myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

शरीर में खुजली होना स्वाभाविक है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे खाद्य पदार्थों या दवा से एलर्जी, त्वचा में रूखापन, गंदगी या गंदे कपड़े पहनना, मच्छर या अन्य कीट के काटने आदि। कई अध्ययनों से यह भी पता चला है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के भी सही न होने की वजह से खुजली की समस्या हो सकती है। खुजली के दौरान शरीर में असहज जलन होने लगती है, जिसे खुजलाने पर आराम मिलता है। इस समस्या को कई बार चर्म रोग से भी जोड़कर देखा जाता है। वैसे तो सामान्य दवाओं और उपायों से खुजली को शांत किया जा सकता है, लेकिन कई बार यह गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

एक्जिमा (खाज-खुजली) की समस्या को घरेलू उपचारों के माध्यम से भी शांत किया जा सकता है। आमतौर पर सर्दियों के मौसम में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में एलोवेरा जेल और नारियल के तेल जैसे प्राकृतिक पदार्थों से त्वचा की मालिश करने से राहत मिलती है। इन प्राकृतिक पदार्थों को लगाकर हानिकारक बैक्टीरिया और संक्रमण को रोकने के साथ, खुजली के कारण होने वाली सूजन को भी कम किया जा सकता है।

यहां आपके लिए यह समझना जरूरी है कि घरेलू उपचारों से एक्जिमा पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती है, हां पर ये खुजली के लक्षणों और जलन से जरूर राहत दिला सकते हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे, जिनको प्रयोग में लाकर आप एक्जिमा से राहत पा सकते हैं। ध्यान रखें गंभीर स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक होता है।

(और पढ़ें - त्वचा रोग का इलाज)

  1. एक्जिमा से बचने का उपाय है शहद - Eczema ka upay hai honey in hindi
  2. खुजली में फायदेमंद है सेब का सिरका - Eczema me faaydemand hai Apple cider vinegar
  3. एक्जिमा दूर करने का घरेलू उपाय है एलोवेरा जेल - Ekjima ka gharelu nuskha hai aloe vera gel in hindi
  4. एक्जिमा से मुक्ति दिलाए नारियल का तेल - Eczema ka gharelu upay kare coconut oil se in hindi
  5. एक्जिमा का उपाय करें ओटमील से - Eczema ke gharelu nuskhe me kare oatmeal ka upyog in hindi
  6. स्नान के दौरान ब्लीच के उपयोग से दूर करें खुजली - Eczema ke liye kre Bleach in the bath
  7. सही तरीके से स्नान कर पाएं खुजली से निजात - Sahi tareeke se le bath, door kare Eczema
  8. टी ट्री ऑयल है खाज की समस्या में फायदेमंद - Tea tree oil hai Eczema door karne me faydemand
  9. एक्जिमा खत्म करने का नुस्खा है तुलसी - Eczema khatam karne ka nuskha hai tulsi in hindi
  10. एक्जिमा से बचने का तरीका है नीम - Eczema se bachne ka tarika hai neem in hindi
  11. एक्जिमा से बचने का घरेलू नुस्खा है हल्दी - Eczema se bachne ka upay hai turmeric in hindi
  12. एक्जिमा का घरेलू उपाय है दूध - Eczema se bache milk se in hindi
  13. एक्जिमा रोग का उपाय करें कैमोमाइल से - Eeczema se bachne ka upay hai chamomile tea in hindi
  14. एक्जिमा से छुटकारा पाने का नुस्खा है अलसी - Eczema se chutkara pane ka nuskha hai flaxseed oil in hindi
  15. एक्जिमा दूर करने का तरीका है ब्राह्मी - Eczema dur karne ka tarika hai brahmi in hindi
  16. एक्जिमा का देसी उपाय है करंज - Eczema ka desi nuskha hai Karanja in hindi
  17. एक्जिमा स्किन डिजीज में उपयोग करें सेज - Eczema skin disease me upyog kare sage ka in hindi
  18. अत्यधिक गर्मी और सर्दी से बचें - Heat aur Cold sources ko Avoid kre
  19. बच्चों में खाज-खुजली की समस्याओं का घरेलू उपचार - Baccho me eczema ke Home remedies

प्राकृतिक रूप से शहद एक जीवाणुरोधी औषधि है, जिसका इस्तेमाल सदियों से घावों को भरने के लिए किया जाता रहा है। एक अध्ययन से पता चला है कि शहद, जख्मों को ठीक करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकता है। इसका अर्थ है कि यह संक्रमण से लड़ने में मददगार है। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक चूंकि शहद में जीवाणुरोधी गुण हैं ऐसे में यह विभिन्न प्रकार की त्वचा संबंधी बीमारियों के इलाज में भी उपयोगी है। खुजली वाले स्थान पर शहद लगाने से यह संक्रमण को रोकने के साथ त्वचा को मॉस्चराइज भी करता है। 

इसका इस्तेमाल कैसे करें

एक्जिमा वाले क्षेत्र पर शहद लगा कर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। 30 मिनट के बाद आप इसे धो लें। ऐसा प्रतिदिन दो बार करें। इससे एक्जिमा की समस्या से जल्दी छुटकारा मिल जाएगा।

प्रभावित क्षेत्र पर थोड़े मात्रा में शहद का प्रयोग करें। बाजार में कई सारी ऐसी शहद के शीशियां मौजूद हैं, जिन्हें विशेष रूप से घावों को भरने और त्वचा की देखभाल के लिए बनाया गया है।

(और पढ़ें - शहद और गर्म पानी के लाभ)

त्वचा संबंधी बीमारियों सहित कई अन्य स्थितियों के लिए सेब का सिरका एक प्रभावी घरेलू उपाय है। नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन (एनईए) की रिपोर्ट के मुताबिक यह एक्जिमा से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। हालांकि, इसके उपयोग के दौरान सावधानी बरतनी जरूरी होती है क्योंकि इसमें मौजूद अम्ल त्वचा के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है। वैसे तो किसी शोध में ऐसी पुष्टि नहीं है कि सेब के सिरके से एक्जिमा एकदम सही हो जाती है, लेकिन इसमें मौजूद गुणों की वजह से इसका प्रयोग कुछ राहत जरूर दिला सकता है।

त्वचा की अम्लता का संतुलन

सिरका अत्यधिक अम्लीय होता है। त्वचा भी प्राकृतिक रूप से अम्लीय होती है, लेकिन जिन लोगों में एक्जिमा की शिकायत होती है, दूसरों की तुलना में उनकी त्वचा की अम्लीयता कम हो जाती है। ऐसे में सेब का सिरका लगाने से त्वचा की अम्लीयता के स्तर को संतुलित किया जा सकता है।

बैक्टीरिया से लड़ता है

अध्ययनों में पाया गया है कि सेब का सिरका 'एस्चेरिचिया कोलाई' और 'स्टाफीलोकोकस ऑरियस' जैसे बैक्टीरिया से लड़ सकता है। सेब का सिरका फटी हुई त्वचा को संक्रमित होने से बचाने में मददगार है।

इसका उपयोग कैसे करें

त्वचा पर लगाने से पहले हमेशा सेब के सिरके को पानी में मिलाकर पतला कर लें। आप इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं या फिर पानी में मिलाकर नहा भी सकते हैं।

त्वचा पर लगाने का उपाय

  • एक कप गर्म पानी में 1 बड़ा चम्मच सिरका मिलाएं।
  • रूई की मदद से इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं।
  • इसे किसी साफ सूती कपड़े से ढके रहें और करीब तीन घंटे के लिए छोड़ दें।

नहाने के लिए उपयोग

  • एक बाल्टी हल्के गर्म पानी में 2 कप सेब का सिरका मिलाएं।
  • शरीर पर इस पानी को डालकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। साफ पानी से नहाएं।
  • इसके बाद शरीर को अच्छी तरह से सुखा लें।
  • स्नान के बाद शरीर को मॉइस्चराइज जरूर करें।

'एलो' नाम के पौधे से प्राप्त होने वाले इस जेल का इस्तेमाल लोग सदियों से कई बीमारियों के इलाज में करते रहे हैं। एक्जिमा को शांत करने में भी यह जेल काफी फायदेमंद है। साल 2015 में एक अध्ययन के दौरान मानव स्वास्थ्य पर एलोवेरा के प्रभावों को देखा गया। इस दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि इस चमत्कारी पौधे में कई सारे ऐसे गुण हैं जो अनेक बीमारियों में लाभदायक साबित हो सकते हैं। इनमें से कुछ गुण निम्न हैं।

  • जीवाणुरोधी
  • रोगाणुरोधी
  • प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने वाला
  • जख्मों को भरने वाला

त्वचा के रूखेपन और फटने की स्थिति में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में एलोवेरा जेल में मौजूद जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। इसके साथ ही जेल में मौजूद घावों को भरने का गुण रूखी और फटी हुई त्वचा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • आप मेडिकल स्टोर्स से एलोवेरा जेल खरीद सकते हैं या फिर आप एलोवेरा के पौधे को घर में लगा लें और इसकी पत्तियों में भरे जेल का उपयोग कर सकते हैं। वैसे प्राकृतिक रूप सबसे फायदेमंद होता है।
  • एक्जिमा में उपयोग के लिए एलोवेरा के ताजा पत्तों से जेल निकालें और उस जेल को एक्जिमा पर लगाकर 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। ऐसा प्रतिदिन करें।
  • बाजार से एलोवेरा जेल खरीदते समय ध्यान रखें कि कई सारे पैकिंग में एलोवेरा के साथ अल्कोहल, खुशबू के लिए रसायन और अतिरिक्त रंग भी मिले होते हैं। ये हमारी त्वचा के लिए काफी हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में जेल की वही पैकिंग लें, जिसमें अतिरिक्त अवयवों की संख्या कम से कम हो।
  • हर किसी की त्वचा सभी प्रकार के प्राकृतिक पदार्थ सहन नहीं कर सकती है। ऐसे में त्वचा की संवेदनशीलता की जांच के लिए शुरुआत में थोड़ी मात्रा में जेल का उपयोग करें। कभी-कभी एलोवेरा लगाने से जलन या चुभन भी हो सकती है। हालांकि, यह बच्चों और वयस्कों के लिए सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है।

(और पढ़ें – खुजली मिटाने का उपाय)

नारियल तेल में स्वास्थ्यवर्धक फैटी एसिड मौजूद होते हैं जो त्वचा में नमी बनाए रखने में सहायक हैं। बच्चों की त्वचा पर नारियल तेल के प्रभावों को देखने के लिए एक नैदानिक परीक्षण किया गया। इस परीक्षण के परिणामस्वरूप पाया गया कि अन्य तेलों के मुकाबले नारियल तेल के 8 हफ्तों तक प्रयोग से एक्जिमा के लक्षणों में काफी सुधार हुआ।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • नहाने के बाद नारियल तेल को त्वचा पर लगाएं। सोने से पहले भी तेल का उपयोग करें जिससे रातभर त्वचा में नमी बरकरार रहे।
  • नारियल का तेल जम जाता है, लेकिन इसे शरीर पर लगाने के बाद यह स्वयं सामान्यरूप में आ जाता है। बाजार में नारियल का तेल आसानी से उपलब्ध होता है।
  • जिन लोगों को नारियल से एलर्जी है, उन्हें नारियल के तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

(और पढ़ें – नारियल पानी के फायदे और नुकसान

साल 2015 के एक अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक कोलाइडल ओटमील लोशन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण कई प्रकार की समस्याओं में फायदेमंद होते हैं।

  • त्वचा का सूखापन दूर करता है
  • खुरदरापन हटाने में मददगार
  • खुजली दूर करता है

कैसे करें इसका प्रयोग

  • गर्म पानी में पिसा हुआ कोलाइडल ओटमील मिलाएं और कुछ समय के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसका प्रयोग करें।
  • इस पेस्ट को एक्जिमा वाली जगह पर लगा कर इसे दो मिनट के लिए स्क्रब करें। ध्यान रहे दो मिनट से ज्यादा स्क्रब ना करें।
  • अब आप इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा सप्ताह में तीन बार करें। इसके उपयोग से एक्जिमा की समस्या में बहुत लाभ मिलेगा।
  • बाजार से कोलाइडल ओटमील का वही पैक लें, जिसमें सिर्फ ओट्स हो। सुगंध बढ़ाने वाले पदार्थों के मिश्रण वाले ओट्स का प्रयोग न करें।
  • कोलाइडल ओटमील वाले लोशन और क्रीम भी बाजार में उपलब्ध हैं। इनका भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • वैसे तो कोलाइडल ओटमील सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन जिन लोगों को ओट्स या ग्लूटेन से एलर्जी है, उन्हें इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

(और पढ़ें – एक्जिमा में क्या खाना चाहिए)

सुनने में तो यह काफी अजीब लगता है, लेकिन शोध बताते हैं कि स्नान के दौरान ब्लीच का उपयोग करने से एक्जिमा के लक्षणों में सुधार हो सकता है। ब्लीच में जीवाणुरोधी गुण होते हैं। यह त्वचा की सतह पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं। साल 2015 में की गई समीक्षा के निष्कर्ष बताते हैं कि ब्लीच स्नान करने से आपको एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता कम ही पड़ती है। खुजली से राहत के लिए ब्लीच स्नान के लिए सादे ब्लीच (6 प्रतिशत) का उपयोग करें।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • पानी की एक बड़े बाल्टी में आधा कप ब्लीच मिलाएं।
  • इस पानी को शरीर पर डालें। शरीर को 5-10 मिनट के लिए भिगो कर रखें।
  • अब गर्म पानी से शरीर को अच्छी तरह से साफ करें।
  • नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह से सुखाएं और फिर मॉइस्चराइज करें।

ब्लीच बाथ से यदि किसी को जलन या लालिमा जैसी दिक्कत हो रही हो तो उन्हें इसके उपयोग को बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों को अस्थमा या सांस लेने की समस्या है उन्हें भी ब्लीच स्नान नहीं करना चाहिए।

सही तरीके से स्नान करके आप एक्जिमा की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। जब व्यक्ति एक्जिमा की समस्या से ग्रसित होता है तो त्वचा शुष्क हो जाती है। ऐसी स्थिति में त्वचा को अतिरिक्त नमी की आवश्यकता होती है। यहां कुछ स्थितियां है जो खाज-खुजली को बढ़ा सकती हैं।

  • गलत साबुन का उपयोग
  • ज्यादा गर्म या ठंडे पानी के उपयोग से
  • स्नान के बाद शरीर को मॉस्चराइज न करने से।

गर्म पानी से ज्यादा समय तक स्नान करने से त्वचा में मौजूद प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है। नहाने के कुछ देर बाद शरीर को मॉइस्चराइज करें। नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन (एनईए) के सुझावों के अनुसार एक्जिमा के दौरान-

  • दिन में कम से कम एक बार स्नान जरूर करें।
  • नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
  • त्वचा को स्क्रब न करें।

टी ट्री ऑयल, मेलालुका अल्टिफोलिया पेड़ की पत्तियों से प्राप्त किया जाता है। एक्जिमा सहित त्वचा की कई अन्य समस्याओं के इलाज के लिए लोग अक्सर इस तेल का उपयोग करते हैं। साल 2013 में किए गए एक परीक्षण में पाया गया कि इस तेल में जीवाणुरोधी और घाव भरने वाले गुण मौजूद होते हैं। यह त्वचा के रूखेपन और खुजली को दूर करने के साथ संक्रमण को भी रोकता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

तेलों को त्वचा पर लगाने से पहले उसे पानी में मिलाकर हल्का कर लेना चाहिए। टी ट्री ऑयल को बादाम या जैतून के तेल के साथ मिश्रित कर लें, फिर इसका प्रयोग करें। मेडिकल स्टोरों पर टी ट्री ऑयल आसानी से उपलब्ध हैं।

तुलसी में आंतरिक सुखदायक गुण हैं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन, खुजली और दर्द से राहत देते हैं। इसके साथ इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबियल गुण आपकी त्वचा को संक्रमण और परेशानी से छुटकारा दिलाते हैं। आप तुलसी की चाय एक दिन में दो बार पी सकते हैं या चाय को ठंडा करके एक साफ सूती कपड़े को दो मिनट के लिए डुबो कर छोड़ दें। अब इस कपड़े को एक्जिमा वाली जगह पर 20 मिनट के लिए रखें, फिर इसे धो लें।

(और पढ़ें - एक्जिमा के लिए योग)

नीम एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है, जिसके गुण कई बीमारियों के इलाज में काम आते हैं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एक्जिमा के लक्षणों में काफी प्रभावशाली हैं। इसके अतिरिक्त एंटी-माइक्रोबियल गुण कीटाणुओं को खत्म करने का काम करते हैं जो एक्जिमा की समस्या को और बढ़ा सकते हैं। इसका उपयोग करने के लिए आप नीम के पत्तों का पेस्ट लगा सकते हैं या नीम के पत्तों को पानी में डालकर उपयोग कर सकते हैं या फिर नीम के तेल को प्रभावित क्षेत्रों पर लगा सकते हैं। इसका उपयोग आप प्रतिदिन कर सकते हैं।

(और पढ़ें - नीम तेल के फायदे)

हल्दी या हरिद्रा एक बहुत उपयोगी जड़ी बूटी है जो विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभों से भरी हुई है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण लालिमा, सूजन और खुजली की समस्या से निजात दिलाने में लाभदायक हैं। यह एक्जिमा के लक्षणों को नियंत्रित करने वाली जड़ी बूटियों में से एक है। हल्दी का उपयोग करने के लिए, आप उपयोग के अनुसार हल्दी लेकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। अब पेस्ट में ठंडे दूध या गुलाब जल को मिलाकर अपने प्रभावित क्षेत्रों पर इस पेस्ट को लगा कर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर 20 मिनट बाद साफ़ कर लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में तीन बार करें।

(और पढ़ें - हल्दी दूध बनाने की विधि)

एक्जिमा से प्रभावित त्वचा पर दूध का प्रयोग सूजन, लालिमा और खुजली जैसी समस्या को कम करने में लाभकारी होता है। अच्छे परिणाम के लिए ठंडे दूध का उपयोग करें। एक साफ सूती कपड़ा दो मिनट के लिए एक कटोरी ठंडे दूध में डुबो कर छोड़ दें। अब इस कपड़े को एक्जिमा वाली जगह पर 30 मिनट के लिए रखें। इसका प्रयोग आप जितना चाहें, उतनी बार कर सकते हैं।

(और पढ़ें – दूध पीने का सही समय)

कैमोमाइल एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से समृद्ध है। यह आपकी त्वचा की सूजन, खुजली और दर्द को कम करता है। इसका उपयोग करने के लिए सबसे पहले आप कैमोमाइल की एक कप चाय तैयार कर लें। अब इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। अब एक साफ सूती कपड़ा दो मिनट के लिए कैमोमाइल चाय में डुबो कर छोड़ दें। अब इस कपड़े को एक्जिमा वाली जगह पर 20 मिनट के लिए रखें, फिर इसे धो लें। ऐसा प्रतिदिन करें, इससे एक्जिमा की समस्या में आराम मिलेगा।

(और पढ़ें - कैमोमाइल चाय के फायदे)

फ्लेक्ससीड (Flaxseed) या अलसी का बीज को एक चिकित्सा जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। एक्जिमा के उपचार के लिए नींबू के रस में बराबर मात्रा में अलसी के पेस्ट को मिलाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। यह एक्जिमा के इलाज में काफी मदद करेगा। आप प्रतिदिन अलसी के तेल का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों को मालिश करने के लिए भी कर सकते हैं।

और पढ़ें - अलसी के तेल के लाभ

ब्राह्मी एक्जिमा के उपचार के लिए एक अच्छा हर्ब है। इस जड़ी-बूटी के नियमित उपयोग से त्वचा की सूजन, लालिमा और खुजली से छुटकारा मिलता है। उपयोग के लिए 5 ब्राह्मी के पत्तों को पानी में उबालकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को एक्जिमा से प्रभावित क्षेत्र पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा आप सप्ताह में तीन बार करें।

और पढ़ें - त्वचा के चकत्ते का इलाज

करंज एक प्रभावी जड़ी बूटी है जो एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों के इलाज के लिए काफी फायदेमंद है। यह सूजन से राहत दिलाती है। करंज का उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। जैसे इसका आयुर्वेदिक तेल, जिसका उपयोग एक्जिमा के लिए किया जाता है।

और पढ़ें - ब्रेस्ट में खुजली का इलाज

सेज जड़ी-बूटी का उपयोग एक्जिमा की समस्या में सूजन और लालीमा को कम करने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए सेज के पत्तों को एक गिलास पानी में 5 मिनट के लिए उबालें। अब आप इस काढ़े का सेवन करें। त्वचा की सूजन से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन दो बार इसका सेवन करें।

और पढ़ें - सोरायसिस का इलाज

सर्दी के मौसम में भट्टी के पास बैठने से सुखद अनुभव होता है, लेकिन यह एक्जिमा के लक्षणों को बढ़ा सकता है।  ज्यादा गर्मी त्वचा को निर्जलित कर सकती है, जिससे एक्जिमा की खुजली बढ़ने का खतरा रहता है। सर्दी के मौसम में हीटर या फिर अलाव के बहुत करीब जाने से बचें।

ठंडी के मौसम में खुद को लपेट कर रखें

ठंडी के दौरान चलने वाली हवाएं त्वचा को शुष्क कर देती हैं, जिससे खाज की समस्या बढ़ सकती है। तापमान कम होने पर त्वचा को ढककर रखें। इसके अलावा अगर चेहरे पर खाज की समस्या होती है तो चेहरे को स्कार्फ से ढकें।

बच्चों में खाज-खुजली की समस्याओं को दूर करने लिए कई घरेलू उपचारों को प्रयोग में लाया जा सकता है। हालांकि, इसके प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। इसके बाद आप निम्नलिखित बिंदुओं को प्रयोग में ला सकते हैं।

  • बच्चों को बहुत गर्म कपड़े पहनाने से बचें। इससे अधिक पसीना आता है जो एक्जिमा को बढ़ा सकता है। कई बार इससे शरीर में दाने निकल आते हैं, जिससे बहुत अधिक खुजली होती है।
  • प्रभावित स्थान पर मॉइस्चराइजर लगाएं। ध्यान रखें कि यह बच्चों की आंखों या नाक में न जाने पाए।
  • बच्चों को सेब के सिरके या ब्लीच पाउडर वाले पानी से नहलाने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।
  • कोलाइडल ओटमील वाले स्नान आमतौर पर बच्चों के लिए सुरक्षित होते हैं, लेकिन ध्यान रखें यह पानी आंखों में न जाने पाए।
  • बिना खुशबू वाले और अल्कोहल रहित बेबी वाइप्स का उपयोग करें। कई वाइप्स में जलन पैदा करने वाले तत्व होते हैं। ऐसे वाइप्स प्रयोग में लाएं, जिनमें खुशबू के लिए रसायनों का प्रयोग न किया गया हो अथवा एलोवेरा जैसे प्राकृतिक उत्पादों से बने वाइप्स इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष :

वैसे तो एक्जिमा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन प्राकृतिक जेल और तेल, औषधीय स्नान सहित कुछ घरेलू उपचारों को प्रयोग में लाकर आप इनके लक्षणों का नियंत्रित जरूर कर सकते हैं। यदि एक्जिमा की स्थिति गंभीर है और इसपर घरेलू उपचारों का कोई प्रभाव नहीं हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि बच्चे में ऐसी समस्या दिखे तो शुरुआत में ही डॉक्टर से सलाह ले लें। खुजली और सूजन को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर आपको क्रीम और कुछ दवाएं दे सकते हैं जिससे आपको लाभ मिलेगा।

और पढ़ें ...

References

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Eczema
  2. American Academy of Dermatology. Rosemont (IL), US; Atopic dermatitis
  3. National Eczema Association [Internet]; Eczema Causes and Triggers
  4. Jochen Schmitt, Christian J Apfelbacher, Medical Sociology, Carsten Flohr. Eczema. BMJ Clin Evid. 2011; 2011: 1716. PMID: 21609512
  5. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Eczema (atopic dermatitis)
  6. Manisha Deb Mandal, Shyamapada Mandal. Honey: its medicinal property and antibacterial activity. Asian Pac J Trop Biomed. 2011 Apr; 1(2): 154–160. PMID: 23569748
  7. Harrison J. Manuka Honey: A Case Study of Severe Atopic Eczematous Dermatitis Reaction to Henna Tattoo. Plast Surg Nurs. 2017 Oct/Dec;37(4):154-157. PMID: 29210973
  8. Tzu-Kai Lin, Lily Zhong, Juan Luis Santiago3. Anti-Inflammatory and Skin Barrier Repair Effects of Topical Application of Some Plant Oils. Int J Mol Sci. 2018 Jan; 19(1): 70. PMID: 29280987
  9. National Institute of Allergy and Infectious Diseases [Internet] Maryland, United States; Eczema (Atopic Dermatitis) Treatment.
  10. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Humidifiers and health
  11. United States Research and Development Environmental Protection: Indoor Air Facts No. 8: Use and Care of Home Humidifiers . Air and Radiation (6609J); Research and development (MD-56) Agency February 1991 [Internet]
  12. Marc Maurice Cohen. Tulsi - Ocimum sanctum: A herb for all reasons. J Ayurveda Integr Med. 2014 Oct-Dec; 5(4): 251–259. PMID: 25624701
  13. Khiljee S, Rehman N, Khiljee T, Loebenberg R, Ahmad RS. Formulation and clinical evaluation of topical dosage forms of Indian Penny Wort, walnut and turmeric in eczema. Pak J Pharm Sci. 2015 Nov;28(6):2001-7. PMID: 26639477
  14. Vaughn AR, Branum A, Sivamani RK. Effects of Turmeric (Curcuma longa) on Skin Health: A Systematic Review of the Clinical Evidence. Phytother Res. 2016 Aug;30(8):1243-64. PMID: 27213821
ऐप पर पढ़ें