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सेक्स हर किसी के जीवन का एक अहम हिस्सा है। सेक्स का नाम सुनते ही आपका दिल, दिमाग़ अपने आप रोमांस से भर जाता है। इसके साथ आपके दिमाग़ में ख़्याल भी आते है, जब आप पहली सेक्स करते है या आप काफ़ी बार सेक्स कर चुके है। तब भी बहुत-सी बातें है जो आपको जानने की जिज्ञासा रहती हैं, की सुरक्षित सेक्स कैसे करे या एक रोमांचक तरीके से सेक्स एन्जॉय करने के तरीके, ताकि आपकी सेक्स लाइफ बहेतर बने और आपके और आपके पार्टनर के बिच प्यार बना रहे। सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते है, परन्तु सेक्स कैसे करे इस बात को लेकर ज़्यादा सवाल रहते है। आप के सभी सवालों का जवाब नीचे विस्तार से इस लेख में बताया गया है।

  1. सेक्स क्या होता है?
  2. सेक्स कितनी प्रकार का होता है?
  3. सेक्स करने के फायदे ?
  4. सेक्स के कितने लेवल होते हैं?
  5. सेफ सेक्स कैसे करें? - Safe Sex kaise karein
  6. सेक्स को स्पेशल कैसे बनाएँ? - Sex ko is tarah banaye khas
  7. सेक्स के जोखिम
  8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल - FAQs
  9. सारांश
यौन रोग के डॉक्टर

सेक्स को हिन्दी में यौन सम्बन्ध या सम्भोग कहा जाता है। यह दो लोगों के बीच शारीरिक और मानसिक रूप से जुड़ने की प्रक्रिया होती है। यह केवल शरीर का मिलना नहीं होता बल्कि इसमें प्रेम, विश्वाश,भावनाएँ भी शामिल होती है। जब दोनों लोग अपनी मर्ज़ी से सेक्सुअल एक्टिविटी में इन्वॉल्व होते है तो उसे सेक्स कहा जाता है। दोनों पार्टनर्स की बराबर की इन्वॉल्वमेंट इसे आनंददायक बनाती हैं।

सेक्स तो आप सभी करते है परन्तु कभी जाना है ये कितने प्रकार का होता है। तो जानिए सेक्स के निम्न प्रकार  - 

1. योनि (वेजाइनल) सम्बंध - यह तब होता है जब पुरुष का लिंग महिला की योनि में प्रवेश करता है। इस प्रकार के यौन सम्बंध में सेक्स करने से पहले और करते समय दोनों की सहमति ज़रूरी होती है। साथ ही, कंडोम या अन्य contraception इस्तेमाल करना बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योकि इससे आपको  यौन संचारित रोग (STI) नहीं होता हैं, और अनचाहा गर्भधारण भी रोका जा सकता है।

2. ओरल सेक्स - यानी मुख मैथुन और मुख मैथुन का अर्थ है अपने साथी के गुप्तांगों को छूने और उत्तेजित करने के लिए मुँह, होंठ या जीभ का उपयोग करना। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे हर उम्र, और हर बैकग्राउंड के लोग पसंद करते हैं।

3. एनल सेक्स - इसमें लिंग या सेक्स टॉय को गुदा में डाला जाता है। गुदा की नाज़ुक त्वचा और लुब्रिकेशन की कमी के कारण यह प्रकार बहुत सेंसिटिव होता है।

4. फिंगरिंग - क्लाइटोरिस को उत्तेजित करने के लिए उंगलियों का उपयोग करना या योनि में उंगलियाँ डालना यौन उत्तेजना पैदा करना है। फिंगरिंग सेक्स कहलाता है।

5.हस्तमैथुन - यह पुरुषो द्वारा यौन सुख पाने के लिए अपने शरीर के अंगों को छूना होता है। यह अकेले या किसी अन्य के साथ एक ही समय में किया जा सकता है।

6. फोन / वीडियो सेक्स - यौन उत्तेजना पैदा करने के लिए किसी के साथ ऑनलाइन या फ़ोन के माध्यम से बात करना या वीडियो काॅल करना और इनके, माध्यम से अपनी फीलिंग्स या अपने पार्टनर से सेक्स से सम्बंधित बात करना।

(और पढ़े - हस्तमैथुन के फायदे)

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  • सेक्स करने से आपका इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
  • हर हफ्ते सेक्स करने से आपके शरीर में IgA नाम की एंटीबॉडी बढ़ती है, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। इससे आपको सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू होने का खतरा कम हो जाता है।
  • सेक्स एक हल्की एरोबिक व्यायाम की तरह है। यह आपके दिल की गति बढ़ाकर बेहतर सर्कुलेशन, लो ब्लड प्रेशर और दिल के रोग के जोखिम को कम करता है। 
  • महीने में लगभग 21 बार इजैक्युलेशन करने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम लगभग 20‑30% तक कम पाया गया है।
  • सेक्स करने से महिलाओं की पेशाब रोकने वाली मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे आपकी उम्र बढ़ने पर पेशाब टपकने या रिसने की दिक्कत कम होती है।

(और पढ़े - इम्युनोग्लोबुलिन टेस्ट क्या है)

सेक्स के चार लेवल होते हैं -

1. सेक्स की इच्छा (कामेच्छा या उत्तेजना) - यह वह समय होता है जब आपकी एक्ससिटेमेंट और भी ज़्यादा बढ़ने लगती है। सांसें तेज हो जाती हैं, दिल की धड़कन बढ़ती है और अंगों में तनाव महसूस होता है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि हर किसी का यौन अनुभव अलग होता है। हो सकता है कि जब आप इच्छा के चरण में पहुँचते हैं, तो आपको लगातार कोई बदलाव महसूस न हो। हो सकता है कि आपको यह अनुभव केवल कुछ ख़ास यौन सम्बंधों के दौरान ही हो। कभी-कभी, इच्छा का चरण उत्तेजना के बाद भी आ सकता है।

2. उत्तेजना - उत्तेजना का चरण चरमसुख से ठीक पहले तक रहता है। यह आपको यौन सुख की चरम सीमा तक ले जाता है और इससे आपकी सेक्स करने की इच्छा बहुत जल्दी बदलती है।आपकी मांसपेशियों में तनाव बढ़ता रहता है। रक्त प्रवाह बढ़ने से योनि में सूजन बनी रहती है, तथा योनि की दीवारें गहरे रंग की हो जाती हैं।

आप इच्छा के साथ ही या उससे कुछ समय पहले उत्तेजना का अनुभव कर सकते हैं।

3.ओर्गास्म - यह यौन प्रतिक्रिया चक्र (sexual response cycle) का सबसे रोमांचक लेकिन सबसे छोटा लेवल होता है, जिसे ओर्गैज़्म कहा जाता है। यह केवल कुछ सेकंड्स तक चल सकता है, लेकिन यह अनुभव बहुत जल्दी होता है।

(और पढ़े : कामेच्छा की कमी के लक्षण)

इस चरण में शरीर और दिमाग़ में कुछ ख़ास बदलाव होते हैं:

  • मांसपेशियों में अपने आप सिकुड़न—जैसे पैर, चेहरे या शरीर के अन्य हिस्सों में झटके महसूस होते हैं।
  • दिल की धड़कन, सांस और रक्तचाप सबसे ज़्यादा तक पहुँचता है।
  • यौन तनाव अचानक और जोरदार रूप से रिलीज़ होता है।
  • महिलाओं में योनि और गर्भाशय की मांसपेशियों में सिकुड़न होती है
  • पुरुषों में वीर्य का निकलना हो सकता है।

कुछ मामलों में "सेक्स फ्लश" होता है यानी पूरे शरीर पर हल्का लाल रंग या त्वचा पर दाने जैसा असर दिख सकता है।

4. Resolution - इस लेवल में, आपका शरीर धीरे-धीरे अपनी पहले वाले रूप में लौट आता है। आपके शरीर के कोई भी सूजे हुए या उभरे हुए अंग अपने पिछले आकार या स्थिति में वापस आ जाते हैं। इसके बाद लोगों को संतुष्टि और अक्सर थकान का एहसास हो सकता है।

कुछ महिलाएँ एक बार ओर्गास्म अनुभव करने के बाद दुबारा ओर्गास्म महसूस कर सकती है।

पुरुषो को आमतौर पर एक बार ओर्गास्म के बाद दुबारा रिकवर होने में समय की ज़रूरत होती है, जिसे रिफ्रैक्टरी पीरियड कहा जाता है, जिसके दौरान वे दोबारा चरमसुख तक नहीं पहुँच पाते। रिफ्रैक्टरी पीरियड की अवधि अलग-अलग होती है और यह उम्र के साथ बदलती रहती है।

(और पढ़ें - सेक्स के दौरान की जानें वाली गलतियां)

आप सेक्स काफ़ी तरह से करते है और उसका आनंद भी लेते है। परन्तु हम यहाँ पर सामान्य तरह के सेक्स, यानी एक पुरुष और महिला के बीच लिंग और योनि के मिलन (सेक्सुअल इंटरकोर्स) की बात कर रहें। सेक्सुअल इंटरकोर्स का कोई एक तरीक़ा नहीं है, फिर भी आप इसको करने से पहले कई तरह की तैयारियाँ कर सकते हैं। इसको करने के लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि इसमें शामिल होने वाले दोनों ही साथी सेक्स को लेकर उत्साहित हों और साथ ही साथ इसमें किसी पर कोई दबाव न हो। अगर आप दोनों सेक्स का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दोनों को एक दूसरे की सहमति लेना बेहद ज़रूरी होता है। इसमें आपके पार्टनर की सहमति व उसके विचार जान लेना बेहद ही ज़रूरी होता है।

(और पढ़े : सेक्स पावर में कमी का इलाज)

सेक्स करने के सुरक्षित तरीके  -

1. स्पष्ट संवाद और सहमति-सेक्स से पहले दोनों साथी स्पष्ट रूप से आपस में बातचीत करें। आप अपनी इच्छाएँ, सीमाएँ, डर, स्वास्थ्य इतिहास (STI) आदि के बारे में अपने पार्टनर से ज़रूर बताये। इसके साथ आपकी वर्बल सहमति भी बेहद ज़रूरी है; यदि दोनों में से कोई असहज महसूस करता हो तुरंत रुक जाये।

2. STI टेस्ट और वैक्सीन-आप अपना नियमित रूप से HIV, chlamydia, syphilis जैसी संक्रामक बीमारियों की जाँच करवाएँ। और ये तब ज़रूर करवाए जब आपका कोई नया या एक से अधिक पार्टनर है। आप अगर HPV और हीपेटाइटिस B की वैक्सीन लगवाते है तो इससे यौन संक्रमणों का जोखिम काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है।

3. विशेष सावधानीयाँ - 

  • नाखून साफ़ और छोटे रखें,
  • लुब्रिकेंट का उपयोग करें ताकि फिंगरिंग या सेक्स करते समय आपको या आपके पार्टनर को कोई तकलीफ या जलन न हो, और सब कुछ आराम से हो सके।
  • कंडोम या फिंगर कॉट पहने। 
  • अगर आपको लेटेक्स से एलर्जी है, तो आप प्लास्टिक कंडोम (जिन्हें नॉन-लेटेक्स कंडोम या लेटेक्स-मुक्त कंडोम भी कहा जाता है) का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्लास्टिक / नॉन-लेटेक्स कंडोम पॉलीयूरेथेन, नाइट्राइल या पॉलीआइसोप्रीन जैसे प्लास्टिक से बने होते हैं।
  • संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्‍त नींद—यौन स्वास्थ्य में सुधार करते हैं और सेक्स को सुरक्षित और आनंददायक बनाते हैं।

(और पढ़े : अच्छे सेक्स के लिए व्यायाम)

1. बातचीत बढ़ाएँ-

सेक्स को रोमांचक बनाने की शुरुआत होती है खुली बातचीत से तो अपने चाहत, सीमाएँ, फैंटेसीज और असहजताएँ अपने साथी के साथ शेयर करें, इससे आप दोनों में भरोसा बढ़ता है और आपसी समझ मज़बूत होती है।

2. समय देना और माहौल बनाना-

अगर आप नए शादी-शुदा कपल्स है या नए-नए रिलेशन में आये है तो आवश्यक है कि आप आपस में एक-दूसरे के लिए वक़्त निकालें, जैसे डेट नाइट, बिना बच्चो या डिजिटल डिवाइस के क्वालिटी टाइम, इनसे आपके बीच दूरियाँ कम होती है। और जब आप सेक्स कर रहे है तो, टीवी बंद करें, फ़ोन को साइलेंट पर रखें, अपने रूम का दरवाज़ा बंद करें। 

3. शारीरिक और प्रेम-भरी नजदीकियाँ बढ़ाएँ-

इनसे मतलब है कि आप गले मिलना, हाथ पकड़ना, मसाज आदि करे।  मसाज से ऑक्सीटोसिन की मात्रा बढ़ती है, जिससे आपकी आपस में बॉन्डिंग मज़बूत होती है और सेक्स में नयापन आता है। आपको सेक्स से पहले सेंसुअल मसाज, कडलिंग और प्लेफुल अफेक्शन करे इनसे रोमांच बढ़ता है।

4. चीजें बदलें-

आप दिन के अलग-अलग समय सेक्स कर सकते है, जैसे आप सुबह के समय सेक्स करने की कोशिश कर सकते हैं, जब आपके शरीर में ऊर्जा और टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होता है। साथ ही, सेक्स के दौरान आपके लिए कुछ नया आज़माना भी अच्छा होता है, नई पोज़िशन, फैंटसीज, या टॉयज का इस्तेमाल। नए-नए तरीके ट्राई करने से आपका सेक्स स्पेशल बनेगा।

5. स्वस्थ जीवनशैली-

आपके सेक्स ड्राइव को बनाये रखने के लिए हेल्दी लाइफ भी ज़रूरी है उसके लिए आपको एरोबिक व्यायाम, स्ट्रेस मैनेजमेंट, अच्छी डाइट और साथ ही अच्छी नींद से आपकी सेक्स ड्राइव में और अच्छा सुधार आता है। साथ ही आपको किसी चीज का स्ट्रेस नहीं लेना है यदि है तो उसे कम करे, शराब और धूम्रपान से दूर रहे क्योकि ये आपकी परफॉर्मेंस को प्रभावित करते हैं।

(और पढ़े : शराब पीने के नुकसान)

  • सेक्स के दौरान कंडोम, डेंटल डैम या दूसरी सुरक्षा विधि का प्रयोग नहीं किया गया हो, तो HIV, क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस, HPV या जननांग हर्पीस जैसे संक्रमण होने का अधिक जोखिम होता है।
  •  कई बार ये रोग बिना किसी लक्षण के बनी रहती हैं, जिससे आप उन्हें जान भी नहीं पाते पर फिर भी दूसरे को संक्रमित कर सकते हैं।
  • HPV और हैपेटाइटिस B / A की वैक्सीनेशन लेना बहुत ज़रूरी है—ये न सिर्फ़ संक्रमण से रोकता है बल्कि कई जानलेवा कैंसरों जैसे गर्भाशय ग्रीवा और लिवर कैंसर से भी सुरक्षा देता है।
  • आप एनल से वजाइनल सेक्स की तरफ़ जा रहे हैं, तो हर बार कॉन्डोम बदलना बहुत ज़रूरी है, ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न फैले।

(और पढ़े : एचआईवी-एड्स का इलाज)

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पहला राउंड कितने समय तक चलना चाहिए?

जब पुरुष अपनी पार्टनर के साथ धीरे-धीरे कम्फर्टेबले होने लगते है तो एक हेल्थी कपल के बीच पहला राउंड लगभग दस से पंद्रह मिनट तक चलता है।

ओरल सेक्स का नया तरीका क्या है?

किविन विधि एक प्रकार का क्यूनिलिंगस मतलब योनि पर किया जाने वाला मुख मैथुन है, जिसमें देने वाला लेने वाले के सामने सीधा लेट जाता है, तथा बगल से योनी को उत्तेजित करता है।

सैक्स कितनी बार करना चाहिए?

सैक्स करने की एवरेज लगभग साल में 54 बार, और लगभग हफ़्ते में एक बार की है।
(और पढ़ें - सेक्स कितनी बार करना चाहिए)

महिलाओं में तुरंत उत्तेजना कैसे बढ़ाएं?

जब आप फोरप्ले करे तो उसमे अधिक समय लें इससे आपकी महिला साथी में सेक्स करने की इच्छा ज़्यादा बढ़ेगी।

रोज शारीरिक संबंध बनाने के क्या फायदे हैं ?

रेगुलर फिजिकल रिलेशन बनाने से आपका तनाव को कम होता है, मूड बेहतर रहता है और नींद अच्छी आने में मदद मिलती है।

महिलाएं रोजाना कितनी बार संबंध बना सकती हैं?

महिलाऐ दिन में दो बार-बार सेक्स कर सकती है।

शारीरिक संबंध बनाने की सही उम्र क्या है?

फिलहाल देश में शारीरिक सम्बंध बनाने के लिए सहमति की उम्र 18 साल है। केंद्र ने कहा है कि यह फ़ैसला नाबालिगों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए है। 

क्या पहली बार सेक्स हमेशा दर्दनाक या इमोशनल रूप से भारी होता है?

नहीं, दर्द या दर्दनाक अनुभव आवश्यक नहीं है। सही ढंग से फोरप्ले,लुब्रिकेशन्स, सहमति और आराम से यह एक आरामदायक और सुखद अनुभव भी हो सकता है।

क्या पहली बार सेक्स के बाद मूत्र संक्रमण (UTI) या जलन हो सकती है?

हाँ, इंटरकोर्स के दौरान मूत्रमार्ग में बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं जिससे UTI हो सकता है। सेक्स के बाद पेशाब करना इस जोखिम को काफ़ी हद तक कम कर सकता है।

लंबे समय तक फिजिकल रिलेशन नहीं बनाने पर क्या होता है?

लंबे समय तक शारीरिक सम्बंध (फिजिकल रिलेशन) न बनाने पर तनाव, चिंता और मूड स्विंग जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

सेक्स न केवल एक शारीरिक क्रिया है, बल्कि यह दो लोगों के बीच प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है। एक स्वस्थ और संतुलित यौन जीवन से न सिर्फ़ मानसिक और भावनात्मक संतुष्टि मिलती है, बल्कि यह आपके शरीर के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। सेक्स के कई प्रकार होते हैं, और इन्हें सुरक्षित, सहमति और समझदारी से करना बेहद ज़रूरी है। सेफ सेक्स का पालन करने से न केवल यौन संचारित रोगों से बचाव होता है, बल्कि रिश्ते में विश्वास और नज़दीकी भी बढ़ती है। साथ ही, फोरप्ले, खुलकर संवाद, स्वस्थ जीवनशैली और नई चीज़ें आज़माने से सेक्स लाइफ को रोमांचक और मज़बूत बनाया जा सकता है। इसलिए सेक्स के प्रति सही जानकारी, जागरूकता और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करना बेहद आवश्यक है, ताकि यह अनुभव सुरक्षित, सुखद और संतुलित बना रहे।

Dr. Hakeem Basit khan

Dr. Hakeem Basit khan

सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव

Dr. Zeeshan Khan

Dr. Zeeshan Khan

सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव

Dr. Nizamuddin

Dr. Nizamuddin

सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव

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Dr. Tahir

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20 वर्षों का अनुभव

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