मनुका शहद आपके लिए बिल्कुल नई चीज हो सकती है. यूं तो शहद को अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से पहचाना जाता है, लेकिन मनुका शहद इंफेक्शन से ज्यादा तेजी से लड़ते हुए चोट, जलन और बेड सोर्स को ठीक करता है. स्किन और डायबिटीज की समस्याओं को कम करने में भी यह कारगर है. वहीं, इसका ज्यादा सेवन ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा भी सकता है. इसलिए, डायबिटीक लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लेनी चाहिए.
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आज इस लेख में हम जानेंगे कि मनुका शहद क्या है, साथ ही इसके फायदे और नुकसान के बारे में भी जानेंगे-
क्या है मनुका शहद?
मनुका शहद का उत्पादन मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होता है. यहां मधुमक्खियां लेप्टोस्पर्मम स्कोपेरियम झाड़ी यानी टी ट्री से पॉलिनेशन करके इस शहद का निर्माण करती हैं. ऐसा माना जाता है कि यहां कि मधुमक्खियों ने 19वीं शताब्दी की शुरुआत में इस शहद को बनाना शुरू किया था. जब ये मधुमक्खियां टी ट्री से परागण करती हैं, तो उनका शहद अन्य मधुमक्खियों के शहद की तुलना में सबसे ज्यादा गुणकारी होता है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि इसमें मिथाइलग्लॉक्सल (MGO) की मात्रा सबसे ज्यादा होती है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि घरेलू उपचार के रूप में मनुका शहद का उपयोग कुछ पहले से ही शुरू किया गया है. ये पारंपरिक एंटीबयोटिक की तरह काम करता है, जिस कारण इसका इस्तेमाल घावों को ठीक करने के लिए किया जाता है. इसके अलावा, मनुका शहद को मुंहासे से लेकर साइनस के इलाज में भी उपयोग किया जा सकता है.
मनुका शहद के फायदे
मनुका शहद में इतने ज्यादा एंटीबैक्टीरियल गुण हैं कि यह चोट और जलन को ठीक करने के साथ ही पेट से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में सहायक है. यहां हम विस्तार से मनुका शहद के फायदे जानेंगे.
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चोट और जलन को करता है ठीक
विशेषज्ञ मानते हैं कि मनुका शहद में अतिरिक्त एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण है, जो चोट को जल्दी से ठीक करने में सहायक हो सकते हैं. एक अध्ययन के मुताबिक, जलन की स्थिति में पारंपरिक ड्रेसिंग की तुलना में मनुका शहद चार से पांच दिन जल्दी काम करके इसे ठीक करता है. इंफेक्शन वाले सर्जिकल चोट को ठीक करने में भी या एंटीसेप्टिक और गैस से ज्यादा लाभदायक है, इस बारे में भी कुछ प्रमाण मिले हैं.
एंटीबैक्टीरियल गुण
एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बैक्टीरियल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है. हालांकि इन ड्रग्स के सेवन से बैक्टीरिया रेसिस्टेंट हो जाते हैं. एक अध्ययन में पाया गया है कि मनुका शहद करीब 60 तरह के बैक्टीरिया को रोकने में सक्षम है. इसमें ई. कोली और साल्मोनेला बैक्टीरिया शामिल हैं. कुछ अध्ययन यह भी कहते हैं कि मनुका शहद सुपरबग से भी लड़ने में कारगर है, जो एंटीबायोटिक्स को लेकर प्रतिरोधी हो चुके हैं.
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बेहतर ओरल हेल्थ
अगर आप अपने दांतों को बचाना चाहते हैं और अपने मसूड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो खराब बैक्टीरिया को दूर करते हुए गुड बैक्टीरिया को बरकरार रखना जरूरी है, जो आपके मुंह को हेल्दी रखते हैं. अध्ययन बताते हैं कि मनुका खतरनाक बैक्टीरिया पर अटैक करता है, जो प्लाक के निर्माण, मसूड़ों में सूजन और दांतों में सड़न से संबंधित हैं.
गले की खराश में राहत
अगर आप गले की खराश से परेशान हैं, तो मनुका शहद आपको राहत दिला सकता है. इसके एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण सूजन को कम करके दर्द पैदा करने वाले बैक्टीरिया पर अटैक करते हैं. यह गले की अंदरूनी लाइनिंग पर कोटिंग करके आपको सूदिंग इफेक्ट भी देता है.
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पेट में अल्सर को ठीक करने में सहायक
पेट में अल्सर लोगों को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है. इसकी वजह से पेट में दर्द, नोजिया और ब्लॉटिंग की समस्या भी हो जाती है. एक अध्ययन से यह बात साफ हो गई है कि मनुका शहद के एंटीबैक्टीरियल एजेंट गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने में सहायक हैं.
हाजमा करता है दुरुस्त
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम एक आम डाइजेस्टिव बीमारी है. इसकी वजह से कब्ज, डायरिया, पेट में दर्द और अनियमित बॉवेल मूवमेंट होते हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि नियमित तौर पर मनुका शहद के सेवन से इन लक्षणों में कमी आ सकती है.
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सिस्टिक फाइब्रोसिस के लक्षण करे कम
सिस्टिक फाइब्रोसिस ऐसा डिसऑर्डर है, जो फेफड़ों को डैमेज करके डाइजेस्टिव सिस्टम और अन्य अंगों पर भी प्रभाव डाल सकता है. जिन लोगों को सिस्टिक फाइब्रोसिस होता है, उन्हें अपर रेसपिरेटरी इंफेक्शन होना आम है. शोध और अध्ययन बताते हैं कि मनुका शहद अपर रेसपिरेटरी इंफेक्शन का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है.
एक्ने को करता है ठीक
एक्ने की वजह से चेहरे पर होने वाले इन्फ्लेशन और इरिटेशन को कम करने में मनुका शहद अहम भूमिका निभाता है. इसके लिए आपको अपने स्किन पर मनुका शहद को लगाने की जरूरत पड़ती है.
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मनुका शहद के नुकसान
अधिकतर लोगों के लिए मनुका शहद का सेवन करना सुरक्षित है, लेकिन कुछ मामलों में इसके नुकसान भी देखे गए हैं. आइए जानें, मनुका शहद के नुकसान के बारे में-
- यदि आप को डायबिटीज है, तो मनुका शहद को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए. मनुका शहद में भी बहुत ज्यादा चीनी की मात्रा होती है. इससे आपके ब्लड शुगर लेवल में बढ़ोतरी हो सकती है.
- यदि आपको किसी भी तरह के शहद से एलर्जी है, तो इसका इस्तेमाल करने से बचें. बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें.
- अमेरिकन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद देने को माना करती है. इससे इन्फेंट बॉटुलिज्म होने का खतरा रहता है. यह एक फूडबॉर्न बीमारी है.
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सारांश
मनुका शहद में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. यह चोट और जलन को ठीक करने के साथ ही कब्ज, डायरिया और पेट दर्द में भी लाभकारी है. यदि आपको डायबिटीज है, तो अपने डॉक्टर से बात करने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए.
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