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खाने की नली का कैंसर क्या है?

एसोफैगल कैंसर (खाने की नली का कैंसर) ऐसा कैंसर है जो एसोफैगस (एक लंबी, खोखली ट्यूब जो आपके गले से आपके पेट तक जाती है, जिसे खाने की नली या ग्रासनली भी कहते हैं) में होता है। आप जो भोजन खाते हैं एसोफैगस उसे पेट में पाचन के लिए पहुंचाती है।

(और पढ़ें - गले का कैंसर)

खाने की नली का कैंसर आम तौर पर उन कोशिकाओं में शुरू होता है जो एसोफैगस के अंदर होती हैं। खाने की नली का कैंसर एसोफैगस में कहीं भी हो सकता है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों को खाने की नली का कैंसर ज़्यादा होता है।

दुनिया के कई क्षेत्रों में, जैसे एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में, खाने की नली का कैंसर बहुत आम है।

(और पढ़ें - पेट का कैंसर क्या है)

  1. खाने की नली के कैंसर के प्रकार - Types of Esophagal Cancer in Hindi
  2. खाने की नली के कैंसर के चरण - Stages of Esophagal Cancer in Hindi
  3. खाने की नली के कैंसर के लक्षण - Esophagal Cancer Symptoms in Hindi
  4. खाने की नली का कैंसर के कारण व जोखिम कारक - Esophagal Cancer Risk Factors And Causes in Hindi
  5. खाने की नली के कैंसर से बचाव - Prevention of Esophagal Cancer in Hindi
  6. खाने की नली के कैंसर का परीक्षण - Diagnosis of Esophagal Cancer in Hindi
  7. खाने की नली के कैंसर का इलाज - Esophagal Cancer Treatment in Hindi
  8. खाने की नली का कैंसर की जटिलताएं - Esophagal Cancer Complications in Hindi
  9. गर्म चाय पीने से बढ़ता है एसोफैगल कैंसर का खतरा जाने कैसे
  10. खाने की नली का कैंसर के डॉक्टर

खाने की नली के कैंसर के प्रकार - Types of Esophagal Cancer in Hindi

खाने की नली के कैंसर को कोशिकाओं के प्रकार के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है। खाने की नली के कैंसर के प्रकार का पता होने से उपचार विकल्पों को निर्धारित करने में मदद मिलती है। खाने की नली के कैंसर के प्रकार : 

  • एडेनोकार्सीनोमा -
    एडेनोकार्सीनोमा एसोफैगस में श्लेष्मा-स्राव ग्रंथियों (म्यूकस सिक्रीटिंग ग्लैंड्स) की कोशिकाओं में शुरू होता है। एडेनोकार्सीनोमा अक्सर एसोफैगस के निचले भाग में होता है। (और पढ़ें - प्रॉस्टेट कैंसर क्या होता है)
     
  • स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा -
    स्क्वैमस कोशिकाएं फ्लैट, पतली कोशिकाएं होती हैं जो एसोफैगस की सतह को रेखांकित करती हैं। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा अक्सर एसोफैगस के बीच में होता है। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा दुनिया भर में खाने की नली का सबसे प्रचलित कैंसर है।
     
  • अन्य दुर्लभ प्रकार -
    ग्रास नली के कैंसर के दुर्लभ रूपों में कोरिओकार्सीनोमा, लिम्फोमा, मेलेनोमा (स्किन कैंसर), सरकोमा और छोटे सेल कैंसर शामिल हैं। (और पढ़ें - इविंग सरकोमा)

खाने की नली के कैंसर के चरण - Stages of Esophagal Cancer in Hindi

खाने की नली के कैंसर के कितने चरण हैं?

यदि आपको खाने की नली का कैंसर है, तो डॉक्टर कैंसर की स्टेज (चरण) निर्धारित करते हैं। कैंसर का चरण आपके इलाज के विकल्पों को निर्धारित करने में मदद करता है।

खाने की नली के कैंसर के लिए किए जाने वाले टेस्ट में सीटी स्कैन (CT Scan: कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी स्कैन) और पीईटी (Pet Scan: पॉजिट्रॉन उत्सर्जन टोमोग्राफी) शामिल हैं।

खाने की नली के कैंसर के चरण :

  • चरण I - यह कैंसर आपकी ग्रास नली की अस्तर कोशिकाओं की सतही परतों में होता है।
  • चरण II - कैंसर आपकी एसोफैगस अस्तर की गहरी परतों तक पहुँच चुका होता है और पास की ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) में फैल सकता है।
  • चरण III - कैंसर आपके एसोफैगस की दीवार और आसपास के ऊतकों (टिशूज) या लिम्फ नोड्स की गहरी परतों में फैल गया होता है।
  • चरण IV - कैंसर आपके शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया है।

(और पढ़ें - कैंसर के प्रकार)

 

खाने की नली के कैंसर के लक्षण - Esophagal Cancer Symptoms in Hindi

ग्रास नली के कैंसर के लक्षण क्या हैं?

खाने की नली का कैंसर के लक्षण :

आमतौर पर खाने की नली का कैंसर प्रारम्भ में कोई संकेत या लक्षण नहीं देता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको लगातार संकेत और लक्षण दिखते हैं तो अपने डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट करें।

यदि आपको बैरेट्स एसोफैगस (एक पूर्ववर्ती समस्या जो क्रोनिक गर्ड रोग के कारण खाने की नली के कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है) का पता चला है, तो, अपने डॉक्टर से पूछें कि इसको पहचानने के लिए आपको कौन से लक्षण देखने चाहिए जिससे यह पता चले कि आपकी हालत खराब हो रही है।

एंडोस्कोपी से जुड़े संभावित जोखिम और अन्य कारणों की वजह से खाने की नली के कैंसर के लिए स्क्रीनिंग नियमित रूप से नहीं की जाती है। यदि आपको बैरेट्स एसोफैगस है, तो अपने डॉक्टर के साथ स्क्रीनिंग के फायदे व नुक्सान पर चर्चा करें।

अगर आपके डॉक्टर को संदेह है कि आप खाने की नली का कैंसर से ग्रस्त हैं, तो आपको कई डॉक्टरों को रेफ़र किया जा सकता है जो आपकी हालत का मूल्यांकन करने में मदद करेंगे। आपकी स्वास्थ्य देखभाल टीम में वे डॉक्टर शामिल हो सकते हैं जो:

  • एसोफैगस का मूल्यांकन करते हैं (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट)
  • कीमोथेरेपी और अन्य दवाओं के साथ कैंसर का इलाज करते हैं (ऑन्कोलॉजिस्ट, यानी कैंसर चिकित्सक)
  • सर्जरी करते हैं (सर्जन)
  • कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन का उपयोग करते हैं (विकिरण ऑन्कोलॉजिस्ट)

खाने की नली का कैंसर के कारण व जोखिम कारक - Esophagal Cancer Risk Factors And Causes in Hindi

खाने की नली का कैंसर क्यों होता है?

यह स्पष्ट नहीं है कि एसोफेजल कैंसर का कारण क्या है।

एसोफेजल कैंसर तब होता है जब आपके एसोफैगस की कोशिकाओं के डीएनए में गड़बड़ी होती है। इससे कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर होकर बढ़ती और विभाजित होती हैं। ये कोशिकाएं फिर एकत्रित होकर जमने लगती हैं, और ट्यूमर बनाती हैं। यह ट्यूमर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।

ऐसा माना जाता है कि आपके एसोफैगस में पुरानी जलन की वजह से डीएनए में परिवर्तन हो सकते हैं, जो खाने की नली के कैंसर का कारण बनते हैं। ऐसे कारक जो आपके एसोफैगस की कोशिकाओं में जलन पैदा करते हैं और खाने की नली के कैंसर होने का जोखिम बढ़ा देते हैं:

खाने की नली के कैंसर से बचाव - Prevention of Esophagal Cancer in Hindi

आप खाने की नली के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए कदम उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए:

  • धूम्रपान छोड़ना -
    यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो छोड़ने के तरीकों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। धूम्रपान छोड़ने में मदद के लिए दवाएं और परामर्श उपलब्ध हैं। यदि आप तंबाकू का उपयोग नहीं करते हैं, तो शुरू न करें। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के उपाय)
     
  • शराब पीना कम या बंद करें -
    यदि आप एक आदमी हैं तो खुद को रोज़ाना दो ड्रिंक्स तक सीमित करें और यदि आप एक महिला हैं तो खुद को एक ड्रिंक तक सीमित करें।
     
  • अधिक फल और सब्जियां खाएं -
    अपने आहार में विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां शामिल करें। (और पढ़ें - स्वस्थ भोजन)
     
  • एक स्वस्थ वजन बनाए रखें -
    यदि आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो वजन कम करने में आपकी सहायता के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। सप्ताह में आधे से एक किलो वजन स्वस्थ तरीके से घटाने का लक्ष्य रखें।

खाने की नली के कैंसर का परीक्षण - Diagnosis of Esophagal Cancer in Hindi

खाने की नली के कैंसर के कौन से परीक्षण होते हैं?

ग्रास नली के कैंसर का पता करने के लिए किए जाने वाले टेस्ट और प्रक्रियाएं :

  • एसोफैगस की जांच करने के लिए एक स्कोप का उपयोग करना (एंडोस्कोपी) -
    एंडोस्कोपी के दौरान, डॉक्टर आपके गले से आपके एसोफैगस में एक लेंस से लैस एक खोखले ट्यूब (एंडोस्कोप)को पास करता है। एंडोस्कोप का उपयोग करके, डॉक्टर कैंसर या जलन के क्षेत्रों की तलाश में आपके एसोफैगस की जांच करता है।
     
  • परीक्षण के लिए ऊतक का नमूना लेना (बायोप्सी) -
    डॉक्टर संदिग्ध ऊतक का नमूना एकत्र करने के लिए विशेष स्कोप (एंडोस्कोप) का उपयोग कर सकता है। कैंसर कोशिकाओं को देखने के लिए ऊतक नमूना प्रयोगशाला में भेजा जाता है। (और पढ़ें - सफेद रक्त कोशिकाएं कैसे बढ़ाएं)

(और पढ़ें - बायोप्सी जांच क्या है)

खाने की नली के कैंसर का इलाज - Esophagal Cancer Treatment in Hindi

ग्रासनली कैंसर का इलाज क्या है?

ग्रास नाली के कैंसर के लिए कौन सा उपचार होता है, यह कैंसर में शामिल कोशिकाओं के प्रकार, कैंसर के चरण, आपके स्वास्थ्य और उपचार के लिए आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।

1. सर्जरी

कैंसर को हटाने के लिए सर्जरी अकेले या अन्य उपचारों के साथ की जा सकती है। खाने की नली के कैंसर के इलाज के लिए ऑपरेशन के विकल्प इस प्रकार हैं:

  • बहुत छोटे ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी -
    यदि आपका कैंसर बहुत छोटा है व आपके एसोफैगस की सतही परतों तक सीमित है और फ़ैला नहीं है, तो सर्जन कैंसर और उसके आस-पास के थोड़े से स्वस्थ टिशूज़ को हटाने को कह सकते हैं। बहुत ही शुरुआती चरण के कैंसर के लिए सर्जरी आपके एसोफैगस में एक एंडोस्कोप का उपयोग करके की जा सकती है। (और पढ़ें - ब्रेन ट्यूमर क्या है)
     
  • एसोफैगस के एक हिस्से को हटाने के लिए सर्जरी (एसोफेजक्टोमी) -
    एसोफेजक्टोमी (Esophagectomy) के दौरान, आपका सर्जन आपके एसोफैगस के हिस्से (जिसमें ट्यूमर होता है) और आस पास लिम्फ नोड्स को हटा देता है। शेष एसोफैगस आपके पेट से फिर से जोड़ दिया जाता है। आम तौर पर यह शेष एसोफैगस से पेट को ऊपर खींचकर मिलाने के लिए किया जाता है।
     
  • एसोफैगस और पेट के ऊपरी हिस्से को हटाने के लिए सर्जरी (एसोफागोगैस्ट्रेक्टोमी) -
    एसोफागोगैस्ट्रेक्टोमी (Esophagogastrectomy) के दौरान, सर्जन आपके एसोफैगस, पास के लिम्फ नोड्स और आपके पेट के ऊपरी भाग हटा देता है। तब पेट का शेष हिस्सा खींच कर एसोफैगस से जोड़ दिया जाता है। (और पढ़ें - पेट के कैंसर की सर्जरी)

एसोफेजेल कैंसर सर्जरी में गंभीर जटिलताओं का खतरा होता है, जैसे संक्रमण, रक्तस्राव और उस क्षेत्र से रिसाव जहां शेष एसोफैगस को दोबारा जोड़ा जाता है।

एसोफैगस को हटाने के लिए सर्जरी दो तरीकों से की जा सकती है - बड़े चीरों से खुली प्रक्रिया के रूप में या कई छोटे चीरों के माध्यम से डाले गए विशेष शल्य चिकित्सा उपकरणों के साथ (लैप्रोस्कोपी)। आपकी सर्जरी कैसे की जाती है यह आपकी स्थिति और आपके सर्जन के अनुभव पर निर्भर करती है।

2. जटिलताओं के लिए उपचार

ग्रास नली की बाधा और खाने में कठिनाई के लिए उपचार :

  • ग्रास नली की बाधा से राहत -
    यदि एसोफेजल कैंसर ने आपके एसोफैगस को संकुचित कर दिया है, तो सर्जन एसोफैगस खोलने हेतु  धातु ट्यूब (स्टेंट) रखने के लिए एक एंडोस्कोप और विशेष उपकरणों का उपयोग कर सकता है। अन्य विकल्पों में सर्जरी, विकिरण चिकित्सा, कीमोथेरेपी, लेजर थेरेपी और फोटोडायनेमिक थेरेपी शामिल हैं।
     
  • पोषण प्रदान करना -
    यदि आपको निगलने में परेशानी हो रही है या आपकी एसोफैगस सर्जरी हो रही है तो आपके डॉक्टर एक फीडिंग ट्यूब की सलाह दे सकते हैं। एक फीडिंग ट्यूब पोषण को सीधे आपके पेट या छोटी आंत में पहुंचाती है, जिससे कैंसर के उपचार के बाद एसोफैगस को ठीक होने का समय मिल जाता है। (और पढ़ें - पोषण की कमी)

3. कीमोथेरपी

कीमोथेरेपी वो दवा उपचार है जिसमें कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए रसायनों का उपयोग किया जाता है। कीमोथेरेपी की दवाओं का उपयोग आमतौर पर एसोफेजेल कैंसर से ग्रस्त लोगों में सर्जरी से पहले (neoadjuvant) या सर्जरी के बाद (adjuvant) किया जाता है। कीमोथेरेपी विकिरण चिकित्सा (रेडिएशन) के साथ भी जोड़ी जा सकती है। जिन लोगों का कैंसर ग्रास नली से आगे फैल गया है, उन्हें कैंसर के लक्षणों से छुटकारा दिलाने के लिए कीमोथेरेपी अकेले उपयोग की जा सकती है।

आपके द्वारा अनुभव किये जाने वाले कीमोथेरेपी साइड इफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन सी दवाइयाँ लेते हैं।

(और पढ़ें - पौरुष ग्रंथि में कैंसर)

4. विकिरण उपचार

रेडिएशन थेरेपी में कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए उच्च शक्ति वाली ऊर्जा बीम का उपयोग किया जाता है। विकिरण बाहर की किसी मशीन से आ सकता है जो कैंसर पर लक्ष्य रखती है (बाहरी बीम विकिरण)। या आपके शरीर के अंदर विकिरण रखी जा सकती है (ब्रैचीथेरेपी)।

(और पढ़ें - ब्रेन कैंसर क्या है)

विकिरण चिकित्सा अक्सर खाने की नली के कैंसर से पीड़ित लोगों के इलाज में कीमोथेरेपी के साथ की जाती है। इसका इस्तेमाल सर्जरी से पहले या बाद में किया जा सकता है। रेडिएशन थेरेपी का उपयोग बढ़े हुए एसोफेजल कैंसर की जटिलताओं से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है, जैसे कि तब जब ट्यूमर आपके पेट में खाने को जाने से रोकने लगता है।

(और पढ़ें - न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर क्या है)

विकिरण के साइड इफेक्ट्स में सनबर्न, निगलने में मुश्किल या दर्द होना,फेफड़ों और दिल जैसे आस-पास के अंगों को आकस्मिक क्षति शामिल है।

(और पढ़ें - सनबर्न से निजात पाने के उपाय)

5. संयुक्त कीमोथेरेपी और विकिरण

कीमोथेरेपी और विकिरण चिकित्सा का संयोजन प्रत्येक उपचार की प्रभावशीलता में वृद्धि कर सकता है। संयुक्त कीमोथेरेपी और विकिरण आपको प्राप्त होने वाला एकमात्र उपचार हो सकता है, या संयुक्त थेरेपी सर्जरी से पहले उपयोग की जा सकती है। लेकिन कीमोथेरेपी और विकिरण उपचार के संयोजन से साइड इफेक्ट्स की संभावना और गंभीरता बढ़ जाती है।

पूरक और वैकल्पिक उपचार आपको कैंसर और कैंसर के उपचार के दुष्प्रभावों का सामना करने में मदद कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, खाने की नली के कैंसर से ग्रस्त लोगों को कैंसर के उपचार या बढ़ते ट्यूमर के कारण दर्द का अनुभव हो सकता है। आपके डॉक्टर दवाओं से आपके दर्द को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। फिर भी, दर्द जारी रह सकता है, और पूरक और वैकल्पिक उपचार आपको इसका सामना करने में मदद कर सकते हैं।

6. विकल्प :

अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या ये विकल्प आपके लिए सुरक्षित हैं।

खाने की नली का कैंसर की जटिलताएं - Esophagal Cancer Complications in Hindi

खाने की नली के कैंसर से अन्य क्या समस्याएं हो सकती हैं?

ग्रास नली का कैंसर जैसे जैसे बढ़ता है, जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे कि:

  • खाने की नली में रुकावट -
    कैंसर भोजन और तरल पदार्थ का एसोफैगस से गुज़रना बेहद मुश्किल या असंभव बना सकता है।
     
  • दर्द -
    बढ़ा हुआ एसोफेजल कैंसर दर्द का कारण बन सकता है।
     
  • ग्रास नली में रक्तस्राव -
    खाने की नली का कैंसर रक्तस्राव का कारण बन सकता है। हालांकि रक्तस्राव आमतौर पर धीरे-धीरे होता है, पर यह कभी-कभी अचानक और गंभीर भी हो सकता है।

 

Dr. Susovan Banerjee

Dr. Susovan Banerjee

ऑन्कोलॉजी

Dr. Rajeev Agarwal

Dr. Rajeev Agarwal

ऑन्कोलॉजी

Dr. Nitin Sood

Dr. Nitin Sood

ऑन्कोलॉजी

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