हर भारतीय किचन में हल्दी का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाता है. लगभग हर तरह की सब्जियों को तैयार करने के लिए हल्दी का इस्तेमाल होता है, यह हर्ब खाने का स्वाद बढ़ाती है.

वहीं, जब भी किसी कारण से चोट लगती है, तो हल्दी का लेप लगाने की सलाह दी जाती है. ऐसा माना जाता है कि हल्दी का लेप लगाने से सूजन कम होती है.

क्या सच में हल्दी के इस्तेमाल से सूजन को कम किया जा सकता है? इस लेख में हम जानेंगे क्या वाकई हल्दी से सूजन को कम किया जा सकता है, सूजन कम करने के लिए हल्दी कैसे और कितनी मात्रा में लें.

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  1. क्या हल्दी से सूजन या इन्फ्लेमेशन को किया जा सकता है कम? - Does turmeric really reduce inflammation in Hindi?
  2. सूजन को कम करने में हल्दी कितना समय लेती है - How long does it take for turmeric to reduce inflammation in Hindi?
  3. सूजन को कम करने के लिए कितनी मात्रा में ले हल्दी - How much turmeric to take to reduce inflammation in Hindi
  4. सूजन को कम करने के लिए कैसे लें हल्दी - How to take turmeric for inflammation in Hindi
  5. सूजन कम करने के लिए हल्दी का सेवन कैसे करें - Ways to take turmeric to reduce inflammation in Hindi
  6. सूजन को कम करने के लिए हल्दी की चाय - Turmeric tea for reducing inflammation in Hindi
  7. ध्यान रखें
क्या हल्दी खाने से सूजन या इन्फ्लेमेशन वाकई कम होती है? के डॉक्टर

हल्दी में मौजूद गुणों की वजह से ही आयुर्वेदिक औषधियों में हल्दी का इस्तेमाल शरीर की आंतरिक और बाहरी सूजन को कम करने के लिए किया जाता है. आयुर्वेद के अलावा आमतौर पर भी हल्दी में मौजूद गुणों के कारण ही इसका इस्तेमाल शरीर में होने वाली सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है. यह सूजन किसी भी तरह की हो सकती है, जैसे अर्थराइटिस, चोट लगना, घाव होना इत्यादि.

दरअसल, हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक तत्व मुख्य रूप से मौजूद होता है. करक्यूमिन को सूजन का अवरोधक माना जाता है. वहीं, डॉक्टर्स गठिया के मरीजों को हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं. ताकि ज्वाइंट्स में होने वाली सूजन की परेशानी को दूर किया जा सके. इसके अलावा कई चिकित्सक हल्दी को एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर फूड भी मानते हैं.

कई अध्ययन भी ये साबित कर चुके हैं कि हल्दी जोड़ों की सूजन को रोकने और कम करने में मदद करती है. यह गठिया से संबंधित दर्द, जकड़न और सूजन को कम करता है. ऐसे में हल्दी का इस्तेमाल आप एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) के तौर पर कर सकते हैं.

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हल्दी से सूजन कितने समय में ठीक होगी, यह सूजन की गंभीरता और स्थिति पर निर्भर करता है. कुछ मामलों में सूजन की परेशानी को ठीक होने में लगभग 4 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है. हालांकि, 4 से 8 सप्ताह के अंदर आपको सुधार दिख सकता है.

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ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्याओं में दर्द और सूजन को कम करने के लिए दिन में 3 बार 400 से 600 मिलीग्राम खुराक डॉक्टर की सलाह के साथ ली जा सकती है. कुछ अध्ययनों में गठिया के मरीजों को प्रतिदिन 1 ग्राम करक्यूमिन लेने की सलाह भी दी गई है. प्रतिदिन 2 बार 500 मिलीग्राम खुराक भी ली जी सकती है. लेकिन ध्यान रखें कि एक दिन में 2,000 मिलीग्राम से ज्यादा हल्दी की खुराक ना लें. इससे आपको कई परेशानियां हो सकती हैं.

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सूजन को कम करने के लिए आप हल्दी को किसी भी रूप में ले सकते है. चाहे वह पिसी हुई हो या फिर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया हो. या फिर कोई अन्य तरीका.

इन सभी बातों में यह जरूरी यह है कि आपको नियमित रूप से हर रोज हल्दी का लगातार सेवन करना है. ये ध्यान रहे, हल्दी को अवशोषित करने में शरीर को कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे में डॉक्टर्स हल्दी को काली मिर्च या फिर ऑलिव ऑयल के साथ लेने की सलाह देते हैं.

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सूजन को कम करने के लिए आप कई तरीकों से हल्दी का सेवन कर सकते हैं, जैसे - 

  • दूध के साथ हल्दी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है.
  • सब्जियों और फलों का जूस बनाते समय 1 चुटकी डालें हल्दी.
  • सूप को तैयार करने के लिए हल्दी की जड़ों का कर सकते हैं इस्तेमाल.
  • खाना पकाने के दौरान चावल या अन्य साबुत अनाज में डालें हल्दी.
  • बटर का इस्तेमाल करते समय मिक्स करें थोड़ा हल्दी.
  • आप चाय के रूप में भी हल्दी का सेवन कर सकते हैं.

हल्दी की चाय एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है. इसके सेवन से अर्थराइटिस में होने वाली सूजन और अन्य परेशानियों को दूर किया जा सकता है. ऐसे तैयार करें हल्दी की चाय -

  • हल्दी की चाय बनाने के लिए 1 पैन में 2 कप पानी डालें. 
  • अब इसमें 1 चम्मच करीब हल्दी पाउडर और 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर डालकर उबाल लें.
  • इसे करीब 10 से 15 मिनट तक उबलने दें.
  • इसके बाद इसे छानकर अपने स्वादानुसार नींबू या शहद मिलाकर पी लें.

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जरूरत से ज्यादा हल्दी का सेवन न करें. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, शरीर के वजन के प्रति पाउंड 1.4 मिली ग्राम हल्दी का सेवन करना चाहिए. लंबे समय तक हल्दी की उच्च खुराक आपके लिए नुकसानदेय हो सकती है.

अगर आप हल्दी का जरूरत से ज्यादा सेवन करते हैं, तो इससे आपको उल्टी, मतली, दस्त और चक्कर आने जैसी परेशानी हो सकती है. अगर आप किसी गंभीर परेशानी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही अपने खुराक में बदलाव करें. अगर ये कहा जाए कि हल्दी इन्फ्लेमेशन को ही नहीं कम करती बल्कि दर्द से भी राहत दिलाती है तो गलत नहीं होगा.

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