माहवारी प्रजनन चक्र का प्राकृतिक अंग है जिसमें गर्भाशय से रक्त योनि के माध्यम से निकलता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 10 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों में शुरू होती है और उनमें यौवन की शुरुआत का एक संकेत है। हमारे इस लेख में मासिक धर्म से सम्बंधित आप के हर सवाल का मिलेगा जवाब। जानें कि आखिर मासिक धर्म चक्र कैसे काम करता है और क्या करें यदि आपको दर्दनाक या अनियमित मासिक धर्म की समस्या हैं।
- मासिक धर्म क्या है? - What is Menstruation Cycle in Hindi
- पीरियड्स से जुड़े मिथक - Myths about periods in India in Hindi
- पीरियड्स में क्या करना चाहिए - what to do in periods in hindi
- पीरियड्स में क्या नहीं करना चाहिए - What not to do in Periods in Hindi
- पीरियड्स में क्या खाएं क्या न खाए - what to eat and what not to eat during periods
- मासिक धर्म में दर्द के कारण और उपाय - Causes of menstrual pain and solution in Hindi
- मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव के कारण और उपाय - Causes of heavy menstrual bleeding and remedies in Hindi
- मासिक धर्म में देरी के कारण और उपाय - Reasons for late periods and remedies in Hindi
- मासिक धर्म में सम्बन्ध बनाना - sex during periods in Hindi
- मासिक धर्म में गर्भधारण - Pregnancy during periods in Hindi
- मासिक धर्म में व्रत - Fasting during periods in Hindi
मासिक धर्म क्या है? - What is Menstruation Cycle in Hindi
महिलाएं पेट के अंदर अपने गर्भाशय के दोनों तरफ दो छोटे, अंगूर के आकार के अंडाशय के साथ पैदा होती हैं। अंडाशय सैकड़ों अंडे से भरा होता है। जब आप यौवन तक पहुंचते हैं तो आपका अंडाशय हार्मोन (विशेष रूप से एस्ट्रोजेन) बनाता हैं जिससे स्तन का विकास और मासिक धर्म का आरम्भ होता है। आपके मस्तिष्क में पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा गोनैडोट्रोपिन नामक रासायनिक संदेशवाहक (FSH और LH) का स्राव किया जाता है, जो कि आपके अंडाशय को महीने में एक बार एक परिपक्व अंडा जारी करने का सन्देश देता है। अंडा फिर गर्भाशय की ओर जाता है।
अगर अंडे को शुक्राणु द्वारा निषेचित नहीं किया जाता है, तो दो हफ्ते बाद, मोटी, खूनी अस्तर (एंडोमेट्रियम) जो आपके गर्भाशय में पीरियड्स के बीच बनाता है, आपकी योनि के माध्यम से आपके शरीर से बाहर निकलता है यह प्रवाह, जो रक्त के रूप में आता है, यह आपकी मासिक धर्म है। पूरी प्रक्रिया को माहवारी कहा जाता है, यह तब शुरू होता है जब आपका शरीर इसके लिए तैयार हो जाता है। ज्यादातर मासिक धर्म 3 से 5 दिन तक चलते हैं।
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जब मासिक धर्म (मासिक धर्म) नियमित रूप से आते हैं, इसे मासिक धर्म चक्र कहा जाता है। नियमित मासिक धर्म होने पर यह संकेत मिलता है कि आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंग सही काम कर रहे हैं। मासिक धर्म चक्र आपको स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण शारीरिक रसायनों, जिन्हें हार्मोन कहा जाता है, प्रदान करता है।
आपका मासिक धर्म चक्र आपके शरीर को प्रत्येक माह गर्भावस्था के लिए तैयार करता है एक चक्र पीरियड के पहले दिन से गिना जाता है। औसत मासिक चक्र 28 दिन लंबा होता है। हालाँकि यह चक्र वयस्कों में 21 से 35 दिनों के बीच और युवा किशोरों में 21 से 45 दिनों तक का भी हो सकता हैं। पुरे महीने के दौरान हार्मोन के स्तर में वृद्धि और गिरावट मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करती है।
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पीरियड्स से जुड़े मिथक - Myths about periods in India in Hindi
केवल महिलाओं से जुड़ा मुद्दा होने के बावजूद, यह हमेशा कई समाजों में गोपनीयता और मिथकों से घिरा हुआ रहा है। माहवारी से सम्बंधित कई प्रकार के निषेध, महिलाओं और लड़कियों को सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के कई पहलुओं से बाहर कर देते हैं।
सांस्कृतिक रूप से भारत के कई हिस्सों में, माहवारी को अभी भी गंदा और अशुद्ध माना जाता है। महिलाओं को सामान्य जीवन की गतिविधियों में भाग लेने से भी रोका जाता है। इस धारणा के लिए कोई वैज्ञानिक कारण नहीं दिखता है कि मासिक धर्म महिलाओं को "अशुद्ध" बनाता है।
कई लड़कियों और महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में केवल इस कारण प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता हैं क्योंकि वे मासिक धर्म में हैं। उन्हें मंदिर में प्रार्थना करने और पवित्र पुस्तकों को छूने से भी रोका जाता है। हालाँकि, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों से अब इस तरह के प्रतिबन्ध कम हो रहे हैं, किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी हालत बदलें नहीं हैं।
यह भी माना जाता है कि मासिक धर्म में महिलाएं हानिकारक और अशुद्ध होती हैं, इसलिए जो भोजन वे तैयार करती हैं वो दूषित हो सकता हैं। हालांकि, जब तक सामान्य स्वच्छता उपायों को ध्यान में रखा जाता है, तब तक कोई भी वैज्ञानिक परिक्षण मौजूद नहीं हैं जो इस मिथक को साबित कर सकें। (इसके बारें में विस्तार से जानकारी के लिए पढ़ें - मासिक धर्म में स्वच्छता के लिए टिप्स)
यह भी माना जाता है कि एक महिला अपने मासिक धर्म का खून एक आदमी पर अपनी इच्छा लागू करने के लिए उपयोग कर सकती हैं। जिसे मासिक धर्म में वशीकरण कहा जाता हैं। दिलचस्प बात है, केवल भारत ही नहीं एशिया के अन्य देशों में भी, ऐसी मान्यताओं का अभी भी अभ्यास किया जाता है। हालांकि, इसके लिए कोई तर्कसंगत या वैज्ञानिक व्याख्या उपलब्ध नहीं है।
भारत के कुछ हिस्सों में, मासिक धर्म के दौरान कुछ कठोर आहार प्रतिबंधों का भी पालन किया जाता है जैसे दही, इमली और अचार जैसा खट्टा भोजन आमतौर पर लड़कियों के मासिक धर्म से नहीं खानें दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसे खाद्य पदार्थ मासिक धर्म प्रवाह को प्रभावित या रोक सकते हैं।
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पीरियड्स में क्या करना चाहिए - what to do in periods in hindi
सबसे पहले मासिक धर्म के बारें में अपनी सोच को बदलें। कई महिलाएं इसे एक सजा के रूप में देखती हैं। जबकि यह आपके जीवन का अभिन्न प्राकृतिक अंग है। अपने पीरियड के बारें में महिला होने के संकेत के रूप में आपको गर्व महसूस होना चाहिए क्योंकि यह आपके माँ बनने के विशेष गुण के साथ जुड़ा हुआ है। आपकी यह सकारात्म सोच पीरियड के बारें में चिंता को कम करने में मदद करेगी।
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अपने मासिक धर्म का ध्यान रखें। मासिक अवधि पर नज़र रखने से आपको न केवल इसके आने का सही समय पता रहेगा, बल्कि यह आपकी मदद भी कर सकता है। जब आप गर्भवती होने का प्लान बनाती है तो आपको गर्भावस्था का सबसे उपयुक्त समय पता रहेगा।
आप का मासिक धर्म जिस दिन शुरू होता हैं और जिस दिन समाप्त होता है, उसका एक कैलेंडर, जर्नल में या मोबाइल ऐप के द्वारा पूरा ब्यौरा रख सकते हैं। कई ऐप्स हैं, जैसे स्ट्राबेरी पाल (Strawberry Pal) या क्लू (Clue), जो आपकी मासिक अवधि को ट्रैक करने और आपके अगले चक्र के शुरू होने के बारे में रिमाइंडर सेट करने में आपकी सहायता कर सकते हैं।
याद रखें कि मासिक धर्म शुरू होने के पहले वर्ष के दौरान, कई बार ये अनपेक्षित होते हैं और कभी भी आ जाते हैं। ऐसा होने पर कोई चिंता न करें क्योंकि यह पूरी तरह से सामान्य है। हालांकि, पहले वर्ष के बाद, आपकी मासिक अवधि अधिक नियमित पैटर्न में होगी और इसे ट्रैक करना आसान हो जायेगा।
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मासिक धर्म अवधि महिलाओं के बीच भिन्न-भिन्न होती है। वे 21 से 35 दिनों तक की हो सकती हैं और आपकी अवधि दो से सात दिन तक रह सकती है। यह नियमित हो सकती है और प्रत्येक महीने एक ही समय में हो सकती है, या यह अनियमित हो सकती है। जब आप यौन रूप से सक्रिय हो तो मासिक धर्म की निगरानी रखना बहुत जरूरी है।
हर समय अपने साथ स्त्री स्वच्छता उत्पादों को रखें। अपने पर्स, बैकपैक और कार में एक अतिरिक्त टैम्पन, पैन्टी लाइनर या पैड रखें। इस तरह, यदि अचानक आपका मासिक धर्म आ जाता है तो भी आप सुरक्षित रह सकती हैं। यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण है अगर आपके मासिक धर्म अनियमित हो और आप सही ढंग से अंदाजा नहीं कर पा रहे हैं कि आपकी अगली अवधि कब शुरू होगी।
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पीरियड्स में क्या नहीं करना चाहिए - What not to do in Periods in Hindi
वैक्सिंग न करें। एस्ट्रोजन का स्तर आपके मासिक धर्म के दौरान गिर जाता है। इतनी कम एस्ट्रोजन संख्या होने से आपको शारीरिक दर्द बहुत अधिक हो जाता है, जिससे आपका शरीर बहुत संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में वैक्सिंग करवाना बेहद असुविधाजनक और दर्दनाक हो सकता है।
रोमांटिक और दुखभरी फ़िल्में न देखें। आपके मासिक धर्म में आपकी भावनाएं बहुत भिन्न होती हैं। हार्मोन का स्तर असंतुलित होता है और आपका शरीर अनुकूलन करने की कोशिश करता है लेकिन आपका मन यह नहीं जानता कि प्रतिक्रिया कैसे करें। ऐसे में भावनात्मक फिल्में आपके लिए एक आपदा की तरह हो सकती हैं। वे आपकी संवेदनशीलता को बढ़ा सकती हैं। इसके बजाय नई हास्य फिल्मों को देखने के लिए इस समय का उपयोग करें।
यह सोच कर की रात में प्रवाह कम है असावधान न रहें। नहीं तो आपको परेशानी हो सकती है। जब आप रात में बिस्तर पर जाते हैं, तो अतिरिक्त सावधानी रखें ।
आपको इन दिनों के दौरान अपनी शारीरिक गतिविधि को बढ़ाना चाहिए। शारीरिक गतिविधि ऐंठन, चिंता और आपके रोलर कोस्टर जैसी भावनाओं के नियोजन में मदद करती है। (मासिक धर्म में व्यायाम के बारें में जानकारी के लिए पढ़ें - पीरियड्स में करें ये एक्सरसाइज)
भले ही पैड या टैम्पोन के बॉक्स के निर्देशों के अनुसार आप प्रत्येक उत्पाद का इस्तेमाल 8 घंटे तक कर सकते हैं, लेकिन इसे हर 3 से 4 घंटे में बदलना अच्छा होता है। यह आपकी असुविधा को सीमित करता है और बैक्टीरिया को विकास से रोकता है।
यह सच है कि द्रव प्रतिधारण के कारण मासिक धर्म में आप कुछ अतिरिक्त कैलोरी लेते हैं। यह भी सच है कि एक बार चक्र पूरा हो जाने पर आप अपने सामान्य वजन पर वापस आ जाते हैं। किन्तु यह सच नहीं है कि आप जो कैलोरी उन दिनों लेते हैं वो काउंट नहीं होती है। दुर्भाग्य से, कुछ भी अतिरिक्त कैलोरी हम लेते है तो हमें इसे बर्न करना पड़ता है या फिर ये कैलोरी आपका वजन बड़ा सकती है।
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पीरियड्स में क्या खाएं क्या न खाए - what to eat and what not to eat during periods
लोह खनिज में समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं। हालांकि मासिक धर्म के दौरान कैल्शियम भी अच्छा है, लेकि डेयरी उत्पाद अच्छे नहीं हैं। इनमें एराक्इडोनिक एसिड होता है, जो पेट के निचले हिस्से में अधिक ऐंठन पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक सोडियम वाले भोजन का सेवन बिल्कुल न करें। अधिक सोडियम का सेवन द्रव प्रतिधारण, सूजन और अधिक ऐंठन का कारण हो सकता है। (इसकी अधिक जानकारी के लिए पढ़ें - पीरियड्स मे क्या खाएं और क्या ना खाएं)
मासिक धर्म में दर्द के कारण और उपाय - Causes of menstrual pain and solution in Hindi
मासिक धर्म के दौरान दर्द होना बहुत आम बात है, मासिक धर्म वाली 40 से 70 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता हैं। इस प्रकार के दर्द को डाइस्मेनोरिया कहा जाता है, यह पेट के निचले क्षेत्र में ऐंठन की तरह महसूस होता है और आमतौर पर मासिक धर्म के पहले या दौरान ऐसा होता है। (मासिक धर्म में पेट दर्द के घरेलु उपाय के लिए पढ़ें - मासिक धर्म के समय पेट दर्द)
डाइस्मेनोरिया अधिकांश किशोर लड़कियों में एक गंभीर बीमारी नहीं है, भले ही ऐंठन गंभीर हो सकती है। अधिक उम्र की महिलाओं में दर्द, कभी-कभी किसी बीमारी या गर्भाशय फाइब्रॉएड या एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति के कारण होता है। कुछ महिलाओं के लिए, हीटिंग पैड का इस्तेमाल करना या गर्म स्नान करना उनके ऐंठन को कम करने में मदद करता है। कुछ ओवर-द-काउंटर दर्द दवाएं इन लक्षणों में भी मदद कर सकती हैं। अगर ये दवाएं आपको दर्द से राहत नहीं देती हैं। तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
उपचार इस पर निर्भर करता है कि आपकी समस्या क्या है और यह कितनी गंभीर है। (इसके बारें में विस्तार से जानकारी के लिए पढ़ें - पीरियड्स में दर्द)
मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव के कारण और उपाय - Causes of heavy menstrual bleeding and remedies in Hindi
गर्भाशय से असामान्य रक्तस्राव जो सामान्य मासिक धर्म से अलग है। इसमें मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव, सेक्स के बाद रक्तस्त्राव, मासिक धर्म चक्र में किसी भी समय भारी या सामान्य से अधिक रक्तस्राव, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव शामिल हैं।
इस असामान्य रक्तस्राव के कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि - रक्त के थक्के बनने, थाइरोइड ग्रन्थि, गर्भाशय में अनावश्यक दबाव इत्यादि। आपका चिकित्सक आपके आयु वर्ग में सबसे अधिक आम होने वाली समस्याओं के आधार पर जांच कर शुरू कर सकता है। उनमें से कुछ गंभीर नहीं होती हैं और इलाज करना आसान है। कुछ अधिक गंभीर हो सकती है।
असामान्य रक्तस्राव का उपचार उसके कारण पर निर्भर करता है। यदि आपको इस प्रकार असामान्य खून बह रहा है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें।
(और पढ़ें - मासिक धर्म ज्यादा आना)
मासिक धर्म में देरी के कारण और उपाय - Reasons for late periods and remedies in Hindi
रजोनिवृत्ति के करीब पहुँच चुकी महिलाओं और किशोर लड़कियों दोनों में, हार्मोनल परिवर्तन अनियमित चक्रों के साथ लंबी माहवारी का कारण हो सकते हैं। यदि कारण हार्मोनल परिवर्तन है, तो भी आप उपचार करवा सकती हैं। यह तनाव, अधिक व्यायाम, वजन घटाने या आहार के कारण हो सकता है। (मासिक धर्म की अनियमितता पर विस्तार से जानने के लिए - अनियमित मासिक धर्म के कारण और उपचार)
आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि ये अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे गर्भाशय फाइब्रॉएड, पॉलीप्स या कैंसर के कारण भी हो सकता हैं। (इसकी अधिक जानकारी के लिए पढ़ें - पीरियड जल्दी लाने के उपाय)
मासिक धर्म में सम्बन्ध बनाना - sex during periods in Hindi
जब आप सेक्स करने वाले हो तो कुछ तोलिये बेड पर बिछा दे, ताकि मासिक धर्म के रक्तस्राव से आपका बेड ख़राब न हो। अपने बगल में कुछ टिस्यू भी रख लें, ये सेक्स के बाद आपके अंगो की सफाई के लिए उपयोगी होगें।
(और पढ़ें - sex karne ka tarika)
जब आप संभोग करते हैं तो मिशनरी स्थिति का ही प्रयोग करें। इससे खून के प्रवाह को कम करने में मदद मिलेगी। आप अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपने साथी को प्रवेश कराने के लिए कहें।
इसके अलावा, आपके मासिक धर्म के दौरान आपकी गर्भाशय ग्रीवा सामान्य से निचे और अधिक संवेदनशील हो सकती है। यदि आपको इस पर लिंग से चोट लगती है, तो अपने साथी को बताएं और पूरा ध्यान रख के साथ आगे बढ़ें।
शॉवर में सेक्स करें। इससे न केवल सफाई की टेंशन कम होगी, बल्कि इससे आपको अच्छा भी मासूस होगा। यदि आप के साथी को भी कोई आपत्ति न हो, तो इस तरीके को आजमा कर देखें।
(और पढ़ें - मासिक धर्म में सेक्स)
मासिक धर्म में गर्भधारण - Pregnancy during periods in Hindi
यह एक आम धारणा है कि एक महिला गर्भवती नहीं हो सकती है, यदि वह मासिक धर्म के दौरान अपने साथी के साथ संभोग करती है। हालांकि, मासिक धर्म चक्र के दौरान महिलाओं के लिए गर्भवती होने की काफी संभावना है। आप गर्भधारण तब करते है, जब निषेचन (शुक्राणु अंडे से मिलता है) होता है।
मासिक धर्म में गर्भधारण के विषय में विस्तार से जानकारी के लिए हमारा यह लेख पढ़ें मासिक धर्म में गर्भधारण हो सकता है क्या और अपने सभी शंकाओ को दूर करें।
(और पढ़ें - गर्भावस्था के लक्षण और प्रेगनेंसी टेस्ट)
मासिक धर्म में व्रत - Fasting during periods in Hindi
हिन्दू धर्म के मासिक धर्म और पूजा पाठ संबंधी नियमो के अनुसार आप व्रत रख सकते हैं, किन्तु पूजा के लिए आपको घर के किसी अन्य सदश्य की सहायता लेनी होती हैं। यह हमारा निजी विचार नहीं हैं। आप अपनी इच्छा अनुसार पूजा पाठ और व्रत करने के लिए स्वतंत्र है। आपकी भगवान में निष्ठा के आगे इन नियमो का कोई महत्व नही हैं।
मुस्लिम धर्म के नियमों के अनुसार मुस्लिम महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान नमाज पढनें, रोज़ा रखने का हक़ नहीं दिया गया हैं। ये भी हमारे निजी विचार नहीं हैं। आप अपनी निष्ठा अनुसार नियम मानने का हक़ सुरक्षित रखती हैं।


