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फेफड़ों से जब हवा अचानक से तेज आवाज के साथ निकलती है तो उसे खांसी कहते हैं। वायुमार्ग में जमा होने वाले किसी भी असुविधा जनक पदार्थ को निकालने के लिए यह शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। खांसी की परेशानी ज्यादातर सर्दी जुकाम या फ्लू से ग्रसित लोगों को होती है। खांसी सूखी व खुजली या कफ वाली भी हो सकती है। अगर आप सूखी खांसी का इलाज अच्छे से नहीं करवाते हैं तो कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती है, इसलिए सूखी खांसी का पूरी तरह से इलाज करवाना बेहद जरूरी है। कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी आप सूखी खांसी को रोक सकते हैं। इन घरेलू उपायों की मदद से आपको कुछ ही दिनों में सूखी खांसी से आराम मिल जाएगा।

(और पढ़ें - सूखी खांसी का इलाज)

तो चलिए आपको बताते हैं सूखी खांसी के घरेलू उपाय:

  1. सूखी खांसी के घरेलू उपाय - Sukhi khansi ke gharelu upay
  2. सूखी खांसी दूर करने का उपाय - Sukhi khansi dur karne ka upay
  3. सूखी खांसी को कैसे ठीक करे - Sukhi khansi ko kaise theek kare

सूखी खांसी का उपाय है शहद - Sukhi khansi ka upay hai shehad

शहद सूखी खांसी के लिए बेहद प्रभावी उपाय है। एक स्टडी के अनुसार, दवाइयों के मुकाबले शहद सूखी खांसी के लिए बहुत ही बेहतरीन होता है। शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो उन बैक्टीरिया को मारते हैं, जिनकी वजह से सूखी खांसी होती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट के भी गुण होते हैं जो सूजन से लड़ते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारते हैं। (और पढ़ें - सूजन कम करने के नुस्खे)

शहद का इस्तेमाल कैसे करें:

सामग्री:

  1. एक छोटा चम्मच शहद। (और पढ़ें - शहद के फायदे)
  2. एक छोटा चम्मच अदरक का जूस। (और पढ़ें - अदरक के फायदे)
  3. एक छोटा चम्मच अनार का जूस। (और पढ़ें - अनार के फायदे)

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. सबसे पहले सभी सामग्रियों को अच्छे से मिला लें।
  2. अब इस मिश्रण का एक चम्मच खा लें।
  3. पूरे दिन में दो से तीन बार इस मिश्रण को खाएं।
  4. इसके अलावा आप एक कप गर्म पानी या हर्बल चाय में भी एक बड़ा चम्मच शहद डालकर पूरे दिन में दो बार पी सकते हैं।

नोट: यह उपाय बच्चों और व्यस्क के लिए बेहद अच्छा है लेकिन दो साल से कम उम्र के बच्चों में बोटुलिज़्म का जोखिम न बढ़े, इसलिए उन्हें शहद न दें। 

(और पढ़ें - khansi ka ilaj)

सूखी खांसी के लिए घरेलू उपाय है तुलसी - Sukhi khansi ke liye gharelu hai tulsi

तुलसी में प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो सूखी खांसी का जल्द ही इलाज करने में मदद करते हैं। तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो बैक्टीरिया को मारते हैं, जिनकी वजह से सूखी खांसी होती है।

तुलसी का इस्तेमाल कैसे करें:

सामग्री:

  1. तुलसी की मुट्ठीभर पत्तियां। (और पढ़ें - तुलसी के फायदे)

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. तुलसी की पत्तियों को पानी से धोकर कच्चा  भी खा सकते हैं। (और पढ़ें - तुलसी के तेल के फायदे)
  2. इसके अलावा, तुलसी की पत्तियों को एक कप पानी में डालकर उबाल लें। पानी उबलने के बाद उसे छानकर पी जाएं।
  3. आप गर्म पानी में तुलसी के तेल की कुछ बूंदे डालकर भाप भी ले सकते हैं। इससे आपकी सूखी खांसी बहुत जल्द रुकेगी।

(और पढ़ें - खांसी के लिए घरेलू उपाय)

भाप की मदद से सूखी खांसी से छुटकारा पायें - Bhaap ki madad se sukhi khansi se chutkara paye

भाप लेने से श्वसन प्रणाली की सूजन को दूर करने में मदद मिलती है और इस तरह सूखी खांसी का भी इलाज होता है। भाप लेने से गले में जमा बलगम भी बाहर निकलता है। आप पानी में कुछ आवश्यक तेल (सगंध तेल, Essential oil) भी डाल सकते हैं, जिससे एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल व सूजनरोधी गुण बढ़ सकें। आवश्यक तेल जैसे टी ट्री ऑयल और नीलगिरी तेल को पानी में मिला सकते हैं। इससे आपकी श्वसन नलियां खुलती हैं, साथ ही बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - भाप लेने का तरीका)

भाप कैसे लें:

  1. सबसे पहले एक बड़े बर्तन में पानी भर लें।
  2. अब बर्तन को गैस पर रखें और पानी को गर्म करें।
  3. पानी में सात से दस बूंद कोई भी आवश्यक तेल डाल दें।
  4. अब पानी को अच्छे से चम्मच से चलाएं।
  5. फिर अपने सिर को तौलिए से ढक दें और अब सिर को बर्तन की तरफ लेकर जाएं। तौलिए से बर्तन और सिर को इस तरह ढकें जिससे भाप बाहर निकलने न पाए।
  6. कम से कम पांच से दस मिनट तक भाप जरूर लें।
  7. पूरे दिन में तीन से चार बार इस प्रक्रिया को इसी प्रकार दोहराएं।
  8. साथ ही, गर्म पानी से नहाने से भी नाक में जमा बलगम कम होता है।

(और पढ़ें - गर्म पानी से नहाने के फायदे

सूखी खांसी से बचने का उपाय है नमक पानी से गरारे - Sukhi khansi se bachne ke upay hai namak paani se grare

सूखी खांसी के लिए आप नमक के पानी से गरारे भी कर सकते हैं। नमक का पानी कफ से होने वाली असहजता को कम करता है और पानी में मौजूद ओसमोसिस गले में दर्द को ठीक करते हैं। गरारे करने से गले में जमा बलगम आसानी से बाहर निकलने लगता है। गुनगुना पानी पीने से भी गले को बहुत आराम मिलता है।

गरारे कैसे करें:

सामग्री:

  1. एक छोटा चम्मच नमक। (और पढ़ें - नमक के पानी के फायदे)
  2. एक कप गुनगुना पानी। (और पढ़ें - नमक के फायदे)

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. सबसे पहले नमक को पानी में मिला लें।
  2. अब पूरे मिश्रण को अच्छे से चला लें। तब तक जब तक नमक अच्छे से मिल न जाए।
  3. अब मिश्रण को मुंह में लें और फिर उससे दो मिनट तक गरारे करने के बाद थूक दें।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में तीन से चार बार दोहराएं।

(और पढ़ें - बच्चों की खांसी के लिए शहद के लाभ) 

सूखी खांसी से राहत दिलाये अदरक - Sukhi khansi se rahat dilaye adrak

सूखी खांसी के लिए अदरक बहुत ही प्रभावी उपाय है। इसमें एक्सपेक्टोरैंट (Expectorant) होते हैं, जो बलगम को निकालते है और बार-बार आने वाली खांसी को रोकते हैं। अदरक श्वसन नली की सूजन को दूर करने में मदद करता है और इससे श्वसन नली में होने वाली सिकुड़न भी कम होती है। इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, जिससे इलाज तेजी से होने लगता है।

(और पढ़ें - कफ निकालने के उपाय)

अदरक का इस्तेमाल कैसे करें:

सामग्री:

  1. एक बड़ी अदरक के टुकड़े। (और पढ़ें - अदरक की चाय के फायदे)
  2. एक बर्तन में पानी।

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. सबसे पहले अदरक को पीस लें।
  2. अब पानी में पिसे हुए अदरक को डालें और फिर बर्तन को गैस पर रख दें।
  3. मिश्रण को अच्छे से उबलने के बाद उसे छान लें।
  4. छानने के बाद मिश्रण को पी जाएं।
  5. पूरे दिन में तीन बार अदरक के मिश्रण को इसी तरह पिएं।
  6. पानी में अदरक डालने के बाद आप पुदीने की पत्तियां भी डाल सकते हैं। जब मिश्रण में उबाल आ जाए तो उसे छान लें और छानने के बाद इसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं।

(और पढ़ें - गले में खराश का इलाज

मुलेठी की चाय सूखी खांसी दूर करें - Mulethi ki chai sukhi khansi dur kare

मुलेठी एक्सपेक्टोरैंट और डिमलसेन्ट (Demulcent) की तरह कार्य करती है। इनकी मदद से बलगम निकलने के बाद आपकी श्वसन नली को बेहद आराम मिलता है और सूखी खांसी नहीं होती। इसके सूजनरोधी गुण गले में जलन, खुजली और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। (और पढ़ें - गले की सूजन का इलाज)

मुलेठी का इस्तेमाल कैसे करें:

सामग्री:

  1. एक बड़ा चम्मच मुलेठी की जड़। (और पढ़ें - मुलेठी के फायदे)
  2. एक कप गर्म पानी। (और पढ़ें - गर्म पानी पीने के फायदे)

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. सबसे पहले एक बड़ा चम्मच मुलेठी को एक कप गर्म पानी में डाल लें।
  2. अब बर्तन को ढक दें और दस मिनट तक उसे उबलने को छोड़ दें।
  3. उबलने के बाद मिश्रण को छान लें और फिर पी जाएं।
  4. इस चाय को रोजाना पूरे दिन में दो बार जरूर पिएं।
  5. इसके अलावा आप आधा छोटा चम्मच मुलेठी के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं। इसे कुछ दिनों तक पूरे दिन में दो बार लें।

(और पढ़ें - गले में दर्द के घरेलू उपाय

हल्दी का दूध करे सूखी खांसी को कम - Haldi ka doodh kare sukhi khansi ko kam

हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए किया जा रहा है। सूखी खांसी के लिए हल्दी दूध एक बहुत ही लोकप्रिय घरेलू उपाय है। एक ग्लास गुनगुने दूध में चुटकभर हल्दी डाल लें और फिर रात को सोने से ठीक पहले इस दूध को पी जाएं। इस उपाय से आपको सूखी खांसी से जल्द छुटकारा मिलेगा। इससे आपका गला ठीक होता है और नींद भी अच्छी आती है।

(और पढ़ें - गले की खराश दूर करने के उपाय)

सूखी खांसी रोकने के लिए पुदीने का इस्तेमाल करें - Sukhi khansi rokne ke liye pudine ka istemal kare

पुदीने में मेंथोल घटक होता है। इसका ठंडा प्रभाव गले में कफ के प्रभाव को कम कर देता है। पुदीना सुखी खांसी को दूर करता है और बार-बार होने वाली खांसी से भी बचाता है।

पुदीने का इस्तेमाल कैसे करें:

सामग्री:

  1. पुदीने की मुट्ठीभर पत्तियां। (और पढ़ें - पुदीने के फायदे)
  2. एक कप गर्म पानी।

बनाने व उपयोग करने का तरीका:

  1. सबसे पहले एक बड़ा बर्तन लें और फिर उसको पानी से भर लें। 
  2. अब पुदीने की पत्तियों को उस बर्तन में डाल दें।
  3. फिर मिश्रण को गर्म होने के लिए रख दें।
  4. गर्म होने के बाद बर्तन को किसी टेबल पर रखें।
  5. अब सिर को तौलिए से ढक लें और फिर इस मिश्रण से कुछ मिनट तक भाप लें।
  6. इसके अलावा आप तीन से चार बूंद पुदीने के तेल को पानी में मिला सकते हैं और फिर ऊपर बताई गयी समान प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।
  7. आप पुदीने की चाय भी पी सकते हैं। 

(और पढ़ें - गले के कैंसर का इलाज

सूखी खांसी से छुटकारा पाने के लिए उत्तेजित पदार्थों से दूर रहें - Sukhi khansi se chutkara pane ke liye uttejit padartho se door rhe

वातावरण और अन्य उत्तेजक पदार्थ भी सूखी खांसी का कारण बन सकते हैं और अगर आप सूखी खांसी का प्राकृतिक तरीके से इलाज करना चाहते हैं तो इन उत्तेजक पदार्थों से दूर रहें। सिगरेट से निकलने वाला हानिकारक धुंआ भी श्वसन नली में जलन या खुजली का कारण बन सकता है। धूम्रपान करने वाले ज्यादातर जितने भी लोग हैं वो अक्सर इस तरह की समस्या से पीड़ित रहते हैं, इसलिए धूम्रपान करना छोड़ दें या ऐसी जगह पर न खड़े हो, जहां कोई धूम्रपान कर रहा हो। साथ ही, आपको धूल-मिट्टी या प्रदूषित जगह पर भी खड़ा नहीं होना चाहिए। अगर आप अक्सर विषाक्त चीजों के बीच रहते हैं तो हमेशा अपने मुंह पर कपड़ा बांधकर रखें। इसके अलावा, परफ्यूम और सेंटेड बाथरूम स्प्रे से भी अगर आपको साइनस की समस्या है या सूखी खांसी होती है तो ऐसे पदार्थों से भी दूर रहें।

(और पढ़ें - गले में इन्फेक्शन का इलाज)

सूखी खांसी दूर करने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें - Sukhi khansi door karne ke liye humidifier ka upyog kare

ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने से भी सूखी खांसी ठीक होती है। सूखे वातावरण में, नाक में होने वाला रिसाव सूखने लगता है और इस वजह से असहजता महसूस होने लगती है। इससे सूखी खांसी के लक्षण और बढ़ सकते हैं।

वातावरण में नमी बनाए रखने से असहजता कम हो जाती है। हवा में नमी रहने से अचानक से होने वाली सूखी खांसी की समस्या नहीं होती, खासकर तब जब रात को आप सो रहे हो।

ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कैसे करें:

  1. घर में जितना हो सके उतना ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें और खासकर अपने कमरे में जहां आप सोते हैं। अच्छा परिणाम पाने के लिए आप पानी में आवश्यक तेल भी मिला सकते हैं। इससे गले में बलगम जमा नहीं होगा।
  2. इसके अलावा अपने कमरे में एक गर्म पानी का बर्तन भी रख सकते हैं, जिससे वातावरण में नमी बनी रहे।
  3. आप घर में चाहे ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें या गर्म पानी वाले बर्तन का, हमेशा उन्हें सुरक्षित जगह पर ही रखें ताकि कोई दुर्घटना न हो। 

(और पढ़ें - गले में खराश हो तो क्या करें

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