हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण नसों के माध्यम से होता है जो विषाक्त पदार्थों के कारण अशुद्ध भी हो जाता है। विषाक्त पदार्थों के अलावा भारी धातुओं (heavy metals), सूक्ष्म जीवों (microbes) और कई मुक्त कणों (free radicals) से शरीर के लिए खतरा पैदा हो सकता है। खराब जीवन शैली, ख़राब आहार, पर्यावरण में विषाक्त पदार्थ और प्रदूषण आपके खून में अशुद्धियाँ पैदा करते हैं। जब खून अशुद्ध होता है तो विभिन्न शरीर प्रणालियों (body systems) को वो पोषण नहीं दे पाता। जिस कारण कई बीमारियां शरीर पर हमला करती हैं और हमारा स्वास्थ्य ख़राब होता चला जाता है। (और पढ़ें - खून सॉफ करने के लिए क्या खाए)

रोगो से लड़ने के लिए आज हम आपको खून साफ़ रखने के कुछ घरेलु उपाय बताने वाले हैं जिनकी मदद से आपका खून हमेशा शुद्ध रहेगा और किसी प्रकार का रोग आपको नहीं छुएगा –

  1. ब्राह्मी ब्लड को रखे साफ - Brahmi works as blood purifier in Hindi
  2. खून को साफ़ रखने में चुकंदर है फायदेमंद - Beetroot purifies blood in Hindi
  3. खून साफ़ करने में तुलसी के पत्ते है लाभकारी - Basil leaves clean your blood naturally in Hindi
  4. ब्लड को साफ़ करने के लिए हल्दी का करें इस्तेमाल - Turmeric purifies blood in Hindi
  5. धनिया के पत्ते हैं रक्त शुद्धि का उपाय - Blood ko saaf karne ka tarika hai dhaniya ke patte in Hindi
  6. अजमोद रखता है खून को साफ़ - Parsley used as blood purifier in Hindi
  7. ब्लड को साफ़ करने में नीम का करें प्रयोग - Neem for blood purification in Hindi
  8. खून को साफ़ करने में नींबू का जूस है सहायक - Lemon juice for blood purification in Hindi
  9. सेब का सिरका खून को साफ़ करने में करता है मदद - Apple cider vinegar purifies blood In Hindi
  10. ब्लड साफ करने का उपाय है मेथी के पत्ते - Fenugreek leaves for blood purification in Hindi
  11. खून साफ़ करने का नुस्खा है चौलाई - Amaranth purifies blood in Hindi

ब्लड साफ़ करने के लिए एक बढ़िया नुस्खा है ब्राह्मी। इसके सेवन से आपका रक्त परिसंचरण अच्छे से होगा और रक्त भी आपका साफ़ रहेगा।

ब्राह्मी का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. ब्राह्मी की पत्तियों का एक गुच्छा लें।
  2. अब उन्हें धो लें और जूस बनाने के लिए एक मिक्सर में उन पत्तों को डाल लें।
  3. फिर जूस तैयार होने के बाद दो चम्मच शहद को उसमे मिलाएं। (और पढ़ें - शहद के फायदे)
  4. और उस मिश्रण को अब आप पी लें।
  5. इस मिश्रण को आप रोज़ एक महीने तक ज़रूर पियें।

ब्राह्मी को सेंटेला असियाटिका भी कहते हैं जो रक्त शुद्धि के अलावा दिमाग को भी तेज़ बनाता है। ब्राह्मी ट्रिटेरपेनोइड्स से समृद्ध होता है जो सैपोनिन्स का एक समूह है। इस जड़ी बूटी में फ्लवोनोइड्स, फ्लेवोन्स, स्टेरोल्स, एमिनो एसिड और लिपिड के गुण पाए जाते हैं। शहद में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसका मिश्रण ब्राह्मी के साथ आपके रक्त को शुद्ध बनाये रखने में मदद करेगा। (और पढ़ें - ब्राह्मी के फायदे और नुकसान)

ब्राह्मी से जुड़े किसी भी तरह के नुकसान नहीं हैं लेकिन गर्भवती महिलायें और स्तनपान कराने वाली महिलायें इसका सेवन न करें। साथ ही लीवर से पीड़ित लोग ब्राह्मी का सेवन न करें क्योंकि इसके सेवन से स्थति और भी खराब हो सकती है।

ब्लड साफ़ करने के लिए चुकंदर बहुत फायदेमंद है। चुकंदर रक्त शुद्धि ही नहीं खून की कमी को भी दूर करता है।

चुकंदर का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले 2 मध्यम आकार के चुकंदर लें।
  2. अब उन्हें धोएं और छीलकर उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें।
  3. अब एक बर्तन में दो गिलास पानी उबालें।
  4. फिर उसमे कटे हुए चुकंदर मिला लें।
  5. दस मिनट के लिए पानी को उबलते रहने दें।
  6. उबलते पानी में ही जीरा और काली मिर्च पाउडर बराबर मात्रा में एक एक चम्मच मिलाएं।
  7. दस मिनट के बाद उबलते पानी को छान लें और गरम गरम पानी को पी लें।
  8. इस मिश्रण को आप तीन हफ्ते तक ज़रूर दोहराएं।

चुकंदर में बीटासायनिन (betacyanin) होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जिसमे एंटी -कार्सिनोजेनिक के गुण भी शामिल होते हैं। यह रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। जीरा और काली मिर्च में औषधीय लाभ होते हैं जो रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। चुकंदर, जीरा और काली मिर्च रक्त शुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ घरेलू उपायों में से एक हैं। (और पढ़ें - चुकंदर के फायदे और नुकसान)

चुकंदर में किसी भी तरह के दुष्प्रभाव नहीं देखे जाते। हालाँकि विल्सन की बीमारी से पीड़ित लोग चुकंदर का सेवन न करें क्यूंकि इससे शरीर में तांबे और लोहे का संचय ज़्यादा हो सकता है। जीरा और काली मिर्च को बराबर मात्रा में न लेने से नुकसान हो सकता है। 

तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कई बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। खून को साफ़ करने के लिए तुलसी के पत्तों का प्रयोग बेहद गुणकारी है।

तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले एक बर्तन में एक ग्लास पानी उबालें।
  2. अब उसमे कुछ तुलसी के पत्तों को डालें।
  3. अब बर्तन को किसी प्लेट से कुछ देर के लिए ढक दें।
  4. जब पानी भूरे रंग का हो जाये तो उस पानी को छान लें।
  5. छानने के बाद पानी को पी लें।
  6. इस मिश्रण का प्रयगो तीन हफ़्तों तक ज़रूर करें।

तुलसी एक औषधीय जड़ी बूटी है जिसमें कई रोगाणु गुण मौजूद होते हैं। यह नाक की नालियों और फेफड़ों को साफ़ रखती है। यह खून में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और रक्त को साफ़ रखता है। (और पढ़ें - तुलसी के फायदे और नुकसान)

तुलसी के पत्तों का सेवन करने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा लेकिन फिर भी आप इसका इस्तेमाल अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही करें।

हल्दी त्वचा के साथ साथ खून को साफ़ करने में भी मदद करती है।

हल्दी का कैसे करें इस्तेमाल –

  1. गाय के दूध में दो बड़े चमच हल्दी को मिलाएं। 
  2. रात को सोने से पहले इस मिश्रण को ज़रूर पियें। 
  3. इस प्रक्रिया को एक महीने या उससे ज़्यादा तक प्रयोग कर सकते हैं। 

हल्दी एक जादुई मसाला है जिसमे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। करक्यूमिन पदार्थ की वजह से इसमें प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सिडेंट्स के गुण पाए जाते हैं। हल्दी पाचन संबंधी परेशानियों को रोकने में मदद करता है साथ ही लीवर से विषाक्त पदार्थों को भी निकालता है। हल्दी सर्वोत्तम घरेलू उपायों में से एक है। (और पढ़ें - हल्दी के फायदे और नुकसान

हल्दी से जुड़े किसी प्रकार के नुकसान नहीं है। (और पढ़ें - दादी माँ के घरेलू नुस्खे)

धनियों के पत्तों का इस्तेमाल खाने के अलावा ब्लड को साफ़ करने के लिए भी किया जाता है।

धनियों के पत्तों का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले एक बर्तन में दो गिलास पानी डालें।
  2. अब उसमे धनियां के पत्तों को मुट्ठीभर मिलाएं।
  3. दस मिनट के लिए पानी को उबलने दें और फिर पानी को छान लें।
  4. छानने के बाद पानी को पी लें।
  5. इस मिश्रण को एक महीने या उससे ज़्यादा पीने की कोशिश करें।

धनिया एक जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल खाने की सजावट के लिए किया जाता है। इसमें कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिसकी मदद से खून के विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद मिलती है। रक्त शुद्ध करने के लिए धनिया सर्वोत्तम घरेलू उपायों में से एक है। (और पढ़ें - धनिये के फायदे और नुकसान

धनिया से जुड़े किसी भी तरह के नुकसान नहीं हैं। आप रोज़ इसका इस्तेमाल खाने में कर सकते हैं जिससे आपकी स्वास्थ्य स्थिति अच्छी रहे।

अजमोद एक बेहतरीन घरेलु उपाय है जिसकी मदद से आप अपने खून को आसानी से शुद्ध कर सकते हैं।

अजमोद का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले मुट्ठीभर ताज़ा अजमोद के पत्ते लें।
  2. अब जूस बनाने के लिए पत्तों को मिक्सर में डाल दें।
  3. फिर इस जूस को पीलें।
  4. रोज़ाना इस जूस का इस्तेमाल हफ्ते भर या महीने भर तक करें।

अजमोद में बहुत फायदेमंद गुण पाए जाते हैं और ये दुनिया भर में एक लोकप्रिय जड़ी बूटी है। अजमोद विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ए, फोलेट, लोहा, तांबा, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम से समृद्ध है। अजमोद रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। रक्त शुद्ध करने के लिए अजमोद सबसे अच्छे घरेलू उपायों में से एक है। (और पढ़ें - अजमोद के फायदे और नुकसान

अजमोद को बहुत ही कम मात्रा में खाया जाता है। अगर आप इसे अधिक मात्रा में कहते हैं तो आपको एनीमिया, किडनी और लीवर से सम्बंधित परेशानी हो सकती है।

नीम को खून साफ़ करने के लिए ही जाना जाता है। नीम खून को साफ़ करने के लिए बेहद लाभकारी है।

नीम का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले नीम की टहनियों को मुट्ठीभर जमा कर लें।
  2. अब उन्हें धो लें और कच्चा उन टहनियों को चबाएं और निगल जाएँ।
  3. इस प्रक्रिया को आप रोज़ाना महीने भर तक करें।

नीम एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक पदार्थ है जो मुंह और पाचन प्रणाली में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। यह रक्त में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। रक्त शुद्ध करने के लिए नीम सबसे अच्छा प्राकृतिक घरेलू उपाय है। (और पढ़ें - नीम के फायदे और नुकसान

नीम एक बहुत अच्छी प्राकृतिक दवा है जिसके किसी भी तरह के नुकसान नहीं हैं। हालाँकि नीम की टहनियों को ज़रूरत के हिसाब से ही खाएं।

नींबू का जूस आपके खून और पाचन क्रिया को साफ़ रखता है साथ ही स्वास्थ्य को भी स्वस्थ रखता है।

नींबू का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. 1/2 नींबू को गर्म पानी में निचोड़ लें।
  2. और इस नींबू पानी को सुबह नाश्ते से पहले पिए।
  3. पानी को कभी माइक्रोवेव न करें हमेशा स्टोव पर ही गर्म करें।

नींबू के जूस में हल्का एसिड होता है जो आपके शरीर में एल्कलाइन का उत्पदान करता है। नींबू का जूस आपकी PH मात्रा को संतुलित रखता है। रोज़ इसका सेवन करने से आपके खून में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलते हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा मिलता है। (और पढ़ें - नींबू के फायदे और नुकसान)

 

इसके काम करने की प्रक्रिया बिल्कुल नींबू जूस की तरह होती है। सेब के सिरके को अगर आप बेकिंग सोडा के साथ पीते हैं तो शरीर का PH संतुलित रहता है और एसिडोसिस को कम करने में मदद मिलती है।

सेब का सिरका का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले 2 चम्मच के साथ एक लंबे गिलास में सेब के सिरके को 1/2 चम्मच बेकिंग सोडा के साथ मिलाएं।
  2. जब तक मिश्रण में बुलबुले न बन जाएँ तब तक उसे न पियें।
  3. दो मिनट के बाद इसमें 250 मिलीलीटर पानी मिलाएं और तभी इस मिश्रण को पी जाएँ।

सेब के सिरके की जगह पर अगर आप नींबू के जूस को पीते हैं तो आपको समान ही परिणाम देखने को मिलेगा। इन दोनों मिश्रण को पीने से शरीर की सभी अशुद्धियाँ खत्म हो जाती है। सेब का सिरका और बेकिंग सोडा शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकाल फेकता है। अगर आपको हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) है तो बेकिंग सोडा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें। (और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान)

 

मेथी के पत्तों को बालों और त्वचा के अलावा खून की अशुद्धियों को बाहर निकालने में भी इस्तेमाल किया जाता है। 

मेथी के पत्तों का कैसे करें इस्तेमाल –

  1. सबसे पहले ताज़े मेथी के पत्ते, केले के फूल के कुछ पत्ते और काली मिर्च पाउडर के 2 छोटे चम्मच लें।
  2. अब एक बर्तन में दो गिलास पानी डालकर उबालने के लिए रख दें। 
  3. अब उबलते हुए पानी में मेथी के पत्ते और केले के फूल के कुछ पत्ते को एक साथ मिलाएं। फिर उसमे काली मिर्च पाउडर के 2 छोटे चम्मच भी डाल दें।
  4. सब कुछ मिलाने के बाद दस मिनट के लिए उसे उबलते रहने दें।
  5. दस मिनट के बाद पानी को उबाल लें और उस मिश्रण को पी लें।
  6. इस प्रक्रिया को तीन हफ्ते या महीने तक दोहराते रहें।

मेथी के पत्ते कैल्शियम, लोहा और पोटेशियम जैसी खनिजों से समृद्ध होते हैं। इसमें विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर के भी गुण पाए जाते हैं। केले के फूल के पत्ते फ्लेवोनोइड, विटामिन और प्रोटीन से समृद्ध होते हैं। काली मिर्च में औषधीय गुण होते हैं साथ ही ये एंटीऑक्सिडेंट से समृद्ध होती है। मेथी के पत्ते, केले के फूल के पत्ते और काली मिर्च रक्त को शुद्ध करने में सबसे ज़्यादा फायदेमंद है। (और पढ़ें - मेथी के फायदे और नुकसान)

मेथी के पत्तों और केले के फूल के पत्तों से आपको किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। ये दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।

खून साफ़ करने के लिए दूसरा नुस्खा है चौलाई। इससे आपका खून साफ़ रहेगा और किसी भी तरह की बीमारी आपको हाथ नहीं लगाएगी।

चौलाई का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले चौलाई के पत्ते और एक ग्राम इलाइची पाउडर लें।
  2. जूस बनाने के लिए मिक्सर में चौलाई के पत्ते डालें।
  3. अब इलाइची के पाउडर को इस मिश्रण में मिला दें।
  4. अब इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर पी लें।
  5. हफ्ते में इस मिश्रण का इस्तेमाल एक या दो बार ज़रूर करें।

चौलाई को चीनी पालक भी कहा जाता है। जिसका इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है। चौलाई विटामिन ए, विटामिन बी 1, बी 2 और विटामिन सी से समृद्ध होती है। इसके साथ ही इसमें कैल्शियम, पोटेशियम और लोहे जैसे कई खनिज पाए जाते हैं। चौलाई में रक्त शुद्ध करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के गुण पाए जाते हैं। चौलाई रक्त शुद्ध करने के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपायों में से एक है। (और पढ़ें - चौलाई के फायदे और नुकसान)

वैसे चौलाई से जुड़े किसी भी प्रकार के नुकसान नहीं हैं लेकिन अगर आप इसे ज़्यादा खाते हैं तो आपको पेट की समस्या या डायरिया हो सकता है। (और पढ़ें –  डायरिया का घरेलू इलाज)


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