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मिश्री (जिसे अंग्रेजी में रॉक शुगर कहते हैं) चीनी का एक अपरिष्कृत (unrefined) रूप है। इसका उपयोग खाने और औषधीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। चीनी की तुलना में मिश्री कम मीठी होती है। मिश्री गन्ने के रस और ताड़ के पेड़ के रस से तैयार होती है।

यह कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। मिश्री आवश्यक विटामिन, खनिजों और एमिनो एसिड में बहुत समृद्ध है। विटामिन बी 12 ज्यादातर मांसाहारी भोजन में पाया जाता है, लेकिन यह काफी अच्छी मात्रा में मिश्री में भी पाया जाता है।

तो आइये जानते हैं मिश्री के लाभ के बारे में विस्तार से -

  1. मिश्री के फायदे दिलाएं सांसों की बदबू से छुटकारा - Mishri ke fayde dilayn sanson ki badbu se chutkara
  2. मिश्री खाने के फायदे हैं खांसी में उपयोगी - Mishri khane ke fayde hain khansi mein upyogi
  3. मिश्री के लाभ करें गले की खराश को दूर - Mishri ke labh karen gale ki kharash ko dur
  4. मिश्री के गुण हैं एनीमिया में लाभकारी - Mishri ke gun hain anemia mein labhkari
  5. मिश्री का उपयोग रखें पाचन को स्वस्थ - Mishri ka upyog rakhe paachan ko swasth
  6. मिश्री खाने से बढ़ती है एनर्जी - Mishri khane se badhti hai energy
  7. मिश्री खाने के लाभ दिलाएं नकसीर में राहत - Mishri khane ke labh dilayen naksir se raahat
  8. धागे वाली मिश्री के फायदे है दिमाग के लिए लाभकारी - Dhage wali mishri ke fayde hai dimag ke liye labhkari
  9. ताल मिश्री के फायदे बढ़ाए स्तन का दूध - Tal mishri ke fayde badhaye stano ka doodh
  10. ताल मिश्री के बेनिफिट्स हैं आँखों के लिए - Misri khane se labh hai aankhon ke liye

यदि आप भोजन करने के बाद ब्रश या कुल्ला नहीं करते हैं तो आपके मसूड़ों के अंदर बैक्टीरिया के कारण सांसों में बदबू हो सकती है। जब आप भोजन के बाद मिश्री का सेवन करते हैं तो इससे आपकी मुंह में बदबू नहीं होगी। यह मुंह और सांस में ताजगी भरने में मदद करती है।

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जब आपको बुखार होता है तो उस दौरान खांसी होना स्वाभाविक है। ऐसे में मिश्री का उपयोग कर सकते हैं। मिश्री में औषधीय गुण होते हैं जो आपको खांसी से तुरंत मुक्त कर सकते हैं। अगर आपको लगातार खांसी हो रही है तो कुछ मिश्री लें और धीरे-धीरे इसे अपने मुंह में चूसे। इससे आपको काफी राहत मिलेगी। 

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सर्दियों के मौसम में कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें गले की खराश भी एक समस्या है। मिश्री गले के इलाज के लिए एक उपचार है। मिश्री को काली मिर्च पाउडर और घी के साथ मिलाएं और रात में इसका सेवन करें।

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जिन लोगों में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है वो लोग एनीमिया, पीली त्वचा, चक्कर आना, थकान और इससे जुड़ी अन्यसमस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं। मिश्री हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाकर एनीमिया से बचाव करती है। इसके अलावा यह शरीर में रक्त परिसंचरण में भी सुधार करती है।

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रॉक शुगर न केवल माउथ फ्रेशनर के रूप में प्रयोग किया जाता है बल्कि सौंफ के बीज के साथ पाचन में भी मदद करता है। इसके ये गुण तुरंत पाचन की प्रक्रिया शुरू करते हैं। इसलिए, अपच को रोकने के लिए, भोजन के बाद मिश्री के कुछ टुकड़ों का सेवन करें।

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भोजन के बाद मिश्री का सेवन एनर्जी के लेवल को बढ़ाता है। भोजन करने के बाद, आप सुस्त महसूस करने लगते हैं; लेकिन मिश्री का सेवन आपके ऊर्जा के स्तर को बढ़ाएगा। इसके अलावा आप अपने मूड को सुस्त होने से को रोकने के लिए सौंफ़ के साथ मिश्री का सेवन करना लाभकारी होता है।

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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मिश्री नाक में से बहते खून (नकसीर) को रोकने में मदद करती है, जो काफी आम समस्या है। इस समस्या के दौरान पानी के साथ मिश्री के टुकड़ों का सेवन करने से रक्तस्राव (ब्लीडिंग) को रोकने में मदद मिलती है।

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मिश्री को मस्तिष्क के लिए प्राकृतिक दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। मिश्री मेमोरी में सुधार और मानसिक थकान को दूर करने में मदद करती है। गर्म दूध में मिश्री मिलाएं और बिस्तर पर जाने से पहले इसका सेवन करें। यह याददाश्त में सुधार के लिए एक अच्छा प्राकृतिक उपाय के रूप में काम करेगा।

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मिश्री स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए उपयोगी मानी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह डिप्रेशन को दूर करने के रूप में कार्य करती है और ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद करती है। कम मीठी होने के कारण मिश्री वजन को भी नहीं बढ़ने देती है। 

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मिश्री दृष्टि के लिए बहुत ही लाभकारी होती है। आंखों में रोशनी की समस्या और मोतियाबिंद को रोकने के लिए, मिश्री का अधिक से अधिक सेवन करें। अपनी रोशनी को सुधारने के लिए भोजन के बाद मिश्री का पानी पिएं।

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