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टाइफाइड क्या है?

टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi) बैक्टीरिया से संक्रमित भोजन या पानी के सेवन से होता है, या इस बैक्‍टीरिया से ग्रस्‍त व्‍यक्ति के निकटतम संपर्क से। 

औद्योगिक देशों में टाइफाइड ज्वर बहुत कम होता है लेकिन यह विकासशील देशों में, विशेष रूप से बच्चों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा बना हुआ है। भारत में यह काफी आम होता है, जहां इसे मोतीझरा और मियादी बुखार (आंत्र ज्वर) के नाम से भी जाना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 2.1 करोड़ टाइफाइड के मामले होते हैं और 2.22 लाख टाइफाइड से ग्रसित लोगों की मौत होती है।

टाइफाइड कैसे फैलता है?

टाइफाइड का जीवाणु मनुष्यों के आंतों और रक्तप्रवाह में रहता है। यह एक संक्रमित व्यक्ति के मल के सीधे संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है। यह संक्रमण हमेशा एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य को ही होता है, और मनुष्यों तक किसी भी जानवर से नहीं पहुँचता है।

यदि उपचार नहीं किया जाए तो 4 में से 1 इंसान की टाइफाइड के कारण मौत हो जाती है और अगर उपचार किया जाए तो 100 मामलों में 4 से भी कम के लिए टाइफाइड घातक सिद्ध होगा।

साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया मुंह में प्रवेश करता है और 1-3 सप्ताह तक आंत में रहता है। उसके बाद यह आंतों की दीवार से होते हुए खून में चला जाता है। खून के माध्यम से यह अन्य ऊतकों और अंगों में फैल जाता है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली साल्मोनेला टाइफी से नहीं लड़ सकती क्योंकि यह बैक्टीरिया आपकी कोशिकाओं में बिना आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली से प्रभावित हुए सुरक्षित रह सकता है।

टाइफाइड का उपचार

आमतौर पर टाइफाइड का इलाज हो जाता है। लेकिन कुछ बैक्टीरिया की नस्लों पर आज कल एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हो रहा है।

(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण)

  1. टाइफाइड बुखार के लक्षण - Typhoid Fever Symptoms in Hindi
  2. टाइफाइड बुखार के कारण - Causes of Typhoid Fever in Hindi
  3. टाइफाइड बुखार से बचाव - Prevention of Typhoid Fever in Hindi
  4. टाइफाइड बुखार का परीक्षण - Diagnosis of Typhoid Fever in Hindi
  5. टाइफाइड बुखार का इलाज - Typhoid Fever Treatment in Hindi
  6. टाइफाइड बुखार से होने वाली जटिलताएं - Typhoid Fever Complications in Hindi
  7. टाइफाइड बुखार पर वीडियो - Tyhpoid bukhar par video hindi mein
  8. टाइफाइड की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  9. टाइफाइड बुखार के लिए क्या करना चाहिए
  10. टाइफाइड के घरेलू उपाय
  11. टाइफाइड बुखार की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  12. टाइफाइड डाइट प्लान
  13. टाइफाइड वैक्सीन
  14. टायफाइड में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं
  15. टाइफाइड बुखार की दवा - Medicines for Typhoid Fever in Hindi
  16. टाइफाइड बुखार के डॉक्टर

टाइफाइड बुखार के लक्षण - Typhoid Fever Symptoms in Hindi

टाइफाइड के लक्षण क्या हैं?

आमतौर पर टाइफाइड रोग के विकास की अवधि 1-2 सप्ताह है और बीमारी की अवधि लगभग 3-4 सप्ताह होती है। टाइफाइड के लक्षण हैं -

कई लोगों की छाती में कफ जम जाता है। पेट में दर्द और और पीड़ा भी होती है। बुखार तो रहता ही है पर अगर कोई दिक्कत ना आए, तो यह बीमारी तीन से चार सप्ताह में ठीक होने लगती है।

जो लोग एंटीबायोटिक्स से ठीक होते हैं, उनमें इस बीमारी के दोबारा होने की संभावना ज़्यादा होती है।

एक से दो सप्ताह बेहतर महसूस करने के बाद लगभग 10% लोगों में इस बीमारी के लक्षण फिर से दिखने लगते हैं।

(और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)

टाइफाइड बुखार के कारण - Causes of Typhoid Fever in Hindi

टाइफाइड कैसे होता है?

साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित व्यक्ति मल त्यागने या पेशाब करने के बाद यदि अपने हाथों को नहीं धोता है और भोजन को उसी हाथ से छूता है तो बैक्टीरिया भोजन में आ जाता है और अगर वो भोजन कोई दूसरा व्यक्ति खाता है तो वो व्यक्ति भी इसके बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाता है। बैक्टीरिया से दूषित शौचालय का प्रयोग करने के बाद अपने हाथों को बिना धोए मुँह को छूने से भी टायफाइड फैलता है।

यदि संक्रमित व्यक्ति नदी, नाले या पानी आपूर्ति के स्रोत के आसपास मल या मूत्र त्यागते हैं तो वो पानी दूषित हो जाता है और उस पानी में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया फैल जाती है। उसी दूषित पानी को पीना या भोजन को बनाने से पहले उस पानी में धोने से हमारे शरीर में टायफाइड का संक्रमण हो जाता है। संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र द्वारा दूषित जल के स्रोत से समुद्री भोजन यानि मछली या अन्य चीजों को खाने से भी टाइफाइड फैलता है।

संक्रमित मानव मल के खाद से उगाई गई सब्जी को कच्चा खाने से या फिर दूषित दूध उत्पादों के सेवन से भी टाइफाइड फैलता है।

साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित व्यक्ति के साथ ओरल सेक्स या एनल सेक्स करने से भी टाइफाइड फैलता है।

इलाज किए बिना टाइफाइड बुखार से बचने वाले 20 व्यक्तियों में से 1 व्यक्ति संक्रमण फ़ैलने का कारण बन सकता है क्योंकि बिना टाइफाइड के लक्षण के उस व्यक्ति के शरीर में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया रहता है, और वह अपने मल या मूत्र के माध्यम से इसके संक्रमण को फैला सकता है।

टाइफाइड होने का जोखिम किन्हे अधिक होता है?

यदि आप निम्लिखित श्रेणी में आते है, तो आपको टाइफाइड होने का खतरा हो सकता है -

  • यदि आप उन क्षेत्रों में काम करते हैं या यात्रा करते हैं जहां टाइफाइड बुखार स्थानिक होता है।
  • यदि आप साल्मोनेला टायफी बैक्टीरिया से निपटने वाले ​​सूक्ष्मजीवविज्ञानी के रूप में कार्य कर रहे है।
  • यदि आप किसी व्यक्ति से संपर्क में आ रहे है, जो संक्रमित है या हाल ही में टाइफाइड बुखार से संक्रमित हुआ है।
  • यदि आप सीवेज द्वारा दूषित पानी पी रहे है, जिसमें साल्मोनेला टायफी हो।

(और पढ़ें - टाइफाइड होने पर क्या करे)

टाइफाइड बुखार से बचाव - Prevention of Typhoid Fever in Hindi

टाइफाइड होने से कैसे रोका जा सकता है?

कई विकासशील देशों में टाइफाइड से बचाव करने वाले उपायों की उपलब्धि थोड़ी मुश्किल हो सकती है, जैसे सुरक्षित पानी उपलब्ध करवाना, स्वच्छता बनाए रखना और उपयुक्त मेडिकल व्यवस्था करना आदि। इसी वजह से कुछ विशेषज्ञ अधिक मात्रा में टाइफाइड लोगों से बचाव करने के लिए टीकाकरण को ही सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं। 

यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में यात्रा करने जा रहें हैं जहां पर टाइफाइड के जोखिम अधिक हैं, तो आपको टाइफाइड का टीका लगवाने का सुझाव दिया जा सकता है।

वैक्सीन: 

टाइफाइड के लिए दो वैक्सीन उपलब्ध हैं:

  • यात्रा करने से कम से कम 1 हफ्ता पहले एक इंजेक्शन (टीकाकरण) लगवाना
  • यात्रा के दौरान 4 कैप्सूल खाना, जो हर दूसरे दिन में एक खाया जाता है।

टीकाकरण भी 100 प्रतिशत काम नहीं कर पाता है। दोनों प्रकार का टीकाकरण बार-बार करवाने की जरूरत पड़ती है क्योंकि समय के साथ-साथ इनका असर खत्म हो जाता है। 

अन्य जरूरी सावधानियां

जैसा कि टीकाकरण से पूरी तरह से सुरक्षा नहीं मिल पाती, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करने के दौरान जहां खतरा अधिक होता है, निम्न उपाय करने चाहिए:

  • हाथ धोना:
    गर्म पानी व साबुन के साथ बार-बार हाथ धोना संक्रमण से बचाव करने के सबसे बेहतर तरीकों में से एक है। खाना बनाने व खाने से पहले और टॉयलेट के बाद अपने हाथों को अच्छे से धोएं। अपने साथ अल्कोहल वाले सेनिटाइजर्स रखें और जहां पर पानी उपलब्ध ना हों इनका उपयोग करें। (और पढ़ें - हाथ धोने का सही तरीका)
     
  • बिना साफ किया पानी ना पिएं:
    जिन क्षेत्रों में टाइफाइड का खतरा अधिक होता है, वहां पर खासतौर पर दूषित पानी की समस्या मिल जाती है। इस वजह से हमेशा बोतल या कैन आदि में बंद पानी या अन्य पेय पदार्थ ही पीने चाहिए। कार्बोनेटेड पानी बिना कार्बोनेट किए गए पानी के मुकाबले सुरक्षित होता है। 
    पीने वाले पानी में बर्फ ना मिलाएं। दांतों को ब्रश करने के लिए भी बोतल वाले पानी का इस्तेमाल करें और नहाते समय पानी मुंह के अंदर ना जाने दें। (और पढ़ें - पानी साफ करने के उपाय)
     
  • कच्चे फलों व सब्जियों को ना खाएं:
    क्योंकि कच्ची खाई जाने वाली सब्जियों व फलों को असुरक्षित पानी में धोया जा सकता है। खासकर ऐसी सब्जियों को ना खाए जिनका छिलका ना उतार पाएं, जैसे सलाद आदि। पूरी तरह से सुरक्षित रहने के लिए आपको कच्ची सब्जियों, फलों व बिना पके खाद्य पदार्थ खाना पूरी तरह से बंद कर ना पड़ सकता है।
     
  • गर्म आहार खाएं:
    ऐसे खाद्य पदार्थों को ना खाएं जिनको सामान्य तापमान में रखा गया हो या बनाया गया हो। गर्म-गर्म ताजा पका भोजन ज्यादा सुरक्षित होता है। वैसे तो किसी भी बड़े से बड़े होटल में भी अच्छा व शुद्ध खाना मिलने की गारंटी नहीं होती, लेकिन फिर भी सड़क किनारे मिलने वाले वाले भोजन से बचना चाहिए क्योंकि इनका खाना दूषित होने की संभावना अधिक होती है। 

अन्य लोगों को संक्रमित करने से बचें - 

यदि आप टाइफाइड बुखार से ठीक हो रहे हैं, तो कुछ उपाय की मदद से अन्य लोगों को भी आप से संक्रमित होने से बचाया जा सकता है:

  • एंटीबायोटिक दवाएं लें:
    डॉक्टर के बताए जाने के अनुसार अपनी एंटीबायोटिक दवाओं को समय पर लेते रहें। यदि आप इलाज पूरा होने से पहले ही स्वस्थ महसूस कर रहे हैं, फिर भी दवाओं को बीच में ना छोड़ें।
     
  • अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहें:
    अन्य लोगों में टाइफाइड का संक्रमण फैलने से बचाने के लिए नियमित रूप से हाथ धोते रहना एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपाय है। हाथ धोने के लिए साबुन और गर्म पानी का इस्तेमाल करें और हाथों को कम से कम 30 सेकेंड तक रगड़ कर धोएं। खासतौर पर खाना खाने से पहले और टॉयलेट जाने के बाद अपने हाथों को जरूर धोएं।
     
  • खुद से खाना ना बनाएं:
    जब तक आप टाइफाइड से संक्रमित हैं, तब तक आप किसी अन्य व्यक्ति के लिए खाना ना बनाएं। यदि आप किसी फूड इंडस्ट्री या स्वास्थ्य देखभाल सेवा में काम कर रहें हैं, तो आपको तब तक काम पर नहीं जाना चाहिए जब तक टेस्ट के रिजल्ट में आप पूरी तरह से संक्रमण रहित ना हो पाएं।

(और पढ़ें - त्वचा संक्रमण के प्रकार)

टाइफाइड बुखार का परीक्षण - Diagnosis of Typhoid Fever in Hindi

टाइफाइड का परीक्षण कैसे किया जाता है?

दूषित खान-पान के बाद, उनमें मौजूद साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया आंत्र तक पहुंच जाता है। खून में मौजूद सफ़ेद रक्त कोशिकाएं बैक्टीरिया को खून में ले जाती हैं, जहाँ वह गुणा करते हैं। इस समय के दौरान, बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है। बैक्टीरिया अब पित्त प्रणाली में आ जाता है। और यहाँ आकर बहुत अत्याधिक मात्रा में गुणा करते हैं। इसके बाद बैक्टीरिया आंत्र मार्ग से होते हुए स्टूल में चलें जातें हैं। इसका निदान स्टूल सैंपल द्वारा किया जाता है। अगर परिक्षण ठीक नहीं आते तो, खून के या यूरिन के सेंपल से इसका परीक्षण किया जाता है।

(और पढ़ें - टाइफाइड टेस्ट क्या है)

टाइफाइड बुखार का इलाज - Typhoid Fever Treatment in Hindi

1. एंटीबायोटिक दवाएं

टाइफाइड बुखार के इलाज में एंटीबायोटिक दवाएं का सेवन ही एकमात्र प्रभावशाली तरीका है।

ज़्यादातर इस्तेमाल होने वाली दवाइयां -

  • सिप्रोफ्लोक्ससिन (Ciprofloxacin) - डॉक्टर अक्सर यह दवा लेने का सुझाव देते है। यह दवा गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जाती है।
  • सेफ्ट्रीएक्ज़ोन (Ceftriaxone) - यह एंटीबायोटिक दवा इंजेक्शन द्वारा उन लोगों को दी जाती है, जिन्हे सिप्रोफ्लोक्ससिन नहीं दिया जा सकता। जैसे कि - छोटे बच्चे।

इन दवाओं के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, और लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से इनका प्रभाव ख़त्म हो जाता है।

2. अन्य इलाजों में शामिल हैं:

  • तरल पदार्थों का सेवन करना:
    यह लम्बे समय से रहने वाले बुखार और दस्त के कारण होने वाले निर्जलीकरण से बचाता है। अगर आप गंभीर रूप से निर्जलित है, तो आपको नसों द्वारा तरल पदार्थ दिया जा सकता है।
     
  • सर्जरी:
    अगर आपकी आंत्र में छेद हो गए हैं, तो उन्हें ऑपरेशन से ठीक किया जाएगा।

टाइफाइड बुखार के अधिकांश मामलों का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए किया जा सकता है। लेकिन अस्पताल में भरती होने की आवश्यकता पड़ सकती है यदि हालत गंभीर हो। निम्नलिखित कुछ आवश्यक उपाय हैं जिन्हें टाइफाइड बुखार से पीड़ित होने पर अगर आप अपनाएँगे तो ज़्यादा जल्दी ठीक हो जाएँगे।

3. टाइफाइड रोगियों के लिए भोजन सम्बन्धी कुछ टिप्स

  • क्या खाएं
    • जूस और सूप जैसे बहुत सारे तरल पदार्थ।
    • दूध और दूध आधारित पेय।
    • रिफाइंड अनाज (मैदा, सूजी, आदि) और उनके उत्पादों जैसे कम फाइबर वाले पदार्थ, धूलि हुई दाल, सॉफ्ट प्यूरी में अच्छी तरह से पकाई सब्जियां और उबला हुआ आलू
    • अंडेपनीरमछली और चिकन जैसे प्रोटीन प्रदान करने वाले पदार्थ।
       
  • क्या नहीं खाना चाहिए
  • टाइफाइड बुखार में एक बार में कम भोजन खाएं
    टाइफाइड बुखार में आप भरपूर आराम करें, बहुत सारे तरल पदार्थ लें और नियमित भोजन खाएं। आप रोजाना तीन बड़े भोजन के बजाय, दिन में अधिक बार थोड़ा-थोड़ा खायें। अगर आप ऐसा करेंगे तो आप हल्का महसूस करेंगे और आपका शरीर बेहतर महसूस करेगा।

टाइफाइड बुखार से होने वाली जटिलताएं - Typhoid Fever Complications in Hindi

अगर टाइफाइड का इलाज न किया जाये तो क्या परेशानियां पैदा हो जाती हैं?

टाइफाइड बुखार की सबसे गंभीर जटिलताएं - आंतों में खून बहना या आंतों में छेद - बीमारी के तीसरे हफ्ते में विकसित हो सकता है। छेद छोटी या बड़ी आंत्र में हो सकते हैं, जिनसे आंतों में मौजूद सामग्री पेट की अंदरूनी खोल में चली जाती है। इसकी वजह से गंभीर पेट दर्द, मतली, उल्टी और खून में संक्रमण (सेप्सिस) जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। इस जानलेवा स्थिति के लिए तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

अन्य संभावित जटिलताओं में शामिल हैं -

  • दिल की मांसपेशियों की सूजन
  • हृदय और वाल्वों की अंदरूनी परत में सूजन
  • निमोनिया
  • अग्न्याशय का सूजन
  • गुर्दा का संक्रमण या मूत्राशय का संक्रमण 
  • आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आस-पास मौजूद मेम्ब्रेन और तरल पदार्थ का संक्रमण और सूजन (मैनिंजाइटिस)
  • मानसिक समस्याएं, जैसे कि 

शीघ्र उपचार के साथ, औद्योगिक देशों में लगभग सभी लोग टाइफाइड बुखार से उभर सकते हैं। उपचार के बिना, कुछ लोग बीमारी की जटिलताओं से बच नहीं पाते हैं।

टाइफाइड बुखार पर वीडियो - Tyhpoid bukhar par video hindi mein

इस वीडियो में डॉ आयुष पांडे से जानें टाइफाइड के बारे में सभी जरूरी बातें:

Dr. Neha Gupta

Dr. Neha Gupta

संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

Dr. Lalit Shishara

संक्रामक रोग

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टाइफाइड बुखार की दवा - Medicines for Typhoid Fever in Hindi

टाइफाइड बुखार के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Rite O CefRite O Cef 100 Mg Tablet60
ExtacefExtacef 200 Mg Tablet Dt68
CiploxCIPLOX 03% EYE/EAR DROPS 5ML12
CeftasCeftas 100 Mg Suspension53
MiliximMilixim 100 Mg Tablet47
ZifiZIFI 400MG TABLET 5S0
Rite O Cef CvRite O Cef Cv 200 Mg/125 Mg Tablet216
CifranCIFRAN 750MG TABLET 10S44
Gramocef CvGramocef Cv 200 Mg/125 Mg Tablet236
Taxim OTaxim-O 200 Tablet84
Ritolide 250 Mg TabletRitolide 250 Mg Tablet168
RevobactoRevobacto 200 Mg/200 Mg Tablet156
PidPid 200 Mg Tablet72
ChlorocolCHLOROCOL 1% EYE OINTMENT 3GM11
TraxofTraxof 100 Mg/100 Mg Tablet Dt52
Qucef (Dr Cure)Qucef 200 Mg Tablet Dt93
Chloromycetin (Pfizer)Chloromycetin 125 Mg Suspension48
Vicocef OVicocef O Tablet159
QuixQuix 1000 Mg Injection51
ChlorophenicolChlorophenicol 250 Mg Capsule9
Vilcocef OVilcocef O Tablet79
Quix CdQuix Cd 100 Mg Tablet43
Chlor SuccChlor Succ 1 Gm Injection38
Zeefix OxZeefix Ox Tablet96

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

टाइफाइड बुखार से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 8 महीना पहले

मेरी उम्र 45 साल है। दो हफ्तों से मुूझे बुखार था और खासी भी बहुत हो रही थी। डाक्टर ने वायरल इंफेक्शन समझकर मेरा ट्रीटमेंट किया। जब 5 दिनों की दवा खाने के बावजूद मैं पूरी तरह ठीक नहीं हुआ तो मेरा ब्लड टेस्ट करवाया, जिसमें रिजल्ट S Typhi O 1:160 positive आया है। क्या मुझे टाइफाइड हुआ है?

Dr. Ayush Pandey MBBS, सामान्य चिकित्सा

जी, हां आपकी रिपोर्ट के अनुसार आपको टाइफाइड है। ट्रीटमेंट की वजह से आपका बुखार कुछ कम हुआ होगा। आप डॉक्टर से मिलें और उनकी दी गयी दवा खाएं।  इन दिनों आप अपनी डाइट का खूब ख्याल रखें। ऐसी कोई चीज न खाएं, जिसे पचाने में समस्या हो। शुरुआती पांच दिन सिर्फ लिक्विड डाइट ही लें जैसे दूध या चाय में बिस्किट घोलकर पिएं, रोटी दूध में मैश करके खाएं। इसके बाद खिचड़ी आदि खाएं।

सवाल 7 महीना पहले

क्या टाइफाइड से और कोई बीमारी हो सकती है?

Dr. BK Agrawal MBBS, MD, सामान्य चिकित्सा

टाइफाइड के साथ कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे जॉन्डिस, अल्सर आदि। असल में टाइफाइड इंटेस्टाइन की बीमारी है। कई बार यह संक्रमण फैलकर लिवर तक पहुंच जाता है, जिससे मरीज को टाइफाइड के साथ-साथ जॉन्डिस भी हो जाता है। इसे काला पीलिया भी कहा जाता है। इसी तरह टाइफाइड के साथ-साथ इंटेस्टाइन में अल्सर भी बन जाता है। कई बार यह स्थिति मेडिकल इमर्जेंसी में तब्दील हो जाती है और मरीज का आपरेशन तक करना पड़ता है। जब मरीज को टाइफाइड के साथ-साथ कोई दूसरी बीमारी होती है तो मरीजों को नियमित सही और उपयुक्त डाइट लेनी चाहिए, डाक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक लेनी चाहिए, पानी, ग्लूकोन-डी पीना चाहिए यानी जितना संभव हो तरल खाद्य पदार्थ का सेवन किया जाना चाहिए। हरी सब्जियां भी इसमें फायदेमंद हैं। लेकिन प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का इनटेक कम करना चाहिए। दरअसल टायफाइड होने पर मरीजों को अपने लिवर का ख्याल रखना चाहिए। ऐसी चीजें कम खानी चाहिए जो लिवर पर जोर देती हों। खिचड़ी, दलिया, गन्ने का जूस लाभकारी है।

सवाल 7 महीना पहले

मेरी उम्र 27 साल है। 10 दिनों पहले मुझे टाइफाइड बुखार था। अब टाइफाइड तो ठीक हो गया है, लेकिन मेरे हाथ और पैरों के ज्वाइंट्स में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। कृपया बताएं कि इससे रिकवर होने के लिए मैं क्या करूं?

Dr. Braj Bhushan Ojha BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेदा, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक

टाइफाइड के बाद इस तरह का दर्द होना सामान्य है। इन दिनों कोशिश करें कि अच्छी डाइट लें और हमेशा हाइड्रेट रहें। जहां तक आपके ज्वाइंट्स में दर्द की बात है, इसके लिए आपको आर्थोपेडिशियन के पास जाना होगा। वही आपको देखकर ज्वाइंट्स में हो रहे दर्द का इलाज कर पाएंगे।

सवाल 6 महीना पहले

टाइफाइड में कमजोरी क्यों होती है?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

टाइफाइड में बुखार, कमजोरी उसके लक्षण के तौर पर नजर आते हैं। यह समस्या आम है। हालांकि कई अन्य बीमारियों में भी मरीज को कमजोरी आदि महसूस हो सकती है। इसलिए कमजोरी होने पर उसे सीधे-सीधे टाइफाइड से जोड़ना सही नहीं है। लेकिन टाइफाइड के ठीक होने के बावजूद अक्सर लोगों को कमजोरी की शिकायत होती है। इससे रिकवर करना मुश्किल नहीं है। लेकिन यह पूरी तरह मरीज की उम्र, उसके खानपान और ली गई एंटीबायोटिक पर निर्भर करता है। इसके साथ ही मरीज की रिकवरी इस बात पर भी निर्भर होती है कि उसका ट्रीटमेंट कितना लंबा चला है? अगर ट्रीटमेंट लंबा चला होगा, तो मरीज को सामान्य होने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसी तरह बच्चों में वयस्कों के मुकाबले ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। इसके अलावा अगर मरीज एचआईवी संक्रमित है, डायबिटीज है, लंबे समय से कोई दवा ले रहा है या उसका प्रतिरक्षी तंत्र कमजोर है, तो ऐसे में उसे टाइफाइड से रिकवर के बाद सामान्य होने में समय लगता है। इसलिए वह कमजोर महसूस करता है।

References

  1. National Health Service [internet]. UK; Typhoid fever: Overview
  2. Iowa Department of Public Health [internet]. TYPHOID FEVER, CARRIER. Acute Communicable Disease Control Manual (B-73), REVISION—JUNE 2018
  3. National Health Service [internet]. UK; Typhoid fever: Vaccination
  4. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Typhoid & Paratyphoid Fever. Infectious Diseases Related to Travel.
  5. National Health Portal [Internet] India; Typhoid / Enteric Fever
  6. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Typhoid.
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