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अल्सरेटिव कोलाइटिस यानि आंत में सूजन बड़ी आंत (कोलन) और मलाशय की अंदरूनी परत को प्रभावित करती है। इसके लक्षण आमतौर पर अचानक दिखाई देने के बजाय धीरे-धीरे विकसित होते हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस कभी-कभार कम सक्रिय भी हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में यह हमारे जीवन के लिए खतरनाक साबित होती है। अल्सरेटिव कोलाइटिस का फिलहाल कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन इसके लिए कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ घरेलू इलाजों के बारे में बताने जा रहे हैं।

  1. आंत में सूजन का उपाय है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना - Aant me sujan ke gharelu upay hai paryapt pani pina
  2. आंत में सूजन का घरेलू नुस्खा है ग्रीन टी - Aant me sujan ka gharelu upay hai green tea
  3. आंत में सूजन कम करता है ऐलोवेरा - Aant me sujan ka gharelu upay hai aloe vera
  4. आंत में सूजन का घरेलू उपाय है प्रोटीन - Aant me sujan ka gharelu upay hai protein
  5. आंत में सूजन का घरेलू उपाय है विटामिन डी - Aant me sujan ka gharelu upay hai vitamin D
  6. आंत में सूजन का उपाय है नारियल का तेल - Aant me sujan ka gharelu upay hai nariyal ka tel
  7. आंत में सूजन का उपाय है कैल्शियम का इस्तेमाल - Aant me sujan ka gharelu upay hai calcium ka istemal karna
  8. आंत में सूजन के लिए कुछ घरेलू टिप्स - Aant ki sujan ke liye kuch gharelu tips

जिन लोगों में आईबीडी की समस्या होती है, उन्हें डिहाईड्रेशन होने का खतरा अधिक होता है। जब आईबीडी के कारण डायरिया हो जाता है तो शरीर में हाइड्रेशन (पर्याप्त पानी की मौजूदगी) और इलेक्ट्रोलाइट्स का लॉस होता है। इसलिए पानी या हर्बल चाय जैसी चीजों का पर्याप्त सेवन करते हुए आप शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और हाइड्रेशन के स्तर को संतुलित रख सकते हैं।

आंत में सूजन के मरीजों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वो बहुत जल्द डिहाईड्रेटेड हो जाते हैं। यानी उनके शरीर में पानी की कमी बहुत जल्द हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डायरिया हो जाने के कारण उनके शरीर से पानी बहुत कम हो जाता है। जिसके कारण यह बहुत जरूरी हो जाता है कि मरीज को फिर से हाईड्रेट किया जाए। इसलिए जब हम आंत की समस्याओं से परेशान होते हैं तो शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं अक्सर सामने आ जाती हैं।

दरअसल हमारी आंत किडनी के साथ मिलकर शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित रखने का काम करती है। आंत पानी और साल्ट को अवशोषित करती है। उसके बाद बाकी का काम किडनी करती है यानी किडनी यूरीन द्वारा निकाले गये पदार्थों या तत्वों को संतुलित रखती है। इसलिए जब डायरिया के कारण हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो हमारी किडनी को साल्ट और पानी की मात्रा को संतुलित करने में कठिनाई होती है। यानी अतिरिक्त पानी के लिए आपको अतिरिक्त साल्ट की जरूरत होगी। इसलिए ऐसी स्थिति में एक बार में ही ढेर सारा पानी पीने की जगह दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पियें। इसके लिए अगर आप चाहें तो आप अपने लिए हर घंटे का एक अलार्म सेट कर सकते हैं। यह अलार्म आपको हर घंटे एक गिलास पानी पीने के लिए याद दिलाता रहेगा।

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ग्रीन टी बहुत फायदेमंद होती है। यह अपने आप में औषधीय गुणों की खान है। इसके गुणों के वजह से ही लोग इसे सुपरफूड नाम देते हैं। यह न सिर्फ वजन घटाने के लिए काम आती है बल्कि एंटीऑक्सीडेंट भी है। एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण से यह कई तरह की बीमारियों के देसी इलाज में काम आती है।

आवश्यक सामग्री:
ग्रीन टी

कैसे इस्तेमाल करें:

  • ग्रीन टी को किसी गिलास में पानी लेकर तैयार करें।
  • जिसके बाद इसे पी ड़ालें।

कैसे काम करता है:
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट होता है। एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण से यह कई तरह की बीमारियों के देसी इलाज के काम आता है।

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि आंत में सूजन के कारण बार-बार दस्त होने के चलते डायरिया हो जाता है। इससे छोटी आंत और कोलन में सूजन आ जाती है। ग्रीन टी एंटी-इन्फ्लेमेटरी होती है जिसके कारण यह आंत की सूजन के मरीजों के लिए फायदेमंंद होती है। चूंकि ग्रीन टी आंत में सूजन और कोलन कैंसर को रोकने में मददगार साबित होती है और आंत की सूजन के मरीजों में कोलन कैंसर का खतरा हमेशा अधिक होता है इसलिए उनके लिए ग्रीन टी फायदेमंद साबित होती है।

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आमतौर पर हम ऐलोवेरा का इस्तेमाल घाव को भरने और दर्द कम करने के लिए करते हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐलोवेरा एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। ऐलोवेरा का जूस पीने वाले आंत में सूजन वाले कुछ मरीजों ने बताया कि इसे लेने से उनकी आंत में सूजन के लक्षणों में सुधार हुआ है। यानी आंत में सूजन की समस्या से राहत मिली है। हालांकि हम इस बात की वैज्ञानिक या शोध से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं क्योंकि साइंटफिक स्टडीज में ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया। 

 ऐलोवेरा को खाने-पीने से संबंधित इस्तेमाल से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐलोवेरा के इस तरह के इस्तेमाल से मल त्याग की प्रक्रियाओं में समस्याएं आ सकती हैं।

हालांकि इसमें रोगप्रतिरोधक गुण भी होते हैं। 

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हमारे शरीर में प्रोटीन का बहुत महत्व है। प्रोटीन हमारी आंत के डैमेज्ड टीशूज (घायल ऊतकों) को ठीक करने का काम करता है। ऐसे में आंत से संबंधित समस्याओं के लिए प्रोटीन बहुत फायदेमंद है। इसलिए आंत की सूजन वाले मरीजों को प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। यानि कि मरीजों को मछली, चिकन या अंडे का भरपूर सेवन करना चाहिए। ऐसे मरीजों को बहुत अधिक तली-भूनी या फिर मसालेदार चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे उनके लिए परेशानी बढ़ सकती है। अगर आपको लैक्टोज असहिष्णुता की समस्या नहीं है तो अपने खाने की सब्जियों में पनीरसलाद और चटनी में थोड़ा सा चीज इस्तेमाल करें। इससे अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिलेगा जो आपकी हड्डियों को मजबूत रखेगा। 

अगर आपको डेयरी प्रॉडक्ट्स से समस्या होती है तो इनका इस्तेमाल करने से पहले किसी लैक्टेज सप्लीमेंट का इस्तेमाल करें। मूंगफली और  अखरोट में भी प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पायी जाती है। आप उन्हें भी दूध में मिलाकर सेवन कर सकते हैें। पेट की समस्याओं के मामले में उच्च-कैलोरी, उच्च-प्रोटीन न्यूट्रीशन का इस्तेमाल भी एक बढ़िया विकल्प रहता है। पेट संबंधी बीमारियों के लिए एवोकैडो भी बेहतरीन औषधि का काम करता है।

आवश्यक सामग्री:

  • मछली
  • चिकन
  • अंडे
  • मूंगफली
  • अखरोट

कैसे इस्तेमाल करें:
ये खाद्य पदार्थ हैं इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने की कोई नई या अलग विधि नहीं है। रोज के भोजन की तरह ही इनका इस्तेमाल खाना खाने में करें। यानी मछली, चिकन, अंडे, मूंगफली या अखरोट की सब्जी बनाकर या तल-भुनकर, जैसा भी आपको उपयुक्त लगे, सेवन कर सकते हैं। अखरोट के बीज को तो आप अन्य फलों की तरह खाने में सेवन कर सकते हैं। हालांकि इस बात का ख्याल रखें की बहुत ज्यादा तला-भूना खाना नुकसानदायक हो सकता है।

कैसे काम करता है:
मछली, चिकन या अंडे में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाई जाती है। इसलिए इनका सेवन आंत में सूजन वाले मरीजों के लिए हानिकारक होता है।

(और पढ़ें - पेट में गैस का आयुर्वेदिक इलाज)

आंत में सूजन वाले मरीजों के लिए विटामिन डी बहुत फायदेमंद होता है। शोध में पता चला है कि विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा वाले मरीजों के आंत में सूजन होने की संभावना बहुत कम होती है। दरअसल विटामिन डी उन लोगों के लिए जरूरी होता है, जिनमें कैल्शियम की कमी होती है और हड्डियों में कमजोरी होती है या फिर ऐस्टेरॉयड होता है। यही कारण है कि डॉक्टर मानते हैं कि विटामिन डी उस समय बहुत फायदेमंद होता है, जब यह कैल्शियम के साथ लिया जाता है। इसलिए ऐसी स्थितियों में हमें संतरे का जूस, दूध जैसे उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिनमें विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

आवश्यक सामग्री:

  • संतरे का जूस
  • दूध
  • मछली

कैसे इस्तेमाल करें:
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजों के लिए कोई विशेष विधि नहीं है। आप इनका सेवन रोज की तरह खाने-पीने में कर सकते हैं। 

कैसे काम करता है:
दरअसल आंत में सूजन वाले मरीजों को कैल्शियम के साथ विटमिन डी का सेवन फायदेमंद होता है। ऐसे में इनका सेवन एक साथ करना फायदेमंद हो सकता है।

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विज्ञान कहता है कि ऐसे भोजन, जिनमें उच्च मात्रा में नारियल का तेल होता है, वह काफी फायदेमंद होते हैं। नारियल का तेल विशेष रूप से उनके लिए काफी फायदेमंद होता है, जिन्हें आंत में सूजन की समस्या होती है। आंत में सूजन आपके शरीर को कई तरह से परेशान करती है। 

20 साल की उम्र से अधिक लोगों को क्रोन्स बीमारी होना कोई नई बात नहीं है। इसमें आंत में सूजन, ऐंठन, पेट में दर्द होना, दस्त होना, वजन घटना और एनीमिया जैसे समस्याएं होती हैं। रोचक बात यह है कि वैज्ञानिकों ने पाया है कि नारियल के इस्तेमाल से आंत की समस्याओं से राहत मिलती है। यहां तक कि थोड़ी सी मात्रा में भी इसके फैट का सेवन करने से बहुत तेजी से फायदा मिलता है।

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कुछ ऐसे न्यूट्रिएंन्ट्स होते हैं, जो स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं। एलोवेरा, एल-ग्लूटामिन और प्रोबायोटिक्स स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए अच्छे विकल्प हैं। एलोवेरा सूजन कम करने का काम करता है। एल-ग्लुटामिन आंत की परत को ठीक बनाए रखने का काम करता है। आईबीडी के कई मरीज शरीर में न्यूट्रीशन की कमी को दूर करने के लिए सप्लीमेन्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ऐसे सप्लीमेन्ट्स का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

ऐसा करते वक्त इन बातों को ख्याल रखें:

  • सप्लीमेन्ट्स से विटामिन या मिनरल लेने की बजाय जितना अधिक हो सके, खाने के माध्यम से इन चीजों को लेने का प्रयास करें। 
  • किसी भी तरह के सप्लीमेन्ट्स, दवाइयों, औषधियों और कॉम्प्लीमेन्ट्री थेरेपी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से इस पर बात कर लें।
  • कुछ सप्लीमेन्ट्स के इस्तेमाल से मतली आना और डायरिया हो सकता है।
  • दवाइयों या सप्लीमेन्ट्स के रैपर पर देखें कि क्या उनमें लैक्टोज, आर्टीफिशियल कलर्स, शुगर एल्कोहॉल्स या कोई अन्य प्रिजर्वेटिव है या नहीं।
  • ज्यादातर सप्लीमेन्ट्स का इस्तेमाल खाली पेट नहीं किया जाता है। 

कैल्सियम:
आंत में सूजन के सभी मरीजों को कैल्शियम के सेवन की सलाह दी जाती है। कैल्शियम, विटामिन डी के साथ इस्तेमाल करने पर ज्यादा फायदा करता है। 

इसके अलावा खान पान में निम्न चीजों का सेवन करें:

  • कम फैट वाले दूध से तैयार किए गया पनीर
  • दही
  • हरी पत्तियों वाले साग
  • ब्रॉकली जैसे कैल्शियम वाले तमाम खाद्य पदार्थों का सेवन करें। 

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कई बार घरेलू परहेज भी दवा का काम कर जाते हैं। अगर हम सही समय पर सही तरीकों से परहेज करना शुरू कर दें तो बीमारी पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। यहां हम आपको आंत में सूजन के कुछ घरेलू परहेज बताने जा रहे हैं।

आंत की सूजन की स्थिति में कुछ घरेलू टिप्स निम्नलिखित हैं:

  • आंत में सूजन की स्थिति में खाना खाते समय खाने को धीरे-धीरे चबाना चाहिए।
  • पानी प्रचुर मात्रा में पीएं।
  • एक बार में भारी मात्रा में खाना खा लेने की अपेक्षा कई बार में थोड़ा-थोड़ा करके खाना खाएं।
  • उच्च कैलोरी/प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • खाने में सलाद का इस्तेमाल खाना खाने के बाद करें।
  • शराब न पियें।
  • कैफीन वाले पदार्थों (जैसे कॉफी, चाय, सॉफ्ट ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट) का सेवन न करें।

कुछ लोगों को गर्म और मसालेदार खाद्य सामग्री परेशान करती है जबकि कुछ लोग लोग उन्हें सहन कर लेते हैं। बता दें कि कुछ मसालेदार भोजन सूजन को कम करने का काम भी करते हैं। इसके अलावा आंत की सूजन में हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन खतरनाक होता है। ऐसे में खानपान में उच्च फाइबर वाले निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को खाने से परहेज करना चाहिए:

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