कई बार आपने देखा होगा कि कुछ बच्चों या वयस्कों को दूध पीते ही उल्टी होने लगती है. ऐसे में माता-पिता को लगता है कि उनका बच्चा दूध न पीने के बहाने कर रहा है. लेकिन कुछ परिस्थितियों में ऐसा नहीं होता है. जी हां, कुछ बच्चों या व्यस्कों को दूध पीने की वजह से लैक्टोज इंटॉलरेंस (lactose intolerance) की समस्या हो सकती है. यह समस्या उन्हें सिर्फ दूध पीने से ही नहीं, बल्कि दूध से तैयार अन्य चीजों जैसे- दही, चीज़, क्रीम या फिर अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन से भी हो सकती है. मेडिकल में इस परेशानी को लैक्टोज इंटॉलरेंस कहते हैं यानि दूध में मौजूद लैक्टोज का ना पचना. अगर आप लैक्टोज शब्द से अनजान हैं, तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है यह लैक्टोज और किन चीजों में होती है इसकी मौजूदगी.
(और पढ़ें - दूध के फायदे)
- लैक्टोज क्या है और किससे बनता है? - What is lactose and what is it made of in Hindi?
- किन चीजों में, कितनी होती है लैक्टोज की मात्रा? - Which foods contain lactose and in what quantity in Hindi?
- किन खाद्य पदार्थों में लैक्टोज कम होता है? - Foods contain small amounts of lactose in Hindi
- लैक्टोज के फायदे - Health benefits of lactose in Hindi
- लैक्टोज के नुकसान - Side effects of lactose in Hindi
- डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ हेल्दी विकल्प - Some healthy alternatives to dairy products in Hindi
लैक्टोज क्या है और किससे बनता है? - What is lactose and what is it made of in Hindi?
लैक्टोज एक तरह का डिसैक्राइड (Disaccharide) है, जिसे डबल शुगर या बायोस भी कहा जाता है. यह गैलेक्टोज और ग्लूकोज से मिलकर तैयार होता है. यह दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाला एक तत्व है. यह दूध में प्राकृतिक शुगर के रूप में मौजूद होता है. दूध में लगभग 2.8 फीसदी लैक्टोज होता है. लैक्टोज की वजह से ही दूध में हल्का मीठा स्वाद आता है. साथ ही यह पानी में घुलनशील और गैर-हीड्रोस्कोपिक ठोस पदार्थ होता है. कुछ लोगों को लैक्टोज पचाने में परेशानी होती है, जिसके कारण उन्हें दूध या फिर अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स को खाने से मतली और उल्टी होने लगती है. इस समस्या को लैक्टोज इंटॉलरेंस (lactose intolerance) कहते हैं.
(और पढ़ें - दूध से एलर्जी का इलाज)
किन चीजों में, कितनी होती है लैक्टोज की मात्रा? - Which foods contain lactose and in what quantity in Hindi?
दूध से तैयार डेयरी प्रोडक्ट्स में लैक्टोज होता है, जैसे
- 225 ग्राम गाय के दूध लगभग 12 ग्राम लैक्टोज होता है.
- 200 से 225 ग्राम लो फैट प्लेन दही में 12 से 16 ग्राम लैक्टोज होता है.
- 40 से 50 ग्राम चीज में लगभग 1 ग्राम लैक्टोज हो सकता है.
- आधा कप कॉटेज चीज (Cottage Cheese) में 5 ग्राम लैक्टोज की मात्रा हो सकती है.
- आधा कप आइसक्रीम में लगभग 14 ग्राम लैक्टोज हो सकता है.
(और पढ़ें - लैक्टोज इनटॉलेरेंस के आयुर्वेदिक इलाज)
किन खाद्य पदार्थों में लैक्टोज कम होता है? - Foods contain small amounts of lactose in Hindi
इन खाद्य पदार्थों में कम मात्रा में होता है लैक्टोज -
- ब्रेड तथा अन्य बेक्ड पदार्थों में
- मिल्क चॉकलेट और कुछ कैंडीज में
- सलाद ड्रेसिंग और सॉसेज में
- इंस्टेंट पटेटो और इंस्टेंट सूप, चावल और नूडल्स जैसी चीजों में
- कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल्स (Breakfast cereals) में
- सलाद क्रीम्स और कस्टर्ड में
- पनीर से तैयार डिशेज और स्नैक्स में
- बिस्किट्स, पैनकेक और कुकीज में
- बॉयल्ड स्वीट्स में
- कुछ प्रोसेस्ड मीट जैसे-स्लाइस्ड हैम
- मार्जरीन और मक्खन में
- शुगर, चुकंदर, मटर, लीमा बीन्स
- कुछ कॉफी क्रीमर में
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लैक्टोज के फायदे - Health benefits of lactose in Hindi
वयस्कों के लिए लाक्टोज के लाभ
जबकि इसके स्वास्थ्य लाभों पर सीमित शोध है, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ वयस्कों में लैक्टोज का प्रीबायोटिक प्रभाव हो सकता है - जिसका अर्थ है कि यह आंत में कुछ 'अच्छे' बैक्टीरिया की वृद्धि और/या गतिविधि को उत्तेजित कर सकता है।
शिशुओं के लिए लाक्टोज के लाभ
शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए लैक्टोज काफी फायदेमंद हो सकता है. ह्यूमन ब्रेस्ट मिल्क में करीब 7.2 फीसदी लैक्टोज होता है. यह ब्रेस्टफीड करने वाले शिशुओं के लिए बेहद जरूरी है. इससे शिशुओं को करीब आधी ऊर्जा प्राप्त होती है.
ह्यूमन ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद लैक्टोज शिशुओं के पाचन तंत्र के लिए काफी अच्छा होता है. यह पाचन तंत्र में रहने वाले सूक्ष्मजीवों के विकास में लाभकारी प्रभाव डालता है. इतना ही नहीं, यह कैल्शियम को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मददगार होता है. ऐसे में आप कह सकते हैं कि लैक्टोज शरीर को ऊर्जा देने में मददगार साबित हो सकता है.
(और पढ़ें - ब्रेस्टफीडिंग के फायदे)
लैक्टोज के नुकसान - Side effects of lactose in Hindi
कुछ लोगों को लैक्टोज के सेवन से लैक्टोज इनटॉलेरेंस की परेशानी हो सकती है. अगर आपको लैक्टोज इनटॉलेरेंस है, तो लैक्टोज का सेवन करने के बाद पेट दर्द, सूजन, दस्त, कब्ज, गैस, मतली और उल्टी जैसे लक्षण दिख सकते हैं. वहीं, कुछ लोगों को इसके कारण सिरदर्द, थकान और एक्जिमा जैसी परेशानी भी हो सकती है.
(और पढ़ें - लैक्टोज इनटॉलेरेंस के उपचार)
डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ हेल्दी विकल्प - Some healthy alternatives to dairy products in Hindi
डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ हेल्दी विकल्प इस प्रकार हैं -
- लैक्टोज युक्त दूध के बदले आप लैक्टोज फ्री गाय का दूध, ओट्स मिल्क, सोया मिल्क, कोकोनट मिल्क, हेम्प मिल्क का सेवन कर सकते हैं.
- इसी तरह दही के लिए भी आपके पास कोकोनट योगर्ट बेहतर ऑप्शन है. यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी साबित होता है.
- बटर के बदले आप एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- दूध से तैयार चीज़ के बदले आप काजू से तैयार चीज़ का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- इसके अलावा पीनट बटर भी आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है.
ध्यान रखें कि अगर शुरुआत में आपके शिशु को दूध पीते ही उल्टी या फिर दस्त की शिकायत हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अगर बच्चा लैक्टोज इंटॉलरेंस की वजह से अधिक उल्टी-दस्त करेगा, तो वह शारीरिक रूप से कमजोर हो सकता है.
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लैक्टोज क्या है, किसमें कितना पाया जाता है, लाभ और नुकसान के डॉक्टर
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