एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड एक इमेजिंग तकनीक है, जो आपके पेट के अंदर मौजूद अंगों जैसे अपेंडिक्स, लिवर, पित्ताशय, अग्नाशय, प्लीहा, आंत, मूत्राशय और किडनी की तस्वीरें निकालता है। इस टेस्ट का प्रयोग इन अंगों में किसी भी स्वास्थ्य स्थिति की  जांच करने के लिए किया जाता है।

अल्ट्रासाउंड को सोनोग्राफी भी कहा जाता है यह एक नॉन इनवेसिव (बिना चीरा लगाए की जाने वाली) प्रक्रिया है, जिसमें एक्स रेसीटी स्कैन में प्रयोग की जाने वाली रेडिएशन का प्रयोग नहीं होता है। इसके बजाय इसमें अधिक आवृति वाली ध्वनि तरंगों का प्रयोग किया जाता है, ताकि जांच होने वाले स्थान की तस्वीर ली जा सके। ये ध्वनि तरंगें शरीर के अंदर एक जेल और छोटे प्रोब जिसे ट्रांसड्यूसर कहा जाता है कि मदद से की जाती हैं। ये ध्वनि तरंगे शरीर के ऊतकों को तेजी से हिट करती हैं उसके बाद वापस उछल कर प्रोब तक आती हैं। इसके बाद प्रोब इस जानकारी को साथ में जुड़े कम्प्यूटर तक पहुंचाता है और अंगों की ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें निकाली जाती हैं।

  1. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड कौन करवा सकता है - Abdominal Ultrasound kaun nhi karwa sakta
  2. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है - Abdominal Ultrasound kyon kiya jata hai
  3. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड से पहले - Abdominal Ultrasound se pahle
  4. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड कैसे होता है - Abdominal Ultrasound kaise hota hai
  5. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के दौरान क्या महसूस होता है - Abdominal Ultrasound ke dauran kaisa mehsoos hota hai
  6. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के परिणाम का क्या मतलब है - Abdominal Ultrasound ke result ka kya matlab hai
  7. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड से क्या खतरे और फायदे हैं - Abdominal Ultrasound ke khatre aur fayde hain
  8. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के बाद क्या होता है - Abdominal Ultrasound ke baad kya hota hai
  9. एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं - Abdominal Ultrasound ke sath kiye jane vale anya test

एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड से किसी प्रकार की कोई जटिलता नहीं होती है, इसे कोई भी करवा सकता है।

डॉक्टर आपको इस टेस्ट की सलाह निम्न स्थितियों में दे सकते हैं -

व्होल एब्डोमेन अल्ट्रासाउंड का प्रयोग गर्भावस्था के दौरान गर्भ में शिशु के विकास और वृद्धि की जांच करने के लिए भी किया जाता है। कभी-कभी अल्ट्रासाउंड का प्रयोग उचित जगह पर कैथिटर लगाने और बायोप्सी के लिए सुई को ठीक जगह पर लगाने में भी मदद कर सकता है।

डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए ढीले कपड़े पहन कर आने को कहेंगे या फिर आपको अस्पताल की गाउन भी पहनाई जा सकती है।

टेस्ट के लिए तैयारी उस जगह पर निर्भर करती है जहां की जांच होनी है।

यदि किडनी का अल्ट्रासाउंड किया जाना है तो आपसे टेस्ट से बारह घंटे पहले भूखे रहने को कहा जाएगा। ऐसा मुख्य तौर पर आंत में गैस बनने से बचाने के लिए कहा जाता है क्योंकि इससे टेस्ट के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड के लिए आने से पहले बहुत सारा पानी पीने (कम से कम चार से छह गिलास) को कहेंगे। इससे आपका ब्लैडर भर जाएगा और तस्वीरें  अधिक साफ आएंगी।

लिवर, प्लीहा, पित्ताशय और अग्नाशय के अल्ट्रासाउंड के लिए आठ से बारह घंटे तक भूखे रहने को कहा जा सकता है। ऐसी सलाह दी जाती है कि आप टेस्ट से एक दिन पहले कोई भी वसा युक्त पदार्थ न खाएं।

एब्डोमेन अल्ट्रासाउंड की पूरी प्रक्रिया इस तरह से है -

  • आपको एग्जामिनेशन टेबल पर लेटने को कहा जाएगा
  • टेक्नीशियन आपके उदर पर एक साफ-पानी जैसा जेल लगाएंगे
  • इसके बाद ट्रांसड्यूसर को जांच होने वाले स्थान पर ऊपर नीचे हिलाया जाएगा
  • आपको प्रोब से जुड़े हुई कम्प्यूटर स्क्रीन पर अपने अंगों की तस्वीरें दिखाई देने लगेंगी। टेक्नीशियन या डॉक्टर जिस भाग की जांच हो रही है, वहां की कई सारी तस्वीरें लेंगे
  • स्कैन के बाद आपके उदर से जेल को साफ कर दिया जाएगा

स्कैनिंग और इमेजिंग में तीस मिनट से अधिक का समय नहीं लगेगा।

एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड एक दर्दरहित प्रक्रिया है। हालांकि, जिस स्थान की जांच हो रही है, यदि वह नरम व कोमल है तो आपको हल्का सा दबाव या फिर हल्का सा दर्द भी महसूस हो सकता है। साथ ही जेल गीला और ठंडा महसूस हो सकता है।

पूरे एब्डोमेन अल्ट्रासाउंड से निम्न स्थितियों का परीक्षण किया जा सकता है -

अल्ट्रासाउंड टेस्ट के निम्न फायदे हैं -

  • यह बिना किसी चीरा लगाए किया जाता है
  • इसमें रेडिएशन का प्रयोग नहीं किया जाता है, इसलिए यह सुरक्षित इमेजिंग प्रक्रिया है जिसे गर्भावस्था में भी किया जा सकता है
  • यह नरम ऊतकों की साफ तस्वीरें देता है, जो कि एक्स रे में प्राप्त नहीं की जा सकती हैं

अल्ट्रासाउंड में किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है।

चूंकि यह एक दर्द रहित प्रक्रिया है तो आपको रिकवर होने के लिए समय की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में आप टेस्ट के तुरंत बाद ही अपने रोजाना के कार्यों पर वापस लौट सकते हैं।

ऐसा कोई विशेष टेस्ट नहीं है जो डॉक्टर आपसे एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के साथ करने के लिए कह सकते हैं। जिस स्थिति का परीक्षण किया जाना है, उसके ऊपर निर्भर करते हुए कोई भी टेस्ट किया जा सकता है। उदाहरण के लिए अग्नाशयशोथ के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं -

और पढ़ें ...

संदर्भ

  1. Nemours Children’s Health System [Internet]. Jacksonville (FL): The Nemours Foundation; c2017; Ultrasound: Abdomen
  2. Radiological Society of North America (RSNA) [internet]. Oak Brook. Illinois. USA; Ultrasound - Abdomen
  3. MYCourses: Harvard medical school [Internet]. Harvard University. Cambridge. Massachusetts. USA; Ultrasound
  4. Kim DH, Pickhardt PJ. Diagnostic imaging procedures in gastroenterology. In: Goldman L, Schafer AI, eds. Goldman-Cecil Medicine. 25th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2016:chap 133.
  5. Chen L. Abdominal ultrasound imaging. In: Sahani DV, Samir AE, eds. Abdominal Imaging. 2nd ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2017: chap 3.
  6. Wilson SR. The gastrointestinal tract. In: Rumack CM, Levine D, eds. Diagnostic Ultrasound. 5th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2018:chap 8.
  7. Cosgrove DO, Eckersley RJ, Harvey CJ, Lim A. Ultrasound. In: Adam A, Dixon AK, Gillard JH, Schaefer-Prokop CM, eds. Grainger & Allison's Diagnostic Radiology. 6th ed. New York, NY: Elsevier Churchill Livingstone; 2015:chap 3.
  8. Runyon BA. Ascites and spontaneous bacterial peritonitis. In: Feldman M, Friedman LS, Brandt LJ, eds. Sleisenger and Fordtran's Gastrointestinal and Liver Disease. 10th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2016:chap 93.
  9. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Cirrhosis
  10. Fairman RM, Wang GJ. Abdominal aortic aneurysms; endovascular treatment. In: Cronenwett JL, Johnston KW, eds. Rutherford's Vascular Surgery. 8th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2014:chap 132.
  11. Braverman AC. Diseases of the aorta. In: Mann DL, Zipes DP, Libby P, Bonow RO, Braunwald E, eds. Braunwald's Heart Disease: A Textbook of Cardiovascular Medicine. 10th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2015:chap 57.
  12. LeFevre ML; U.S. Preventive Services Task Force. Screening for abdominal aortic aneurysm: U.S. Preventive Services Task Force recommendation statement. Ann Intern Med. 2014;161(4):281–290. PMID: 24957320.
  13. Colwell CB, Fox CJ. Abdominal aortic aneurysm. In: Walls RM, Hockberger RS, Gausche-Hill M, eds. Rosen's Emergency Medicine: Concepts and Clinical Practice. 9th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2018:chap 76.
  14. Theise ND. Liver and gallbladder. In: Kumar V, Abbas AK, Aster JC, eds. Robbins and Cotran Pathologic Basis of Disease. 9th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2015:chap 18.
  15. Merck Manual Consumer Version [Internet]. Kenilworth (NJ): Merck & Co. Inc.; c2018. Chronic Pancreatitis
  16. Tenner S, Baillie J, DeWitt J, Vege SS. American College of Gastroenterology Guideline: Management of Acute Pancreatitis. American Journal of Gastroenterology. 2013 Sep; 108(9): 1400-1415.
  17. Crockett Seth D., et al. American Gastroenterological Association Institute Guideline on Initial Management of Acute Pancreatitis. American Gastroenterological Association Institute Clinical Guidelines Committee. 2018 March; 154(4): 1096-1101.
  18. Merck Manual Consumer Version [Internet]. Kenilworth (NJ): Merck & Co. Inc.; c2018. Acute Pancreatitis
ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ