अधिक वजन या फिर मोटापे से ग्रसित व्यक्ति जोड़ों या फिर घुटनों में दर्द का अनुभव महसूस करते हैं. कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें वजन कम करने से जोड़ों में दर्द कम करने और ऑस्टियोआर्थराइटिस के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है. एक अध्ययन के मुताबिक, हेल्दी वेट वाले लोगों को घुटने या जोड़ों में दर्द की परेशानी कम होती है. दरअसल, अतिरिक्त वजन होने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप जोड़ों में दर्द शुरू हो सकता है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि वजन कम होने से जोड़ों का दर्द कम हो सकता है या नहीं -

(और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)

  1. वजन जोड़ों के दर्द को कैसे करता है प्रभावित
  2. एक्सरसाइज जोड़ों के दर्द को करता है कम
  3. वजन कम करने के टिप्स
  4. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  5. सारांश
क्या वजन कम होने से जोड़ों का दर्द कम होता है? के डॉक्टर

शरीर का वजन हेल्दी रहने से कई तरह के लाभ हो सकते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं -

घुटनों पर कम दबाव

अधिक वजन वाले लोगों के घुटनों के जोड़ों पर काफी ज्यादा भार पड़ता है. ऐसे में वजन को कम करने से घुटनों या जोड़ों पर दबाव को कम किया जा सकता है. जोड़ों या घुटनों पर कम दबाव पड़ने से दर्द और सूजन की परेशानी कम होती है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस के जोखिमों को कम किया जा सकता है.

(और पढ़ें - वजन घटाने वाले फल और सब्जियां)

शरीर की सूजन होती है कम

ऑस्टियोआर्थराइटिस से ग्रसित मरीजों को लंबे समय तक जोड़ों में दर्द और सूजन का सामना करना पड़ता है. हाल ही में हुए रिसर्च से पता चलता है कि सूजन की वजह से जोड़ों में दर्द की परेशानी बढ़ सकती है. मोटापा शरीर में सूजन के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे जोड़ों में दर्द हो सकता है. वजन कम करने से इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया कम होती है, जिससे शरीर की सूजन कम होती है. ऐसे में इससे घुटनों और जोड़ों के दर्द को कम किया जा सकता है. 

(और पढ़ें - वजन कम करने और फैट कम करने के बीच अंतर)

जोड़ों में दर्द व मेटाबोलिक सिंड्रोम में संबंध

मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज ये सभी स्थितियां मेटाबोलिक सिंड्रोम के रूप में जानी जाने वाली स्थितिया हैं. इन स्थितियों की वजह से शरीर में काफी ज्यादा सूजन नजर आ सकती है. इस बात के कुछ प्रमाण हैं कि ऑस्टियोआर्थराइटिस मेटाबोलिक सिंड्रोम का भी हिस्सा हो सकता है. ऐसे में मेटाबोलिक सिंड्रोम से ग्रसित व्यक्ति को ऐसे आहार को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए, जिससे इस स्थिति को धीमा किया जा सके. साथ ही इससे ऑस्टियोआर्थराइटिस में होने वाली परेशानी भी कम हो सके. इसके लिए कुछ निम्न टिप्स फॉलो किए जा सकते हैं -

  • एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ताजे फलों और सब्जियों का करें सेवन.
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में करें शामिल.
  • हेल्दी फैट को डाइट में शामिल करें.
  • चीनी, फैट और नमक को कम से कम मात्रा में खाएं.  
  • प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं.
  • सूजन को बढ़ावा देने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं.

(और पढ़ें - वजन कम करने वाले हेल्दी स्नैक्स)

वजन कम करने के लिए कई लोग एक्सरसाइज करते हैं. नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि यह जोड़ों में दर्द के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. इसके लिए रोज कुछ एक्सरसाइज की जा सकती हैं, जैसे -

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए बायोटिन के फायदे)

वजन को कम करने के लिए कुछ आसान से टिप्स को फॉलो कर सकते हैं, जैसे -

  • खाने में अधिक सब्जियों को शामिल करें. 
  • अपनी डाइट पर खास ध्यान दें थोड़ा-थोड़ा करके खाएं.
  • खाने के बाद रोजाना टहलें.
  • एस्केलेटर या लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
  • बाहर के खाने से परहेज करें.

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए लहसुन)

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क्या सच में वजन कम करने से घुटनों या जोड़ों का दर्द कम होता है?

हाँ, कई मामलों में बिल्कुल होता है। कम वजन का मतलब जोड़ों पर कम दबाव, जिससे दर्द, सूजन और घिसावट दोनों कम होते हैं। खासकर घुटनों में इसका असर जल्दी दिखता है।

वजन ज्यादा होने से जोड़ों में दर्द क्यों बढ़ता है?

जब शरीर का वजन बढ़ जाता है, तो हर कदम पर जोड़ों पर सामान्य से कई गुना ज्यादा भार पड़ता है। यही अतिरिक्त दबाव समय के साथ सूजन और दर्द का कारण बन जाता है।

वजन घटाने से सूजन कैसे कम होती है?

मोटापा शरीर में इंफ्लेमेशन (सूजन) बढ़ाता है। जैसे ही वजन कम होता है, सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स घटते हैं, जिससे दर्द और जकड़न भी कम महसूस होती है।

क्या ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी वजन कम करना फायदेमंद होता है?

हाँ, बिल्कुल। ऑस्टियोआर्थराइटिस में वजन कम करने से घुटनों की घिसावट धीमी होती है और चलते-फिरते दर्द कम महसूस होता है। डॉक्टर भी इसे पहली सलाह के रूप में सुझाते हैं।

क्या सिर्फ डाइट बदलने से जोड़ों का दर्द कम हो सकता है?

यदि डाइट एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर हो तो यह सूजन कम करके दर्द को काफी हद तक कम कर सकती है। शुगर और जंक फूड कम करना भी बहुत जरूरी है।

वजन कम करने से जोड़ों के दर्द को कम किया जा सकता है. दरअसल, वजन कम होने से जोड़ों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता है, ऐसे में जोड़ों या घुटनों के दर्द से राहत मिल सकती है. हालांकि, ध्यान रखें कि वजन कम करने के दौरान अपने डाइट पर विशेष ध्यान दें. वहीं, वजन कम करने के लिए किसी अच्छे डायटीशियन से सलाह जरूर लें. 

(और पढ़ें - वजन कम करने के आयुर्वेदिक उपाय)

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