मेनिंगोकोकल एक बैक्टीरियल संक्रमण है। यह संक्रमण मरीज के द्वारा छींकने और खांसने से हवा की सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। मेनिंगोकोकल बच्चों और वयस्कों में बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस की मुख्य वजह होता है। मेनिंगोकोकल रोग से बच्चों और वयस्कों को सुरक्षा और बचाव प्रदान करने के लिए ही मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) वैक्सीन दी जाती है।
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इस लेख में आपको मेनिंगोकोकल वैक्सीन के बारे में बताया गया है। साथ ही इसमें मेनिंगोकोकल टीका क्या है, मेनिंगोकोकल वैक्सीन की खुराक और उम्र, मेनिंगोकोकल वैक्सीन की कीमत, मेनिंगोकोकल टीके से होने वाले साइड इफेक्ट और मेनिंगोकोकल वैक्सीन किसे नहीं दी जानी चाहिए आदि विषयों को भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है।
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- मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) टीका क्या है? - Meningococcal vaccine kya hai
- मेनिंगोकोकल वैक्सीन की खुराक और उम्र - Meningococcal vaccine ki khurak
- मेनिंगोकोकल वैक्सीन की कीमत - Meningococcal vaccine cost in india
- मेनिंगोकोकल वैक्सीन के साइड इफेक्ट - Meningococcal vaccine side effects
- मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) का टीका किसे नहीं देना चाहिए? - Meningococcal vaccine kise nahi di jani chahiye
- सारांश
मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) टीका क्या है? - Meningococcal vaccine kya hai
मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) वैक्सीन के बारे में जानने से पहले आपको मेनिंगोकोकल रोग के बारे में जानना होगा। मेनिंगोकोकल रोग एक प्रकार का संक्रमण है, जो नाइसीरिया मेनिनजाइटिडिस (Neisseria meningitidis) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। दुनिया भर के 2 से 18 साल के बच्चों में यह घातक बैकटीरिया बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस की मुख्य वजह होता है। कई लोगों के शरीर में मेनिंगोकोकल के बैक्टीरिया मौजूद होने के बावजूद भी वो बीमार नहीं पड़ते हैं, ऐसे लोगों को कैरियर (Carriers) कहा जाता है। मेनिंगोकोकल के बैक्टीरिया की वजह से मुख्य रूप से मेनिनजाइटिस और सेप्टिमीसीमिया रोग होता है।
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मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली परत में सूजन आ जाती है। इसके अलावा मरीज में निम्न तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।
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- सिरदर्द (और पढ़ें - सिर दर्द से छुटकारा पाने के उपाय)
- गर्दन में अकड़न
- रोशनी या प्रकाश से संवेदनशीलता
- उलझन में रहना
- पेट खराब
- उल्टी होना (और पढ़ें - उल्टी रोकने के उपाय)
- बच्चा का कम गतिविधि करना, चिड़चिड़ा होना, उल्टी और भूख न लगना
मेनिंगोकोकल सेप्टिमीसीमिया रक्त का संक्रमण है, इसकी वजह से त्वचा और अंगों से खून निकलने लगता है। इसके सामान्य लक्षणों को नीचे विस्तार से बताया गया है।
- ठंड लगना और बुखार आना (और पढ़ें - बुखार कम करने के घरेलू उपाय)
- थकान महसूस करना
- दस्त और उल्टी होना
- हाथ और पैर ठंडे होना (और पढ़ें - बच्चों का देर से चलना)
- मांसपेशियों में दर्द होना
- जोड़ों में दर्द (और पढ़ें - जोड़ों में दर्द के घरेलू उपाय)
- सीने में दर्द
- पेट दर्द, आदि।
सामान्यतः देखा जाता है कि मेनिंगोकोकल से पीड़ित 5 में से 1 व्यक्ति को लंबे समय के लिए विकलांगता हो जाती है। इसके साथ ही कई लोगों को सुनाई न देना या मस्तिष्क की क्षति का भी सामना करना पड़ता है।
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मेनिंगोकोकल बैक्टीरिया मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की लार और थूक से फैलता है। साधारणतः संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने या किस करने से यह बैक्टीरिया आसानी से अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर देता है। इसके आलवा मेनिंगोकोकल से पीड़ित मरीज के साथ रहने से भी इस रोग के होने की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ जाती है।
मेनिंगोकोकल वैक्सीन दो प्रकार की होती है-
- मेन एसीडब्लूवाई वैक्सीन (MenACWY vaccine):
ये वैक्सीन किशोरों, बच्चों और किसी विशेष तरह की स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित वयस्कों को दी जाती है।
- मेन बी वैक्सीन (MenB vaccine):
ये वैक्सीन किसी विशेष तरह की स्वास्थ्य ग्रसित 10 साल या उससे अधिक आयु के बच्चों और वयस्कों को दी जाती है। साथ ही बी मेनिंगोकोकल रोग (B meningococcal disease) के प्रभावित क्षेत्र में रहने वालों को दी जाती है।
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मेनिंगोकोकल वैक्सीन की खुराक और उम्र - Meningococcal vaccine ki khurak
मेनिंगोकोकल टीका उन किशोरों और वयस्कों को लगाया जाता है, जो किसी के साथ एक ही कमरे में रहते हैं। निम्न तरह के व्यक्तियों को मेनिंगोकोकल वैक्सीन देने की सलाह दी जाती है।
- एचआईवी से ग्रसित, (और पढ़ें - ग्राइप वाटर के फायदे)
- प्लीहा क्षति होने पर,
- जिनको रोग प्रतिरोधक क्षमता संबंधी विकार हो,
- मेनिंगोकोकल के मरीज के पास रहने वाले, (और पढ़ें - बच्चो के दांत निकलने में देरी)
- मेनिंगोकोकल रोग से प्रभावित क्षेत्र में यात्रा पर जाने वाले व्यक्ति, आदि।
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इस वैक्सीन के प्रकार के आधार दवा की मात्रा अलग अलग हो सकती है। निम्नतः विस्तार से जानें-
मेन एसीडब्लूवाई वैक्सीन (MenACWY vaccine)
- 11 से 18 साल के किशोरों और वयस्कों को दो खुराक में दी जाती है।
- 2 माह के शिशु से लेकर उन वयस्कों को वैक्सीन दी जाती है, जिन्हें मेनिंगोकोकल रोग होने की संभावना अधिक होती है। कई परिस्थितियों के अनुसार वैक्सीन की खुराक अलग-अलग हो सकती है। (और पढ़ें - बच्चों की सेहत के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज)
मेन बी वैक्सीन (MenB vaccine)
- 10 साल या उससे अधिक के जिन किशोरों और वयस्कों को मेनिंगोकोकल बी होने का खतरा होता है, उनको वैक्सीन की अलग-अलग खुराक दी जाती है। सामान्यतः 16 से 18 साल की आयु के किशोरों के लिए इसको उचित माना जाता है।
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मेनिंगोकोकल वैक्सीन की कीमत - Meningococcal vaccine cost in india
मेनिंगोकोकल रोग के बैक्टीरिया से बचाव के लिए देश में मेनिंगोकोकल वैक्सीन कई ब्रांड में उपलब्ध है। ब्रांड के आधार पर इस वैक्सीन की मात्रा और कीमत अलग-अलग हो सकती है। देश में मिलने वाली कुछ मेनिंगोकोकल वैक्सीन और उनकी कीमत को नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।
| मेनिंगोकोकल वैक्सीन | कीमत |
| बी मेनिनगो वैक्सीन (Bi Meningo vaccine) | 450 |
| मेनएक्ट्रा वैक्सीन (Menactra Vaccine) | 4950 |
| मेनिनजाइटिस एक्ट (Meningitis Act) | 381 |
| मिनोम्युन इंजेक्शन (Menomune Injection) | 518 |
मेनिंगोकोकल वैक्सीन के साइड इफेक्ट - Meningococcal vaccine side effects
सामान्यतः मेनिंगोकोकल वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट बेहद कम होतै हैं और यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। इस वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट बेहद कम मामलों में देखने को मिलते हैं। इस वैक्सीन को लगाना सुरक्षित होता है, लेकिन कई मामले ऐसे भी सामने आते हैं, जिसमें इस वैक्सीन की प्रतिक्रियाएं गंभीर हो सकती हैं।
मेनिंगोकोकल वैक्सीन से होने वाले सामान्य साइड इफेक्ट को निम्न तरह से बताया गया है-
- इंजेक्शन की जगह पर दर्द, सूजन और लालिमा होना, (और पढ़ें - बच्चों को मोटा करने के उपाय)
- वयस्कों को इस वैक्सीन से सिर दर्द और मासंपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
- शिशु, बच्चों और व्यस्कों को वैक्सीन से हल्का बुखार आना। (और पढ़ें - डीपीटी वैक्सीन कब लगाई जाती है)
- थकान आना। (और पढ़ें - थकान दूर करने के लिए क्या खाएं)
- कुछ लोगों को इंजेक्शन लगाने के बाद मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।
- इंजेक्शन के बाद जोड़ो में दर्द होना। (और पढ़ें - नवजात शिशु के पेट में दर्द का इलाज)
- ठंड लगना और बुखार आना। (और पढ़ें - हेपेटाइटिस बी टीका कब लगाएं)
- पेट खराब होना।
- दस्त होना। (और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)
- बेहद ही कम मामलों में वैक्सीन से व्यक्ति को एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। वैकसीन लेने के कुछ मिनटों या कुछ घंटों के बाद ऐसा हो सकता है।
- कमजोरी आना और हाथ-पैर में दर्द होना (वैक्सीन लेने के 2 से 4 सप्ताह के बाद ऐसा हो सकता है)
- बच्चे का चिड़चिड़ापन होना, (और पढ़ें - नवजात शिशु को नहलाने का तरीका)
- कई बार वैक्सीन लेने के बाद बच्चा लंबे समय तक रोता रहता है।
यदि वैक्सीन लेने के बाद बच्चे या वयस्क में किसी भी तरह के गंभीर साइड इफेक्ट दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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मेनिंगोकोकल (मेनिंगोकोक्सल) का टीका किसे नहीं देना चाहिए? - Meningococcal vaccine kise nahi di jani chahiye
कई बार मेनिंगोकोकल वैक्सीन को कुछ विशेष परिस्थितियो में लेने की सलाह नहीं दी जाती है। किसी रोग या अन्य स्वास्थ्य स्थिति के कारण डॉक्टर इस वैक्सीन को शिशु या वयस्कों को देना उचित नहीं मानते है। आगे जानते हैं कि किन लोगों को मेनिंगोकोकल वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए।
- यदि किसी व्यक्ति को मेनिंगोकोकल वैक्सीन की पिछली खुराक से घातक एलर्जी हो या इंजेक्शन की जगह पर एलर्जी हो जाएं, तो ऐसे में व्यक्ति को वैक्सीन की दोबारा खुराक नहीं लेनी चाहिए। (और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या करें)
- जिन लोगों को मेनिंगोकोकल वैक्सीन की खुराक लेते समय छोटी-मोटी बीमारी (जैसे सर्दी या बलगम होना आदि) होने पर वैकसीन दी जा सकती है। लेकिन वैक्सीन लेते समय यदि बच्चे या व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो तो ऐसे में वैक्सीन की खुराक लेने से पहले ठीक होने तक का इंतजार करना चाहिए। साथ ही इस बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। (और पढ़ें - टीकाकरण क्यों करवाना चाहिए)
- मेनिंगोकोकल वैक्सीन में मौजूद तत्व से किसी प्रकार की गंभीर एलर्जी होने वाले लोगों को इस वैक्सीन को नहीं लेना चाहिए।
- वैक्सीन लेने से पहले एलर्जी हो तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
- गर्भवती महिला को वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। (और पढ़ें - बीसीजी का टीका क्यों लगाया जाता है)
किन दवाओं के लेते समय मेनिंगोकोकल वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए
यदि आप किसी प्रकार की दवाएं या कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता के लिए इलाज करवा रहें हों तो ऐसे में वैक्सीन को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इससे कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इतना ही नहीं वैक्सीन को लेने से पहले यदि आपने कोई अन्य दवा का सेवन किया है तो आपको उसके बारे में भी डॉक्टर को बताना चाहिए। निम्न तरह के कुछ इलाज और दवाओं को कराते समय मेनिंगोकोकल वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए।
- किसी स्टेरॉयड दवा का उपयोग करना
- कीमोथेरेपी (और पढ़ें - थेरेपी के तरीके)
- रेडिएशन थेरेपी से इलाज करवाना, आदि।
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सारांश
मेनिंगोकोकल टीकाकरण एक महत्वपूर्ण वैक्सीन है, जो मेनिंगोकोकल बैक्टीरिया से होने वाले गंभीर संक्रमणों, जैसे मेनिंजाइटिस और सेप्टीसीमिया, से बचाव करता है। यह बैक्टीरिया मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की झिल्लियों को प्रभावित कर सकता है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा हो सकता है। यह टीका विशेष रूप से बच्चों, किशोरों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों के लिए जरूरी है। इसे आमतौर पर इंजेक्शन के रूप में लगाया जाता है और इसके विभिन्न प्रकार (जैसे MenACWY और MenB) उपलब्ध हैं। मेनिंगोकोकल टीकाकरण संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम करता है और सामूहिक प्रतिरक्षा (हर्ड इम्यूनिटी) को बढ़ावा देता है। इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय पर लगवाना चाहिए।



