कहने को डैंड्रफ कोई बीमारी नहीं है, लेकिन सभी के सामने शर्मिंदगी का कारण जरूर बन सकता है. इतनी ही नहीं, डैंड्रफ के चलते सिर में तेज खुजली भी होती है, जो दिनभर परेशान कर सकती है. डैंड्रफ होने के पीछे मुख्य कारण ड्राई स्कैल्प, किसी तरह की एलर्जी, स्कैल्प पर जमा गंदगी, सेबोरिक डर्मेटाइटिस या किस प्रकार की स्किन डिजीज होती है. डैंड्रफ लंबे समय तक रहे, तो बालों के झड़ने का कारण बन सकता है और इलाज न करने पर व्यक्ति गंजेपन का शिकार हो सकता है. इसलिए, आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं, जिन्हें इस्तेमाल करने से डैंड्रफ को जड़ से खत्म किया जा सकता है, जैसे - नीम, आंवला व गुड़हल आदि.

आज इस लेख में आप उन सही जड़ी-बूटियों के बारे में जानेंगे, जो डैंड्रफ को ठीक कर सकती हैं -

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  1. डैंड्रफ में फायदेमंद जड़ी-बूटियां
  2. सारांश
डैंड्रफ की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां के डॉक्टर

डैंड्रफ होने पर केमिकल युक्त प्रोडक्ट की जगह आयुर्वेद पर विश्वास करना चाहिए. कई तरह की रिसर्च में भी साबित हो गया है कि डैंड्रफ का सबसे बेहतर इलाज आयुर्वेद है. आइए, उन जड़ी-बूटियों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जो डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने में मदद करती हैं -

आंवला

आंवले को विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है. यह बालाें के लिए टॉनिक के रूप में काम करता है. आंवले का इस्तेमाल करने से बालों को बढ़ाने में मदद मिलती है. साथ ही बालों का प्राकृतिक रंग भी बना रहता है. साथ ही उनमें चमक लेकर आता है. आंवले के तेल को बालों की जड़ों में लगाने से बालों की वृद्धि और रंग में सुधार होता है. यह डैंड्रफ को दूर कर बालों को जड़ों से मजबूत करता है और गंजेपन से बचाता है.

कैसे करें इस्तेमाल -

बालों की लंबाई के अनुसार आंवला पाउडर, तुलसी की पत्तियों और पानी को आपस में मिक्स कर पेस्ट बनाएं. अब इस पेस्ट को स्कैल्प पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालाें को शैंपू से साफ कर लें.

(और पढ़ें - डैंड्रफ के लिए 5 बेस्ट हेयर ऑयल)

भृंगराज

बालों के लिए भृंगराज को सबसे फायदेमंद माना गया है. यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर बालों के विकास में मदद करता है. साथ ही बालों के विकास में रुकावट बनने वाली रूसी को भी जड़ से खत्म करता है. इसे बालों से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी ठीक करने के लिए जाना जाता है. अधिकतर आयुर्वेदिक हेयर केयर प्रोडक्ट्स में भृंगराज का इस्तेमाल किया जाता है.

कैसे करें इस्तेमाल -

भृंगराज की पत्तियों को धोकर पानी के साथ बारीक पीसकर पेस्ट बना लें और फिर इसमें जरूर के अनुसार आंवला पाउडर व नारियल तेल की कुछ बूंदें मिक्स कर लें. अब इस हेयर मास्क को बालों में लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें.

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गुड़हल

गुड़हल बालों के लिए सबसे फायदेमंद औषधि है. इसका उपयोग बालों के विकास और हेयर फॉल जैसी समस्या में किया जाता है. गुड़हल में अमीनो एसिड, विटामिन ए, सी और अल्फा हाइड्रॉक्सिल एसिड होते है, जिसे बालों और स्कैल्प के लिए फायदेमंद मान जाता है. इससे स्कैल्प की सेहत अच्छी रहती है और डैंड्रफ होने की समस्या न के बराबर रह जाती है.

कैसे करें इस्तेमाल -

5-6 गुड़हल के फूलों को पानी में उबालें और बाद में उन्हें उनका गाढ़ा पेस्ट बना लें. पेस्ट में 3 बड़े चम्मच गर्म नारियल का तेल मिलाएं और फिर इसे स्कैल्प व बालों पर लगाएं. इसके करीब 1-2 घंटे बाद हल्के गुनगुने पानी से बाल धो लें.

यहां दिए लिंक पर क्लिक करें और ड्रैंडफ का आयुर्वेदिक इलाज विस्तार से जानें.

नीम

नीम स्कैल्प को साफ करने में मदद करता है. यह बंद रोमछिद्रों को साफ करता है और बालों के विकास में मदद करता है. इसमें एंटीसेप्टिक और हीलिंग गुण होता है, जिस कारण यह बालों की विभिन्न समस्याओं का इलाज कर सकता है. नीम की पत्तियों से बालों को साफ करने से डैंड्रफ को दूर किया जा सकता है.

कैसे करें इस्तेमाल -

रात को सोने से पहले नीम के तेल से बालों की मालिश करें और अगली सुबह बालों को शैंपू कर लें. इसके अलावा, नीम के पेस्ट को दही में मिक्स करके भी स्कैल्प पर लगाया जा सकता है. इसे लगाने के 15-20 मिनट बालों को धो लें.

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नींबू

नींबू में विटामिन सी, साइट्रिक एसिड, जिंक और फ्लेवोनॉयड्स होते हैं, जो इसे डैंड्रफ का उपचार करने के लिए सबसे बेहर बनाते हैं. इसमें एंटीडैंड्रफ, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव भी होता है.

कैसे करें इस्तेमाल -

जरूरत के अनुसार बराबर मात्रा में नींबू का रस, जैतून का तेल और अदरक का रस लें. इन सभी को मिक्स कर दें और बालों की जड़ों में लगाकर कुछ देर हल्के हाथों से मसाज करें. इसके करीब 1 घंटे बाद बालों को शैंपू कर लें.

(और पढ़ें - डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय)

आयुर्वेदक में हर समस्या जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जाता है और आयुर्वेद के ये मूल उद्देश्य भी है. इसलिए, डैंड्रफ जैसी समस्या के लिए भी आयुर्वेद का उपयोग करना बिल्कुल सही है. आयुर्वेद के अनुसार, आंवला, भृंगराज, नीम आदि के जरिए डैंड्रफ को जड़ से खत्म करना आसान है. इसलिए, अगर कोई डैंड्रफ की समस्या से परेशान है, तो उसे लेख में बताए तरीकों के अनुसार जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करना चाहिए.

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