myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है। सामान्य सिरदर्द की तुलना में माइग्रेन में होने वाला सिरदर्द बहुत ज्यादा तकलीफदेह होता है।

(और पढ़ें - सिरदर्द के प्रकार)

हांलाकि, माइग्रेन कि समस्या को खाने-पीने के माध्यम से कम किया जा सकता है। इसलिए माइग्रेन के मरीजों को यह जानना बहुत जरूरी होता है कि माइग्रेन की समस्या में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा माइग्रेन रोगियों को इसके परहेज के बारे में भी पता होना चाहिए। 

(और पढ़ें - माइग्रेन के घरेलू उपाय)

  1. माइग्रेन में क्या खाना चाहिए - What to eat in migraine in Hindi
  2. माइग्रेन में क्या न खाएं और परहेज - What not to eat in migraine in Hindi

माइग्रेन में खाएं सब्जियां - Eat vegetables in migraine in Hindi

सब्जी और फलिओं के पोधों में एस्ट्रोजेन होता है। इसके अलावा मानव शरीर प्राकृतिक रूप से ऐस्ट्रोजेन का निर्माण भी करता है, सब्जियों और फलियों से प्राप्त ऐस्ट्रोजेन शरीर में निर्मित एस्ट्रोजेन के प्रभाव को खत्म कर देते हैं। यह उन महिलाओं के लिए मददगार साबित होता है, जिन्हे मासिक धर्म कै दौरान माइग्रेन होता है। इसके अलावा सब्जियों में बहुत कम मात्रा में वसा होती है। जब आप कम फैट खाते हैं, तो आपका शरीर कम एस्ट्रोजेन का निर्माण करता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। 

(और पढ़ें - मासिक धर्म रोकने के उपाय)

माइग्रेन में खाने चाहिए फल - Eat fruits in migraine in Hindi

फलों में बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होते हैं। इसलिए माइग्रेन की समस्या में फल खाएं। इसके अलावा फलों के पौधों में भी ऐस्ट्रोजेन पाया जाता है, जो आपके शरीर के द्वारा बनाए गए ऐस्ट्रोजेन के प्रभाव को खत्म करता है।

(और पढ़ें - फल खाने का सही समय)

माइग्रेन में खाएं मछली - Eat fish in migraine in Hindi

रावस (जिसे "इंडियन सैल्मन" भी कहा जाता है) और बांगड़ा (जिसे "इंडियन मैकरेल" भी कहा जाता है) जैसी मछलियों को खाने से माइग्रेन को कम करने में मदद मिलती है। यह मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत अच्छा स्त्रोत हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने वाला यौगिक है। अमरीका के "सिनसिनाटी विश्वविद्यालय" में हुए शोध के अनुसार, माइग्रेन के कुछ मरीजों को 6 सप्ताह तक ओमेगा-3 फैटी एसिड का पूरक आहार खाने को दिया गया। 6 हफ्ते बाद उन लोगों में माइग्रेन से राहत देखी गई।   

(और पढ़ें - मछली के तेल के फायदे)

माइग्रेन में कम कॉफी पीएं - Drink less coffee in migraine in Hindi

हालांकि, कैफीय युक्त पेय पदार्थ माइग्रेन को बढ़ाते हैं, लेकिन दिन में 1 या 2 कप कॉफी पीने से सिरदर्द से राहत मिलती है। कैफीन दिमाग की सूजी हुई रक्त वाहिकाओं को ठीक करने में बहुत ज्यादा सहायक है। इसलिए सीमित मात्रा में या 1 से 2 कप कॉफी पीएं।

(और पढ़ें - संतुलित आहार किसे कहते है)

माइग्रेन के दर्द में खाना चाहिए अदरक - Eat ginger in migraine in Hindi

अदरक में कुछ ऐसे शक्तिशाली यौगिक होते हैं, जो सूजन को कम करने वाले दवाई की तरह काम करते हैं। यह सूजन को बढ़ाने वाले पदार्थ प्रोस्टाग्लैंडीन को रोकते हैं। हालांकि, इस बात की पुष्टी नहीं हुई है कि अदरक पूर्णरूप से माइग्रेन को ठीक करने में मदद करता है या नहीं करता है। लेकिन अदरक माइग्रेन की वजह से होने वाली उल्टी को नियंत्रित करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - उल्टी रोकने के घरेलू उपाय)

माइग्रेन में मैगनीशियम युक्त आहार खाएं - Eat magnesium rich food in migraine in Hindi

साबुत अनाज, बीन्स और हरी पत्तीदार सब्जियों में बहुत अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। इन्हें खाना माइग्रेन के रोगियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। मैग्नीशियम के अलावा इनमें बहुत अधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। जब आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तब आपका दिमाग माइग्रेन के लिए अधिक संवेदनशील हो जाता है।

(और पढ़ें - अनाज के फायदे)

माइग्रेन में कैफीन युक्त पेय न पीएं - Do not drink caffeinated beverages in migraine in Hindi

कैफीन माइग्रेन में नुकसानदायक है। इसलिए अधिक कैफीन युक्त पेय जैसे कॉफी  और चाय न पीएं और चॉकलेट भी न खाएं, यह माइग्रेन को बढ़ाते हैं। हालांकि, अमेरिकी माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, कॉपी शुरूआती माइग्रेन को रोकने में मदद करता है।

(और पढ़ें - माइग्रेन के लिए योग)

माइग्रेन में न खाएं कृतिम स्वीटनर - Do not take artificial sweeteners in migraine in Hindi

कई प्रोसेस्ड फूड में कृत्रिम स्वीटनर होता है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थों में मधुमेह के रोगियों के लिए चीनी की जगह पर कृत्रिम स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस प्रकार के स्वीटनर से माइग्रेन की समस्या बढ़ती है। कृत्रिम स्‍वीटनर को एसपारटेम न्‍यूट्रास्‍वीट के रूप में जाना जाता है, जो जहरीले पदार्थों में से एक है एवं जो माइग्रेन को बढ़ाने का काम करता है। 

(और पढ़ें - एक्यूप्रेशर से पाएं माइग्रेन से छुटकारा)

माइग्रेन में शराब नहीं पीएं - Do not drink alcohol in migraine in Hindi

शराब, माइग्रेन को बढ़ाने वाले पेय पदार्थों में से एक प्रमुख पेय पदार्थ है। जो लोग माइग्रेन के मरीज हैं, उनमे से 25% लोगों को शराब प्रभावित करता है। इसके अलावा शराब पीने से आपके शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे आपको सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के घरेलू उपाय)

माइग्रेन में चॉकलेट नहीं खानी चाहिए - Do not eat chocolate in migraine in Hindi

अमेरिकी माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, शराब के बाद चॉकलेट माइग्रेन को सबसे अधिक बढ़ाने का काम करता है। जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उनमें से 22% लोगों को चॉकलेट प्रभावित करता है। इसके अलावा चॉकलेट में कैफीन भी होता है, जिससे कुछ लोगों में सिरदर्द का भी कारण बनता है।

(और पढ़ें - सिर दर्द के घरेलू उपाय)

माइग्रेन में कई दिनों से बना हुआ पनीर न खाएं - Migraine patients should avoid aged paneer in Hindi

अधिक दिनों से बने हुए पनीर या चीज़ में टाइरमीन (Tyramine) नामक तत्व बनने लगता है। यह तब बनता है, जब पनीर अधिक दिनों का हो जाता है​ और उसमें मौजूद प्रोटीन टूटने लगता है। जब पनीर अधिक दिनों का हो जाता है, तब उसमें टाइरमीन की मात्रा अधिक हो जाती है और यह माइग्रेन को बढ़ाने का काम करता है।

(और पढ़ें - प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग)

माइग्रेन में न खाएं अधिक नमक वाले आहार - Avoid high salt content foods in migraine in Hindi

अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ और खासकर ऐसे प्रोसेस्ड फूड जिन्हें बनाने में अधिक नमक का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थ माइग्रेन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा अधिक सोडियम खाने से ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है, जिससे सिरदर्द की परेशानी या माइग्रेन होता है।

(और पढ़ें - गर्भवस्था में सिरदर्द का कारण)

माइग्रेन में एमएसजी वाले आहार नहीं खाएं - Do not eat foods containing MSG in migraine in Hindi

मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी), ग्लूटॉमिक एसिड होता है, जो प्राकृतिक रूप से मानव शरीर में पाया जाता है। इसके अलावा यह एसिड कई खाद्य पदार्थों में भी मौजूद होता है। हालांकि, यह नुकसानदायक नहीं है लेकिन कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह माइग्रेन को प्रभावित करता है। अमेरिकी माइग्रेन फाउनडेशन के अनुसार, जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उनमें से 10 से 15% लोगों को ग्लूटॉमिक एसिड की वजह से गंभीर माइग्रेन हो सकता है।

(और पढ़ें - गर्मियों में सिरदर्द से बचने के टिप्स)

और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें