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डिप्रेशन पर काबू पाना एक बड़ी समस्या है लेकिन परिवार और मित्रों के दया, प्रेम, भावपूर्ण समर्थन और कुछ घरेलू उपचारों के साथ अवसाद जैसी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आप अपनी स्थिति को अच्छी तरह से मैनेज करके और बिना किसी दवा के डिप्रेशन से छुटकारा पा सकते हैं। बस अपने आप पर विश्वास रखें और अपने मनोबल को टूटने ना दें। अपनी आशा को जीवित रखें और सदा खुश रहने की कोशिस करें। आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक घरेलू उपायों की जानकारी दे रहे हैं जो सस्ते और दुष्प्रभाव से मुक्त हैं और डिप्रेशन जैसी समस्या से आपको मुक्ति दिलाएंगे।

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  1. डिप्रेशन दूर करने का उपाय है इलायची का तेल - Depression se mukti dilata hai cardamom
  2. अवसाद से मुक्ति दिलाए लाल गुलाब - Depression se nikalne ke upay hai red roses
  3. डिप्रेशन को खत्म करे हल्दी से - Depression ka gharelu upay hai turmeric
  4. अवसाद से निकलने के उपाय के लिए खाएं काजू - Depression se bahar nikle cashew nuts ke upyog se
  5. अवसाद से बचने के उपाय के लिए करें ब्राह्मी तेल की मालिश - Depression ko khatam kare brahmi oil se
  6. डिप्रेशन कम करने का उपाय है शतावरी - Depression se nikalne ka tarika hai asparagus
  7. डिप्रेशन से बाहर निकले बादाम के उपयोग से - Depression dur karne ka tarika hai almonds
  8. डिप्रेशन से छुटकारा दिलाए नींबू बाम - Depression se chutkara paye lemon balm tea se
  9. डिप्रेशन से बाहर आने के तरीके में करें अश्वगंधा का उपयोग - Depression kam karne ka tarika hai ashwagandha
  10. डिप्रेशन को खत्म करें केसर से - Depression ke gharelu nuskhe me kare saffron ka upyog
  11. डिप्रेशन का घरेलू उपाय है कैमोमाइल चाय - Avsad se bachne ka upay hai chamomile tea
  12. डिप्रेशन के घरेलू नुस्खे में करें कद्दू के बीज का उपयोग - Depression se bachne ka gharelu upay hai pumpkin seeds
  13. डिप्रेशन से बचने का तरीका है गिलोय - Depression se bahar aane ka upay hai guduchi
  14. डिप्रेशन की बीमारी से छूटकारा दिलाए जटामांसी - Depression khatam karne ka tarika hai Jatamansi

इलायची एक प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट (anti-depressant) है। इसकी चाय मन को प्रभावित करती है और मूड को खुश करने में मदद करती है। लगभग 1.5 ग्राम इलायची पाउडर और पानी का काढ़ा बना लें और प्रतिदिन एक गिलास का सेवन करें। आप स्वाद के लिए चीनी का भी उपयोग कर सकते हैं। नहाने के पानी में इलायची के तेल को रख कर स्नान करें। यह तनाव को कम करने और निराशा से लड़ने में मदद करता है।

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लाल गुलाब अवसाद पर काबू पाने में आपकी काफी मदद करेगा। इसके लिए 250 मिलीलीटर पानी में 25-30 गुलाब की पंखुड़ियों को डाल कर उबाल लें। आप चाहें तो स्वाद के लिए मिश्री का उपयोग भी कर सकते हैं। प्रतिदिन दो बार इस काढ़े को पिएं। इससे आपकी नसों में शांति बनी रहती है।

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आयुर्वेद में मौसम के कारण प्रभावित विकारों के इलाज में हल्दी का उपयोग करने के लिए कहा गया है। यानी मौसम परिवर्तन के कारण अवसाद की समस्या में मसाले के रूप में अपने भोजन में 2-3 ग्राम हल्दी का सेवन करें या फिर पानी या दूध के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं।

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काजू प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट हैं। काजू का सेवन घबराहट और तनाव कम करने में मदद करता है। अवसाद से छुटकारा दिलाने में काजू दवा के बराबर काम करता है। काजू पोषक तत्वों और विटामिन सी से समृद्ध स्रोत है जो तंत्रिकाओं को आराम देने और मूड को अच्छा करने में मदद करता है।

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ब्राह्मी फिर से जवान कर देने वाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। इसके तेल की मालिश मन को शांत करती है। यह अवसाद के इलाज में व्यापक रूप से प्रयोग की जाती है।

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शतावरी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें फोलिक एसिड (folic acid) और ट्रिप्टोफेन (Tryptophan) है। ये घटक मूड बढ़ाने वाले रसायनों का उत्पादन करते हैं। डिप्रेशन जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए गर्म दूध या शहद के साथ शतावरी पाउडर का सेवन करें या फिर सब्जी के रूप में अपने आहार में शतावरी का उपयोग करें।

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बादाम में प्रोटीन, विटामिन ई, मैग्नीशियम, फाइबर और कई आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं। गर्म दूध में एक चम्मच बादाम का पेस्ट रोजाना मिलाकर पीने से अवसाद जैसी समस्या में काफी तेजी से आराम मिलता है।

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नींबू बाम केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के कामकाज को नियमित करके तनाव, चिंता को कम करने और शांतिपूर्ण नींद को प्राप्त करने में मदद करता है। डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए आप नींबू बाम की चाय का सेवन करें या फिर आप अरोमा थेरेपी के लिए इसके तेल का उपयोग कर सकते हैं। इसका आकर्षक सुगंध उदास मन को ठीक करती है और मन को सुखदायक प्रभाव देती है। गर्भवती महिलाओं या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए इसका उपयोग अच्छा नहीं होता है।

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अश्वगंधा अवसाद के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक उपाय है। प्रतिदिन शहद के साथ एक चम्मच अश्वगंधा का सेवन करें। यह अवसाद जैसी समस्या को दूर करेगा।

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केसर अवसाद जैसी समस्या के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह एक शक्तिशाली और सुरक्षित जड़ी बूटी है जो आपके मूड को बहुत प्रभावी ढंग से खुश रखता है। अध्ययन ने यह साबित किया है कि हल्के और मध्यम अवसाद से पीड़ित कई लोगों ने अपने दैनिक आहार में केवल 30 ग्राम केसर का उपयोग करके अपने मूड में भारी बदलाव का अनुभव किया है। केसर व्यक्ति को आराम देने और मूड को सूधारने में मदद करता है।

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वैज्ञानिक तौर पर साबित हुआ है कि कैमोमाइल एक प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट जड़ी बूटी है। इसका उपयोग मन को शांत करता है और डिप्रेशन से बाहर निकलता है। इसका उपयोग बहुत ही सुरक्षित है। कैमोमाइल बच्चों द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दवा के उपचार के विपरीत इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह चिंता को दूर करने में भी बहुत प्रभावी है और डिप्रेशन के समय नींद नहीं आने की समस्या में भी बहुत लाभदायक है। रात के खाने के बाद एक कप कैमोमाइल चाय पीने से अच्छी नींद आती है और पाचन भी बेहतर होता है।

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कद्दू (Pumpkin) के बीज प्राकृतिक रूप से अवसाद को ख़त्म करने में लाभदायक हैं। कद्दू के बीज में एल-ट्रिप्टोफेन होता है जो सिरोटोटिन (मूड स्टेबलाइज करने वाला हार्मोन) हार्मोन के उत्पादन में मदद करता है। कद्दू का बीज स्वस्थ वसा और मैग्नीशियम से भरा हुआ है जो मूड को खुश रखने में मदद करता है। इसके लिए आप प्रतिदिन 2 ग्राम कद्दू के बीज का सेवन करें।

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गुदुची या गिलोय फिर से युवा करने के गुणों के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग चिंता, अवसाद, सिरदर्द और मनोदशा विकारों के इलाज में व्यापक रूप से किया जाता है। यह मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा करता है और तनाव से राहत देता है। 500 मिली ग्राम गुदुची पाउडर को गोल्डन लिक्विड हनी (golden liquid-honey) के साथ मिलाकर प्रतिदिन दो बार इसका सेवन करें।

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जटामांसी मुख्य रूप से न्यूरो मानसिक रोगों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मन को शांत करने और मानसिक समस्याओं को रोकने में लाभदायक है। जटामांसी की जड़ का उपयोग मूड को स्थिर करता है, मन को शांत रखता है और अच्छी नींद को प्राप्त करने में मदद करता है। जटामांसी पाउडर का 100-250 मिलीग्राम प्रतिदिन एक बार नियमित रूप से 2 महीने के लिए लें। निश्चित रूप से सिर्फ 15 दिनों में आपको सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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