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आज भारत में महिला और पुरुष बांझपन की समस्या बहुत आबादी को प्रभावित करती है। लेकिन, प्रजनन क्षमता को आहार के माध्यम से बढ़ाया या बेहतर बनाया जा सकता है। बस आपको पता होना चाहिए कि प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा आपको यह भी पता होना चाहिेए कि प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए किन-किन चीज़ों से परहेज करना चाहिए और किन चीजो से परहेज नहीं करना चाहिए।

आपके खाने-पीने का तरीका और जीवनशैली आपके फर्टिलिटी या प्रजनन क्षमता को 69% तक बढ़ा सकता है। तो इस लेख में पढ़िए प्रजनन क्षमता बढ़ाने के आहार।

(और पढ़ें - प्रजनन क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय)

  1. प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए - What to eat to increase fertility in Hindi
  2. बांझपन दूर करने के लिए क्या न खाएं और परहेज - What not to eat and avoid to reduce infertility in Hindi

प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए एंटीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थों को खाएं - Eat antioxidant rich foods to increase reproductive capacity in Hindi

एंटीऑक्सीडेंट जैसे फोलेट और जिंक परूष और महिलाएं दोनों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट आपके शरीर के मुक्त कणों को निष्क्रिय बनाते हैं और प्रजनन क्षमता को सुधारने में भी मदद करते हैं। मुक्त कण आपके शुक्राणु और अंडा बनाने वाली कोशिकाओं दोनों को नष्ट करते हैं।

(और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार)

एक शोध के अनुसार, जो वयस्क पुरूष रोजाना अखरोट खाते थे, उनकी प्रजनन क्षमता बेहतर थी अन्य लोगों कि तुलना में। एक अन्य शोध में, 60% इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन एक प्रकार की गर्भधारण की तकनीक है) इस्तेमाल करने वाली दंपतियों को प्रतिभागी के रूप में लिया गया। इन 60% दंपतियों को एंटीऑक्सीडेंट पूरक आहार सेवन करने को दिया गया। कुछ दिनों बाद उन महिलाओं में गर्भधारण की क्षमता 23% अधिक देखी गई। इसलिए एंटीऑक्सिडेंट वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, सूखे मेवे और अनाज खाएं। इन खाद्य पदार्थों को खाने से आपकी प्रजनन क्षमता में सुधार होता है।

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बांझपन दूर करने के लिए भरपूर नाश्ता करें - Have healthy breakfast to increase fertility in Hindi

सुबह पर्याप्त मात्रा में नाश्ता करने से आपकी प्रजनन क्षमता बेहतर होती है। एक अध्ययन के अनुसार भरपूर मात्रा में नाश्ता करने से पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (महिलाओं में होने वीली एक बीमारी) के हार्मोंनल प्रभाव में सुधार होता है। इस होर्मोनेस के असंतुलन की वजह से बांझपन की समस्या होती है।

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एक अध्ययन में देखा गया कि पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम से ग्रसित सामान्य वजन वाली महिलाएं अपने नाश्ते में अधिक कैलोरी खाती थीं, जिससे उनकी इंसुलिन का स्तर 8% और टेस्टोस्टेरोन का स्तर 50% तक कम हुआ। इंसुलिन और टेस्टोस्टेरोन इन दोनों के स्तर अधिक होने से बांझपन की बीमारी होती है। इसके अलावा, जो महिलाएं सुबह कम नाश्ता करती थीं और रात में भोजन अधिक करतीं थीं, उनकी तुलना जो महिलाएं सुबह भरपूर नाश्ता करती थीं वो 30% गर्भधारण के लिए अधिक तैयार (फर्टाइल) थीं।

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फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए फाइबर युक्त आहार खाएं - Eat fiber rich food to increase fertility in Hindi

फाइबर आपको अधिक हार्मोंस से छुटकारा दिलाता है और आपके ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करता है। इसलिए साबुत अनाज, फल, सब्जियां और बीन्स खाएं, क्योंकि इनमें बहुत अधिक मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। फाइबर आपके शरीर में निर्मित अधिक एस्ट्रोजन को भी बाहर निकालने में मदद करता है।

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एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना 10 ग्राम अधिक फाइबर वाले अनाज खाने से 32 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में गर्भधारण ना कर पाने की समस्या 44% कम देखी गयी।

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बांझपन दूर करने के लिए प्रोटीन खाएं - Eat proteins to reduce infertility in Hindi

भरपूर मात्रा में प्रोटीन खाएं, यह आपके प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन, आपको एनिमल प्रोटीन (जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन) जैसे मीट, मछली और अंडे की जगह पर सब्जियों जैसे बीन्स, सूखेमेवे और बीज से प्राप्त होने वाले प्रोटीन को खाना होगा।

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एक रिसर्च के अनुसार, मटन से प्राप्त होने वाला प्रोटीन बांझपन की समस्या (जैसे गर्भाशय में अंड़े न बनना) को 32% तक बढ़ा सकता है। जबकि, सब्जियों से प्राप्त प्रोटीन आपके प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। एक अन्य शोध के अनुसार, कुल कैलोरी का 5% प्रोटीन (एनिमल प्रोटीन की बजाय सब्जियों से प्राप्त प्रोटीन) से बांझपन का खतरा 50% कम हो जाता है। इसलिए अपने आहार में एनिमल प्रोटीन की जगह पर वेजिटेबल प्रोटीन को शामिल करें।

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बांझपन दूर करने के लिए अधिक वसा वाले डेरी उत्पाद खाएं - Eat more fatty dairy products to get rid of infertility in Hindi

कम फैट वाले डेरी उत्पाद खाने से आपकी प्रजनन क्षमता कमजोर होती है, जबकि अधिक वसा वाले डेरी उत्पाद खाने से प्रजनन क्षमता बेहतर होती है।

एक शोध के अनुसार, जो महिलाएं रोजाना 1 कप अधिक वसा वाले डेरी उत्पाद का सेवन करती थीं, उन महिलाओं में 27% बांझपन का खतरा कम था। इसलिए रोजाना कम वसा वाले डेरी उत्पाद की तुलना में अधिक वसा वाले डेरी उत्पादों को खाएं। इसके अलावा आप 1 गिलास अधिक वसा वाले दूध भी पीएं।

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प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए मल्टीविटामिन खाएं - Eat multivitamin to increase reproductive ability in Hindi

महिलाओं में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए मल्टीविटामिन बहुत अधिक लाभदायक है। जो महिलाएं मल्टीविटामिन खाती हैं, उनमें बांझपन (गर्भाश्य में अंडे न बनने की समस्या) की दिक्कत बहुत कम होती है। इसके साथ ही साथ महिलाएं हफ्ते में 3 मल्टीविटामिन खाकर गर्भाशय में अंडे न बनने की समस्या को 20% तक कम कर सकती हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि जो महिलाएं मल्टीविटामिन खाती थीं, उनमें बांझपन का खतरा 41% कम था। 

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इसके अलावा जो महिलाएं प्रगनेंट होना चाहती हैं, उनके लिए फोलेट युक्त मल्टीविटामिन बहुत ज्यादा लाभदायक होता है। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन टी, विटामिन ई और विटामिन बी-6 जैसे पूरक आहार गर्भधारण में मदद करते हैं। इस प्रकार के पूरक आहार को लगातार 3 महीने तक खाने से गर्भधारण में मदद मिलती है। इस प्रकार के पूरक आहार का सेवन जो महिलाएं करती थीं, उनमें से 26% महिलाएं गर्भवती बनीं, जबकि इस तरह के पूरक आहार को न खाने वाली महिलाओं में से केवल 11% महिलाएं ही प्रेग्नेंट हो सकीं।

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प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए हमेशा सक्रिय रहें - Always be active to increase fertility in Hindi

व्यायाम आपके शरीर के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है। इसके साथ ही साथ यह आपके प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करता है। इस बात की पुष्टी की जा चुकी है कि सुस्त या निष्क्रिय जीवनशैली प्रजनन क्षमता को कमजोर बनाती है। नर्सेस हेल्थ स्टडी के अनुसार, प्रति घंटा व्यायाम बांझपन के खतरा को 5% तक कम करता है।

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इसके अलावा व्यायाम के अन्य लाभ भी हैं, जैसे अधिक वजन वाली महिलाएं मध्यम या अधिक तीव्रता वाले व्यायाम करके अपना वजन कम कर सकती हैं। इसके साथ ही साथ व्यायाम से प्रजनन क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, मध्यम या धीरे-धीरे व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि बहुत अधिक तीव्रता वाले व्यायाम को अधिक करने से कुछ महिलाओं में इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

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फर्टीलिटी बढ़ाने के लिए खराब वसा न खाएं - Do not eat bad fat to increase fertility in Hindi

रोजाना अच्छी वसा खाने से प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। हालांकि, खराब वसा आपके प्रजनन क्षमता को कमजोर बनाती है। खराब वसा का आपके इंसुलिन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

खराब वसा मुख्य रूप से हाइड्रोजनीकृत वजिटेबल ऑयल से बनता है, जो कि तले हुए फूडे जैसे प्रोसेस्ड और बेक्ड खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों के आहार में खराब वसा अधिक और असंतृप्त वसा कम होती है, उन लोगों की प्रजनन क्षमता कमजोर होती है।

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प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक कार्बोहाइड्रेट न खाएं - Do not eat excess carbohydrates to increase fertility in Hindi

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (महिलाओं में एक प्रकार की बीमारी) वाली महिलाओं को हमेशा कम कर्बोहाइड्रेट वाले भोजन की सलाह दी जाती है। कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाने से आपका वजन संतुलित बना रहता है। इसके अलावा कम कार्बोहाइड्रेट खाने से इंसुलिन का स्तर भी नियंत्रित रहता है और शरीर के फैट को जल्दी से कम करने में मदद मिलती है। वजन संतुलित होने और इंसुलिन का स्तर सामान्य होने से महिलाओं में माहवारी नियमित रूप से होता है।

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एक अध्ययन के अनुसार, अधिक कार्बोहाइड्रेट खाने से आपकी प्रजनन क्षमता कमजोर होती है। इसके अनुसार, जो महिलाएं अधिक कार्बोहाइड्रेट खाती थीं उनमें गर्भधारण की क्षमता 78% कम देखी गई उन महिलाओं की तुलना में जो कम कार्बोहाइड्रेट खाती थीं।

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बांझपन को दूर करने के लिए कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं - Avoid caffeine to reduce infertility problem in Hindi

कैफीन का महिलाओं के फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक शोध के अनुसार, जो महिलाएं 500 ग्राम कैफीन की मात्रा रोजाना आहार में लेती थीं, वो महिलाएं 9.5 महीने देर से प्रेग्नेंट हुईं। इसके अलावा जो महिलाएं गर्भवती होने के पहले अधिक कैफीन खाती हैं, उनमें मिसकैरेज का खतरा अधिक बना रहता है।

एक अन्य अध्ययन में इस बात की भी पुष्टी की गई है कि अधिक कैफीन लेने से बांझपन की समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।

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प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक शराब न पीएं - Do not drink alcohol to increase fertility in Hindi

अधिक शराब पीने से आपकी फर्टीलिटी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। हालांकि, इस बात का स्पष्ट पता नहीं चला है कि कितनी शराब पीने पर फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक अध्ययन में देखा गया कि जो महिलाएं हफ्ते में 8 बार शराब पीती थीं, वो महिलाएं देर से प्रग्नेंट हुईं।

(और पढ़ें - शराब पीने के नुकसान)

एक अन्य अध्ययन में अधिक शराब पीने वाली 7393 महिलाओं का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में देखा गया कि शराब पीने वाली महिलाओं की प्रजनन क्षमता कमजोर थी, उन महिलाओं की तुलना में जो शराब नहीं पीती थीं।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के घरेलू उपाय)

बांझपन दूर करने के लिए अनरिफाइंड सोया उत्पाद न खाएं - Do not eat unrefined soy products to remove infertility in Hindi

कुछ लोगों का मानना है कि सोया में आइटोएस्ट्रोजेन पाया जाता है। आइटोएस्ट्रोजेन हार्मोंस को प्रभावित करता है, जिससे बांझपन की समस्या हो सकती है।

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जानवरों पर हुए कई अध्ययन में इस बात की पुष्टी की जा चुकी है कि सोया आदमियों में शुक्राणु की कमी को बढ़ावा देता है और मादा (फीमेल) में बांझपन को। जानवरों के एक अन्य रिसर्च में इस बात की भी पुष्टि की गई कि थोड़ा सा सोया उत्पाद नर के यौन व्यवहार में परिवर्तन ला सकता है।

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लेकिन, इस बात का ध्यान रहे कि यह सारे अध्ययन अनरिफाइंड सोया पर किए गए हैं, रिफाइंड सोया पर नहीं। हालांकि, रिफाइंड सोया खाना आपके लिए नुकसानदायक नहीं होता है।

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प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए वजन न बढ़ने दें - Avoid weight gain to increase fertility in Hindi

प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाला सबसे सामान्य कारण है अनुचित वजन। इसलिए वजन बहुत कम होना और वजन बहुत अधिक होना, दोनों का प्रजनन क्षमता पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

(और पढ़ें - bmi test in hindi)

अमेरिका में हुए एक अध्ययन के अनुसार, वजन बहुत कम होने की वजह से गर्भ में अंडे न बन पाने की समस्या होती है और इस समस्या से 12% महिलाएं प्रभावित हैं। वहीं दूसरी ओर अधिक वजन वाली 25% महिलाएं इस समस्या से प्रभावित हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि शरीर में अधिक फैट जमा होने से माहवारी प्रभावित होती है।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए)

वजन प्रजनन क्षमता को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए सामान्य से कम या उससे अधिक वजन वाली महिलाओं को गर्भधारण करने में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रेग्नेंट होने के लिए अगर आपका वजन सामान्य से अधिक है, तो अपना वजन कम करें। यदि आपका वजन सामान्य से कम है, तो वजन बढ़ाएं। ऐसा करने से आपको जल्दी प्रेग्नेंट होने में मदद मिलेगी।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए तनाव से बचें - Avoid stress to reduce infertility in Hindi

महिलाएं जितना अधिक तनाव लेती हैं, उनकी प्रेग्नेंट होने की संभवना उतनी कम होती जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप अधिक तनाव लेते हैं, तो आपके हार्मोंस में बदलाव आता है, जिसका आपके फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

(और पढ़ें - तनाव कैसे दूर करे)

इसके अलावा तनावपूर्ण नौकरी और अधिक समय तक काम करने से भी गर्भधारण में समस्या होती है। तनाव, चिंता और अवसाद 30% महिलाओं को प्रभावित करती हैं। इसलिए प्रेग्नेंट होने की संभवाना को बढ़ाने के लिए तनाव और चिंता से मुक्त रहें।

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