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गर्भावस्था में सिरदर्द एक बुरे सपने की तरह होता है। सिरदर्द सामान्य दिनों में ही काफी परेशान कर देता है, लेकिन जब यह गर्भावस्था के दौरान होता है, तो यह असहनीय हो जाता है। लेकिन यही वास्तविकता है क्योंकि सिरदर्द पहली तिमाही के दौरान होना आम है।

आम तौर पर, आप सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा ले सकती हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान, आपको अधिक दवाइयां लेने की आजादी नहीं होती है। तो आइये जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान सिरदर्द की समस्या से निपटने के उपाय और बचाव के तरीके जिनका उल्लेख इस लेख में किया गया है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में दर्द)

  1. क्या गर्भावस्था में सिरदर्द होना आम है - Are headaches common in pregnancy in Hindi
  2. गर्भावस्था में सिरदर्द क्यों होता है - Headaches during pregnancy causes in Hindi
  3. प्रेग्नेंसी के दौरान सिर में होने वाले दर्द का इलाज - Headaches during pregnancy treatment in Hindi
  4. गर्भावस्था में सिरदर्द से बचाव - How to prevent headaches in pregnancy in Hindi
  5. गर्भावस्था में सिरदर्द होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं - When to call doctor about headache during pregnancy in Hindi

आपके शरीर के अंदर होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण गर्भधारण के दौरान सिरदर्द होता है। यदि पहली तिमाही के दौरान लगातार सिर दर्द हो रहा है, तो वो अगली तिमाही में या जैसे ही गर्भावस्था के हार्मोन संतुलित होंगे वैसे ही थोड़ा कम हो सकता है। सिरदर्द न केवल हार्मोनल गतिविधि बल्कि अन्य विभिन्न कारणों से होता है।

(और पढ़ें - सिर दर्द के घरेलू उपाय और गर्भावस्था में पेट दर्द)

शुरुआती गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन और रक्त की मात्रा में वृद्धि के कारण लगातार सिरदर्द हो सकता है। इसके अन्य कारण इस प्रकार हैं:

  1. आपके ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी की वजह से सिरदर्द हो सकता है। (और पढ़ें - हाई बीपी का इलाज)
  2. यदि आपको गर्भावस्था से पहले सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत थी, तो आपको गर्भावस्था के दौरान इसका अनुभव होने की अधिक संभावना होती है।
  3. गर्भावस्था के लक्षण जैसे थकान, भूख, एक्सरसाइज की कमी, डिहाइड्रेशन आदि के कारण भी गर्भावस्था में सिरदर्द हो सकता है।
  4. सिरदर्द, अत्यधिक कैफीन का सेवन करने के दुष्प्रभावों में से एक है लेकिन यदि आप अचानक कैफीन का सेवन करना बंद कर देती हैं, तो भी सिरदर्द होता है।
  5. नाक बंद होने से भी आपके गालों के पीछे के हिस्से में दर्द हो सकता है, जिससे सिरदर्द उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान आँखों के आसपास के प्रेशर में बदलाव आने के कारण आंखों पर पड़ने वाला तनाव दृष्टि को प्रभावित करता है और सिरदर्द उत्पन्न कर देता है।
  6. तनाव से चिंता और सिरदर्द उत्पन्न हो सकता है और स्थिति बदतर बन सकती है।
  7. निर्जलीकरण के कारण भी आप अपनी गर्दन के पिछले हिस्से के आसपास दर्द महसूस कर सकती हैं, जो सिरदर्द का बहुत बड़ा कारण होता है।

(और पढ़ें - माइग्रेन के घरेलू उपाय)

उपचार किसी अनुभवी और प्रमाणित चिकित्सक द्वारा ही कराएं। यहां कुछ ऐसे ही उपचार दिए गए हैं जो आप करा सकती हैं -

  1. एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर
    एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर, आपके शरीर में ऐसे बिंदुओं को उत्तेजित करता है जिससे सिर दर्द कम होता है। इसके अलावा एक्यूपंक्चर, माइग्रेन और तनाव वाले सिर दर्द के लिए अच्छा है। (और पढ़ें - एक्यूप्रेशर की सहायता से पाएँ सिरदर्द और माइग्रेन से मुक्ति)
     
  2. अरोमाथेरेपी 
    जितनी बार आप को दर्द महसूस हो, टिश्यू पेपर या रूमाल पर लैवेंडर तेल और पेपरमिंट तेल की कुछ बूंदें डालें और उन्हें सूंघें। आप अपने माथे पर तेल रगड़ भी सकती हैं।
     
  3. होम्योपैथी
    होम्योपैथिक उपचार हल्के सिरदर्द के इलाज के लिए किया जा सकता है।
     
  4. ओस्टियोपैथी और कायरोप्रैक्टिक
    यदि आपके सिर में दर्द, कंधे या गर्दन के दर्द के कारण हो रहा है तो ओस्टियोपैथी थेरेपी अच्छी तरह से काम करती है। यह विशेष रूप से आपके शरीर में तनाव बिंदुओं पर काम करके आपकी हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों को फिर से संगठित करने में सहायता करती है। सिरदर्द का इलाज करने का एक अन्य तरीका कायरोप्रैक्टिक थेरेपी का उपयोग करना है, जो गंभीर सिरदर्द का इलाज करने के लिए रीढ़ की हड्डी का उपयोग करता है।
     
  5. रिफ्लेक्सोलॉजी
    मामूली सिरदर्द के लिए, रिफ्लेक्सोलॉजी तकनीक अच्छी तरह से काम करती है। यह बार बार होने वाले सिरदर्द को कम करने में मदद करती है।
     
  6. भाप लेना
    गर्म पानी के एक पैन से भाप लेने से साइनस को साफ करके बंद नाक में राहत मिलती है। जिससे आपको सिरदर्द से राहत मिलती है। आप बंद नाक के सम्बन्ध में अपने डॉक्टर से भी जांच करा सकती  हैं, जो गर्भावस्था के दौरान कराना पूरी तरह से सुरक्षित भी है। (और पढ़ें - भाप लेने का तरीका)
     
  7. मसाज कराएं
    कंधों, पीठ और गर्दन पर अच्छी मालिश कराने से भी माइग्रेन से राहत मिलती है। लेकिन मसाज किसी पेशेवर मालिश करने वाले से ही कराएं, जिनके पास गर्भवती महिलाओं की मालिश करने का अनुभव हो। इसके अलावा, आप औषधीय तेलों का उपयोग करके अपने सिर की मालिश करा सकती हैं जो दर्द से छुटकारा दिलाते हैं। इस तरह की मालिश एक हद तक तनाव से होने वाले सिर दर्द को भी कम करने में मदद करती है। एक अध्ययन में पाया गया कि छह हफ्ते मालिश कराने से माइग्रेन में सुधार होता है।
     
  8. स्नान करें
    ठंडे पानी से स्नान करने से भी अस्थायी और तेज़ सिर दर्द से राहत मिल सकती है। यहां तक कि चेहरे पर ठंडे पानी की कुछ बूँदें डालने से भी तनाव वाले सिर दर्द से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा, गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर 15 मिनट स्नान करने से भी सिरदर्द कम हो सकता है।
     
  9. सही ब्रा का चयन करें
    गर्भावस्था के दौरान, स्तन लिगामेंट्स आपके बढ़ते स्तनों को सपोर्ट करने के लिए फैलते हैं, जिससे आपकी पीठ और गर्दन पर काफी दबाव पड़ता है, जिस वजह से सिरदर्द भी होता है। (और पढ़ें - सही साइज की ब्रा कैसे चुनें)

हर्बल उपचार

आप घर पर कुछ हर्बल उपचार भी आज़मा सकती हैं जो इस प्रकार हैं:

  1. एक चम्मच लेमन बाम (नींबू की पत्तियां), लैवेंडर और कैमोमाइल चाय का उपयोग करके हर्बल चाय बनाएं। इसमें आधा चम्मच सौंफ और शहद मिलाएं और इसे पी लें। यह चिंता और साइनस में होने वाले सिरदर्द के लिए अच्छी तरह से काम करती है।
  2. एक कप दूध में तीन चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और इसे उबाल लें। दूध ठंडा होने के बाद स्वाद के लिए इसमें शहद मिलाएं और पी लें। यदि आपका सिर बुरी तरह से दर्द हो रहा है तो दिन में दो बार इसको पिएं।
  3. एक गिलास पानी में, दो चम्मच सेब का सिरका और दो चम्मच शहद मिलाएं और इसे पी जाएं।
  4. अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी सिर दर्द को कम करने में मदद करते हैं। एक कप अदरक की चाय बनाएं और जब भी आपको दर्द महसूस हो इसे पिएं।
  5. लैवेंडर ऑयल, सिर दर्द से रहत दिलाने में मदद करता है और गर्भावस्था के दौरान बेहतर नींद लाने में भी सहायता करता है।

(और पढ़ें - ladka paida karne ka tarika और bacha gora hone ke liye kya kare)

यदि आपका सिरदर्द उपर्युक्त किसी भी प्राकृतिक उपचार से दूर नहीं हो रहा है तो आप दवाओं का उपयोग कर सकती हैं लेकिन ध्यान रखिये कि बिना डॉक्टर से पूछे प्रेग्नेंसी में कोई भी दवा न लें।

पहली तिमाही के दौरान सिरदर्द ज्यादातर हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है और आप उन्हें रोकने के लिए बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकतीं। हालांकि, अनुशासित जीवनशैली होने से सिर दर्द की संभावना कम हो सकती है:

  1. ब्लड शुगर का स्तर कम होने से गर्भावस्था के दौरान सिरदर्द हो सकता है। यह भोजन न करने का परिणाम होता है। इसलिए स्वस्थ आहार जैसे सम्पूर्ण अनाज या पौष्टिक ग्रैनोला आदि खाएं। (और पढ़ें - ब्लड शुगर टेस्ट)
  2. पर्याप्त आराम करें। सोने से सिरदर्द और माइग्रेन में कमी आती है। अच्छी नींद के लिए रात में जल्दी सोएं इससे आंखों का तनाव, थकान और मानसिक तनाव से दूर रहने में मदद मिलती है।
  3. एक भोजन डायरी रखें। संसाधित मीट (Processed meat), चॉकलेट, आइसक्रीम और चीज़ जैसे कुछ खाद्य पदार्थों से भी सिरदर्द हो सकता है। अपने खाने पर ध्यान दें क्योंकि आप जो खाती हैं  अगर उसकी वजह से आपको सिरदर्द हो रहा है तो उन खाद्य पदार्थों को बाहर करने से आपको सिरदर्द  दूर करने में मदद मिल सकती है।
  4. कैफीन का सेवन न करें। यदि आपको कॉफी की लत है, तो गर्भावस्था के दौरान धीरे धीरे उसका सेवन कम करें। उदाहरण के लिए, यदि आप आमतौर पर एक दिन में तीन या चार कप कॉफी पीती हैं, तो पहले चार से दो कप करें और फिर बाद में एक कप लेकिन थोड़े समय बाद।
  5. थोड़ा बहुत हवा में सैर करना शुरू करें। गर्म स्थानों पर न जाएं और तेज़ गंध से दूर रहें। ताजी हवा में साँस लें और कमरे की खिड़कियां खुली रखें। टाइट कपड़े न पहने। ढीली फिटिंग और हवा पास होने वाले कपड़े पहनें।
  6. रोशनी और शोर वाले वातावरण से दूर रहें। फ्लोरोसेंट (Fluorescent) प्रकाश और शोर वाली जगहों से दूर रहें, क्योंकि उनकी वजह से सिरदर्द हो सकता है।
  7. सही मुद्रा में बैठें। कोई भी काम करते समय लंबे समय के लिए झुकें नहीं।
  8. तनाव से बचने के लिए कुछ गतिविधियों को ज्वाइन करें, जैसे जन्मपूर्व योग क्लासेज, मेडिटेशन या कुछ साँस लेने के व्यायाम करें। गर्भावस्था के दौरान टहलने जाने से भी सिर दर्द को रोकने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं)

आपको निम्नलिखित परिस्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  1. नींद से जागते ही अचानक और गंभीर सिरदर्द होना।
  2. अगर ऐसा सिरदर्द आपने पहले कभी अनुभव न किया हो।
  3. अगर दर्द गर्दन में अकड़न और बुखार के साथ होना शुरू हुआ हो। (और पढ़ें - गर्भावस्था में बुखार)
  4. अगर आपको अन्य समस्याएं जैसे धुंधली दृष्टि, झपकी आना, अकड़ जाना, लड़खड़ाई हुयी आवाज़ आदि हों। (और पढ़ें - गर्भावस्था में होने वाली समस्याएं)
  5. यदि बंद नाक के साथ साथ आपको चेहरे में कहीं भी या आँखों के नीचे दर्द और दबाव का अनुभव हो रहा हो।
  6. अगर सिर दर्द की शुरुआत दांतों में दर्द होने के साथ हुयी है तो यह आपके साइनस में संक्रमण की ओर संकेत करता है। (और पढ़ें - साइनस के घरेलू उपाय)
  7. यदि कहीं गिरने की वजह से सिर पर चोट आयी हो।
  8. अगर कंप्यूटर स्क्रीन पर देर तक काम करने से आपको सिरदर्द होता है।
  9. यदि आपको नज़र में कोई परिवर्तन, आपके ऊपरी पेट में तेज़ दर्द, अचानक वजन बढ़ना, मतली या आपके चेहरे और हाथ में सूजन अनुभव हो। (और पढ़ें - गर्भावस्था में उल्टी के कारण)

समय पर उपचार आपकी समस्या को कम करने में मदद करेगा।

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