो जाएगा।

सवाल 3 साल से अधिक पहले

मेरी उम्र 23 साल है। पिछले दो महीनों से मुझे अचानक कभी भी फॅाल हो जाता है। इसके बाद मुझे गुप्तांग में खुजली और जलन भी होने लगती है। मैं जानना चाहता हूं क्या ऐसा धातु रोग की वजह से है?

बेहतर यही है कि आप डाक्टर से संपर्क करें। जांच करने के बाद ही पता चलेगा कि आपकी समस्या क्या है।