क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट क्या है?
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट का मेल है। क्रिएटिनिन शरीर द्वारा बनाया जाने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है जो कि किडनी द्वारा शरीर से निकाला जाता है। इस टेस्ट में 24 घंटे के दौरान रक्त और यूरिन में मौजूद क्रिएटिनिन के स्तर की जांच की जाती है। परिणामों की मदद से रक्त में बने क्रिएटिनिन के स्तर और यूरिन द्वारा निकले क्रिएटिनिन के स्तर की जांच की जाती है।
क्रिएटिनिन बनने की मात्रा शरीर के मसल मास (मांसपेशियों की सघनता पर निर्भर करता है। वहीं खून में से क्रिएटिनिन को निकालना किडनी की फिल्टर क्षमता पर निर्भर करता है इसके साथ ही यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी मात्रा में और किस रेट में निकाला जा रहा है। प्रति मिनट रक्त की फिल्टर की गई मात्रा को ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट (जीएफआर) कहते हैं। इसीलिए जीएफआर में कमी यह दिखाती है कि किडनी की कार्य प्रक्रिया भी धीमी हो गई है।
(और पढ़ें- क्रिएटिनिन टेस्ट क्या है)
- क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट क्यों किया जाता है - Creatinine Clearance Test Kyu Kiya Jata Hai
- क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट से पहले - Creatinine Clearance Test Se Pahle
- क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट के दौरान - Creatinine Clearance Test Ke Dauran
- क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट के परिणाम और रेंज - Creatinine Clearance Test Result and Normal Range in Hindi
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट क्यों किया जाता है - Creatinine Clearance Test Kyu Kiya Jata Hai
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट किसलिए किया जाता है?
जब किडनी संबंधी किसी बीमारी या कोई विकार होने का संदेह होता है, तो किडनी के कार्य प्रक्रिया की जांच करने के लिए क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट किया जाता है।
किडनी रोग के संकेतों और लक्षणों में निम्न शामिल हैं:
- पेट, चेहरे, एड़ी और कलाई के आस-पास सूजन
- कम यूरिन आना
- झागदार, कॉफ़ी के रंग का या खून जैसा यूरिन
- पेशाब से संबंधित समस्या और पेशाब कम आना
- यूरिन में प्रोटीन निकलना
- उच्च रक्त चाप
- जी मिचलाना
- उल्टी आना
- मांसपेशियों में ऐंठन
- त्वचा में खुजली और चकत्ते होना
- नींद में कमी
यह टेस्ट उन लोगों का किया जाता है जिन्हें क्रोनिक किडनी डिजीज या कंजेस्टिव हार्ट फेलियर से संबंधित कोई रोग है। इसकी मदद से इन बिमारियों की वृद्धि और गंभीरता की जांच की जाती है। इस टेस्ट से यह भी पता लगाया जाता है, मरीज को डायलिसिस की जरूरत है या नहीं है।
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट से पहले - Creatinine Clearance Test Se Pahle
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट की तैयारी कैसे करें?
इस टेस्ट के लिए 24 घंटे तक यूरिन के सैंपल को जमा किया जाता है। इस 24 घंटे की अवधि के बीच में खून सैंपल नहीं लिया जाता है । या तो सैंपल यूरिन लेने से पहले या बाद में लिया जाता है।
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट के दौरान - Creatinine Clearance Test Ke Dauran
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट कैसे किया जाता है?
यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट होता है, जिसमें सिर्फ पांच मिनट का समय लगता है। डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लेते हैं। छोटी सी मात्रा में खून को एक सैंपल ट्यूब में भर लिया जाता है। सुई लगने के कारण व्यक्ति को थोड़ा सा दर्द या चुभन भी महसूस हो सकती है।
स्पष्ट गणना के लिए मरीज की लम्बाई और वजन भी मापा जाना जरूरी है।
चौबीस घंटे के यूरिन सैंपल लेने के लिए दिन में जितनी भी बार आप पेशाब जाएंगे उतनी बार सैंपल लेने होंगे। दिन के पहले यूरिन को छोड़कर अगली सुबह तक के सारे यूरिन को एक कंटेनर में इकठ्ठा किया जाएगा।
इस टेस्ट से कोई गंभीर जोखिम नहीं जुड़ा है, बस चक्कर आना और इंजेक्शन लगी जगह पर नील पड़ना आदि समस्याएं हो सकती हैं। कभी-कभार इंजेक्शन लगी जगह पर कोई संक्रमण हो सकता है।
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क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट के परिणाम और रेंज - Creatinine Clearance Test Result and Normal Range in Hindi
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है?
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस का मूल्यांकन मिलीलीटर प्रति मिनट (mL/min) में किया जाता है।
सामान्य परिणाम :
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस के सामान्य स्तर महिलाओं और पुरुषों में अलग होते हैं। पुरुषों के लिए नॉर्मल रेंज 97-137 mL/min, महिलाओं के लिए सामान्य स्तर 88-128 mL/min और नवजात शिशुओं के लिए सामान्य स्तर 40-65 mL/min है। चालीस वर्ष के बाद हर दस साल में क्रिएटिनिन क्लीयरेंस का स्तर 6.5 mL/min कम होता जाता है।
असामान्य परिणाम:
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट का स्तर सामान्य से कम होने के निम्न कारण हो सकते हैं:
- किडनी फेलियर
- किडनी डैमेज
- किडनी तक रक्त प्रवाह कम होना
- गंभीर रूप से पानी की कमी (शरीर के द्रवों में कमी)
- मूत्राशय में किसी प्रकार की रुकावट
- कंजेस्टिव हार्ट फेलियर
- ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (संक्रमण या ऑटोइम्युन विकार के कारण)
- पाइलोनेफ्रिटिस (बैक्टीरिया के कारण किडनी में संक्रमण)
- शॉक
- डायबिटीज
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कुछ विशेष दवाएं जैसे अमिनोग्लीकोसाइड्स, सिस्प्लैटिन, सेफालोस्पोरिन और सिमेटिडाइन क्रिएटिनिन क्लीयरेंस का स्तर कम करने के लिए जानी जाती हैं। उम्र बढ़ने के साथ भी क्रिएटिनिन क्लीयरेंस के स्तर में कमी आती है क्योंकि उम्र के साथ जीएफआर भी घटता है।
क्रिएटिनिन क्लीयरेंस का स्तर गर्भावस्था में, व्यायाम के बाद और उच्च प्रोटीन युक्त आहार में बढ़ता हुआ देखा जाता है लेकिन ये स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या का संकेत नहीं देता और ना ही इस स्थिति का परीक्षण करवाने की जरूरत होती है।। इसके अलावा कुछ विशेष दवाएं जैसे डाईयूरेटिक्स क्रिएटिनिन क्लीयरेंस के बढ़े हुए स्तर का कारण मानी जाती हैं।
संदर्भ
- Richard J. Johnson, John Feehally, Jurgen Floege. Comprehensive Clinical Nephrology E-Book. Elsevier Health Sciences, 2014
- Penn State Health. Creatinine clearance test. Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania
- National Kidney foundation [Internet]. New York: National Kidney Foundation; Tests to Measure Kidney Function, Damage and Detect Abnormalities
- MedlinePlus Medical: US National Library of Medicine; Creatinine clearance test
- Euan A Sandilands et. al. Measurement of renal function in patients with chronic kidney disease. Br J Clin Pharmacol. 2013 Oct; 76(4): 504–515. PMID: 23802624
- American kidney fund. Kidney Failure (ESRD) Causes, Symptoms, & Treatments. Rockville, Maryland




