myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

अधिकांश महिलाएं अपनी जिंदगी में हो रहे बदलाव को लेकर हमेशा सजग रहती हैं। लेकिन क्या आपने अपने योनि स्राव (वैजाइनल डिस्चार्ज) के संबंध में कभी कुछ सोचा है? शायद नहीं। अमूमन महिलाएं इस संबंध में नहीं सोचतीं और इसे जरूरी भी नहीं समझतीं। जबकि योनि स्राव या वैजाइना से पानी निकलने के संबंध में जानकारी होना बहुत जरूरी है। तभी आप जान पाएंगी कि आपका स्वास्थ्य सही है या नहीं। सामान्यतः सफेद और हल्के चिपचिपे योनि डिस्चार्ज का मतलब है कि आप स्वस्थ हैं। हालांकि मासिक चक्र के किस स्तर से आप गुजर रही हैं, योनि से निकल रहा पानी इससे भी प्रभावित होता है।

यदि आपको अपने योनि डिस्चार्ज में जरा भी बदलाव नजर आते हैं तो इसे स्वास्थ्य से जुड़े संकेत के तौर पर लें। संभव है योनि स्राव में आए बदलाव, मसलन तेज गंध आना, रंग बदलना आपके बुरे स्वास्थ्य की ओर इशारा कर सकते है। लेकिन इससे तुरंत परेशान न हों। योनि स्राव में हुए परिवर्तन को समझें। यदि योनि स्राव में तेज गंध हो, रंग बदल जाए तो महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो जाना चाहिए, इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। योनि स्राव में परिवर्तन आपके बिगड़ते स्वास्थ्य का आईना है। आपमें किस तरह की समस्या हो रही है या क्या समस्या होने वाली है, इसका योनि स्राव से पता लगाया जा सकता है।

(और पढ़ें - योनि से रक्तस्राव के कारण)

योनि स्राव (Vaginal discharge) एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है। हालांकि, कुछ प्रकार के डिस्चार्ज ऐसे भी होते हैं जो संक्रमण का संकेत करते हैं। असामान्य योनि स्राव पीले या हरे, चिपचिपे और खराब गंध वाले होते हैं। असामान्य स्राव आमतौर पर यीस्ट या बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है। यदि आपको असामान्य और गंदी महक वाला डिस्चार्ज हो तो आपको निदान और उपचार के सिलसिले में डॉक्टर से बात करनी चाहिए।  इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किस-किस तरह के बदलाव किस शारीरिक समस्या का संकेत देते हैं।

(और पढ़ें - योनि के बारे में जानकारी)

  1. वैजिनल डिस्चार्ज के प्रकार - Types of vaginal discharge in Hindi
  2. असामान्य योनि स्राव के कारण - Causes of abnormal vaginal discharge in Hindi
  3. असामान्य योनि स्राव का इलाज - Abnormal vaginal discharge treatment in Hindi
  4. योनि स्राव कम होना - Very less vaginal discharge
  5. योनि स्राव न होना - No vaginal discharge at all

वैजिनल डिस्चार्ज कई अलग-अलग प्रकार के होते हैं। कुछ प्रकार के डिस्चार्ज सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ गंभीर समस्या का संकेत होते हैं जिसके लिए उपचार की आवश्यकता होती है। इन प्रकारों को उनके रंग और गाढ़ेपन के आधार पर वर्गीकृत किया गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं:

सफेद डिस्चार्ज

विशेष रूप से पीरियड्स की शुरुआत या अंत में योनि से सफेद डिस्चार्ज होना सामान्य होता है। यह डिस्चार्ज सफेद, पानी की तरह पारदर्शी या दूध की तरह गाढ़ा होता है। इसमें हल्की सी गंध भी होती है। ओवुलेशन के दौरान आपने महसूस किया होगा कि आपका योनि स्राव अंडे के सफदे भाग जैसा नजर आ रहा है। यदि इसे आप ने अपनी उंगली से छुआ हो तो यह हल्का चिपचिपा महसूस होगा। आपको बता दें कि इस तरह का योनि स्राव आपके बेहतर स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है। यह योनि स्राव वीर्य के लिए उपयुक्त है यानी प्रजनन के लिए यह बेहतरीन समय है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ओवुलेशन के दौरान यदि योनि स्राव में लाल या भूरा रंग दिखे तो इससे गर्भवती होने का पता चलता है। कहने का मतलब यही है कि इसे लेकर परेशान होने की कतई जरूरत नहीं है। 

(और पढ़ें - योनि में यीस्ट संक्रमण)

साफ और पानी युक्त डिस्चार्ज

स्पष्ट और पानी युक्त डिस्चार्ज बिल्कुल सामान्य होता है और पूरे महीने में किसी भी समय हो सकता है। एक्सरसाइज के बाद यह विशेष रूप से अधिक मात्रा में हो सकता है।

(और पढ़ें - योनि से सफ़ेद पानी आना)

साफ और चिपचिपा डिस्चार्ज

जब डिस्चार्ज स्पष्ट लेकिन चिपचिपा और म्यूकस की तरह होता है तो इसका मतलब है की आप ओव्युलेट करने वाली हैं अर्थात आपकी फैलोपियन ट्यूब से अण्डों का उत्पादन होने वाला है। यह एक सामान्य प्रकार का योनि स्राव है।

ब्राउन या रक्त युक्त डिस्चार्ज

ब्राउन या खूनी डिस्चार्ज आम तौर पर सामान्य होता है, खासकर जब यह आपके मासिक धर्म के दौरान या उसके तुरंत बाद होता है। असल में पीरियड्स के अंत में जो डिस्चार्ज देर से होता है वो लाल रंग की बजाय भूरे रंग का हो सकता है। आप माहवारी के बीच में भी बहुत थोड़ा सा खूनी डिस्चार्ज अनुभव कर सकती हैं, जिसे स्पॉटिंग कहते हैं। यदि हाल ही में आपने असुरक्षित यौन संबंध बनाये हैं और पीरियड्स के दौरान आपको स्पॉटिंग हुयी है तो यह गर्भावस्था का संकेत भी हो सकता है। गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण के दौरान स्पॉटिंग होना मिसकैरेज (Miscarriage) का संकेत हो सकता है, इसलिए ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

(और पढ़ें - प्रेगनेंट करने का तरीका)

दुर्लभ मामलों में, भूरा या खूनी डिस्चार्ज सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer) का संकेत हो सकता है। यही कारण है कि आपको हर वर्ष पेल्विक जांच और पैप स्मीयर (Pap smear) कराना महत्वपूर्ण है, जिसके दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) संबंधी असामान्यताओं की जांच करते हैं।

यदि असामान्य वैजिनल डिस्चार्ज के साथ पैल्विक दर्द, पेशाब करने में पीड़ा या सेक्स के बाद और पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव हो तो आपको क्लैमाइडिया या गोनोरिया (Chlamydia or gonorrhoea) हो सकता है।

(और पढ़ें - sex kaise karte hain)

यदि इन समस्याओं का उपचार नहीं किया जाता है तो ये पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID- Pelvic inflammatory disease) जो गर्भ,फैलोपियन ट्यूब या अंडाशय का एक गंभीर संक्रमण होता है, का रूप ले सकती हैं।

(और पढ़ें - सेक्स के दौरान या बाद में ऐंठन)

पीला या हरा डिस्चार्ज

पीला या हरा डिस्चार्ज, खासकर जब यह मोटा, चिपचिपा या खराब गंध युक्त होता है, तो यह बिलकुल भी सामान्य नहीं होता। इस प्रकार का डिस्चार्ज संभवतः ट्राइकोमोनिएसिस संक्रमण का संकेत हो सकता है, जो आमतौर पर संभोग (Sex) के माध्यम से फैलता है। यह एककोशिकीय प्रोटोजोआ के कारण फैलता है। यह समस्या होने पर पेशाब के दौरान महिला को योनि में दर्द, योनि में खुजली हो सकती है। साथ ही योनि क्षेत्र में सूजन भी आ सकती है। इस तरह के योनि स्राव को हल्के में न लें। यह गंभीर समस्या जरूर है, लेकिन एंटीबायोटिक की मदद से इसका उपचार संभव है। यह समस्या होने पर सेक्सुअल हेल्थ स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। यदि समय रहते इस समस्या का इलाज न किया जाए तो महिला को एचआईवी हो सकता है। यदि महिला गर्भवती है तो उसकी संतान को भी यह बीमारी प्रभावित कर सकती है। इसकी अच्छी बात यही है कि तुरंत इलाज करवाने से इस समस्या से बचाव संभव है।

(और पढ़ें - योनि से सफेद पानी आने के घरेलू उपाय)

धुंधला या पीला योनि स्राव गोनोरिया का लक्षण हो सकता है। गोनोरिया यानी सूजाक सबसे आम रोगों में से एक है। यह यौन संचारित रोग है। गोनोरिया बैक्टीरिया गर्भाशय ग्रीवा को संक्रमित करता है, जिसमें फ्लूइड ग्लैंड मौजूद है जो कि योनि स्राव के लिए जिम्मेदार है। अतः गर्भाशय ग्रीवा के प्रभावित होने की वजह से योनि से पीला स्राव हो सकता है। यही नहीं पेशाब और माहवारी के दौरान पेट में दर्द होने की आशंका भी बढ़ जाती है। बहरहाल यदि आपको इस तरह का स्राव हो तो डाॅक्टर से संपर्क करें। साथ ही स्थानीय सेक्सुअल हेल्थ स्पेशलिस्ट से मिलकर जरूरी टेस्ट करवाएं। इस संबंध में डाॅक्टर आपको एंटीबायोटिक दे सकते हैं। कुछ मामलों में धुंधला या पीला योनि स्राव क्लैमाइडिया का संकेत भी हो सकता है। इसीलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं इस तरह का योनि स्राव होने पर टेस्ट करवाएं। इसके बाद विधिवत इलाज करवाएं।

(और पढ़ें - योनि की दुर्गन्ध)

चीज या पनीर जैसा योनि स्राव

ऐसा यीस्ट संक्रमण की वजह से होता है। यीस्ट योनि में बैक्टीरिया को संतुलित करने का काम करता है। यीस्ट की अधिकता की वजह से यीस्ट संक्रमण हो सकता है। ऐसे में योनि स्राव सफेद पनीर के रंग जैसा हो जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के योनि स्राव से कोई गंध नहीं आती। हालांकि वैजाइनल डिस्चार्ज का रंग बदल जाता है और बहुत तेज खुजली होने लगती है। खुजली होने की वजह से योनि में छाला हो जाता है। यूं तो यीस्ट संक्रमण महिलाओं में आम समस्या है। यह कई कारणों से हो सकता है जैसे एंटीबायोटिक लेने की वजह से, जिम में पसीने से हुए गीले कपड़े पहनने की वजह से। यीस्ट संक्रमण होने पर डाॅक्टर से संपर्क करें। वे आपको एंटीफंगल दवाई की सलाह देंगे। लेकिन यदि आप गर्भवती महिला हैं या स्तन पान कराती हैं तो योनि में हुए छाले को लेकर लापरवाही न बरतें। तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।  रजोनिवृत्ति में योनि में छाला होना सामान्य बात है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में योनि से सफेद पानी आना)

योनि स्राव, स्वस्थ शरीर का एक सामान्य कार्य और योनि की सफाई और सुरक्षा करने का तरीका है। व्यायाम, यौन उत्तेजना, ओव्यूलेशन (अण्डोत्सर्ग), गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग और तनाव की स्थिति में वैजिनल डिस्चार्ज होना सामान्य है। निम्नलिखित कुछ ऐसी चीजें हैं जो इस संतुलन को बिगाड़ सकती हैं जैसे:

(और पढ़ें - ओवुलेशन से जुड़े मिथक और तथ्य)

  1. एंटीबायोटिक दवाओं या स्टेरॉयड का इस्तेमाल।
  2. बैक्टीरियल वेजिनोसिस (Bacterial vaginosis), एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो गर्भवती महिलाओं या उन महिलाओं जिनके एक से अधिक लोगों के साथ यौन सम्बन्ध होते हैं, में अधिक प्रमुख है।
  3. गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग।
  4. सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर)
  5. क्लैमाइडिया या गोनोरिया (एसटीडी), यौन संचारित संक्रमण।
  6. डायबिटीज
  7. कंडोम से या टेम्पॉन के योनि में रह जाने के कारण या फिर योनि की अंदर तक सफाई करने से भी असामान्य योनि स्राव होता है।
  8. सर्जरी के बाद पैल्विक संक्रमण।
  9. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी)
  10. ट्राइकोमोनिएसिस, एक परजीवी संक्रमण है जो आम तौर पर असुरक्षित यौन संबंध के कारण होता है।
  11. वैजाइनल एट्रोफी (Vaginal atrophy), रजोनिवृत्ति के दौरान योनि की दीवारों का पतला होना और सूखना।
  12. वैजिनाइटिस, योनि में या योनि के आसपास जलन और असहजता होना।
  13. यीस्ट संक्रमण।

(और पढ़ें - योनि से रक्तस्राव के कारण)

असामान्य योनि स्राव का उपचार, समस्या के कारण पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यीस्ट संक्रमण का आमतौर पर एंटिफंगल दवाओं के साथ उपचार किया जाता है जो योनि में क्रीम या जेल के रूप में उपयोग किये जाते हैं। बैक्टीरियल वेजिनोसिस का उपचार, एंटीबायोटिक गोलियों या क्रीम से किया जाता है। ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज आमतौर पर दवा से किया जाता है।

(और पढ़ें - एंटीबायोटिक दवा लेने से पहले ज़रूर रखें इन बातों का ध्यान)

इस लेख में योनि संक्रमण को रोकने के लिए कुछ उपाय बताये गए हैं जिससे असामान्य डिस्चार्ज होने से रोका जा सकता है:

  1. कोमल, हल्के साबुन और गर्म पानी से नियमित रूप से योनि को साफ करें।
  2. कभी सुगंधित साबुन, परफ्यूम या डूश (Douche) का उपयोग न करें। इसके अलावा वहां पर डियो आदि का भी उपयोग न करें।
  3. बाथरूम जाने के बाद, बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण को योनि में आने से रोकने के लिए आगे और पीछे सही ढंग से सफाई करें।
  4. 100% कॉटन अंडरवियर पहनें और अत्यधिक टाइट कपड़े न पहनें।

(और पढ़ें - योनि को साफ और स्वस्थ कैसे रखें)

यदि योनि स्राव कम हो तो आपके लिए सजग होने का समय आ गया है। योनि स्राव कम होना थायराइड होने का लक्षण है। हालांकि विशेषज्ञ दावा करते हैं कि योनि स्राव का कम होना ही थायराइड का एकमात्र लक्षण नहीं है। हाइपोथायराइडिज्म होने पर योनि में लुब्रिकेंट की कमी हो जाती है और सेक्स के दौरान दिक्कतें आ सकती हें। यही नहीं सेक्स की चाह में भी कमी आती है। हाइपोथायराइडिज्म होने की स्थिति में आपको अन्य लक्षण भी दिखेंगे जैसे योनि में सूखापन, सामान्य से ज्यादा ठंड लगना, कब्जबाल झड़ना, मूड खराब रहना। योनि स्राव में कमी के साथ-साथ यहां बताए गए लक्षण भी दिखें तो डाॅक्टर को जरूर बताएं। डाॅक्टर थायराइड चेक करने के लिए कुछ सामान्य ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

योनि स्राव न होने की वजह से योनि में सूखापन हो जाता है। योनि में सूखेपन को रजोनिवृत्ति से जोड़ा जा सकता है। रजोनिवृत्ति होने पर योनि कमजोर हो जाती है, म्यूकस का बनना बंद हो जाता है। नतीजतन सेक्स करने में तकलीफ होने लगती है। हालांकि मेनोपाॅज की औसतन उम्र 51 है, लेकिन महिला को 40 साल की उम्र से लेकर 60 साल की उम्र के बीच कभी भी मेनोपाॅज हो सकता है। अगर आप इसी उम्र वर्ग के आसपास हैं तो मेनोपाॅज होने से पहले के लक्षणों पर अवश्य गौर करें। यदि आप 42 साल की है तो मेनोपाॅज को होने को लेकर परेशान न हों। यह सामान्य प्रक्रिया है। इस दौरान योनि स्राव में कमी आ सकती है या फिर खत्म हो सकते हैं। इसके अलावा रजोनिवृत्ति के शुरूआती लक्षण भी आपको नजर आ सकते हैं। यह सब असामान्य नहीं है। यदि ज्यादा तकलीफ हो तो गाएनेकोलाॅजिस्ट से संपर्क कर सकते हैं।

 

(और पढ़ें - योनि से बदबू आने से कैसे करें बचाव )

और पढ़ें ...